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सोमवार, 17 अगस्त 2020

बाड़मेर,नायक बन कर उभरे आज़ाद सिंह राठोड .जन्मदिन जनता ने उत्साह उमंग के साथ मनाया

बाड़मेर युवा आज़ाद सिंह राठोड का जन्मदिन जनता ने उत्साह उमंग के साथ मनाया ,नायक बन कर उभरे आज़ाद सिंह राठोड 







बाड़मेर युवा आज़ाद सिंह राठोड का जन्मदिन जनता ने उत्साह उमंग के साथ मनाया ,नायक बन कर उभरे आज़ाद सिंह राठोड 


बाड़मेर सीमावर्ती बाड़मेर जिले के युवा उद्दयमी ,राजस्थान क्रिकेट संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष ,कांग्रेस के नेता ,समाजसेवी आज़ाद सिंह राठोड का जन्मदिन बारमेर की जनता और युवाओं ने उत्साह और उमंग के साथ मनाया ,उनके जन्मदिन पर विभिन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ,राजनीती के सचिन पायलट के बेहद करीबी आज़ाद सिंह ने दिग्गज जाट नेता हेमाराम चौधरी से राजनीत्ति बारीकियां सीखी ,उनके बाद संभाग स्तर पर खुद को स्थापित किया ,

युवाओं द्वारा स्थानीय गोशाला में चारा ,गुड़ वितरण ,स्थानीय राजकीय अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन कर बड़ी संख्या में युवाओ द्वारा रक्तदान किया गया व्ही महाबार में ग्रामीणों ने आज़ाद सिंह के सफल जीवन और कोरोना मुक्ति के लिए महायज्ञ का आयोजन बाड़मेर के रावत त्रिभुवन सिंह और आज़ाद सिंह राठोड की उपस्थिति में किया गया ,वहीँ मूक बघिर स्कूल में बच्चों को भोजन और सामग्री वितरत की गयी ,उनके जन्मदिन के उपलक्ष में स्थानीय संजय क्रिकेट मैदान पर क्रिकेट मच और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बास्केटबॉल मैत्री मैच का आयोजन किया गया ,बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर वृहद स्तर पर पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,इससे पहले आज़ाद सिंह के जन्मदिन पर बड़ी संख्या में युवाओं द्वारा केक काटकर शुभकामनाएं दी गयी ,वहीँ इंटक द्वारा स्थानीय डाक बंगलो में आज़ाद सिंह का बहुमान किया गया ,युवाओ ने आज़ाद के जन्मदिन पर दिन भर विभिन कार्यक्रम आयोजित किये ,

रविवार, 9 अगस्त 2020

जैसलमेर ,गाज़ी फ़क़ीर की चौखट पर पहुंचे सुरजेवाला ,राजनीती और रणनीति का नया केंद्र बना भागू का गांव

जैसलमेर ,गाज़ी फ़क़ीर की चौखट पर पहुंचे सुरजेवाला ,राजनीती और रणनीति का नया केंद्र बना भागू का गांव

जैसलमेर विधानसभा सत्र की तारीखे नजदीक आते आते जैसलमेर भाजपा कांग्रेस की राजनीती का अखाड़ा बन गया,कांग्रेस ने गत दस दिनों से विधायकों और मंत्रियों के साथ सूर्यागढ़ और गोरबंद होटलों में डेरा डाल रखा हैं ,इन दस दिनों में कांग्रेस के दर्जनों राष्ट्रिय नेता जैसलमेर में डेरा जमाये बैठे हैं ,खुद मुख्यमंत्री पिछले पांच दिनों से तीसरी बार आने का कार्यक्रम बना रहे मगर आने में सफल नहीं हो रहे ,कांग्रेस की आलाकमान श्रीमती सोनिया गाँधी के पैगाम लेकर राष्ट्रिय नेता पहुंच रहे हे बिना मुखिया के रणनीति पर विचार विमर्श कर रहे ,कांग्रेस के राष्ट्रिय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला भी जैसलमेर में डटें हे,रविवार सुबह सुरजेवाला सरहद के सुल्तान मुस्लिम धर्म गुरु गाज़ी फ़क़ीर की चौखट भागू का गांव पहुँच गए ,सुरजेवाला ने गाज़ी फ़क़ीर से आशीर्वाद लिया,गाज़ी फ़क़ीर के केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और पूर्व जिला प्रमुख अब्दुलाह फ़क़ीर के साथ उनकी कई राजनितिक बातें हुई ,सुरजेवाला का गाज़ी फ़क़ीर के घर जाना सियासी गलियारें में चर्चा का विषय बन गया ,सुरजेवाला और गाज़ी फ़क़ीर के बीच क्या बात हुई यह तो सामने नहीं आया मगर श्रीमती सोनिआ गाँधी का पैगाम उन तक पहुंच गया,बाड़ेबंदी में चल रही अशोक गहलोत सरकार को बचाने की जुगत में गाज़ी फ़क़ीर क्या करिश्मा करेंगे यह वक़्त के गर्भ में हे मगर सुरजेवाला का उनके घर पहुंचना उनकी ताकतवर राजनितिक शक्शियत  को जरूर बयानं करता हैं ,करीब एक घंटे तक गाज़ी फ़क़ीर और उनके पुत्रों के साथ सुरजेवाला की गुफ्तगू चली ,उसके बाद भोजका गांव भी गए जंहा उनके कृषि फार्म पर लगी खजूर की फसल को देखा ,







शुक्रवार, 22 मई 2020

मानवेन्द्र सिंह ने अशोक गहलोत से 2013 और 18 में भर्ती से वंचित संविदा कर्मियों को नियुक्ति देने की पैरवी की

मानवेन्द्र सिंह ने अशोक गहलोत से 2013 और 18 में भर्ती से वंचित संविदा कर्मियों को नियुक्ति देने की पैरवी की


जैसलमेर। पूर्व सांसद  पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  मानवेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वर्ष 2013 और 2018 की सेकंड ग्रेड ए एन एम भर्ती में वंचित रहे  संविदाकर्मी नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति देने की वकालत की। सिंह ने मुख्यमंत्री को 2013 और 2018 की भर्ती को लेकर पत्र लिखा कि वर्तमान में प्रक्रियाधीन नर्स ग्रेड सेकंड भर्ती 2013 में 3557 पदों पर भर्ती निकली गई थी लेकिन संविदा और बेरोजगार नर्सिंगकर्मियों के अनुपात में लगभग छह वर्ष बाद आई इस भर्ती में पदों की संख्या कम होने के कारण विगत कई वर्षों से अल्प वेतन मे कार्यरत संविदाकर्मी इनमें चयन से वंचित रह रहे है जो कि दिन रात सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना महामारी की रोकथाम में जुटे है। लेकिन नियमित नही होने के कारण इनमें निराश का भाव है। वर्तमान में नए स्वीकृत विभिन चिकित्सा संस्थानों और कोविड 19 के प्रकोप के मध्यनजर रखते हुए नर्सिंगकर्मियों की और अति आवश्यकता है। इसलिए 2018 कि 3500 पदों की बढ़ोतरी कर वंचित रहे संविदा नर्सिंगकर्मियों के रिक्त पदों को भरा जाए तथा कोरोना महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं अधिक मजबूत हो सके तथा निरोगी राजस्थान का सपना पूरा हो सके। इसकी तरह मानवेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री को एक और पत्र लिख वर्ष 2013 में नर्स ग्रेड द्वितीय के 15773 और ए एन एम के 12278 रिक्त पदों पर भर्ती निकली गई थी। जिसमे नर्स सेकंड ग्रेड 4514 और ए एन एम के 6719 रिक्त पदों पर नियुक्ति निहि दी गई थी। करोना महामारी को देखते हुए रिक्त पदों पर तत्काल भरा जाए।



मंगलवार, 19 नवंबर 2019

नगर परिषद चुनाव / बाड़मेर में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड, भाजपा नहीं भेद पाई मेवाराम जैन की किलाबंदी

नगर परिषद चुनाव / बाड़मेर में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड, भाजपा नहीं भेद पाई मेवाराम जैन की किलाबंदी


बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड बनेगा। बाड़मेर शहर की स्थानीय सरकार बनाने में कांग्रेस ने हैट्रिक लगा दी है। नगर परिषद के 55 वार्ड के मंगलवार को घोषित नतीजों में कांग्रेस ने 32 स्थान पर जीत हासिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया है। कांग्रेस से बोर्ड छिनने का भरसक प्रयास करने के बावजूद भाजपा के प्रत्याशी 18 सीट पर ही चुनाव जीत पाए। जबकि पांच स्थान पर निर्दलीय ने जीत हासिल की।कुल 55 वार्ड में से 32 पर कांग्रेस व 18 पर भाजपा,


 बालोतरा नगरपरिषद में भाजपा का बोर्ड बनेगा। 45 वार्डो में 25 पर भाजपा ने जमाया कब्जा जबकि 16 वार्ड पर सिमटी कांग्रेस। 4 सीट पर जमाया निर्दलीयों ने कब्जा।

 नगर परिषद बाड़मेर पर दस सालों से कांग्रेस का कब्जा है। यहां विधायक से लेकर, प्रधान, प्रमुख तक कांग्रेस है। इस बार भी चुनाव की पूरी कमान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने संभाल रखी थी। विधायक ने सरपंच से राजनीति की शुरुआत की और बाड़मेर चेयरमैन बने। इसके बाद तीसरी बार बाड़मेर से विधायक हैं।

नगर परिषद बोर्ड बनाने को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से आश्वस्त थी कि उनका ही बोर्ड बनेगा। इसी वजह से कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी नहीं की। कुछ नए प्रत्याशियों को शहर में पार्टी के लोगों की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर रखा गया। सोमवार को कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशी घरों में ही रोजमर्रा के काम में व्यस्त नजर आए। चुनावी भागदौड़ के बाद महिलाएं जहां घरों में काम करती नजर आईं, वहीं पुरुष भी चुनावी दौड़ की नींद पूरी करते दिखे।

पुष्कर में भाजपा के प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी

भाजपा ने खुद के प्रत्याशियों को बचाने के लिए बाड़मेर से 450 किमी दूर बाड़ाबंदी कर रखी थी। भाजपा को डर था कि कहीं कांग्रेस उन्हीं के प्रत्याशियों को खरीद-फरोख्त न करे। इसके लिए एक दिन पूर्व सालासर बालाजी दर्शन करने के बाद सोमवार रात को पुष्कर अजमेर में प्रत्याशियों को होटल में रखा गया था। नतीजों के बाद उन्हें बाड़मेर के लिए लाया गया।
भाजपा की कमान केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने संभाल रखी थी। चुनावी रणनीति तैयार की और लगातार प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार किया। यूआईटी की पूर्व चेयरपर्सन डॉ. प्रियंका चौधरी, जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल समेत अन्य नेता भी सक्रिय रहे। लेकिन वे मेवाराम जैन की किलाबंदी को तोड़ नहीं पाए।

मंगलवार, 5 नवंबर 2019

जैसलमेर*प्रथम चरण में ही कांग्रेस हासिये पर,भाजपा ने उम्मीदवारों की सूची निकाल बढ़त हासिल की* *कांग्रेस आंतरिक कलह और टिकट वितरण में पिछड़ी*

जैसलमेर*प्रथम चरण में ही कांग्रेस हासिये पर,भाजपा ने उम्मीदवारों की सूची निकाल बढ़त हासिल की*

*कांग्रेस आंतरिक कलह और टिकट वितरण में पिछड़ी*

जैसलमेर नगर परिषद चुनावो को लेकर जेसलमेर में उत्साह का माहौल है।।पार्षद बनने के प्रति युवाओ में जोरदार क्रेज देखा जा रहा है।।इधर आज नामांकन की अंतिम तिथि है मगर सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक नही पाई जिसका कारण आंतरिक कलह है।स्थानीय जन प्रतिनिधियों को डर है कि सूची सार्वजनिक होने के साथ विरोध चरम पर होगा।।उधर भाजपा ने देर रात अपने उम्मीदवारों की सूची जाहिर कर प्रथम चरण में कांग्रेस पर बढ़त हासिल कर ली।।भाजपा ने व्यवस्थित तरीके से अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की।चार वार्डो में उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हुए।।संभावना है इन वार्डो में निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन देगी।।कांग्रेस में सोमवार को हुए विधायक के खिलाफ बिरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस हासिये पर आ गई।।कांग्रेस के समीकरण गड़बड़ा गए।।खासकर अशोक तंवर की टिकट काटने के बाद कम से कम आठ वार्डो में जंहा कांग्रेस मजबूत थी।अब संभावनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है।इन वार्डो में निर्दलीयों की पो बारह होनी है तो कुछ वार्डो में सीधे सीधे भाजपा उम्मीदवार बढ़त में आ गए।।45 वार्डो में कांग्रेस ने नाम तय करने के साथ चयनित प्रत्याशियों को फोन पर ही सूचना देकर फार्म भरवाए जा रहे है।।सूची सार्वजनिक करने की हिम्मत कांग्रेसी जुटा नही पाए।।कांग्रेस का असंतोष मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे तक पहुंच चुका है।।कांग्रेस में असंतोष के चलते भाजपा को इसका लाभ मिलता नजर आ रहा है।।जजेसलमेर में कांग्रेस का बोर्ड बनाने का सारा दारोमदार विधायक रूपाराम धनदे पर रहेगा।।टिकट वितरण में विधायक की ही चली।।जिसके चलते पार्टी दो गुटों में  खुले में आ गई।।अंदरूनी कलह सड़को पे आने का भी असर कांग्रेस में दिख रहा है।बिरोधियो से कोई वरिष्ठ नेता बात के लिए आगे नहीं आया है।।भाजपा ने जातीय संतुलन के साथ टिकट वितरण कर प्रथम चरण में निशित तौर पर कांग्रेस पर बढ़त हासिल कर ली।।कांग्रेस सोसल इंजीनियरिंग में भी असफल रही।।कांग्रेस के परंपरागत वोटर हजूरी समाज मे भी कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर आक्रोश है।।कई वार्डो में समाज ने निर्दलीय उम्मीदवार उतार दिए जिससे कांग्रेस में हड़कम्प मच गया।।

सोमवार, 4 नवंबर 2019

जैसलमेर नगर परिषद् चुनावो में टिकटों के वितरण को लेकर कांग्रेस का विधायक के खिलाफ जोरदार प्रदर्श कार्यकर्ताओ ने विधायक के पुतले जलाये ,टायर जला की विरोध प्रदर्श

जैसलमेर नगर परिषद् चुनावो में टिकटों के वितरण को लेकर कांग्रेस का विधायक के खिलाफ जोरदार प्रदर्श 

कार्यकर्ताओ ने विधायक के पुतले जलाये ,टायर जला की विरोध प्रदर्श 



जैसलमेर नगर परिषद चुनाव में प्रत्यासियो के चयन को लेकर जैसलमेर कांग्रेस में आक्रोश फ़ैल गया ,कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने कांग्रेस कार्यालय के आगे विधायक के पुतले जलाए ,काले झंडे लहराए और टायर जलाकत विरोध प्रदर्शन किया ,नगर परिषद चुनाव से पूर्व  कांग्रेस हासिये पर आ गयी ,कांग्रेस द्वारा पूर्व सभापति अशोक तंवर ,वार्ड तेंतीस के पार्षद पर्वत सिंह भाटी ,सहित कई सक्रीय कार्यकर्ताओ के टिकट विधायक रूपाराम धंदे द्वारा काटने को लेकर शहरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओ ने जमकर विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया ,कांग्रेस कार्यालय में विधायक के खिलाफ हाय हाय ,मुर्दाबाद के नारे लगे ,युवा कार्यकर्ताओ ने काले झंडो के साथ विरोध  हुए विधायक के पुतले जलाये और टायर जलाकर आक्रोश जताया ,कार्यकर्ता अशोक तंवर की टिकट की मांग कर रहे थे ,सेकड़ो कार्यकर्ताओ ने दो घंटे से अधिक जमकर प्रदर्शन किया ,इस दौरान पुलिस की माकूल व्यवस्था की गयी थी ,   

शुक्रवार, 29 मार्च 2019

बाडमेर टिकट मिलने के बाद मानवेन्द्र सिंह ने धार्मिक स्थलों पे सपत्नीक दी धोक* *क्षेत्र में मानवेन्द्र सिंह का टिकल मिलने के बाद जोरदार स्वागत*

*बाडमेर टिकट मिलने के बाद मानवेन्द्र सिंह ने धार्मिक स्थलों पे सपत्नीक दी धोक*

*क्षेत्र में मानवेन्द्र सिंह का टिकट मिलने के बाद जोरदार स्वागत*



*बाडमेर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस  प्रत्यासी की अधिकृत घोषणा के बाद कर्नल मानवेन्द्र सिंह का बालोतरा पचपदरा ,जसोल में उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।।मानवेन्द्र सिंह को बधाईयां देने वालो का तांता लगा रहा।।सुबह से विभिन क्षेत्रो से आये समर्थकों में फूलमालाओं से लाद दिया। इस दौरान लोगों ने मानवेंद्र सिंह के साथ ही जसवंत सिंह, स्वाभिमान और कांग्रेस की जमकर नारे लगाए।
।इसके बाद मानवेन्द्र सिंह ने धर्मपत्नी चित्रा सिंह के साथ गृह क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल माता रानी भटियाणी जी मंदिर  में  पूजा अर्चना की।।तत्पश्चात मानवेन्द्र सिंह ने  कुल देवीं नागाणा राय माता मन्दिर में विधिवत पूजा की। इसके बाद उन्होंने अमृत प्याऊ कल्याणपुरा,चारलाई में धार्मिक सामाजिक कर्र्यक्रम में शिरकत की वही आशापूर्णा मन्दिर,राणी रूपादे के पालिये,राव मल्लीनाथ मन्दिर दुदवा, घारू मेघ मन्दिर,मायाजाल,ब्रह्मधाम आसोतरा,नाकोड़ा भैरव मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर धोक देकर जीत की कामना की।आसोतरा में गादीपति तुलछाराम जी महाराज से आशीर्वाद लिया ।


मानवेन्द्र सिंह ने इस अवसर पर  कहा कि जिस तरीके की बातें की जा रही थी कि उनका टिकट जोधपुर से होगा या भाजपा में जाएंगे वह महज एक  तरीके की अफवाह थी क्योंकि मुझे बाड़मेर की जनता पर पूरा भरोसा था. जो फीडबैक पार्टी के पास गया था उसमें मेरा नाम सिंगल पैनल में था लिहाजा टिकट को लेकर कोई संशय नहीं था . इस दौरान मानवेंद्र सिंह ने अपनी पहली प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर गांव हर ढाणी में इंसानों के साथ साथ पशुओं के लिए पानी पहुंचे यह मेरी पहली प्राथमिकता होगी।मानवेंद्र सिंह ने अपने टिकट घोषणा के बारे में कहा कि वह शीर्ष नेतृत्व के साथ ही अशोक गहलोत, सचिन पायलट और बाड़मेर के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हैं. इस दौरान मानवेंद्र सिंह ने कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय बेबाक तरीके से रखी।मानवेन्द्र सिंह के साथ विधायक मदन प्रजापत सहित कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकार्रता थे।।

शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

जैसलमेर कांग्रेस में उठे विरोध के स्वर, सुनीता भाटी की टिकट कटने पर जताया रोष

जैसलमेर कांग्रेस में उठे विरोध के स्वर, सुनीता भाटी की टिकट कटने पर जताया रोष


जैसलमेर। जैसलमेर विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट घोषित होने पर शुक्रवार को पत्रकार वार्ता बुलाकर टिकट न मिलने पर जताया रोष और कहा कि जिले के कार्यकर्ता व नेताओं से बात-चीत कर  पार्टी के आलाकमान तक पार्टी की टिकट न मिलने के बारे में वजह पूछूंगीं और टिकट न देने के कारणों के बारे मे पूरी वजह जानुगीें उसके बाद ही जैसा उनके समर्थकों व कार्यकर्ताओं के सलाह पर अगला निर्णय लूंगी । भाटी ने बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में जैसलमेर से उम्मीदवार थोपने का आरोप लगाया।  अपने कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श कर लेंगी आगे का फैसला, जैसलमेर विधानसभा से रुपाराम को मिली है कांग्रेस की टिकट, सुनीता भाटी ने भी दावेदारी जताई थी ।

उन्होने पत्रकारों को बताया कि जैसलमेर विधानसभा सीट सामान्य सीट है पर  रूपा राम को टिकट क्यों दी । जबकि वह एससी से ब्लोंग करते है उन्होने आरोप लगाया कि रूपाराम ने हालही में बाड़मेर में हुई  सभा मे भाषण दिया था कि  समाज के लोग हरीश चैधरी के सात पीढ़ी के पैर धो कर पिये तो भी कम है इसकी वजह । उन्होने आरोप लगाया कि इसी कारण एक व्यक्ति के गुणगान करने से मेरी टिकट  अन्तिम समय मे काटी गई जो मेरे साथ एक महिला होने के कारण भारी अन्याय हुआ है । मैने मेरी बात पार्टी के उच्च पदाधिकारियों तक पहुंचा दी है और वह जल्दही मेरी बात समझ कर निर्णय लेगें ।
शुक्रवार शाम को शहर  के हनुमान चैराहे पर श्रीमती भाटी के समर्थकों ने श्रीमती भाटी को टिकट न मिलने पर रोष जताते हुए पार्टी के नेताओ के विरोध रोष प्रकट किया और पार्टी के कुछ उच्च नेताओं के खिलाफ नारे बाजी की । शहर के हनुमान चौराहे पर सुनीता भाटी को टिकट नही मिलने पर भाटी के समर्थको द्वारा टायर जला कर और पार्टी के   नेताओ के खिलाफ नारे बाजी की और भाटी को टिकट नही मिलने पर समर्थको ने विरोध किया ।
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शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

थार चुनावी रणभेरी 2018 पचपदरा विधानसभा क्षेत्र चित्रा मानवेन्द्र सिंह हो सकती हे दमदार प्रत्यासी

थार चुनावी रणभेरी 2018 

पचपदरा विधानसभा क्षेत्र  चित्रा मानवेन्द्र सिंह हो सकती हे दमदार प्रत्यासी ,

रिफायनरी का  फायदा दोनों दलों को नहीं भाजपा के पास उम्मीदवारों का टोटा

बाड़मेर सरहदी जिले बाड़मेर की पचपदरा सीट पर सबकी निगाहें 2013 के चुनावो में भी लगी थी इस बार भी सबकी निगाहें लगी हे क्यूंकि गत चुनावो से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने रिफायनरी का शिलान्यास किया था तो इस बार चुनावो से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफायनरी का शिलान्यास कर गए ,गत बार सोनिया गाँधी के द्वारा रिफायनरी का शिलान्यास के बावजूद कांग्रेस प्रत्यासी मदन प्रजापत चुनाव हार गए ,इस बार नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास के बावजूद वर्तमान विधायक अमराराम चौधरी बुरे दौर में हे ,

भाजपा के पास अमराराम के आलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं हे,पांच सालो में कोई नेता भाजपा तैयार ही नहीं कर पाई आज अमराराम का भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं हे ,अमराराम की कार्यशैली इस बार बेहद्द निराशाजनक रही ,राजस्व मंत्री जैसी धाकड़ पद पर रहते हुए अमराराम की गिनती बेचारे मंत्री के रूप में होती रही ,जमीन विवादों से लेकर छोटे स्तर के स्थानांतरण में उनका नासम आया ,लोगो के काम नहीं करवा पाए ,रिफायनरी जैसा बड़ा काम भी उनकी लोकप्रियता बरकरार नहीं रख सका ,आज अमराराम की स्थति सबसे बुरी हे ,भाजपा के सर्वे में जिले की सात सीटों में सबसे कमजोर पचपदरा को ाँकि गयी हैं ,इसके बावजूद अमराराम भाजपा की मजबूरी हैं ,हालाँकि अमराराम ने अपने पुत्र अरुण की दावेदारी देकर उसको टिकट देने की मांग राखी हे मगर अरुण राजनीती में हे न ही आमजन में लोकप्रिय ,अमराराम के पुत्र होने की पहचान ,पचपदरा में दूसरे उम्मीदवारों में भगवत सिंह जसोल,गणपत बांठिया हे ,जो ज्यादा दमदार नहीं हे ,भाजपा के पास नए चेहरों का टोटा  हैं ,किसको उतरे समस्या बनी हुई हैं

कांग्रेस  में २००८ में मदन प्रजापत जीते ,फिर 2013 में चुनाव हार गए ,मदन प्रजापत कांग्रेस की नैया पार करवाने वाले उम्मीदवार नहीं रहे ,कांग्रेस में ही उनका जोरदार विरोध हैं,मदन प्रजापत सर्व मान्य नहीं होने के साथ कई समाज उनके खिलाफ उत्तर आये हैं ,मदन प्रजापत पहले अशोक गहलोत के फिओर हरीश चौधरी के नजदीक माने जाते हैं ,मगर प्रजापत जनता की छवि बनाने में नाकाम रहे ,माली ,कुम्हार ,राजपूत ,रावणा राजपूत ,जैन ,मुसलमान और दलित मतदाताओं का दबदबा हे ,गत माह यहाँ मानवेन्द्र सिंह जसोल ने स्वाभिमान रैली कर पुरे प्रदेश को हिल्ला दिया ,जसोल के कांग्रेस ज्वाइन के बाद पचपदरा क्षेत्र में विशेष फॉक्स रखा गया,मानवेन्द्र सिंह को क्षेत्र के लोगो ने हाथो हाथ लिया ,उनकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी ऊँचा हे साथ ही उनके साथ विभिन्न समाज सीधे तौर से जुड़े हे ,हालाँकि मानवेन्द्र सिंह सांसद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हे ऐसे में पार्टी किसको उम्मीदवार बनाएगी यह भविष्य के गर्भ में हे ,कांग्रेस के लिए यह सीट जसोल परिवार आसानी से निकाल सकता हे ,पचपदरा के साथ पड़ौसी विधानसभा सिवाना में इसका प्रभाव रहेगा ,पार्टी को दमदार उम्मीदवार के रूप में श्रीमती चित्रा मानवेन्द्र सिंह को मैदान में लाना चाहिए ,मदन प्रजापत या अन्य से कई गुना ज्यादा लोकप्रिय होने के साथ उनका गत बीस वर्षो से मतदाताओं से सीधा जुड़ाव हे ,चित्रा सिंह का सससुराल जसोल इसी विधानसभा क्षेत्र में आता हे जिसका फायदा मिलना तय हैं ,

जसवंत सिंह का इस क्षेत्र में बड़ा आदर मान हैं ,मानवेन्द्र सिंह यहाँ काम कर चुके हे। लोगो के साथ सीधा जुड़ाव होने के साथ ही जातिगत समीकरण भी जसोल के पक्ष में हैं,मदन प्रजापत लगातार विवादों में रहने के कारन भी पिछड़े हैं,कांग्रेस में और कोई दमदार उम्मीदवार नहीं हैं

आंकड़े इस प्रकार हे

पचपदरा विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख बाईस हजार नो सौ छियालीस मतदाता हे जिसमे एक लाख सत्रह हजार डॉ सौ छपन पुरुष मतदाता और एक लाख पांच हजार छह सौ नबे महिला मतदाता हैं ,जबकि यहाँ की कुल आबादी तीन लाख चौरानवे हजार हैं ,पचपदरा आने वाले समय में जिला मुख्यालय बनने की क्षमता रखता हैं ,औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पचपदरा रिफायनरी के साथ ही विकसित होने की सम्भावना हैं ,

बहरहाल पचपदरा पर सबकी निगाहें हे ,मुकाबला भाजपा कांग्रेस के बीच तय हैं ,बदलती परिस्थतियो में भाजपा कमज़ोर पड़ी हे ,सत्ता विरोधी लहर का यहाँ भी प्रभाव देखने को मिल रहा हैं ,कांग्रेस यहाँ दिग्गजों के साथ संकल्प रैली कर चुकी हे जिसमे लाखो लोगो की भीड़ ने बदलाव के संकेत दिए थे ,सूरज यात्रा में वसुंधराराजे की भी यहाँ सभा हुई मगर उसमे भीड़  नहीं जुट पाई ,तीसरी सभा मानवेन्द्र सिंह की स्वाभिमान रैली हुई जिसमे में भी लाखो लोगो ने शिरकत की थी ,

गुरुवार, 25 अक्तूबर 2018

अमीन खान के बयान से मचा बवाल* *अमीन खान ने वही कहा जो राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले कहा,2014 में जाट हरीश चौधरी के साथ नही थे* *मुस्लिम और दलित वोट से बची थी ज़मानत हरीश चौधरी की*



*अमीन खान के बयान से मचा बवाल*

*अमीन खान ने वही कहा जो राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले कहा,2014 में जाट हरीश चौधरी के साथ नही थे*

*मुस्लिम और दलित वोट से बची थी ज़मानत हरीश चौधरी की*


अपनी बेबाकी और दबंगता के लिए जाने जाने वाले पूर्व मंत्री अमीन खान सच्ची और कड़वी बात कहने का मादा रखते है इसीलिए लोग इनके दीवाने है।

आज कांग्रेस पर्यवेक्षक प्रताप सिंह खाचरियावास के सामने पूर्व सांसद हरीश चौधरी की राजनीतिक पकड़ की पोल खोल के रख दी।।बेबाकी सेबोल दिया जाटों का नेता कर्नल सोनाराम हर।हरीश चौधरी जाटों का लीडर नही है।।न ही जाट इससे जुड़े ह..

अमीन ने साफ कहा कि 2014 में कर्नल के साथ60 फीसदी जाट वोटर भाजपा में चले गए।हरीश को कितने वोट मिले।।मुस्लिम और।  मेघवालों के दम पर ज़मानत बचा पाए।।अमीन ने पूर्व में भी वक्तव्य दिया था कि कांग्रेस में नए समीकरणों की जरूरत है।।राजपूतो को कांग्रेस में आना चाहिए।।कचरे को बाहर कर दे।।अमीन के इस बयान पर बवाल मच गया।।प्रताप सिंह भी भौंचक रह गए।।अमीन की बेबाकी पर जाट नेताओं ने अमीन से माफी मांगने को बोला तो अमीन नही माने।उन्होंने कहा कि मैने कांग्रेस के हित मे सच्चाई बयान की है।।जिससे जाट नेता और अमीन समर्थक आमने सामने हो गए।।बहरहाल अमीन खान के बयान ने कांग्रेस के सामने वो सच रख दिया जो कोई नही रख पाता ।।

बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

*बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से सिद्धि कुमारी का तोड़ हो सकता है ओबीसी उम्मीदवार गजेंद्र सिंह सांखला*


*बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से सिद्धि कुमारी का तोड़ हो सकता है ओबीसी उम्मीदवार गजेंद्र सिंह सांखला*



*बीकानेर बीकानेर राजघराने की सदस्य सिद्धि कुमारी लगातार दो बार बीकानेर पूर्व से विधायक बन  राजनीति का केंद्र बनी है। कांग्रेस आने वाले चुनाव में सिद्धि कुमारी का तोड़ खोज रहे है।।कई उम्मीदवारों की तलाश के बाद इस सीट के जातीय समीकरण तोड़ने वाला शख्स नजर नही आया।।हाल ही में कांग्रेस के सच्चे सिपाही बीस साल से कांग्रेस के विभिन पदों पर आसीन गजेंद्र सिंह सांखला का नाम चर्चा में आया है। गजेंद्र सिंह सांखला बीकानेर का जाना पहचाना चेहरा है जो बीस साल से अधिक समय से कांग्रेस के साथ जुड़ा है।  बीकानेर पूर्व में करीब पच्चीस हजार रावणा राजपूत मतदाता  है जो परंपरागत रूप से कांग्रेस से जुड़ा है।।सांखला इनका प्रतिनिधित्व करते है।।कांग्रेस द्वारा ओबीसी को इस बार टिकट देने के निर्णय के पढचत गजेंद्र सिंह सांखला ने अपनी सशक्त दावेदारी पेश की है।।सिद्धि कुमारी हाई प्रोफाइल विधायक होने के चलते आम मतदाताओं की पहुंच से दूर है यही उनके प्रति क्षेत्र में बड़ी नाराजगी की वजह बनी है। सिद्धि कुमारी इस बार भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है।।कांग्रेस गत दो चुनाव में प्रत्यासी बदल कर देख लिए मगर उन्हें सफलता नही मिली।।2008 में कांग्रेस ने सिद्धि कुमारी के सामने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए तनवीर मालावत को उतारा मगर वो चुनाव हार गए। 2013 में यहां से भाजपा के प्रत्यासी पैनल में स्थापित नाम गोपाल गहलोत को कांग्रेस में लाकर चुनाव लड़ाया मगर ये भी 24 हजार से अधिक मतों से हर गए। इस बार सिद्धि कुमारी का तोड़ कांग्रेस के पास ओबीसी दावेदार के रूप में गजेंद्र सिंह सांखला है। सांखला को मैदान में उतार कांग्रेस अपने से दूर जा रहे ओबीसी वर्ग को जोड़ने के साथ पूरे प्रदेश में रावण राजपूत समाज को अपने साथ जोड़ने का संदेश दे सकते है।।सचिन पायलट ने रावणा राजपूत समाज को टिकट देने का फैसला लिया था उसके अनुसार बीकानेर पूर्व में गजेंद्र सिंह सशक्त होकर उभरे है। गजेंद्र सिंह उच्च शिक्षित और आर्थिक रूप से संबल प्राप्त है।।1991 से कांग्रेस के साथ सक्रिय रूप से जुड़े है।।सांखला कांग्रेस संगठन में जिला प्रवक्ता संभाग प्रवक्ता की जिम्मेदारी वहन कर चुके है। संगठन में सचिव,सयुंक्त सचिव पद पर अपनी सेवाए दे चुके है वर्तम्मान में सांखला जिला उपाध्यक्ष पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है।।सांखला रावणा राजपूत सेवा परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष पद और कार्यरत है।।सांखला की समाज मे अच्छी पकड़ है।।समाज के राजड़थ्सन में छह फीसदी कुल मत है।जिसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। गजेंद्र सिंह सांखला सिद्धि कुमारी को हराने के लिए कांग्रेस के लिए ब्रह्मास्त्र साबित हो सकते हैं।।

बड़ी खबर :- अब मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस के साथ ,राहुल गांधी ने कांग्रेस का दुपट्टा ओढ़ाकर सदस्य्ता ग्रहण करवाई

बड़ी खबर :- अब मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस के साथ ,राहुल गांधी ने कांग्रेस का दुपट्टा ओढ़ाकर सदस्य्ता ग्रहण करवाई


भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह अपनी धर्मपत्नी चित्रा सिंह के साथ पहुंचे।। मानवेंद्र ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और 12.30 बजे वे दिल्ली स्थित कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली इससे पहले भाजपा से अलग होकर मानवेंद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका दिया। मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मारवाड़ के अब तक के राजनीतिक समीकरण भी गड़बड़ा गए।। मानवेंद्र सिंह ने थामा कांग्रेस का हाथ प्रभारी सचिव विवेक बंसल ने दी जानकारी अशोक गहलोत, सचिन पायलट,अविनाश पांडे, भंवर जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, विवेक बंसल रहे मौजूद।।

बाड़मेर और जैसलमेर की जनता में जसोल परिवार काफी प्रभाव रखता है. इन इलाकों के राजपूत तो जसोल परिवार के साथ हैं ही साथ में सिंधी और मुस्लिम भी जसोल परिवार के करीबी माने जाते हैं। बाड़मेर जिले की शिव और चोहटन विधानसभा में सिंधी, मुस्लिम और राजपूत जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। जैसलमेर और पोकरण में भी राजपूत, सिंधी और मुस्लिम जीत में बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं।


भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह अपनी धर्मपत्नी चित्रा सिंह के साथ पहुंचे।। मानवेंद्र ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और 12.30 बजे वे दिल्ली स्थित कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली इससे पहले भाजपा से अलग होकर मानवेंद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका दिया। मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मारवाड़ के अब तक के राजनीतिक समीकरण भी गड़बड़ा गए।।*मानवेंद्र सिंह ने थामा कांग्रेस का हाथ प्रभारी सचिव विवेक बंसल ने दी जानकारी अशोक गहलोत, सचिन पायलट,अविनाश पांडे,भंवर जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, विवेक बंसल रहे मौजूद।।

बाड़मेर और जैसलमेर की जनता में जसोल परिवार काफी प्रभाव रखता है. इन इलाकों के राजपूत तो जसोल परिवार के साथ हैं ही साथ में सिंधी और मुस्लिम भी जसोल परिवार के करीबी माने जाते हैं। बाड़मेर जिले की शिव और चोहटन विधानसभा में सिंधी, मुस्लिम और राजपूत जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। जैसलमेर और पोकरण में भी राजपूत, सिंधी और मुस्लिम जीत में बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं।

आज मारवाड़ में कांग्रेस को कई सालों बाद राजपूत लीडरशिप मिलेगी* *मानवेन्द्र सिंह के जॉइन करते बदल जाएंगे समीकरण*

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आज मारवाड़ में कांग्रेस को कई सालों बाद राजपूत लीडरशिप मिलेगी*

*मानवेन्द्र सिंह के जॉइन करते बदल जाएंगे समीकरण*

बाड़मेर मारवाड़ की राजनीति में आज दिग्गज नेता मानवेन्द्र सिंह के कांग्रेस जॉइन करते मारवाड़ के राजनैतिक समीकरण न केवल बदलेंगे बल्कि अरसे बाद मारवाड़ को कांग्रेस में राजपूत लीडरशिप मिलेगी।।अब तक जो राजनीतिक समीकरणों के कयास लगाए जा रहे थे वो भी ध्वस्त होंगे ।मानवेन्द्र सिंह के आने से कांग्रेस में राजपूत ,ओबीसी ,मुस्लिम को एक नया नेता और नेतृत्व मिल जाएगा।।अब तक मारवाड़ में कांग्रेस का नेतृत्व जाट नेताओं के पास ही था।।जोधपुर के खेत सिंह राठौड़,नरेंद्र सिंह भाटी के बाद कांग्रेस में राजपूत लीडरशिप की आई रिक्तता मानवेन्द्र सिंह के आने से भर जाएगी।।मानवेन्द्र सिंह का कांग्रेस प्रवेश उनकी छवि के अनुरूप है।।कांग्रेस आलाकमान के न्योते के बाद उनके निवास पर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे तो उनकेवसम्मान में कांग्रेस के दिग्गज नेता साथ रहेंगे।साथ जसवंत सिंह परिवार भी उपस्थित रहेगा।।मानवेन्द्र सिंह के प्रवेश से मारवाड़ के कांग्रेस जनप्रतिनिधियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।।सूत्रों ने बताया कि मारवाड़ की टिकट अब मानवेन्द्र सिंह के सलाह मशवरे के बाद तय होगी।।

सोमवार, 15 अक्तूबर 2018

जाट खिसक जाएगा....जाट खिसक जाएगा....2014 में कहां था जाट...राहुल ने जब हरीश चौधरी से पूछा...मानवेन्द्र की कांग्रेस एंट्री

जाट खिसक जाएगा....जाट खिसक जाएगा....2014 में कहां था जाट...राहुल ने जब हरीश चौधरी से पूछा...मानवेन्द्र की कांग्रेस एंट्री



भाजपा से नाराज होकर पार्टी छोड़ने का एलान कर चुके मानवेंद्र सिंह की कांग्रेस में जाने की चर्चा जोरों पर है. लेकिन, अभी तक इस मामले में मानवेंद्र ने अपने स्तर पर कुछ कहा नहीं है....

मानवेंद्र सिंह।


नई दिल्ली . भाजपा से लंबे समय की नाराजगी के बाद पार्टी को छोड़ने का एलान कर चुके राजस्थान के बाड़मेर से शिव विधायक मानवेंद्र सिंह की कांग्रेस में एंट्री को हरी झण्डी मिल चुकी है. चर्चा है कि वे नवरात्र में अष्टमी (17 अक्टूबर को) कांग्रेस का दामन थाम लेंगे. मानवेंद्र की कांग्रेस में एंट्री पर मुहर लगने से पहले जाट समाज के खिसकने को लेकर बने डर के माहौल के बीच पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के सवालों के आगे सब निरुत्तर हो गए.


दरअसल, पूर्व विदेशमंत्री जसवंत सिंह को पिछली लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिए जाने से नाराज मानवेंद्र ने पचपदरा में स्वाभिमान रैली करते हुए समर्थकों के साथ भाजपा को छोड़ने के एलान किया था. उनके इस एलान के तुरंत बाद मौके पर लगे कांग्रेस जिंदाबाद के नारों के बाद साफ हो गया कि उनकी अगली राजनीतिक जमीन कांग्रेस में होगी. मानवेंद्र की इस रैली से पहले दिल्ली में हुई कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद ये चर्चा पुख्ता होती चली गई. लेकिन, इसी बीच कांग्रेस में मानवेंद्र विरोधी नेताओं ने अपनी आपत्ती कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के जरिए पार्टी हाईकमान के सामने रख दी. बताया जा रहा है कि मानवेंद्र की एंट्री को लेकर सबसे बड़ी आपत्ती कांग्रेस सचिव हरीश चौधरी ने जताई थी.

मानवेन्द्र सिंह राष्ट्रीय राजनीति में तो चित्रा सिंह सूबे की सियासत संभालेगी,चुनाव लड़ने की संभावना

मानवेन्द्र सिंह राष्ट्रीय राजनीति में तो चित्रा सिंह सूबे की सियासत संभालेगी,चुनाव लड़ने की संभावना


राजस्थान में चुनावी जंग अब टिकट वितरण तक पहुंच गई है. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही मैराथन बैठकों के जरिए दावेदारों के नाम पर रायशुमारी कर रही हैं. इस बीच बीजेपी का साथ छोड़ चुके मानवेंद्र सिंहद्वारा कांग्रेस का हाथ थामने की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में पहुंचती नजर आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि मानवेंद्र 17 अक्टूबर को लाव-लश्कर के साथ कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, ये बात अलग है कि वो खुद प्रदेश की जगह राष्ट्रीय राजनीति में हाथ आजमाएंगे.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पू्र्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंहके बेटे मानवेंद्र सिंह फिलहाल शिव विधानसभा सीट से विधायक हैं. राजपूत समाज से आने वाले मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने से पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है. इस इलाके में राजपूत परंपरागत रूप से बीजेपी के वोटर रहे हैं, ऐसे में राजपूत वोटर बड़ी संख्या में कांग्रेस से जुड़ सकते हैं.
पत्नी चित्रा सिंह लड़ सकती हैं चुनावबाड़मेर में मानवेंद्र सिंह के परिवार का प्रभुत्व रहा है. वो खुद बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए हैं. 1999 में मानवेंद्र ने पहली बार लोकसभा चुनाव इसी सीट से लड़ा था, हालांकि वो जीत नहीं पाए थे. इसके बाद 2004 में शाइनिंग इंडिया का नारा फेल होने के बावजूद मानवेंद्र सिंह बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव जीत गए.

2013 के विधानसभा चुनाव में मानवेंद्र सिंह ने बाड़मेर की शिव सीट से बीजेपी के टिकट पर किस्मत आजमाई और वो जीत गए. लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में जब उनके पिता जसवंत सिंह को बीजेपी से टिकट नहीं मिला तो उनकी दूरी बीजेपी से बढ़ गई. अब जबकि मानवेंद्र सिंह कांग्रेस में जाना तय माना जा रहा है, ऐसे में चर्चा ये है कि पत्नी चित्रा सिंह बाड़मेर की पचपदरा सीट से चुनाव लड़ेगी।।

एक्टिव हुईं चित्रा सिंह

बाड़मेर के पचपदरा में 22 सितंबर को बुलाई 'स्वाभिमान रैली' मानवेंद्र सिंह ने बीजेपी को बड़ी भूल बताते हुए सब कुछ स्पष्ट कर दिया था. लेकिन इस रैली से पहले ही मानवेंद्र की पत्नी चित्रा सिंह सार्वजनिक तौर पर एक्टिव नजर आने लगी थीं.

स्वाभिमान रैली से पहले बाड़मेर में युवा आक्रोश रैली के दौरान चित्रा सिंह ने घूंघट के पीछे से कहा था कि ऐसी सरकार को उखाड़ फेंको, जो स्वाभिमान की रक्षा नहीं करती है. उन्होंने वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा पर तंज किया था. इसके अलावा भी चित्रा सिंह कई मोर्चों पर खुलकर अपने विचार रख रही हैं.

मानवेंद्र के पिता रहे केंद्रीय मंत्री

मानवेंद्र सिंह के पिता जसवंत सिंह बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं. जसवंत सिंह सबसे ज्यादा सांसद रहने वाले नेताओं में शुमार किए जाते हैं. वो चार बार लोकसभा सांसद रहे हैं, जबकि पांच बार राज्यसभा सांसद के बतौर उन्होंने सेवाएं दी हैं. लेकिन 2014 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके पीछे वसुंधरा राजे को वजह माना गया.

हालांकि, जसवंत सिंह और सीएम वसुंधरा राजे के बीच पहले काफी अच्छे संबंध थे, लेकिन पिछले सात-आठ साल में दोनों के बीच दूरी पैदा हो गई. इसी का नतीजा था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बाड़मेर से जसंवत सिंह को टिकट देने के बजाय कर्नल सोनाराम चौधरी को मैदान में उतारा.

बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद जसवंत सिंह निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़े थे. मोदी लहर के बावजूद जसवंत सिंह 4 लाख से ज्यादा वोट पाने में कामयाब रहे थे, हालांकि वह जीत नहीं पाए थे. मानवेंद्र ने इस चुनाव में अपने पिता के खिलाफ और बीजेपी प्रत्याशी सोनाराम चौधरी के पक्ष में प्रचार करने से मना कर दिया था. जिसका नतीजा उन्हें पार्टी से साइड लाइन करने के रूप में झेलना पड़ा.

अब यह चर्चा है कि मानवेंद्र सिंह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि बाड़मेर से अगले साल लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. अब तक मानवेंद्र सिंह के ग्रुप को पांच सीटों के आवंटन के दावे किए जा रहे हैं. इनमें उनकी पत्नी चित्रा के शिव सीट से लड़ने की उम्मीद है. जबकि राष्ट्रीय राजनीति की पिता कि विरासत को मानवेंद्र सिंह आगे बढ़ाएंगे.



कांग्रेस में दमदार एंट्री के साथ 17 अक्टूबर को आ रहे मानवेन्द्र सिंह,जॉइनिंग के बाद राहुल गांधी के साथ लंच होगा* *राहुल गांधी की और से आया न्योता मानवेन्द्र सिंह को*

कांग्रेस में दमदार एंट्री के साथ 17 अक्टूबर को  आ रहे मानवेन्द्र सिंह,जॉइनिंग के बाद राहुल गांधी के साथ लंच  होगा*

*राहुल गांधी की और से आया न्योता मानवेन्द्र सिंह को*

*भाजपा को बाय बाय कहने वाले कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल अपने कद और प्रतिष्ठा के अनुरूप कांग्रेस में दमदार प्रवेश १७ अक्टूबर को कर रहे है।।पूर्व में उन्हें 13 अक्टूबर को जॉइनिंग के लिए अविनाश पांडे द्वारा कहा गया था मगर धार्मिक मान्यता के अनुसार उस दिन शुभ नही होने के कारण इसे आगे बढ़ाया गया।।15 से 16 अक्टूबर को राहुल गांधी बाहर होने के कारण इसे अब सत्रह अक्टूबर किया गया।।मानवेन्द्र सिंह के कांग्रेस प्रवेश से कांग्रेस खासकर राहुल गांधी काफी उत्साहित बताये जा रहे। सूत्रानुसार राहुल गांधी सत्रह को दिल्ली आएंगे।इसी दिन मानवेन्द्र सिंह बिधिवत कांग्रेस में प्रवेश करेंगे।बकायदा राहुल गाँधी ने मानवेन्द्र सिंह को न्योता भेजा हैं ,।इस मौके को खास बनाने के लिए राहुल गांधी ने मानवेन्द्र सिंह को अपने साथ लंच पर भी आमंत्रित किया है।यह पहला अवसर है जब किसी को कॉन्ग्रेस में प्रवेश पर अध्यक्ष द्वारा लंच दिया जा रहा हो। मानवेन्द्र सिंह और काँग्रेज़ में दिग्गजों की आपस मे सभी मुद्दों पे बातचीत पूर्ण हो गई।।मानवेन्द्र सिंह को संगठन की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।विधानसभा चुनावों में मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस का बड़ा चेहरा होंगे।।राजपूत बाहुल्य क्षेत्रो की जिम्मेदारी खास तौर से उन्हें सौंपी जा सकती है।।कांग्रेस में मानवेन्द्र सिंह के आने से राष्ट्रीय लीडरशिप उत्साह में है।।मानवेन्द्र सिंह को उनके मन मुताबिख टिकट बितरण में भागीदारी दी है। सूत्रों की माने तो मानवेन्द्र सिंह के प्रवेश के बाद राजस्थान से कई बड़े नाम कांग्रेस से जुड़ेंगे।।जिनकी सूची कांग्रेस को उपलब्ध हो चुकी है।।मानवेन्द्र सिंह के समर्थकों को राहुल गांधी की जोधपुर सभा के दौरान  जॉइन कराया जाएगा।यह जानकारी मानवेन्द्र सिंह के पारिवारिक सूत्रों ने दी।।

मैं भविष्य नहीं देखता मानवेन्द्र सिंह राजस्‍थान चुनाव कांग्रेस में शामिल होंगे जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह , लोकसभा चुनाव लड़ेंगे

मैं भविष्य नहीं देखता मानवेन्द्र सिंह 
राजस्‍थान चुनाव कांग्रेस में शामिल होंगे जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह , लोकसभा चुनाव लड़ेंगे  


जसवंत सिंह 1980 में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। लेकिन करीब चार दशक बाद उनके परिवार ने भाजपा से रिश्ते समाप्त कर दिए।



अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने आखिरकार अपनी राजनीतिक दिशा तय कर तय कर ली है। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है। करीब 22 दिन पहले भाजपा छोड़ने वाले मानवेंद्र सिंह शिव विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2013 में विधायक चुने गए थे। वे लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। हिंदुस्तान टाईम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को उन्होंने सभी संभावनाओं और चर्चाओं को विराम देते हुए यह साफ कर दिया कि वे कांग्रेस पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक पारी की नई शुरूआत करेंगे। इस सवाल पर ‘क्या उनकी पत्नी चित्रा सिंह और मां शीतल कंवर भी कांग्रेस में शामिल होंगी?’ मानवेंद्र सिंह ने कहा, “पेड़-पौधे सब।” लेकिन जसवंत सिंह के शामिल होने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “नहीं। पेड़-पौधे सब कहने का अर्थ एक उदाहरण है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके भाई भी कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे। उनके परिवार के सभी लोग पार्टी का समर्थन करेंगे।



मानवेंद्र सिंह ने 22 सितंबर को राजपूतों के सम्मान में आयोजित ‘स्वाभिमान रैली’ के दौरान भाजपा से अलग होने की घोषणा की थी। उनके द्वारा कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा पर एआईसीसी के राजस्थान के महासचिव अविनाश पांडेय ने कहा, “सिर्फ मानवेंद्र सिंह ही नहीं, बल्कि कई सारे वरिष्ठ नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं और वे पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन पार्टी सोच-विचार कर इस पर फैसला लेगी।


मानवेंद्र सिंह ने यह साफ नहीं किया है कि वे कांग्रेस पार्टी में कब शामिल होंगे। लेकिन अपुष्ट जानकारी के अनुसार, वे 17 अक्टूबर को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। मानवेंद्र सिंह की इच्छा अब विधानसभा से लोकसभा में जाने की है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव लड़ने संबंधी एक सवाल के जवाब में मानवेंद्र सिंह कहते हैं, “इच्छा है।” वहीं, चर्चा यह भी है कि विधानसभा चुनाव में मानवेंद्र सिंह अपनी पत्नी को कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारेंगे। हालांकि, इस बात को सिरे से खारिज करते हुए मानवेंद्र कहते हैं, “इस बात पर किसी तरह की चर्चा ही नहीं हुई है।” यह पूछे जाने पर ‘यदि पार्टी टिकट देगी तो उनकी पत्नी चुनाव लड़ेंगी?’ के जवाब में वे कहते हैं, “मैंने भविष्य नहीं देखा है।”


बता दें कि जसवंत सिंह 1980 में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। लेकिन करीब चार दशक बाद उनके परिवार ने भाजपा से रिश्ते समाप्त कर दिए। लेकिन यह रिश्ता यूं ही अचानक समाप्त नहीं हुआ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिले के बाद से से जसवंत सिंह का परिवार नाराज था। कई मौकों पर यह नाराजगी खुलकर दिखी थी।

गुरुवार, 11 अक्तूबर 2018

बाड़मेर भाजपा का अंतिम विकेट कभी भी गिर सकता है,*


बाड़मेर भाजपा का अंतिम विकेट कभी भी गिर सकता है,*

*बाड़मेर दलबदल के इस चुनावी दौर में एक से नो विकेट भाजपा के शिव विधायक मानवेन्द्र सिंह के साथ गिर चुके है अंतिम विकेट कभी भी गिर सकता है। एक यॉर्कर का इंतज़ार है।हमने यही पूर्व में लिखा था कि भाजपा की सत्ता वापसी की संभावना नही देख कई नेता दलबदल करेंगे।सत्ता के साथ चलने वाले ये नेता किसी एक पार्टी के सिद्धांतों के साथ नही बंधे।।ये सत्ता की आंधी के साथ उड़ते है।।मानवेन्द्र सिंह जैसे पार्टी के वफादार पार्टी छोड़ते है उसके पीछे बड़े कारण होते है। सत्ता का मोह इन्हें नही रह।इन्होंने पार्टी को अलविदा कर दिया। इनके साथ कई कर्मठ कार्यकर्ता पार्टी को तिलांजलि दे चुके है।।सूत्रों की माने तो एक और धमाका भाजपा में जल्द होने वाला  है ।पार्टी के नए नवेले दिग्गज पार्टी को अलविदा कहने जा रहे है ।सूत्रों ने बताया कि यह अंतिम विकेट जब चुनावी मैच पूरे रोमांच पर होगा मैच के आखरी बाल यॉर्कर होगी उसी पे यह विकेट गिरेगा। भाजपा के राजस्थान में जो हालात सामने आ रहे उससे पार्टी आलाकमान भी चिंतित है मगर वो अपने द्वारा ही कि गई भयंकर गलती के कारण कोई कदम नही उठा पा रहे वार्ना सामने हार दिखने पर सब तरह के प्रयोग जीतने के लिए किए जाते है।मगर अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी राजस्थान में कोई निर्णय वसुंधरा राजे के खिलाफ नही ले रहे इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है।।सूत्रों ने बताया भाजपा में अभी राज्य के विभिन हिस्सो में त्याग पत्र के सिलसिले शुरू होंगे जो भाजपा को और अधिक परेशानी में डालेंगे।।

बुधवार, 10 अक्तूबर 2018

*चुनाव रणभेरी 2018 चोहटन विधानसभा क्षेत्र* *नए चेहरे देख सकते है चौहटन के मतदाता,वर्तमान विधायक कागा को दोहराना मुश्किल*


*चुनाव रणभेरी 2018 चोहटन विधानसभा क्षेत्र*

*नए चेहरे देख सकते है चौहटन के मतदाता,वर्तमान विधायक कागा को दोहराना मुश्किल*

भारत पाकिस्तान सरहद के सीमावर्ती चौहटन विधानसभा क्षेत्र में इस बार दिलचस्प मुकाबले दिसम्बर के रणभेरी में दिखने की संभावना है।।कभी अब्दुल हादी का चौहटन की राजनीति में दबदबा रहा।।हादी के दबदबे की सबसे पहले कांग्रेस के भगवानदास डोसी ने तोड़ा ,जब हादी दलबदल कर कांग्रेस अर्स में गए उनके चिन्ह पर चुनाव लड़ा,दूसरी मर्तबा गंगाराम चौधरी ने अब्दुल हादी को हराया,तीसरी बार फिर भगवानदास डोसी ने निर्दलीय चुनाव लड़ कर हराया।।चौहटन की राजनीति अब्दुल हादी परिवार के इर्द गिर्द आज भी रहती है।।अशोक गहलोत और अब्दुल हादी के काफी नजदीकियां थी।।अब्दुल हादी इस दुनिया मे नही है मगर लोगो के दिमाग मे आज भी हादी है।हादी के पुत्र गफूर अहमद राजनीति में बराबर सक्रिय है।।सचिन के काफी नजदीक भी माने जाते है इसीलिए माना जा सकता है कि चौहटन में कांग्रेस का उम्मीदवार हादी परिवार की रहनुमाई से आएगा।।

चोहटन विधान सभा क्षेत्र में इस बार कुल 2,61,776 मतदाता मतदान में भाग ले सकेंगे जिसमे 1,39,292 पुरुष और 1,22,482 महिला मतदाता है।।क्षेत्र का लिंगानुपात औसत से काफी कम 879 है।।यानी एक हजार पुरुषों पे मात्र 879 महिलाए है।।क्षेत्र में चुनाव की हलचल शुरू हो गई है दोनो प्रमयख दलों में दावेदार अपनी अपनी दौड़ कर रहे है।वर्तमान में भाजपा के तरुण कागा विधायक है। कागा ने अपने कार्यकाल में ठीक ठाक काम किया।।कागा सरल स्वभाव के सहज इंसान है।।लोगो के बीच बराबर रहे। काम काज रूटीन में ठीक ठाक हुआ।मगर चौहटन के चार बड़े मुद्दे जस के तस बकाया पड़े है।।जिसमे प्रमुख रूप से  सरहदी इलाके में नमक का उत्पादन बाखासर के ऋण में करने की योजना परवान चढ़ी नही।।नमक खनन क्षेत्र के उत्पादकों के पट्टे आवंटी,हस्तशिल्पियों के लिए बिक्री सेवा केंद्र,पाक विस्थापितों की खालसा की गई जमीनों का पुन आवंटन,सीमाक्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पर कोई काम नही हुआ।तरुण कागा सहज,सरल स्वभाव के है।।उनमें आक्रामकता नही होने के कारण उनका कार्य समय पर नही हुआ।।भाजपा से तरुण कागा के लिये टिकट के दरवाजों का खुलना मुश्किल लग रहा यह भी दीगर है उनके अलावा कोई दमदार नया चेहरा मैदान में दिख नही रह।। इस बार भाजपा से आदूराम मेघवाल और पुराराम मेघवाल ने अपनी सशक्त दावेदारी पेश की है।।आदूराम मेघवाल चौहटन जब से सुरक्षित हुई तब  से लोगो के बीच आ जा रहे है मगर आदूराम मेघवाल अपने ही समाज अनुसूचित जाति का विश्वास हासिल नही कर पा रहे।।विगत चुनाव में आदूराम सिवाना विधानसभा से 2003 का चुनाव लड़े थे भाजपा की टिकट से मगर दुर्भाग्य से आदूराम अपनी जमानत नही बचा पाए तीसरे नम्बर पर रहे।।आदूराम के स्थानीय नही होने के कारण स्थानीय शरणार्थी मेघवालों और रहवासी मेघवाल खुलकर उनके समर्थन में नही आ रहे।साथ ही अन्य जातियों के मतदाता भी खामोश है।।भाजपा से एक और युवा दावेदार है।गत विधान सभा चुनाव में पुराराम मेघवाल का नाम गया था।।मगर गत बार टिकट से वंचित रह गए।।मगर इस बार वो दावेदारी केलिए जीतोड़ लगे है।।भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संघ के धुरंधरों के साथ संपर्क साध रहे है।।पुराराम कोनरा पंचायत के मेहरानगढ़ गांव के निवासी है।।उच्चतम शिक्षित होने के साथ उनकी युवा सोच और सकारात्मक व्यवहार लोगो को भा रहा है।।
तो कांग्रेस के पास पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल की सशक्त दावेदारी है ।पदमाराम हादी परिवार का विश्वासपात्र भी है।मगर सचिन पायलट इस सीट पर बड़ा गेम खेलने के मूड में है। हालांकि धनाऊ प्रधान भगवती मेघवाल,सुरताराम मेघवाल भी दावेदारी कर रहे है। मगर अभी तक दमदार नाम सामने नही आया अलबत्ता कयास यह भी है कि चौहटन में बाहर से प्रत्यासी आने की पूर्ण संभावना है।।कांग्रेस के पत्ते मानवेन्द्र सिंह की जॉइनिंग के बाद ही खुलेंगे यह तय है। कांग्रेस में बड़े फेरबदल की संभावना से भी इंकार नही किया जा सकता।।चोहटन में जीत का समीकरण हमेशा मुस्लिम मेघवाल,जाट गठजोड़ रहा,मगर गत चुनाव में जाट और मेघवाल मतदाताओ का ध्रुवीकरण होने से तरुण कागा की राह आसान हो गई थी।इस बार जाट भाजपा के साथ बंटने की संभावना है।।मेघवाल ,मुस्लिम का गठजोड़ चुनाव के परिणाम तय करेंगे अलबत्ता अभी उम्मीदवारों को लेकर असमंज की स्थति है।।

रविवार, 7 अक्तूबर 2018

*बड़ी खबर.....13 अक्टूबर को मानवेन्द्र सिंह हज़ारो समर्थकों के साथ दिल्ली में कांग्रेस में शामिल होंगे

*बड़ी खबर.....13 अक्टूबर को मानवेन्द्र सिंह हज़ारो समर्थकों के साथ दिल्ली में  कांग्रेस में शामिल होंगे

*पूर्व वित्त मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पुत्र और पूर्व सांसद शिव विधायक मानवेन्द्र सिंह जसोल 13 अक्टूबर को अपने हज़ारो समर्थकों के साथ नई दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे..।स्वाभिमान रैली के बाद कियस लगाए जा रहे थे कि मानवेन्द्र सिंह किधर जाएंगे।विरोधी लगातार सक्रिय हो रहे थे।।यह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था कि मानवेन्द्र सिंह श्राद्ध पक्ष खत्म होने का ििनतज़रे करेंगे और नवरात्रि में वोन्ग्रेस जॉइन करेंगे।।दिल्ली में राहुल गांधी समेत कांग्रेस के बड़े नेता उपस्थित हेंगे।