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मंगलवार, 17 सितंबर 2019

डूंगरपुर झाड़ फूंक के लिए युवती को बुलाया, पति को नींबू लेने भेजा फिर किया रेपकॉलेज छात्रा के साथ रेप की वारदात सामने आई है.

डूंगरपुर झाड़ फूंक के लिए युवती को बुलाया, पति को नींबू लेने भेजा फिर किया रेपकॉलेज छात्रा के साथ रेप की वारदात सामने आई है.
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डूंगरपुर. राजस्थान के डूंगरपुर (Dungarpur) जिले की एक कॉलेज छात्रा (College Girl) के साथ रेप (Rape) की वारदात सामने आई है. छात्रा सीमलवाड़ा में सोनेस्की गर्ल्स कॉलेज (Girls College) में पढ़ती है और अपने पति के साथ झाड़ फूंक के चक्कर में एक दुकानदार के पास गई थी. वहीं पर दुकानदार ने उसके साथ रेप को अंजाम दिया. इस मामले को लेकर पीड़िता ने पति के साथ धंबोला पुलिस थाने में केस दर्ज कराया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दुकानदार की तलाश शुरू कर दी है. मामले की जांच सीमलवाड़ा चौकी प्रभारी शंकरलाल सालवी को सौंपी गई है.

कई दिनों से बीमार थी पीड़िता, झाड़ फूंक के झांसे में आई
सीआई ब्रजेश कुमार ने बताया कि युवती की ओर से सीमलवाड़ा कस्बे के एक दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. युवती कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा है और कई दिनों से बीमार चल रही थी. डॉक्टर की दवाओं से भी राहत नहीं मिली तो कॉलेज के पास ही एक दुकानदार ने झाड़ फूंक से तबियत ठीक करने का दावा किया और शाम को अपने पास बुलाया. यहां पीड़िता अपने पति के साथ पहुंची लेकिन झांसे में लेकर दुकानदार ने कथित रूप से उसके साथ रेप किया.

रेप के बाद जान से मारने की धमकी, 5 दिन बाद केस दर्ज


पीड़िता के अनुसार 9  सितंबर को कॉलेज गई थी. उसे पति भी साथ थे और उसी दौरान उनकी मुलाकात कॉलेज के पास ही एक दुकानदार से हुई. बातों-बातों में ही युवक ने दुकानदार से अपनी पत्नी की तबियत खराब होने की बात बताई. इसके बाद दुकानदार ने शाम को पत्नी के साथ आने काे कहा और जब दोनों पहुंचे तो युवक को नींबू लाने बाजार भेज दिया. पीछे से युवती के साथ रेप किया. किसी से इस वारदात के बारे में नहीं बताने की धमकी भी दी. डरी सहमी युवती ने पांच दिन बात अपने पति को आपबीती सुनाई और फिर दोनों ने पुलिस थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया.

शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

डूंगरपुर नाबालिग का अपहरण कर किया था रेप, जुर्माने के साथ अब 10 साल रहेगा जेल में

डूंगरपुर नाबालिग का अपहरण कर किया था रेप, जुर्माने के साथ अब 10 साल रहेगा जेल में
नाबालिग का अपहरण कर किया था रेप, जुर्माने के साथ अब 10 साल रहेगा जेल में
नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के 11 माह पुराने मामले में डूंगरपुर जिले की पोक्सो कोर्ट ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही मोहन नाम के इस दुष्कर्मी पर 16 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. विशिष्ठ लोक अभियोजक योगेश जोशी ने बताया की मामला पिछले साल 2 अक्टूबर का है. जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में एक नाबालिग लड़की जंगल में बकरियां चराने गई थी. जंगल में मोवाई का रहने वाल मोहन नाम का युवक पहुंचा और नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया. इसके बाद मोहन नाबालिग लड़की को अपनी बहन के घर ले गया और वहां भी दो दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया.

नाबालिग ने घर पहुंचकर बताई थी आपबीती

उसके बाद जैसे-तैसे नाबालिग अपने घर पहुंची और आपबीती सुनाई. जिसके बाद परिजनों ने सागवाड़ा थाने में मोहन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने दुष्कर्म और अपहरण का मामला दर्ज करने के बाद आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में चालान पेश किया. मामले में पोक्सो कोर्ट ने 6 सितंबर को अंतिम सुनवाई करते हुए दोषी मोहन को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 16 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया.

बुधवार, 22 जून 2016

डूंगरपुर.मोबाइल स्वीच ऑफ करना इन साहब को पड़ गया भारी, हो गए निलंबित



डूंगरपुर.मोबाइल स्वीच ऑफ करना इन साहब को पड़ गया भारी, हो गए निलंबित


नौकरी को लेकर लापरवाही बरतना और लोगों की पीड़ा न सुनना इन इंजीनियर साहब को भारी पड़ गया है। असल में दो दिन पहले डूंगरपुर में हुई पहली बारिश ने पूरे शहर में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए तो कई जगह ट्रांसफार्मर फुंक गए।


शहर में फैली इन व्यवस्थाओं को लेकर जब लोगों ने शहर के कनिष्ठ अभियंता किरण धंधुकिया को फोन किया तो अभियंता ने फोन नहीं उठाया। लोगों के कई बार कॉल करने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर दिया। काफी देर तक नंबर मिलाने के बाद भी जब उनका फोन नहीं लगा तो। शहरवासियों ने एवीवीएनएल के महाप्रबंधक को पीड़ा सुनाई। इसके बाद गुस्साए शहरवासियों ने जिला कलक्टर को शहर के हालत के बारे में कलक्टर ने तत्काल शहर के हाल जाने और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।

अभियंता की इस लापरवाही और पहली बारिश में बिगड़ी शहर की बिजली व्यवस्था के बीच मोबाइल बंद रखने और मुख्यालय से नदारद होने वाले अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड उपखंड शहर के कनिष्ठ अभियंता किरण धंधुकिया को निलंबित कर मुख्यालय अजमेर कर दिया है।


अधीक्षण अभियंता वी.के.पंचाल ने बताया कि सोमवार शाम मौसम खराब होने से शहर के कई हिस्सों में बिजली बंद हो गई थी। इस दौरान ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने पर कनिष्ठ अभियंता को निलंबित किया है। गौरतलब है कि सोमवार को निगम के कई अधिकारियों के फोन बंद थे।कलक्टर खुद रात्रि में जीएसएस आए थे, तब भी सहायक अभियंता हर्षद पंचाल के अलावा कोई अधिकारी ड्यूटी पर नहीं मिला था।

शनिवार, 14 मई 2011

खड़गदा की जीवी को मिला जीने का आसरा


खड़गदा की जीवी को मिला जीने का आसरा

डूंगरपुर, 14 मई/माता-पिता ने उस बेटी की इस उम्मीद के साथ शादी करवाई थी कि उसका भी अपना घर-परिवार हो और उसकी संतानें वृद्धावस्था में उसकी सेवा करें परंतु पति की बेरूखी ने उसकी तमाम उम्मीदों को धूल धूसरित कर दिया। शादी के कुछ ही दिनों के बाद पति द्वारा अपने हाल पर छोड़ दी गई डूंगरपुर जिलान्तर्गत सागवाड़ा पंचायत समिति के खड़गदा गांव की जीवी का अपना घर-परिवार सजाने का सपना ताउम्र सपना ही रह जाता अगर सरकार ने उसे इंदिरा आवास की सौगात न दी होती।
छोटी उम्र में ही शादी और उस पर पति की साथ छूट जाने के बाद जीवी को उसके भाई  दितीया ने सहारा देकर जीवन जीनें का  हौंसला दिया। भोजन और कपड़े की आवश्यकताएं अपने भाई द्वारा पूर्ण कर दिए जाने के बाद भी उसके मन में हमेशा ही उसके खुद का घर नहीं होने का मलाल रहता था। संघर्षों और उम्मीदों के द्वंद्व के बीच सरकार का साथ जीवी को जीवन जीने का आसरा प्रदान कर गया। बीपीएल परिवार और पात्राता सूची में सम्मिलित होने के कारण ग्राम पंचायत द्वारा जिस दिन उसके इंदिरा आवास स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई थी उस दिन उसे लगा कि ईश्वर भले ही उससे रूठा हो लेकिन जब सरकार ने साथ दिया तो उसे जीवन का आधार मिल ही गया।
ग्राम पंचायत द्वारा इंदिरा आवास के लिए राशि दी गई तो उसने खुशी-खुशी अपने सपनों का आशियाना बनाया। आज उसके पास अपने खुद का घर है तो दूसरी ओर उसके भाई ने अपने पुत्रा अशोक को उसे गोद देकर उसकी संतान की कमी को भी पूरा कर दिया है। अस्वस्थता के कारण परित्यक्ता जीवी अब चल-फिरने में अक्षम है परंतु उसका दत्तक पुत्रा अशोक अब उसकी देखरेख करता है। जीवी बताती है कि उसके भाई ने हौंसला तो सरकार ने उसका साथ देकर जीने का आसरा प्रदान किया है जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेगी।
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