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मंगलवार, 24 मई 2011

बार्डर पर गर्मी से बीएसएफ जवान बीमार


बार्डर पर गर्मी से बीएसएफ जवान बीमार
http://www.bhaskar.com/bhaskar_web/images/transparent.gifपारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार






बाड़मेर पाकिस्तान से सटी सीमा पर तापमान का पारा 45 पार करने और तेज आंधियां चलने से हालात का विकट होने लगे है। अंधड़ की वजह से सीमा पार देख पाना मुश्किल हो रहा है और तपते रेगिस्तान में सरहद की चौकसी करने वाले बीएसएफ के जवान भीषण गर्मी की वजह से बीमार पडऩे लगे है। लू लगने व डिहाइड्रेशन की वजह से रोजाना चार पांच जवान अस्पताल पहुंच रहे है।

,बाड़मेर जैसलमेर व बीकानेर से सटी सीमा पर तापमापी का पारा पचास का आकंडा पार करने के साथ तेज आंधियां चल रही है। इससे खुले आसमान में सीमा चौकियों और निगरानी टावर पर सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने वाले जवानों के हाल बेहाल होने लगे है।
बीएसएफ के बाड़मेर सेक्टर के जवानों ने बताया कि अग्रिम सीमा चौकियों पर तापमान बढऩे के साथ देर शाम गर्म हवाएं चल रही है। रेतीले अंधड़ की वजह से सीमापार देखना भी मुश्किल हो रहा है। हालांकि विषम परिस्थितियों में भी जवान सरहद की पहरेदारी कर रहे है और अत्याधुनिक उपकरणों से निगरानी की जा रही है।दूसरी ओर भीषण गर्मी और गर्म हवाओं की वजह से जवान बीमार पडऩे लगे है। सीमांत मुख्यालय के बार्डर पर विषम हालात से निपटने के लिए सीमा चौकियों में कूल रूम बनाए गए है। जहां बड़े कुलर लगाने के अलावा ठंडे पानी की विशेष व्यवस्था की गई है।
सरहद पर जवानो को रेतिली आंधियों से निपटने के लिऐ विशेष प्रकार के चश्में उपलब्ध कराऐ गऐं हैं।वही विशेष प्रकार के केमरे भी दिऐ गऐ हैं ताकि सीमा पार की गतिविधियों को आसानी से देखा जा सके।जानलेवा गर्मी में भी सीमा सुरक्षा बल के जवान मुसतैदी से सरहद की हिफाजत में जुटे हैं।वही ग्रामीण अंचलों में धूल भरी आंधिया चलने से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया।वही सरहदी सडके धूल के कारण जाम हो गई जिससे यातायात में बाधाऐं आ रही हैं।


रविवार, 8 मई 2011

थार की गर्मी ने छुड़ाए पसीने

















थार की गर्मी ने छुड़ाए पसीने


बाड़मेर शहर में गर्मी बढऩे के साथ ही शहरवासियों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। दोपहर के समय मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है। वहीं उन मार्गों से गुजरने वाले इक्के-दुक्के लोग भी गर्मीसे बचाव का पूरा जाब्ता किए निकलते हैं।गर्मीके तेवर तीखे होने से शीतल पेय पदार्थों की भी बिक्री बढ़ी है।गर्मी के कारण आम दिनों की अपेक्षा गली-मौहल्लों के नुक्कड़ व मुख्य चौराहों पर भी गिनती के लोग ही नजर आ रहे हैं।भीषण गर्मी में लोगों को पंखे व कूलर भी राहत नहीं दे रहे हैं।दोपहर में गर्मी के साथ चलने वाली लू कोढ़ में खाज का काम कर रही है।मुख्य मार्गो पर दोपहर के समय वाहनों का आवागमन भी कम ही रहता है


बदली लोगों की दिनचर्य

गर्मी बढऩे के साथ ही लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव आया है। शहरवासी सूरज तपने से पहले अपने काम-धंधे पर पहुंच जाते हैं। वहीं दोपहर के समय कूलर व पंखों के सामने बैठकर समय व्यतीत कर रहे हैं। यहां भी इन्हें पूरी तरह से गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है।शहर के मुख्य मार्गों पर आम दिनों की अपेक्षा इन दिनों चहल-पहल कम नजर आ रही है।स्कूली छात्र-छात्राएं गर्मी से बचने के लिए पूरा जाब्ता करके ही मार्ग से गुजरते हैं।रात्रि के समय अधिकांश शहरवासी खुले आसमान के नीचे ही सोकर रात गुजार रहे हैं। देर रात तक गर्म हवाओं का असर रहने के कारण शहरवासियों को रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है



खूब बिक रही है मटकियां
गर्मी बढऩे के साथ ही पचपदरा में बनी मटकियों की बिक्री भी बढ़ गई है।स्टेशन रोड व प्रथम रेलवे फाटक के पास आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग मटकियों की खरीद करते हुए देखे जा रहे हैं।गर्मी के दिनों में मटकी का पानी पीने से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है।मटकी विक्रेता पप्पू ने बताया कि पिछले ६-७ दिनों से बढ़ी गर्मीके कारण मटकियों की बिक्री ने भी जोर पकड़ लिया है।उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग मटकियों की खरीद में विशेष रूचि दिखा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि पचपदरा में बनी मटकियों की गर्मियों के दिनों में क्षेत्र सहित पूरे संभाग में जबर्दस्त डिमांड रहती है।