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रविवार, 9 फ़रवरी 2020

खुहड़ी के धोरों के बीच सजी सुरमई सांझ, चौदहवीं के चाँद तले खूब जमी सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट रेतीले धोरों पर ज्वार उमड़ाता रहा उल्लास का समन्दर

खुहड़ी के धोरों के बीच सजी सुरमई सांझ,
चौदहवीं के चाँद तले खूब जमी सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट
रेतीले धोरों पर ज्वार उमड़ाता रहा उल्लास का समन्दर









जैसलमेर, 8 फरवरी/ अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि वाले महोत्सवों में शुमार और देश-दुनिया के लोगों की दिली पसंद मरु महोत्सव की तीसरी साँझ शनिवार को खुहड़ी के रेतीले धोरों के बीच मनी। बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों और क्षेत्रवासियों ने धोरों के बीच जी भर कर आनंद लिया और एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने अपना अच्छा खासा मनोरंजन करते हुए यादगार अनुभव का अहसास किया। कार्यक्रम का संचालन जफर खां सिन्धी एवं गुलनाज ने किया।
भवई नृत्य की शानदार प्रस्तुति के उपरान्त पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के सौजन्य से गुजरात के लोकप्रिय नृत्य माता की चौकी का प्रदर्शन राजेश भाई राठवा एवं पार्टी के जनजाति वेशभूषा में सुसज्जित स्त्री-पुरुष कलाकारों ने किया तथा पिरामिड निर्माण के साथ नृत्य किया और माता की चौकी कार्यक्रम दर्शाया। बाड़मेर के कलाकार गौतम परमार व दल ने घूमर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
उदयपुर के कलाकारों ने डीजे डेश द्वारा खड़ताल एवं फ्यूजन प्रस्तुति दी। कलाकारों ने ‘केसरिया बालम आवो नी, म्हारी सभा में रंग बरसावो नी, मोरचंग एवं डीजे फ्यूजन तथा रिमिक्स ‘पिया रे पिया रे...’, भपंग,  उदयपुर के कलाकार प्रियांश पालीवाल ने परंपरागत गीतों के आधुनिक संगम की अनूठी सामन्जस्यपूर्ण रचनाओं से मन मोह लिया। उन्होंंने म्हारे हिवड़े में नाचे मोरनी, गोरबंध नखरालो तथा हरियाली बन्ना हो.. को नए अन्दाज में पेश कर वाहवाही लूटी और हास्य का दरिया बहा दिया।
लोक कलाकारों की वाद्यों के साथ प्रस्तुतियों पर जहां रसिक थिरकते रहे वहीं रेत के धोरे भी संगीत की लय-ताल को प्रतिध्वनित करते रहे।
कैमल रेस ने बिखेरा जबर्दस्त आकर्षण
ख्ुाहड़ी में रेतीले धोरों पर कैमल रेस ने खासा आकर्षण बिखेरा। इस प्रतिस्पर्धा में कुल 60 ऊँटों ने हिस्सा लिया। इनमें अंतिम दौर में 15 ऊँट रहे, जिनकी रेस हुई। इसमेंं जालम सिंह प्रथम, विक्रमसिंह द्वितीय तथा देवी सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
दूर-दूर तक पसरे हुए खुहड़ी के धोरों पर पर्यटकों ने जीप सफारी, कैमल सफारी आदि आनंद लिया तथा फोटोग्राफी एवं सेल्फि से अपनी जैसलमेर यात्रा के अनुभवों में खुहड़ी भ्रमण के नए अमिट अध्याय जोड़े।
आतिशबाजी ने गुंजाया आसमान, बिखेरे सुनहरे रंग
सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरान्त आतिशबाजी के रंगीन नजारों ने धोरों पर सितारों सा मंजर दिखा दिया। मीलों तक इसकी गूंज रही और लोगों ने आतिशबाजी को निहारा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में आर्मी एवं एयरफोर्स तथा बीएसएफ के अधिकारीगण, पर्यटन निदेशक डॉ. भंवरलाल, संभागीय आयुक्त बीएल कोठारी, विधायक रूपाराम, जिला कलक्टर नमित मेहता, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग, मरु महोत्सव के प्रभारी अधिकारी भारतभूषण गोयल, उपखण्ड अधिकारी दिनेश विश्नोई सहित जिलाधिकारीगण, जन प्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक और क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
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ऎतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के प्राचीन धाम कुलधरा को देख अभिभूत हो उठेदेशी-विदेशी सैलानी,

ऎतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के प्राचीन धाम कुलधरा को देख
अभिभूत हो उठेदेशी-विदेशी सैलानी,
सुनहरे बिम्बों से साक्षात कराती रंगोलियों पर मुग्ध हो उठा हर कोई


जैसलमेर, 6 फरवरी/मरु महोत्सव के मद्देऩर प्राचीन और ऎतिहासिक महत्व के पुरातात्विक स्थल कुलधरा में रविवार को देशी और विदेशी सैलानियों का जमघट लगा रहा। इन सैलानियों ने कुलधरा की बस्तियों के अवशेषों के  साथ ही कुलधरा के पालीवालों की प्राचीन लोकसंस्कृति का दिग्दर्शन करवाने के लिए हुए कार्यो, संरचनाओं और विभिन्न् ऎतिहासिक स्थलों को देखा।
सैलानियों ने पालीवालों के इस समृद्ध और अत्यंत वैभवशाली कुलधरा नगर के ऎतिहासिक परिवेश, जनजीवन और लोकसंस्कृति की विलक्षण परम्पराओं व विरासत की जानकारीली तथा गौरवशाली इतिहास को सुनकर व पुरा महत्व के अवशेषों को देख कर बेहद अभिभूत हो उठे और प्राचीनकालीन कुलधरा के तत्कालीन वैभवशाली स्वर्णिम समय की कल्पना में खो गये।
कुलधरा भ्रमण के दौरान इन सैलानियों ने पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर प्राचीन खंडहर , इनके वास्तु, भवनों की पुरातन संरचना तथा लोक जीवन के तमाम पहलुओं के बारे में जानकारी ली।
रंगोली प्रतिस्पर्धा के सुनहरे बिम्बों ने किसी मुग्ध
सैलानियों ने कुलधरा में मरु महोत्सव के अन्तर्गतआयोजित रंगोली प्रतियोगिता को देखा तथा प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभाओं की सराहना की।
इस दौरान दो वर्गों में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रथम वर्ग में किशनी देवी मगनीराम मोहता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसलमेर  की छात्राओं ने ने आठ समूहों में रंगोलियों का सृजन किया। जबकि दो समूह ओपन वर्ग के रहे। इन सभी से जुड़े हुए रंगोली कलाकारों ने कुलधरा की ऎतिहासिक धरा पर अपनी मौलिक सृजन क्षमता और कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए पारम्परिक, सांस्कृतिक, ऎतिहासिक धरोहरों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया।
राजस्थान की कला, संस्कृति, परंपरा एवं विरासत को प्रदर्शित करती रंगोली ‘पधारो म्हारे देश’, के अन्तर्गत ‘धरती धोरां री’की झिलमिलाती रेत एवं गूंजता सुरीला लोक संगीत, जैसलमेर किला, ऊँट, मूमल-महेन्द्र का सौ कोस का सफर, अद्वितीय सौन्दर्य की स्वामिनी राजकुमारी मूमल और अदम्य साहस, अमरकोट के राणा महेन्द्र आदि से संबंधित पूरे ऎतिहासिक कथानक को  लकड़ी के रंगीन बुरादे के माध्यम से दर्शाती रंगोली सैलानियों के आकर्षण का जबर्दस्त केन्द्र रही।
छात्राओं की रंगोली निर्माण कला, इसकी विषय वस्तु, बालिकाओं की कल्पना में जैसलमेर में मरु महोत्सव तथा बेटी बचाओ-बेटी बचाओ’’ अभियान और परिवेश सौंदर्य दर्शाने वाली रंगोलियों को देख हर कोई अभिभूत हुए बिना नहीं रह सका। सभी ने बालिकाओं की पीठ थपथपाई।

रहा क्रेज सेल्फि और फोटाग्राफी का
कुलधरा में हर तरफ फोटोग्राफी और सेल्फि का क्रेज रहा । जैसलमेर विकास समिति के सचिव चन्द्रप्रकाश व्यास ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से आयोजित की गई इस रंगोली प्रतियोगिता में 50 बालिकाओं ने हिस्सा लिया और उम्दा रंगोलियाँ बनाई। पूर्व पार्षद मीना भाटी व उनकी पुत्री सोनिया और अन्य महिलाओं ने भी रंगोलियों का सृजन कर अपनी सहभागिता निभाई।
कलाकारों ने मोहा विदेशियों का मन
 इसी प्रकार  आकर्षक परिधानों में नृत्य करते कलाकारों एवं लोक वाद्यों की धुनों पर विदेशी पर्यटक खासे मोहित हुए। पर्यटकों ने इनके नृत्यों को देखा तथा जी भर कर सराहा। इसके बाद देशी-विदेशी पर्यटकों ने कुलधरा में कच्छी घोड़ी नृत्य कलाकारों के मनोहरी रंगारंग कार्यक्रमों को भी बड़ी उत्सुकता के साथ देखा और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियॉं पर मुग्ध हुए बिना नहीं रह सके। मरुश्री ओमप्रकाश वैष्णव ने भी कुलधरा में रंगोलियों को देखा।

बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

जैसलमेर में मचेगी जगप्रसिद्ध मरु महोत्सव की धूम,

जैसलमेर में मचेगी जगप्रसिद्ध मरु महोत्सव की धूम,
सुनहरे इन्द्रधनुषों का दिग्दर्शन कराएगा नवाचारों का आकर्षण,
चार दिन तक रहेगी देशी-विदेशी पर्यटकों की रेलमपेल,
पोकरण में गुरुवार को दिन में मनोहारी शोभायात्रा व स्पर्धाएं,
शाम को पोकरण-जैसलमेर में सांस्कृतिक कार्यक्रम

जैसलमेर, 5 फरवरी/देश और दुनिया में दूर-दूर तक पहचान रखने वाला जैसलमेर का मरु महोत्सव 6 फरवरी, गुरुवार से शुरू होगा और चार दिन तक चलेगा। महोत्सव के सभी आयोजनों को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
पहले दिन पोकरण और जैसलमेर मुख्यालय पर बहुरंगी आयोजन
मरु महोत्सव के पहले दिन 6 फरवरी, गुरुवार को पोकरण में प्रातः 10 बजे गांधी चौक से शोभायात्रा निकलेगी जो कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर सम्पन्न होेगी, जहाँ प्रातः 11 बजे से मेहन्दी, माण्डना, रंगोली, चित्रकारी प्रतियोगिताएं, कबड्डी मटका दौड़, पुरुष एवं महिला वर्ग में रस्सा कशी तथा शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
जैसलमेर में दीपदान, हेरिटेज वॉक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
गुरुवार की शाम 5.30 बजे गडसीसर झील पर दीपदान एवं चित्रकारी प्रतियोगिता,  शाम 6.30 बजे गड़सीसर लेक से सोनार दुर्ग स्थित श्री लक्ष्मीनाथजी मन्दिर तक हेरिटेज वॉक का कार्यक्रम होगा। शाम 7.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक लेजर शो और लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
शुक्रवार को शोभायात्रा, उद्घाटन और रोचक स्पर्धाओं का दौर
7 फरवरी, शुक्रवार को प्रातः 9 बजे जैसलमेर सोनार दुर्ग से शोभायात्रा निकलेगी और शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंचेंगी जहाँ प्रातः 11 बजे मरु महोत्सव का उद्घाटन होगा। इस दौरान लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके उपरान्त विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें भारतीय एवं विदेशियों में साफा बांधो, मूमल महेन्द्रा, मूँछ, मिस मूमल, मरुश्री, विदेशी पर्यटकों के लिए वेशभूषा आदि की प्रतियोगिताएं तथा, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले का कार्यक्रम निर्धारित है।
रात में सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट
शाम 7 से रात्रि 10 बजे तक शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में मशहूर लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूरणचन्द वड़ाली एवं लखविन्दरसिंह वड़ाली द्वारा सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट का कार्यक्रम होगा।
शनिवार को डेडानसर में आकर्षक स्पर्धाएं
महोत्सव के तीसरे दिन 8 फरवरी, शनिवार को प्रातः 9 बजे डेडानसर में विभिन्न मनोहारी स्पर्धाएं शुरू होंगी। इसमेंं ऊँट श्रृंगार, शान ए मरुधर, रस्साकशी (भारतीय एवं विदेशी महिला पुरुषों के लिए) प्रतियोगिताएं, आर्मी बैण्ड प्रदर्शन, एयरफोर्स द्वारा एयर वारियर ड्रिल शो, केमल पोलो मैच, कबड्डी, महिलाओं के लिए पणिहारी मटका रेस, बीएसएफ द्वारा केमल टेटू शो के कार्यक्रम होंगे।
खुहड़ी में रेत के धोरों पर कार्यक्रम
शनिवार अपराह्न 3.30 बजे खुहड़ी में रेत के धोरों पर केमल रेस शो, रस्साकशी, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले एवं अन्य कार्यक्रम होंगे।  शाम 6.30 बजे लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके उपरान्त आतिशबाजी होगी।
रविवार को कुलधरा, दामोदरा और सम में होंगे कार्यक्रम
मरु महोत्सव के चौथे और अंतिम दिन 9 फरवरी, रविवार को प्रातः 10 बजे कुलधरा में केटल शो, रंगोली आदि के कार्यक्रम होंगे। इसके उपरान्त दामोदरा रण ने प्रातः 11 बजे श्री लक्ष्मीनाथ होर्स रेस एवं डॉन्स शो होगा।  इसके बाद सम में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इनें प्रातः 10 से शाम 6 बजे तक सम के धोरों पर काईट फ्लाइंग शो होेगा।
‘धोरों की झंकार रचेगा विश्व रिकार्ड
अपराह्न 3 बजे सम में पुरुष ग्रामीणों और विदेशियों के बीच रस्साकशी, केमल डांस, होर्स डांस, ऊँट दौड़, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले आदि होंगे। शाम को 6 बजे से लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके बाद  7 से 8 बजे तक सम के धोरों पर ‘‘धोरों की झंकार’’ कार्यक्रम होगा। इसमें 1 हजार लंगा, मांगणियार एवं अन्य लोक कलाकार एक साथ अपनी सामूहिक प्रस्तुति देकर विश्व रिकार्ड बनाएंगे। यह अपनी तरह का पहला ऎतिहासिक और अपूर्व आयोजन होगा जिसमेंं इतनी बड़ी संख्या में जमा होकर कलाकार समवेत स्वरों में लोक वाद्यों की धुनों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से आसमान गुंजाएंगे।
सम के धोरों पर होगा महोत्सव का समापन
सम के रेतीले धोरों पर रविवार रात्रि 8 बजे रिचा शर्मा की सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट का आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। रात्रि 10 बजे सम के धोरों पर ही रंगबिरंगी आतिशबाजी से मरु महोत्सव का समापन होगा। खाभा फोर्ट पर मरु महोत्सव के अन्तर्गत रोजाना शाम 5 से 6 बजे तक पिकॉक साइटिंग पपेट शो का कार्यक्रम होगा।
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मरु महोत्सव - 2020
जिला कलक्टर एवं एसपी तथा अन्य अधिकारियों ने आयोजन स्थलों को देखा,
तैयारियों का लिया जायजा
जैसलमेर, 5 फरवरी/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुप्रसिद्ध पर्यटन कुंभ मरु महोत्सव को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियों पूर्ण की गई हैं। जिला कलक्टर नमित मेहता एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग ने बुधवार को पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं महोत्सव से संबंधित प्रभारियों व सभी संबंधित विशेषज्ञों एवं जानकारों के साथ आयोजन से संबंंधित स्थलों, रूट आदि का अवलोकन किया और विभिन्न प्रबन्धों की विस्तार से जानकारी ली।
जिला कलक्टर ने एक-एक स्थल को देखा, महोत्सव से संबंधित मार्गों का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों से बात की और पूरी गुणवत्ता के साथ सभी तैयारियों करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर एवं एसपी के साथ ही अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विश्नोई, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश, मरु महोत्सव के प्रभारी अघिकारी भारतभूषण गोयल, उपखण्ड अधिकारी दिनेश विश्नोई, अजय अमरावत, तहसीलदारों, विभागीय अधिकारियों, पर्यटन विभाग के उप निदेशक भानुप्रताप एवं सहायक पर्यटन अधिकारी खेेमेन्द्रिंसंह जाम ने अलग-अलग भ्रमण करते हुए सम, दामोदरा रण, कुलधरा, डेडानसर, पोकरण, गड़सीसर, सोनार दुर्ग, खाभा, खुहड़ी आदि विभिन्न क्षेत्रों में महोत्सव से संबंधित आयोजनों की तैयारियों का जायजा लिया।
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मरु महोत्सव -2020
कुलधरा में अबकि बार आकर्षण जगाएगा रंगोली प्रतिस्पर्धा का नवाचार
जैसलमेर, 05 फरवरी/ सुविख्यात  मरु महोत्सव 2020  के अन्तर्गत अंतिम दिन 9 फरवरी, रविवार को कुलधरा गांव में  ग्राम्य जीवन की संस्कृति की झलक का दिग्दर्शन कराने के साथ ही इस बार नवाचार के रूप में बहुरंगी रंगोली प्रतियोगिता को शामिल किया गया है। यह प्रतियोगिता कुलधरा छत्री के पास रविवार को प्रातः 9.30 बजे आरंभ होगी।
जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशानुसार इस प्रतियोगिता में नारी शक्ति द्वारा अपनी सृजनात्मकता और कल्पनाशक्ति को रंगों के माध्यम से उकेरा जाएगा। मेला प्रभारी भारत भूषण गोयल ने बताया कि इस कला दर्शन में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहने वाली महिलाओं और बालिकाओं को क्रमशः 3000, 2000 एवं 1000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही भाग लेने वाले सभी टीमों  को 100 रुपए की राशि का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जावेगा। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
कुलधरा इवेंट के प्रभारी प्रशिक्षु आर.ए.एस विकास मोहन भाटी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी और दल अपना पंजीयन जैसलमेर विकास समिति कार्यालय ,सीमा ग्राम जैसलमेर में 6 फरवरी ,2020 तक करा सकते हैं।
इस बारे में वांछित जानकारी के लिए मोबाईल नम्बर 9414206023 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। इस प्रतियोगिता के लिए समस्त प्रतिभागियों को रंग इत्यादि सामग्री स्वयं अपने स्तर पर लानी होगी और इनको कुलधरा ले लाने तथा वापस की व्यवस्था विकास समिति द्वारा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मरु महोत्सव में इस बार पहले के वर्षों की अपेक्षा और अधिक तथा अभिनव स्पर्धाओं को शामिल किया गया है।

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रविवार, 2 फ़रवरी 2020

जैसलमेर, मरु महोत्सव 6-9 फरवरी 2020 एडीएम ने अधिकारियों के साथ किया आयोजन स्थलों का अवलोकन

 जैसलमेर, मरु महोत्सव  6-9 फरवरी 2020

एडीएम ने अधिकारियों के साथ किया आयोजन स्थलों का अवलोकन


जैसलमेर, 2 फरवरी/ अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विश्नोई ने पर्यटन, प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ रविवार को जिले का दौरा किया और आगामी 6 फरवरी से शुरू हो रहे चार दिवसीय मरु महोत्सव के मद्देनज़र विभिन्न आयोजन स्थलों पर तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया।

इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा, पुलिस उपाधीक्षक श्यामसुन्दर सिंह, पर्यटन उप निदेशक भानुप्रताप, नगर परिषद के सचिव झब्बरसिंह, एसीपी मनोज विश्नोई, खेल विशेषज्ञ लक्ष्मणिंसंह तथा विभागीय अधिकारियों एवं आयोजनों से संबंधित व्यवस्थाओं के प्रभारियों, सहायक प्रभारियों एवं अन्य सहयोगियों के साथ विभिन्न स्थलों का जायजा लिया और व्यापक तैयारियों को समय से पूर्व पूर्ण कर लिए जाने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त कलक्टर ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों व आयोजनों से जुड़े विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों के साथ सोनार दुर्ग, गड़ीसर, शहीद पूनमसिंह स्टेडियम, डेडानसर, दामोदरा रण, सम आदि आयोजन स्थलों को देखा तथा वहाँ मरु महोत्सव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।

खासकर सुरक्षा व्यवस्था, बैठक, पार्किंग, आवागमन, साफ-सफाई तथा आयोजनों से संबंधित हरेक गतिविधि के बारे में बारीकी से मौका देखा और सभी संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि आगामी 6 से 9 फरवरी तक आयोजित हो रहे परंपरागत मरु महोत्सव के लिए इन दिनों जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभाग व्यापक स्तर पर तैयारियों मेंं जुटे हुए हैं और महोत्सव के हर आयोजन को बेहतर एवं यादगार बनाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।

इस बार जैसलमेर शहर, कुलधरा, सम के धोरों, डेडानसर के साथ ही पोकरण, खुहड़ी के धोरों और दामोदरा रण में भी मरु महोत्सव के कार्यक्रम होंगे।

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जैसलमेर, 6 से 9 फरवरी तक जैसलमेर में रहेगी मरु महोत्सव की धूम, परंपरागत उत्सवी आयोजन बिखेंरेंगे आकर्षण, उमड़ेगा देशी-विदेशी सैलानियों का ज्वार

जैसलमेर, 6 से 9 फरवरी तक जैसलमेर में रहेगी मरु महोत्सव की धूम,

परंपरागत उत्सवी आयोजन बिखेंरेंगे आकर्षण,

उमड़ेगा देशी-विदेशी सैलानियों का ज्वार

जैसलमेर, 2 फरवरी/विश्वविख्यात मरु महोत्सव आगामी 6 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर हर स्तर पर व्यापक तैयारियों की जा रही हैं। मरु महोत्सव के अन्तर्गत जिले में विभिन्न स्थानोंं पर 4 दिन तक बहुआयामी मनोहारी आयोजनों की जबर्दस्त धूम रहेगी।

6 फरवरी को पूर्वाह्न में पोकरण में विभिन्न कार्यक्रम

जिला कलक्टर नमित मेहता ने मरु महोत्सव के चार दिवसीय कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन 6 फरवरी, गुरुवार को पोकरण में प्रातः 10 बजे गांधी चौक से शोभायात्रा निकलेगी जो कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर सम्पन्न होगी, जहां प्रातः 11 बजे से मेहन्दी, माण्डना, रंगोली, चित्रकारी प्रतियोगिताएं, कबड्डी मटका दौड़, पुरुष एवं महिला वर्ग में रस्सा कशी तथा लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

शाम को जैसलमेर में विभिन्न आयोजन

6 फरवरी, गुरुवार की शाम 5.30 बजे गडसीसर झील पर दीपदान एवं चित्रकारी प्रतियोगिता,  शाम 6.30 बजे गडीसर लेक से सोनार दुर्ग स्थित श्री लक्ष्मीनाथजी मन्दिर तक हेरिटेज वॉक का कार्यक्रम होगा। इसके उपरान्त शाम 7.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक लेजर शो, लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होेंगी।

7 फरवरी, शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रम

7 फरवरी, शुक्रवार को प्रातः 9 बजे जैसलमेर सोनार दुर्ग से शोभायात्रा निकलेगी और शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंचेंगी जहाँ प्रातः 11 बजे मरु महोत्सव का उद्घाटन होगा। इस दौरान लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके उपरान्त विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें भारतीय एवं विदेशियों में साफा बांधो, मूमल महेन्द्रा, मूँछ, मिस मूमल, मरु श्री, विदेशी पर्यटकों के लिए वेशभूषा की प्रतियोगिताएं तथा, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले का कार्यक्रम निर्धारित है।

शाम 7 से रात्रि 10 बजे तक शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में मशहूर लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूरणचन्द वड़ाली एवं लखविन्दरसिंह वड़ाली द्वारा सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट का कार्यक्रम होगा।

8 फरवरी, शनिवार को डेडानसर में आकर्षक स्पर्धाएं

तीसरे दिन 8 फरवरी, शनिवार को प्रातः 9 बजे डेडानसर में विभिन्न मनोहारी स्पर्धाएं शुरू होंगी। इसमेंं ऊँट श्रृंगार, शान ए मरुधर, रस्साकशी(भारतीय एवं विदेशी महिला पुरुषों के लिए) प्रतियोगिताएं, आर्मी बैण्ड प्रदर्शन, एयरफोर्स द्वारा एयर वारियर ड्रिल शो, केमल पोलो मैच, कबड्डी, महिलाओं के लिए पणिहारी मटका रेस, बीएसएफ द्वारा केमल टेटू शो के कार्यक्रम होंगे।

अपराह्न मेंं खुहड़ी में शुरू होंगे कार्यक्रम

शनिवार अपराह्न 3.30 बजे खुहड़ी में रेत के धोरों पर केमल रेस शो, रस्साकशी, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले एवं अन्य कार्यक्रम होंगे।  शाम 6.30 बजे लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके उपरान्त आतिशबाजी होगी।

अंतिम दिन रविवार को कुलधरा, दामोदरा और सम में होंगे कार्यक्रम

मरु महोत्सव के चौथे और अंतिम दिन 9 फरवरी, रविवार को प्रातः 10 बजे कुलधरा में केटल शो, वाल पेन्टिंग, रंगोली, माण्डना आदि के कार्यक्रम होंगे। इसके उपरान्त दामोदरा रण ने प्रातः 11 बजे श्री लक्ष्मीनाथ होर्स रेस एवं डान्स शो होगा।  इसके बाद सम में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इनें प्रातः 10 से शाम 6 बजे तक सम के धोरों पर काईट फ्लाइंग शो होेगा।

अपराह्न 3 बजे सम में पुरुष ग्रामीणों और विदेशियों के बीच रस्साकशी, केमल डांस, होर्स डांस, ऊँट दौड़, सेण्ड आर्ट डिस्प्ले आदि होंगे। शाम को 6 बजे से लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। शाम 7 से 8 बजे तक सम के धोरों पर ‘‘धोरों की झंकार’’ कार्यक्रम होगा। इसमें 1 हजार लंगा, मांगणियार एवं अन्य लोक कलाकार एक साथ अपनी सामूहिक प्रस्तुति देकर विश्व रिकार्ड बनाएंगे।

रात्रि 8 बजे रिचा शर्मा की सेलिब्रिटी म्यूजिकल नाईट का आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। रात्रि 10 बजे सम के धोरों पर ही रंगबिरंगी आतिशबाजी से मरु महोत्सव का समापन होगा। खाभा फोर्ट पर मरु महोत्सव के अन्तर्गत रोजाना शाम 5 से 6 बजे तक पिकॉक साइटिंग पपेट शो का कार्यक्रम होगा।

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गुरुवार, 13 फ़रवरी 2014

foto...मरु महोत्सव- ''टैटू शो'' के हैरतअंगेज एवं रोमाचंक करतबों ने दर्शकाें को किया रोमांचित
















मरु महोत्सव- ''टैटू शो'' के हैरतअंगेज एवं रोमाचंक करतबों ने दर्शकाें को किया रोमांचित
सीमा प्रहरियों ने पेष किए अनूठे करतब
रेगिस्तान के जहाज ने निभार्इ अपने साथी की दोस्ती
देषी विदेषी सैलानियों को खूब भाया टैटू शो का करतब

दुष्मन को गच्छा देकर सुरक्षित स्थान पर साथी को ले जाने का सजीव प्रदर्षन

जैसलमेर, 24 फरवरी मरु महोत्सव के दूसरे दिन डेडानसर मैदान मे सीमा सुरक्षा बल द्वारा प्रस्तुत किया गया ऊँटों के विभिन्न हैरतअंगेज करतबों वाले ''केमल टैटू शो'' ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के प्रहरियों द्वारा ऊंट के विभिन्न रोमांचकारी करतबों को प्रस्तुत कर मरु भूमि एवं सीमाओं की सुरक्षा में इस मूक पशु रेगिस्तान जहाज ने अपनी महत्ता से अवगत करा दिया।
टैटू शो समारोह में राष्ट्रीय मानवाधिकार केे विषेष रेपोटर अजय कुमार ,महानिरीक्षक पुलिस रैंज जोधपुर सुनीलदत ,, जिला कलक्टर एन.एल.मीना,, उप महानिरीक्षक बीएसएफ अमित लोढ़ा , बी.एस.राजपुरोहित , एयर कमाण्डोर चंद्रमोली सेवा निवृत आर्इ.ए.एस.अजयकुमार सिंह ,,अतिरिक्त जिला कलक्टर मानाराम पटेल ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.सी.यादव ,उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह चारण ,सहायक निदेषक विनोद पंडया के साथ ही आर्मी व बीएसएफ के अधिकारी , मेला व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारीगण एवं भारी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी उपसिथत थे।
सीमा सुरक्षा प्रहरियों का साथ दिया रेगिस्तान जहाज ने
केमल टैंटू शो में उपसेमादेष्टा कमल सिंह चौधरी़ के नेतृत्व में सीमा प्रहरियों का रेगिस्तान के जहाज ऊंट ने सच्चे साथी का साथ निभाने का सचित्र प्रदर्शन कर दर्शकाें को अचमिभत कर दिया।
ऊटाें पर सीमा प्रहरियों द्वारा मार्च पास्ट
कैमल टैंटू शो के अवसर पर विश्व का एक मात्र केमल माउण्टेण्ड बैण्ड एवं इसकी मधुर धुनों पर प्रशिक्षित ऊंटों ने जो करतब दिखाये वे बहुत ही आकर्षित रहे। राजस्थानी गीतो की धुनों पर ''आओ नी पधारो म्हारे देश'' पर ऊंटों की टोली ने आकर्षक मार्चपास्ट किया तथा अतिथियों को सलामी मंच के सामने सलामी देते हुए गुजरे।
बैण्ड मास्टर के नेतृत्व में राजस्थानी लोकगीत की मधुर धुन पर ''ढोला-ढोल मंजीरा बाजे रे'' ''बन्ना रे बागों में झूला झूलया म्हारी बन्नी ने झूलण दीजे गैन गजरा , म्हारे लहरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा ,म्हाने लायो दी नी ं'' ''सागर जानी भरने जाऊ, नजर लग जावे'' ''म्हारी घूमर छै नखराली घूमर रमवा मै ज्यासू'' पर कैमल म्युजिक रार्इट का प्रदर्शन किया।
ऊंटों पर एक्रोबैटस
टैंटू शो में सीमा प्रहरियों ने दौड़ते हुए ऊंट पर सवार खड़ी पोजीशन में सैल्यूट दिया वही दौडते हुए ऊट पर मयूर पोजीशन, मच्छी पोजिशन का अदभूत प्रदर्शन कर दर्शको का मन मोह लिया।
सीमा प्रहरियों द्वारा फोरमेशन प्रदर्शन
केमल टैंटू शों में सीमा प्रहरियों ने छ:-छ: की पंä,ि 12-12 ऊटों की क्रासिंग, डार्इगनल फोरमेशन, शक्कर पारा फोरमेशन करने, चक्रव्यूह लहरिया, चौराहा, पीपल के पत्ते के फोरमेशन की प्रस्तुति ने दर्शकाें को आश्चर्य चकित कर दिया।
ऊटों पर पीटी प्रदर्शन
केमल टैंटू शो में सीमा प्रहरियों ने लेटे हुए ऊटो में पीटी का आकर्षक प्रदर्शन किया।
जोकर एवं पणिहारी प्रस्तुति रही सैन्यक
टैंटू शो में जोकर एवं पणिहारी की प्रस्तुति भी रौचक रही एवं जोकर के करतबों को देखकर दर्शक अपनी हंसी रोक नही सके।
बी.ओ.पी आक्रेस्ट्रा का मनोरंजन प्रदर्शन , सीमा प्रहरियों के मनोरंजन का जीवंत प्रदर्षन
शो में बल के लतीफ खां लंगा एवं उनके साथियों ने घरों में उपयोग में आने वाले जरीकन चायपत्ती के खाली डिब्बे, बाल्टी, थाली, मंगा, पाउडर के खाली डिब्बे, बेलचा, गैती, बैलचा इत्यादि वाध यंत्रों का उपयोग लेते हुए देश भकित गीत ''हम तो सीमा के प्रहरी है, फीदा इस पर हो जायेंगे'' ''ए वतन हमको तरी कसम, तुज पर जान लुटायेगे'', चला-चला रे डलेवर गाडी होले-होले इंजन की सीटी में म्हारो मन डोले , फिल्मी गीत चाहिए थोड़ा प्यास प्रस्तुत कर दर्शकाें की वाहवाही लूटी। पूरा पूनम स्टेडियम इनकी प्रस्तुती पर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन सीमा प्रहरियों ने यह दिखा दिया कि वे किस प्रकार सीमा पर अपना मनोरंजन करते हैं।
ये थे उपसिथत
इस अवसर पर सहायक निदेषक विकास पण्डया, सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्र सिंह जाम, चीमाराम प्रजापत, उपअधीक्षक पुलिस सोहनराम विष्नोर्इ के साथ ही हजारों की संख्या में दर्शकगण, सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी एवं जवानों के साथ ही विदेशी सैलानियो ने भी अपनी उपसिथति दर्ज करार्इ एवं इस हैरत अंगेज रेगिस्तानी जहाज के करतबों को उत्साह के साथ देखा तथा इन कार्यक्रमों को अपने कैमरों में कैद किया। कार्यøम का संचालन आकाषवाणी के उदधोषक जफरखान सिंधी ने बहुत ही सुंदर तरीके से किया जिसकी भी वाहवाही हुर्इ। --000--

foto....मरु महोत्सव का दूसरा दिन रहा रेगिस्तानी जहाज के नाम



मरु महोत्सव का दूसरा दिन रहा रेगिस्तानी जहाज के नाम
पणिहारी मटका रेस एवं देशी-विदेशी सेलानियों की रस्साकस्सी रही आकर्षण का केन्द्र
विदेषी मेहमानों को राजस्थानी संस्कृति से कराया रुबरु
उत्साह से इस लोक संस्कृति में घूल मिल गए विदेषी सैलानी
जैसलमेर ,13 फरवरी। मरु महोत्सव -2014 के कार्यक्रमों की कड़ी में दूसरे दिन गुरुवार को स्वर्ण नगरी जैसलमेर के पास सिथत देदानसर मैदान में रेगिस्तानी जहाज के विभिन्न कार्यक्रम बहुत ही रोचक रहे। इस समारोह में राष्ट्रीय मानवाधिकार केे विषेष रेपोटर अजय कुमार , जिला कलक्टर एन.एल.मीना ,महानिदेषक आर्इटीबी सुभाष गोस्वामी , उप महानिरीक्षक बीएसएफ अमित लोढ़ा , बलवेन्द्रसिंह बाजवा, गोपालसिंह शेखावत , अतिरिक्त जिला कलक्टर मानाराम पटेल ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.सी.यादव ,उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह चारण ,सहायक निदेषक विनोद पंडया के साथ ही आर्मी व बीएसएफ के अधिकारी , मेला व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारीगण एवं भारी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी उपसिथत थे।
पणिहारी मटका रेस ने सभी दर्शकों को किया मोहित
अंग्रेजी मेम ने पाया पहला स्थान
मरु महोत्सव के दूसरे दिन पणिहारी मटका रेस प्रतियोगिता से देशी-विदेशी महिलाएं यहां की पणिहारी पेयजल संस्Ñति से रूबरू हुर्इ। पणिहारी मटका रेस में महिलाओं ने दस मीटर पर रखी र्इढ़ाणी को अपने सिर पर रख कर पानी से भरी हुर्इ मटकी को उठाया एवं आगे के लिये दौड़ लगार्इ। शहरी संस्कृति की महिलाओं के साथ ही विदेशी महिलाए भी इसमें शामिल हुर्इ। जिन विदेषी महिलाओं ने कभी सिर पर मटका रखा ही नहीं उन्होंने भी सिर पर मटका रख कर दौड़ लगा कर दर्षकों को अचमिभत सा कर दिया।
पणिहारी मटका रेस में 22 देषी व विदेषी महिलाओं ने भाग लिया। जिसमें इग्लैण्ड की मिस समथा सबसे पहले सिर पर पानी से भरा हुआ मटका लेकर पहुंची। उसे देख कर हर दर्षक हँसी से खिल उठा। वास्तव में सबसे रौचक इस प्रतियोगिता विदेषी मेम ने कमाल कर दिखाया। इस दौड़ में दूसरे नम्बर पर नागौर की लील राजपुरोहित , तीसरे नम्बर पर बैग्लोर की प्रतिभा विजेता रही।
मटका रेस में दौड़ती हुर्इ महिलाएं जहां पानी से भीग गर्इ वहीं कर्इ महिलाए मटका नहीं उठा सकीं। वहीं कर्इ महिलाओं के मटके उठाने से पहले ही फूट गए। इस पणिहारी रेस को देख कर दर्शकगण अपनी हंसी नहीं रोक सके।
विदेशी मेहमानों ने सात वर्षो से लगातार रस्साकसी में जमाया दबदबा
देदानसर मैदान में आयोजित भारतीय एवं विदेशी पुरुषों तथा महिलाओं की रस्सा-कसी भी बहुत ही रोचक एवं आकर्षण का केन्द्र रही। इस बार दोनों वर्ग की प्रतियोगिताओं में विदेशी मेहमानों ने बाजी मारी।
पुरुष व महिला रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में विदेशी पुरुषों एवं महिलाओं ने अपने दमखम का जोर लगा कर लगातार दोनों राऊण्ड में भारतीय मेजबानों को अपनी और खींच कर विजयश्री हासिल की। विदेशी महिलाएं इस जीत की खुशी से झूम उठी। पवेलियन में रस्साकस्सी से जाने से पहले भी वे रोमांच कर पहुंची एवं उनके उत्साह ने उन्हें विजयश्री का वरण पहनाया। पुरुषों की विदेषी टीम ने लगातार सात वर्ष एवं महिलाओं की विदेषी टीम ने लगातार चार वर्ष से बाजी मार रही हैं। इन रस्साकस्सी में 11-11 भारतीय एवं विदेषी पुरुष एवं महिलाओं ने शारीरिक दमखम का प्रदर्षन किया।
ऊंटों के श्रृंगार से रूबरू हुए दर्शक
मरु महोत्सव में गुरुवार को ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता भी बहुत ही आकर्षण का केन्द्र रही एवं दर्शक ऊँट के श्रृंगार से रूबरू हुए। इस प्रतियोगिता में 7 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऊंंटों को मोरी, गोरबन्ध, कन्ठमाल, लूम, परची, पिलाण, तंग, मोड़, पायल, घूघरा, पूंछ बंधनी इत्यादि श्रृंगारों से ऊंटों को सजाया और उन पर सजे-धजे सवार थे।
ऊंंट श्रृंगार प्रतियोगिता के निर्णायकों ने श्रृंगारित ऊंंट को बारीकी से जांच परख कर सीमा सुरक्षा बल के प्रेमसिंह भाटी का श्रृंगारित ऊँट को प्रथम विजेता रखा। वहीं सुरक्षा बल के ही आरबखां का ऊंट द्वितीय और होटल पैराडार्इज के मीरेखां पतंग ऊंट तृतीय विजेता रहा ।
ऊंट की मंथर चाल से दर्शक हुए अभिभूत
शान-ए-मरूधरा प्रतियोगिता भी रेगिस्तानी जहाज के नाम रही। इसमें 5 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें प्रति प्रतियोगी को मात्र कच्छी-बनियान धारण किए हुए उन्हें निर्धारित 100 मीटर की दूरी तय करनी थी। ऊंट सवार ने निर्धारित दूरी पर रखे जूते पहने अपना टेवटा बांधा तथा कुर्ता पहना एवं उसके बाद साफा बांध कर ऊंट पर गíी एवं पिलाणा जमा कर उसे तंग से बांध कर मंथर चाल से पहुंचा। यह नजारा इतना मनोहारी और हास्यप्रद रहा जिसे देख कर दर्शक हंस-हंस कर लोट-पोट हो गए। इसमें भी सीमा सुरक्षा बल के शरीफखां का ऊंट सबसे पहले पहुंच कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं सीमा सुरक्षा बल के चंदनसिंह का ऊँट द्वितीय एवं जीवराज का ऊँट तृतीय रहा। इस प्रकार यह प्रतियोगिता पूरी सीमा सुरक्षा बल के खाते में गयी।


कैमल पोलो मैच में ऊंटों ने निभाया पूरा साथ, सीमा सुरक्षा बल ने 1-0 से जीता मैच
कैमल पोलो संघ इणिडया के अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राठौड़ के सतत प्रयासों से मरु महोत्सव में आयोजित किया जा रहा कैमल पोलो मैंच अपनी अमिट छाप छोड़ चुका है। कैमल पोलो एसोषियेसन आफ इणिडया एवं सीमा सुरक्षा बल की टीमों के मध्य खेले गए कैमल पोलो मैच में अनबोल पशु ऊंट ने पोलो खिलाडि़यों का पूरा साथ दिया। इस पोलो मैच में सीमा सुरक्षा बल की टीम ने 1 गोल दाग कर विजयश्री हासिल की एवं कैमल पोलो एसोसियेशन की टीम को पराजित किया। ऊंट पर सवार पोलो खिलाडि़यों ने बड़ी स्टीक के सहारे अच्छा प्रदर्शन किया। बी.एस.एफ. की टीम के कप्तान चंदनसिंह ,कैमल पोलो संघ के कप्तान चैनाराम के नेतृत्व में यह मैंच अच्छा रहा। महानिदेषक आर्इटीबीपी सुभाष गोस्वामी ,जिला कलक्टर एन.एल.मीना एवं डी.आर्इ.जी बीएसएफ अमित लोढ़ा ने खिलाडि़यों का परिचय प्राप्त किया एवं विधिवत खेलने की इजाजत दी।
कैमल रेस ने सभी दर्षकों को गुदगुदाया
देदानसर मैदान में आयोजित हुर्इ कैमल रेस भी काफी आकर्षक रही। इसमें कर्इ ऊँट बीच में ही विपरीत दिषा में चले गए तो कर्इ ऊँट सवार से भी नहीं संम्भल पाए। बिना ब्रेक के इस रेगिस्तानी जहाज की दौड़ ने दर्षकों की हंसी रोक नहीं सकी। पूरा पवेलियन इस दौड़ के मनोहारी दृष्य को देख कर प्रफ्फूलित हो उठे।
यह कैमल रेस दो हीट में आयोजित की गर्इ जिसमें पहले हीट में 6 ऊँटों की एवं दूसरे हीट में 5 ऊँटों की 150 मीटर की दौड़ हुर्इ जिसमें तीन स्थानों पर दौड़ के विजेताओं की अंतिम हीट आयोजित की गर्इ। जिसमें रायल सफारी के अमीनखां का ऊँट प्रथम , बीएसएफ के चंदनसिंह का ऊंट द्वितीय व उस्मानखां का ऊंट तृतीय विजेता रहा।
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प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया पुरस्Ñत
विजेता-उप विजेता टीमों को शील्ड प्रदान की
जैसलमेर,13 फरवरी। मरु महोत्सव के दूसरे दिवस गुरुवार को देदानसर मैदान में आयोजित हुर्इ विविध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महानिदेषक आर्इटीबीपी सुभाष गोस्वामी , जिला कलक्टर एन.एल.मीना , डी.आर्इ.जी. बीएसएफ अमित लोढ़ा, समाजसेवी कवंराजसिंह चौहान , ऊंट श्रृंगार ,षान-ए-मरुधरा प्रतियोगिता के प्रथम ,द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को क्रमष: 5000 , 3000 एवं 2000 रुपए के नकद पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया। इसी प्रकार रस्साकस्सी प्रतियोगिता के विजेता विदेषी पुरुष एवं महिला टीम को महानिदेषक आर्इटीबीपी सुभाष गोस्वामी ,डीआर्इजी बीएसएफ गोपालसिंह शेखावत , बलवेन्द्रसिंह बाजवा ने 3 -3 हजार रुपए का नकद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र दिए।
इसी प्रकार पणिहारी मटका रेस में प्रथम ,द्वितीय एवं तृतीय विजेता को श्रीेमती गोस्वामी , श्रीमती सुनीलदत एवं श्रीमती अमित लोढ़ा ने क्रमष: 3000 , 2000 एवं 1000 रुपए का नकद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किये।
कैमल पोलो मैंच की विजेता टीम सीमा सुरक्षा बल के कप्तान चंदनसिंह को षिल्ड एवं 8000 रुपए नकद व उप विजेता टीम के कप्तान चेतनराम को रनरअप षिल्ड व 5000 रुपए का नकद पुरस्कार महानिदेषक आर्इटीबीपी सुभाष गोस्वामी , डी.आर्इ.जी. बीएसएफ अमित लोढ़ा ,समाजसेवी दषरथ केला व कैमल पोलो संघ के अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राठौड़ ने प्रदान किए। इसी प्रकार कैमल रेस के पुरस्कार राष्ट्रीय मानवाधिकार के विषेष रेपोटर अजय कुमार , सेवा निवृत आर्इ.ए.एस. अजय कुमार सिंह व जिला कलक्टर मीना ने प्रथम विजेता रायल सफारी के अमीनखां को 8000 रुपए , द्वितीय विजेता बी.एस.एफ के चंदनसिंह को 5000 रुपए एवं उस्मानखां को 2000 रुपए नकद एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

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निर्णायकों ने निभार्इ महत्ती भूमिका
जैसलमेर , 13 फरवरी मरु महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को देदानसर मैदान में आयोजित हुर्इ विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायकों ने अपनी महत्ती भूमिका निभार्इ एवं उन्होंने अच्छा निर्णय देकर पूरे कार्यक्रम में पारदर्षिता को बरकरार रखा।
ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता में कैमल पोलो संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राठौड़ ,उप अधीक्षक पुलिस सोहनराम विष्नोर्इ ,कर्नल अहलुवालिया , श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष उपेन्द्रसिंह राठौड़ ने , शान-ए-मरुधरा प्रतियोगिता में बीएसएफ के कमाडेंट रतन बगडि़या , कर्नल गंगोपाध्याय , तहसीलदार पीताम्बर राठी , गोल्डन हवेली के गाजी खां ,आर्इ लव जैसलमेर के मनीष गज्जा ने निर्णायक की भूमिका निभार्इ।
आर्इ लव जैसलमेर एवं ट्रायो एवं रायल डेजर्ट सफारी रहे प्रायोजक
देदानसर मैदान में आयोजित हुर्इ विविध प्रतियोगिताओं में आर्इ लव जैसलमेर , ट्रायो रेस्टोरेंट एवं रायल डेजर्ट सफारी ने प्रायोजक की भूमिका निभार्इ। इसमें जितेन्द्र सिंंह राठौड़ का सराहनीय सहयोग रहा।
खेल अधिकारी की टीम ने निभार्इ अच्छी भूमिका
देदानसर मैदान में आयोजित हुर्इ विविध प्रतियोगिताओं मे खेल अधिकारी लक्ष्मणसिंह तंवर के साथ ही शारीरिक षिक्षकों की टीम ने अपनी महत्ती भूमिका निभार्इ एवं पूरा सहयोग प्रदान किया।
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जिला कलक्टर ने राठौड़ की लिखी पुस्तकों का किया विमोचन
जैसलमेर , 13 फरवरी श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष उपेन्द्रसिंह राठौड़ द्वारा लिखित पुस्तक आओ चले जैसलमेर एवं अंग्रेजी में लिखी पुस्तक जैसलमेर काल का जिला कलक्टर एन.एल.मीना ने समारोह के दौरान इसका विमोचन किया।
उपेन्द्रसिंह द्वारा लिखित इन हिन्दी एवं अंग्रेजी पुस्तकों में जैसलमेर की संस्कृति से संबंधित आलेख प्रकाषित किये गए हैं। जिला कलक्टर ने पुस्तक लेखन पर राठौड़ को बधार्इ दी एवं कहा कि यह पुस्तक जैसलमेर आने वाले सैलानियों के लिए सन्दर्भ का काम करेगी।
अतिथियों को विजय बल्लाणी ने उनके द्वारा रचित कलैण्डर भेंट किए
समारोह में मरुश्री-2013 एवं जैसलमेर के रंगकर्मी विजय बल्लाणी द्वारा तैयार किए गए रंगीन कैलेण्डर -2014 को उन्होंने महानिदेषक आर्इटीबीपी सुभाष गोस्वामी , जिला कलक्टर एन.एल.मीना , डी.आर्इ.जी. बीएसएफ अमित लोढ़ा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेषल रेपोटर अजय कुमार को भेंट किए। इस कलैण्डर में पर्यटन विभाग के आयोजित होने वाले मेलों की पूरी जानकारी प्रदान की गर्इ है।
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तीन दिवसीय मरु महोत्सव का समापन शुक्रवार को,
कुलधरा का ग्राम्य लोक जीवन और सम के रेतीले धोरों पर उमड़ेगा पर्यटन ज्वार
जैसलमेर, 13 फरवरीविश्वविख्यात मरु महोत्सव के तीसरे दिन देशी-विदेशी सैलानियों के लिए कुलधरा और सम आकर्षण का केन्द्र होंगे। जैसलमेर आए पर्यटक शुक्रवार -14 फरवरी को दिन में जहां सत्रह किलोमीटर दूर कुलधरा में ग्राम्य संस्Ñति के पुरातन बिम्बों से साक्षात्कार करेंगे वहीं माघ पूनम की सांझ जैसलमेर से 45 किलोमीटर दूर सम के लहरदार रेतीले मखमली धोरों के नाम होगी जहांं देश-विदेश में मशहूर लोक कलाकार अपनी प्रसिद्ध कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। सम के धौरों पर अपरान्ह 3 बजे से 6 बजे तक पतंगबाजों द्वारा रंगबिरंगी पतंगों की उड़ान कर सकेगें। साँस्Ñतिक संध्या के बाद शानदार आतिशबाजी के साथ ही तीन दिवसीय मरु महोत्सव सम्पन्न हो जाएगा।
कुलधरा में ग्राम्य लोक सँस्Ñति से होगा साक्षात
तीन दिवसीय मरु महोत्सव के अंतिम दिन 14 फरवरी, शुक्रवार को प्रात: 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक देशी-विदेशी मेहमान कुलधरा में ग्रामीण लोक संस्Ñति के विविध बिम्बों का दिग्दर्शन कर सकेंगे।
सम के मखमली धोरों पर उमड़ेगा लोक संस्Ñति का ज्वार
तीन दिवसीय मरु महोत्सव तीसरे व अनितम दिन 14फरवरी, शुक्रवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर सम में मखमली रेतीले धोरों पर मरु महोत्सव का आनंद पाने आए देशी-विदेशी सैलानी सूर्यास्त के मनोहारी बिम्बों को देखने का लुत्फ उठा सकेंगे।
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मरु महोत्सव में इन्होंने दिया सहयोग
जैसलमेर ,13 फरवरी देदानसर मैदान में गुरुवार को दूसरे दिवस आयोजित मरु महोत्सव के कार्यक्रमों को सफल बनाने में अधिकारियों के साथ ही आर्इ लव जैसलमेर के कार्यकर्ताओं ने भरपूर सहयोग दिया।
इन कार्यक्रमों में खेल अधिकारी लक्ष्मणसिंह तंवर , सहायक निदेषक पर्यटक स्वागत केन्द्र विकास पंडया , सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्रसिंह जाम , पुलिस उप अधीक्षक सोहनराम विष्नोर्इ , कोतवाल वेद प्रकाष शर्मा , यातायात पुलिस कर्मियों ने पूरा सहयोग दिया।
आयोजित समारोह में उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्र सिंह चारण ,, तहसीलदार पीताम्बर राठी , आयुक्त नगरपरिषद ताराचंद गौंसार्इ , आर्इ लव जैसलमेर के देवेन्द्रसिंह , सहायक पर्यटन अधिकारी चीमाराम प्रजापत ,मरुश्री -2013 विजय बल्लाणी , ने भी सराहनीय सहयोग देकर इस मेले को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका अदा की।

foto..मरु महोत्सव- ''टैटू शो'' के हैरतअंगेज एवं रोमाचंक करतबों ने दर्शकाें को किया रोमांचित

















मरु महोत्सव- ''टैटू शो'' के हैरतअंगेज एवं रोमाचंक करतबों ने दर्शकाें को किया रोमांचित

सीमा प्रहरियों ने पेष किए अनूठे करतब

रेगिस्तान के जहाज ने निभार्इ अपने साथी की दोस्ती

देषी विदेषी सैलानियों को खूब भाया टैटू शो का करतब

दुष्मन को गच्छा देकर सुरक्षित स्थान पर साथी को ले जाने का सजीव प्रदर्षन


जैसलमेर, 24 फरवरी मरु महोत्सव के दूसरे दिन डेडानसर मैदान मे सीमा सुरक्षा बल द्वारा प्रस्तुत किया गया ऊँटों के विभिन्न हैरतअंगेज करतबों वाले ''केमल टैटू शो'' ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के प्रहरियों द्वारा ऊंट के विभिन्न रोमांचकारी करतबों को प्रस्तुत कर मरु भूमि एवं सीमाओं की सुरक्षा में इस मूक पशु रेगिस्तान जहाज ने अपनी महत्ता से अवगत करा दिया।

टैटू शो समारोह में राष्ट्रीय मानवाधिकार केे विषेष रेपोटर अजय कुमार ,महानिरीक्षक पुलिस रैंज जोधपुर सुनीलदत ,, जिला कलक्टर एन.एल.मीना,, उप महानिरीक्षक बीएसएफ अमित लोढ़ा , बी.एस.राजपुरोहित , एयर कमाण्डोर चंद्रमोली सेवा निवृत आर्इ.ए.एस.अजयकुमार सिंह ,,अतिरिक्त जिला कलक्टर मानाराम पटेल ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.सी.यादव ,उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह चारण ,सहायक निदेषक विनोद पंडया के साथ ही आर्मी व बीएसएफ के अधिकारी , मेला व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारीगण एवं भारी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी उपसिथत थे।

सीमा सुरक्षा प्रहरियों का साथ दिया रेगिस्तान जहाज ने

केमल टैंटू शो में उपसेमादेष्टा कुलदीप सिंह चौधरी़ के नेतृत्व में सीमा प्रहरियों का रेगिस्तान के जहाज ऊंट ने सच्चे साथी का साथ निभाने का सचित्र प्रदर्शन कर दर्शकाें को अचमिभत कर दिया।

ऊटाें पर सीमा प्रहरियों द्वारा मार्च पास्ट

कैमल टैंटू शो के अवसर पर विश्व का एक मात्र केमल माउण्टेण्ड बैण्ड एवं इसकी मधुर धुनों पर प्रशिक्षित ऊंटों ने जो करतब दिखाये वे बहुत ही आकर्षित रहे। राजस्थानी गीतो की धुनों पर ''आओ नी पधारो म्हारे देश'' पर ऊंटों की टोली ने आकर्षक मार्चपास्ट किया तथा अतिथियों को सलामी मंच के सामने सलामी देते हुए गुजरे।

बैण्ड मास्टर के नेतृत्व में राजस्थानी लोकगीत की मधुर धुन पर ''ढोला-ढोल मंजीरा बाजे रे'' ''बन्ना रे बागों में झूला झूलया म्हारी बन्नी ने झूलण दीजे गैन गजरा , म्हारे लहरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा ,म्हाने लायो दी नी ं'' ''सागर जानी भरने जाऊ, नजर लग जावे'' ''म्हारी घूमर छै नखराली घूमर रमवा मै ज्यासू'' पर कैमल म्युजिक रार्इट का प्रदर्शन किया।

ऊंटों पर एक्रोबैटस

टैंटू शो में सीमा प्रहरियों ने दौड़ते हुए ऊंट पर सवार खड़ी पोजीशन में सैल्यूट दिया वही दौडते हुए ऊट पर मयूर पोजीशन, मच्छी पोजिशन का अदभूत प्रदर्शन कर दर्शको का मन मोह लिया।

सीमा प्रहरियों द्वारा फोरमेशन प्रदर्शन

केमल टैंटू शों में सीमा प्रहरियों ने छ:-छ: की पंä,ि 12-12 ऊटों की क्रासिंग, डार्इगनल फोरमेशन, शक्कर पारा फोरमेशन करने, चक्रव्यूह लहरिया, चौराहा, पीपल के पत्ते के फोरमेशन की प्रस्तुति ने दर्शकाें को आश्चर्य चकित कर दिया।

ऊटों पर पीटी प्रदर्शन

केमल टैंटू शो में सीमा प्रहरियों ने लेटे हुए ऊटो में पीटी का आकर्षक प्रदर्शन किया।

जोकर एवं पणिहारी प्रस्तुति रही सैन्यक

टैंटू शो में जोकर एवं पणिहारी की प्रस्तुति भी रौचक रही एवं जोकर के करतबों को देखकर दर्शक अपनी हंसी रोक नही सके।

बी.ओ.पी आक्रेस्ट्रा का मनोरंजन प्रदर्शन , सीमा प्रहरियों के मनोरंजन का जीवंत प्रदर्षन

शो में बल के लतीफ खां लंगा एवं उनके साथियों ने घरों में उपयोग में आने वाले जरीकन चायपत्ती के खाली डिब्बे, बाल्टी, थाली, मंगा, पाउडर के खाली डिब्बे, बेलचा, गैती, बैलचा इत्यादि वाध यंत्रों का उपयोग लेते हुए देश भकित गीत ''हम तो सीमा के प्रहरी है, फीदा इस पर हो जायेंगे'' ''ए वतन हमको तरी कसम, तुज पर जान लुटायेगे'', चला-चला रे डलेवर गाडी होले-होले इंजन की सीटी में म्हारो मन डोले , फिल्मी गीत चाहिए थोड़ा प्यास प्रस्तुत कर दर्शकाें की वाहवाही लूटी। पूरा पूनम स्टेडियम इनकी प्रस्तुती पर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन सीमा प्रहरियों ने यह दिखा दिया कि वे किस प्रकार सीमा पर अपना मनोरंजन करते हैं।

ये थे उपसिथत

इस अवसर पर सहायक निदेषक विकास पण्डया, सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्र सिंह जाम, चीमाराम प्रजापत, उपअधीक्षक पुलिस सोहनराम विष्नोर्इ के साथ ही हजारों की संख्या में दर्शकगण, सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी एवं जवानों के साथ ही विदेशी सैलानियो ने भी अपनी उपसिथति दर्ज करार्इ एवं इस हैरत अंगेज रेगिस्तानी जहाज के करतबों को उत्साह के साथ देखा तथा इन कार्यक्रमों को अपने कैमरों में कैद किया। कार्यøम का संचालन आकाषवाणी के उदधोषक जफरखान सिंधी ने बहुत ही सुंदर तरीके से किया जिसकी भी वाहवाही हुर्इ। --000--

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

जैसलमेर मरु महोत्सव 12 से 14 फरवरी तक

मरु महोत्सव 12 से 14 फरवरी तक

पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने शुरू की तैयारियां


जैसलमेर देश-दुनिया में मशहूर जैसलमेर का परंपरागत मरु महोत्सव 2014 आगामी 12 से 14 फरवरी तक धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर पर्यटन विभाग और जैसलमेर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां आरंभ कर दी गई है। इस बार यह महोत्सव नए रंगों और अभिनव आकर्षक कार्यक्रमों के साथ नयापन लिए हुए होगा और देशी-विदेशी हजारों सैलानियों को भरपूर मनोरंजन का सुकून देगा।
मरु महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर एनएल मीना की अध्यक्षता में गुरुवार को जैसलमेर जिला कलेक्ट्री सभाकक्ष में आयोजित बैठक में इससे संबंधित सभी कार्यक्रमों, तैयारियों आदि पर चर्चा की गई और विभिन्न प्रायोजकों, विभागों तथा पर्यटन विकास के क्षेत्रों से जुड़े लोगों को दायित्व सौंपे गए। बैठक में एडीएम माना राम पटेल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटल्स के प्रतिनिधियों, पर्यटन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों आदि ने हिस्सा लिया।

नए कार्यक्रमों के साथ मनाएं महोत्सव

कलेक्टर एनएल मीना ने मरु महोत्सव को नवीन आकर्षणों के साथ भव्य एवं व्यापक ढंग से आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस बात का हरसंभव प्रयास किया जाए कि जो भी महोत्सव में आए, उसे भरपूर आनंद और आत्मसंतोष मिले तथा मीठी और अविस्मरणीय यादों के साथ लौटे।

मरु महोत्सव का आगाज सोनार दुर्ग से
बैठक में बताया गया कि मरु महोत्सव का शुभारंभ 12 फरवरी को सोनार दुर्ग में शोभायात्रा से होगा तथा 12 एवं 13 फरवरी के कार्यक्रम शहीद पूनम सिंह स्टेडियम एवं डेडांसर मैदान में होंगे एवं मरु महोत्सव का समापन 14 फरवरी को सम के मखमली धोरों पर होगा। इस बार साफा बांध, मूमल महिन्द्रा, मूंछ, मिस मूमल, मरुश्री, ऊंट शृंगार, शान ए मरुधरा, रस्साकशी, पणिहारी मटका आदि प्रतिस्पर्धाएं होंगी। इन सभी प्रतिस्पर्धाओं के बीच-बीच में आकर्षक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समावेश भी होगा। इसी प्रकार मरु महोत्सव के अंतिम दिन कुलधरा एवं खाभा में भ्रमण के साथ ही सम में रेतीले धोरों पर ऊंट दौड़ प्रतियोगिताएं होंगी। इनके बाद सम के धोरों पर ही सायंकालीन लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आतिशबाजी होगी।

क्राफ्ट मेला भी लगेगा

बैठक में जानकारी दी गई कि पूनम सिंह स्टेडियम में जिला उद्योग केन्द्र की ओर से क्राफ्ट मेले का आयोजन होगा। इसी प्रकार इस अवधि में जैसलमेर शहर के विभिन्न पर्यटन स्थलों तथा कुलधरा में लोक कलाकारों का प्रदर्शन भी होगा। विभिन्न स्पर्धाओं के लिए प्रायोजक तय करने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक विनोद पण्ड्या ने मरु महोत्सव के लिए पर्यटन विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दी और बताया कि इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा भी जोर शोर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है एवं व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।