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मंगलवार, 30 जनवरी 2018

मरु महोत्सव के दूसरे दिन रहा बीएसएफ जवानों का रोमांच पणिहारी दौड व रस्साकषी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में देशी-विदेशी सेलानियों ने लिया भाग





मरु महोत्सव के दूसरे दिन रहा बीएसएफ जवानों का रोमांच

पणिहारी दौड व रस्साकषी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में

देशी-विदेशी सेलानियों ने लिया भाग

जैसलमेर, 30 जनवरी। जग विख्यात मरु महोत्सव - 2018 के कार्यक्रमों की कड़ी में दूसरे दिन मंगलवार को स्वर्ण नगरी जैसलमेर के पास स्थित डेडानसर मैदान में सीमा सुरक्षा बल के जवानों की प्रस्तुतियों ने देषी विदेषी सैलानियों को रोमांचित सा कर दिया। वहीं बल के ऊंटों के हैरतंअगेज कारनामें दिखा कर दर्षकों को अचरज में डाल दिया। वहीं ऊंट श्रंगार, शान-ए-मरुधर, पणिहारी दौड़, कबड्डी, रस्साकषी व कैमल पोलो, महिला एवं पुरूष दंगल जैसी प्रतियोगिताओं सहित भारतीय वायुसेना के जाबांजो द्वारा प्रस्तुत की गई एयर वाॅरियर ड्रिल ने देषी विदेषी मेहमानों को रोमांचित सा कर दिया। दूसरे दिन के कार्यक्रम में जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना, पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ,सीमा सुरक्षा बल के उप महा निरीक्षक अनिल लोढा, नरेष कुमार के आतिथ्य में प्रषासनिक, सीमा सुरक्षा बल, वायु सेना के अधिकारी सहित हजारों की संख्या में देषी-विदेषी सैलानी मौजूद थे।

पणिहारियां मटका रेस ने सभी को हंसाया

महोत्सव के दूसरे दिन पणिहारी मटका रेस प्रतियोगिता में देशी-विदेशी महिलाओं ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों ने दस मीटर पर रखी ईढ़ाणी को अपने सिर पर रखकर उसके 10 मीटर फासलें पर भरा हुआ पानी का मटका अपने सिर पर रखा एवं वहां से 30 मीटर दौडती हुई अपने निर्धारित स्थल पर पहुंची। इस प्रतियोगिता में 20 प्रतिभागियों महिलाएं ने भाग लिया जिसमें 8 विदेषी महिला थी। जिन्होंनें कभी पणिहारी के रूप में इस प्रकार घडे में पानी लाई हों जब महिलाओं ने अपने सिर पर घडा रखा तो कई तो सही ढंग से रख नहीं पाई लेकिन उसमें लंदन की एलानोर ने अपने सिर पर घडा रखकर सही तरीके से गंतव्य स्थल तक पंहुची इस दृष्य को देख सभी लोग हंसी से खील उठें। इस प्रतियोगिता में जैसलमेर की विजयलक्ष्मी विष्नोई प्रथम, लंदन की एलानोर द्वितीय एवं मदासर की रेखा विष्नोई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरूष- महिला दंगल का आयोजन

मरू महोत्सव के पहली बार पुरूष व दूसरी बार महिला दंगल (कुष्ती) का आयोजन हुआ। इस महिला व पुरूष दंगल में टीम के प्रषिक्षक भरतपुर के लाला पहलवान के निर्देषन में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुष्ती के बालक-बालिका खिलाडियों ने भाग लिया। जिसमें प्रथम 50 कि.ग्रा. मिडल वेट की कुष्ती जैसलमेर के जगमाल व मथुरा के आकाष के मध्य हुई जिसमें जैसलमेर का जगमाल विजेता रहा व मथुरा का आकाष उप विजेता रहा। वहीं 65 कि.ग्रा. हेवीवेट की कुष्ती मथुरा के धमेन्द्र व भरतपुर के विष्णु चाहर के मध्य हुई जिसमें मथुरा के धमेन्द्र व भरतपुर के विष्णु चाहर उप विजेता रहें। इसके साथ ही बालिकाओं में भी 60 कि.ग्रा. मिडल वेट में जयपुर के दर्षना व भरतपुर की रष्मि के मध्य कुष्ती का मुकाबला हुआ जिसमें दर्षना ने दमखम का प्रदर्षन करते हुए विजेता रही वहीं रष्मि उप विजेता रही। इसी प्रकार हेवीवेट में भरतपुर की भूमिका कुंतल व जयपुर की दर्षना के मध्य कुष्ती दंगल हुआ जिसमें जयपुर की दर्षना ने शानदार प्रदर्षन कर विजेता हासिल की वहीं भरतपुर की भूमिका कंुतल उप विजेता रही।

पहली बार कब्बडी प्रतियोगिता का आयोजन

मरू महोत्सव में पहली बार प्राचीन एवं परंपरागत खेल कब्बडी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। यह प्रतियोगिता पुलिस एवं सीमा सुरक्षा बल की टीमों के मध्य हुई जिसमें पुलिस की टीम ने शानदार प्रस्तुती की। पुलिस की टीम विजेता रहीं एवं सीमा सुरक्षा बल की टीम उप विजेता रही। पुलिस की टीम ने 27 अंक एवं सीमा सुरक्षा बल की टीम ने 9 अंक अर्जित किए।

रस्साकस्सी में जीते विदेशी मेहमान

डेडानसर मैदान में आयोजित भारतीय एवं विदेशी पुरुषों तथा महिलाओं की रस्साकस्सी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया वहीं दर्षकों ने भी प्रतियोगिता का लुत्फ उठाया। सभी श्रेणी की प्रतियोगिताओं में 11-11 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। महिला की दोनो प्रतियोगिता में रस्साकषी में लगातार दोनों ही राउण्ड में विदेषी टीम विजेता रही। यहीं नहीं महिला रस्साकषी में तो मरू मेले में नवीं बार विदेषी महिलाएं विजेता होती आ रही है। पुरूष रस्साकस्सी प्रतियोगिता में देषी एवं विदेषी ने प्रथम राउण्ड में पूरा दमखम लगाया एवं दोनों टीमें बराबर रहीं लेकिन दूसरे व तीसरे राउण्ड में विदेषी टीम ने पूरी जोष के साथ अपनी और रस्सा खींचकर विजेता टीम रहीं।

सज-धज कर आए ऊंटः-

मरु महोत्सव में ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता भी बहुत ही आकर्षण का केन्द्र रही। इस प्रतियोगिता में सजे धजे ऊंटों को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे। इस प्रतियोगिता में आठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऊंटों को मोरी, गोरबन्ध, कन्ठमाल, लूम, परची, पिलाण, तंग, मोड़, पायल, घूघरा, पूंछ बंधनी इत्यादि से श्रृंगारित किया गया।

ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता के निर्णायकों ने श्रृंगारित ऊंटों को बारीकी से जांचा परखा। इसमे कान्हू चारण को श्रंगारित उंट प्रथम स्थान पर रहा वहीं भोमाराम का श्रंगारित उंट द्वितीय तथा गिरधरराम का श्रंगारित उंट तृतीय स्थान पर रहा।

ऊंट की मंथर चाल से दर्शक हुए अभिभूत

ऊंटों की मंथर चाल की शान-ए-मरूधरा प्रतियोगिता में ऊंटों ने अपने करतब से दर्षकों को खासा रिझाया। इसमें पांच प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें प्रति प्रतियोगी को मात्र कच्छी-बनियान धारण किए हुए उन्हें निर्धारित 100 मीटर की दूरी तय करनी थी। ऊंट सवार ने निर्धारित दूरी पर रखे जूते पहने अपना टेवटा बांधा तथा कुर्ता पहना एवं उसके बाद साफा बांध कर ऊंट पर गद्दी एवं पिलाणा जमा कर उसे तंग से बांध कर मंथर चाल से पहुॅंचा। यह नजारा मनोहारी व हास्यप्रद तथा दर्षकों को खूब हंसाया। इस प्रतियोगिता मे गोरधनराम ने बाजी मारकर प्रथम स्थान अर्जित किया वहीं दीनसिंह दूसरे स्थान पर तथा रतनलाल सारण व सुरेन्द्रसिंह तीसरे स्थान पर रहे।

कैमल पोलो मैच में ऊंटों ने निभाया पूरा साथ, कैमल पोलो संघ की टीम रही विजेता

भारतीय कैमल पोलों संघ के अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह के निर्देषन में मेले में कैमल पोलो का मैच कैमल पोलो एसोसिएषन आॅफ इंडिया और सीमा सुरक्षा बल की टीम के बीच हुआ। इस प्रतियोगिता में ऊंटों पर सवार पोलो खिलाडी एवं उनके उंट का सामंजस्य हांस्यप्रद रहा। खेल की शुरूआत में ही कैमल पोलो एसोसिएषन की टीम ने लगातार तीन गोल दाग कर बढ़त बना ली। बढ़त बरकरार रखते हुए कैमल पोलो एसोसिएषन की टीम ने 3-0 से जीत दर्ज की एवं सीमा सुरक्षा बल की टीम को पराजित किया।

वायुसेना के जांबाजो की एयर वाॅरियर ड्रिल ने खड़े किए रोंगटे

स्काइड्रंन लीडर डी.के.एस चैहान के मार्गदर्षन में डेडानसर मैदान में भारतीय वायु सेना के जांबाजो ने रोमांचक एवं रोंगटे खडे करने वाली ‘एयर वाॅरियर ड्रिल’ की शानदार प्रस्तुति दी। वाॅरियर ड्रिल में राइफल करतबों को विभिन्न तरीकों से प्रस्तुत किया गया। कदम से कदम मिलाते हुए इन वायु सेना के जाबाजो ने इनक्लाइंग रूपरेखा, 4 चैकोर समूह, जिग जैग रूपरेखा एवं अपने हाथों से राइफल को उछाल कर पुनः प्राप्त करना, राइफल को चलाते हुए बीच में से निकलने जैसे करतबों को पेष कर दर्षको के रौंगटे खडे करा दिए। करतब इतने रोमांचक थे कि डेडानसर मैदान में बैठे हर मेहमान की नजर मैदान की तरफ उन जांबाजांे के साहसिक करतबों पर टिकी रही। सार्जेन्ट एल.ए.सी. संदीप विरदा के निर्देषन में तैयार की गई एयर वाॅरियर ड्रील टीम की प्रस्तुती रोमांचक रही।

सीमा सुरक्षा प्रहरियों का साथ दिया रेगिस्तान के जहाज ने

डेडानसर मैदान मे सीमा सुरक्षा बल द्वारा प्रस्तुत किये गये ऊटों के विभिन्न हैरतअंगेज करतबों वाले ‘‘कैमल टैटू शो‘‘ ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के प्रहरियों द्वारा ऊंट के विभिन्न रोमांचकारी करतबों को प्रस्तुत कर मरु भूमि एवं सीमाओं की सुरक्षा में इस मूक पशु रेगिस्तान जहाज ने अपनी महत्ता से अवगत करा दिया। सीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप चैधरी के नेतृत्व में उंटो पर सजे धजे सीमा प्रहरियों ने गौरवपूर्व प्रदर्षन किया। टैटू शो के दौरान सीमा चैकसी पर उपजने वाली परिस्थितियों को प्रदर्षित किया गया। प्रषिक्षित ऊंटो ने दुनिया का आठवां अजूबा माने जाने वाले दुनिया के एक मात्र कैमल-माउंटेड बैण्ड की लोक गीतों की धुनो पर नृत्य भी पेष किया। बैण्ड मास्टर सब इंसपेक्टर बोधराज की अगुआई में राजस्थान गीतों की मधुर धुने प्रस्तुत की गई। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ऊंटों के साथ एक्रोबेट तथा पीटी का शानदार प्रदर्षन भी किया। सीमा प्रहरियों ने प्रषिक्षित ऊंटों पर सवार होकर क्राॅसिंग, त्रिकोणीय संरचना, शक्करपारा संरचना, चक्रव्यूह, लहरिया, चैराहा तथा पीपल के पत्ते की संरचना बना कर दर्षकों को अचम्भित सा कर दिया। डेडानसर मैदान में इस दौरान सीमा सुरक्षा बल के हैड कांस्टेबल लतीफ खां लंगा एवं उनके साथियों ने बल के कैम्पों में पायी जाने वाली दैनिक उपयोग की वस्तुओं से बैण्ड की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘‘हम तो सीमा के प्रहरी है, फीदा इस पर हो जायेंगे‘‘ गाना प्रस्तुत कर देष भक्ति की भावना प्रस्तुत की। वहीं इस कार्यक्रम में पणिहारी एवं जोकर का रोल बहुत ही हास्यप्रद रहा।

इस समारोह के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेष्वरलाल मीना, सचिव यूआईटी अषोक कुमार आसेजा, उपखंड अधिकारी हंसमुख कुमार, उप अधीक्षक पुलिस मांगीलाल, तहसीलदार वीरेन्द्रसिंह, उप निदेषक भानुप्रताप, सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्रसिंह जाम, आयुक्त नगरपरिषद झब्बरसिंह चैहान, खेल अधिकारी लक्ष्मण ंिसह तंवर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन आकाषवाणी के वरिष्ठ उदघोषक जफरखां सिंधी ने खनखनाती जोषीले आवाज में की वहीं बीच-बीच में शेरों शायरी पेष कर कार्यक्रम में शमा बांधी वहीं विदेषी मेहमानों को उंटों के करतबों के साथ ही अन्य कार्यक्रमों की अंग्रेजी की जानकारी गुलनाज ने दी। इस दौरान समाजसेवी हिम्मताराम चैधरी, कंवराज सिंह चैहान, अरूण पुरोहित, सवाईसिंह के साथ ही नगर पार्षदगण व जनप्रतिनिधि उपस्थित थें। भारतीय कैमल पोलो संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्रसिंह राठौड ने इस कार्यक्रम में सराहनीय सहयोग दिया।

कार्यक्रम के दौरान देषी विदेषी पर्यटकों में काफी उत्साह दिखाई दिया एवं उन्होंनें हर कार्यक्रम कें रूचि के साथ हिस्सा लिया वहीं इन मेहमानों ने हर कार्यक्रम को अपने कैमरों में कैद किया एवं विडियोंग्राफी की ताकी वे इन यादों को अपने वतन में देख सके।

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विजेताओं को स्मृति चिन्ह् प्रदान कर किया सम्मानित

जैसलमेर, 30 जनवरी। मरू महोत्सव के दूसरे दिवस डेडानसर मैदान में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह् प्रदान कर सम्मानित किया। जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना, पुलिस अधीक्षक गौरव यादव, उप महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल अमित लोढा, नरेष कुमार ने विजेताओं एवं उप विजेताओं को नकद पुरूस्कार, स्मृति चिन्ह् एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस दौरान पुरूष एवं महिला दंगल के विजेता एवं उप विजेता खिलाडी को 5-5 हजार रूपये की नकद प्रोत्साहन राषि प्रदान की गई। वहीं कब्बडी के विजेता एवं उप विजेता टीम को भी 5-5 हजार रूपये की नकद प्रोत्साहन राषि एवं ट्राॅफी प्रदान की गई। कैमल पोलो मैच की विजेता टीम कैमल पोलो एसोसिएषन एवं उप विजेता टीम सीमा सुरक्षा बल को ट्राॅफी प्रदान की गई वहीं कैमल पोलो संघ के अध्यक्ष की और से विजेता टीम को 10 हजार रूपये व उप विजेता टीम को 7 हजार रूपए की नकद पुरूस्कार राषि प्रदान की गई।

अतिथियों ने एयर वाॅरियर ड्रील की टीम के स्काईड्रिंन लीडर डी.के.एस चैहान को ट्राॅफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्होंनें कैमल टैटू शो के शानदान प्रदर्षन के लिए उप समादेष्टा कुलदीपसिंह चैधरी को ट्राॅफी प्रदान की। इसके साथ ही अतिथियों ने भी पणिहारी मटका रेस एवं रस्साकषी के विजेताओं को स्मृति चिन्ह् प्रदान किए। इस अवसर पर खेल अधिकारी लक्ष्मणंिसह तंवर को भी स्मृति चिन्ह् प्रदान कर सम्मानित किया।

पहली बार हुआ थार पारकर गौवंष नस्ल का प्रदर्षन

मरू महोत्सव में पहली बार थार पारकर नस्ल के संर्वद्वन के लिए थार पारकर गौवंष नस्ल का प्रदर्षन हुआ इसमें 7 गौ पालकों ने भाग लिया। जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना ने इस नस्ल में प्रथम स्थान पर रहें चांदन के नरेन्द्रसिंह बरवड को 5100 रूपये, तुलसी गौषाला जैसलमेर के सुनील कुमार को 2100 रूपये तथा गौसेवा समिति के जैसलमेर के राणुसिंह राजपुरोहित को 1100 रूपये का नकद पुरूस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया यह पुरूस्कार ललित व्यास ने अपने स्व. पिता अजित व्यास की स्मृति में प्रदान किए।

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फोटा केप्षन - मरू महोत्सव के दूसरे दिन गुरूवार को जैसलमेर में डेडानसर मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथि। कार्यक्रम में आयोजित प्रतियोगिताओं के रंगीन छायाचित्र। विजेताओं को पुरूस्कार प्रदान करते अतिथि, कार्यक्रम में उपस्थित देषी विदेषी सैलानी। कैलम टैटू शो एवं एयर वाॅरियर ड्रील के शानदार प्रस्तुती के रंगीन चित्र।

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पहली बार लाणेला गांव में होगी घुडदौड

सम के रेतीले धोरों पर होगा समापन

जैसलमेर, 30 जनवरी। मरु महोत्सव के तीसरे दिवस 31 जनवरी, बुधवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगंें पर्यटन उप निदेषक भानुप्रताप ने बताया कि पहली बार लाणेला गांव में होगी घुडदौड इसके साथ ही सम के रेतीले धोरों पर विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम होगें।

पहली बार लाणेला गांव में होगी घुड़दौड़ का आयोजन

मरु महोत्सव के तीसरे दिवस 31 जनवरी बुधवार को पहली बार लाणेला गांव के रिण में घुड़दौड़ का आयोजन प्रातः 9ः00 बजेः से रखा गया है। इसमें 3 प्रकार की घुड दौड होगी मादरी चाल, गल्फ रेस, छोटी रेवाल रेस तथा बडी रेवाल रेस का आयोजन होगा। इस घुड़दौड़ में लगभग 200 घोड़े भाग लेगें। यह दौड़ भी दर्षकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगी। मरु महोत्सव का तीसरा दिवस सम के लहरदार रेतीले धोरो के नाम होगा। तीसरे दिवस 31 जनवरी बुधवार को माघ पूर्णिमा की चांद तले विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। तीसरे दिवस सम में दोपहर 3 बजे उंट दौड प्रतियोगिता आयोजित होगी। वहीं सांय 6 बजे सम के रेतीले धोरो पर भव्य एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके साथ ही सम के धौरों पर पतंगबाजी और होट ऐयर बैलून-षो का भी आयोजन होगा।

तीसरे दिवस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

तीसरे दिवस भी भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इस सांस्कृतिक सांझ में जैसलमेर के अन्र्तराष्ट्रीय लोक कलाकार गाजीखां वरणा द्वारा डेजर्ट सिम्फनी की प्रस्तुती पेष की जायेगी। वहीं कालूनाथ काबेलिया जोधपुर द्वारा कालबेलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुती की जाएगी। इसके साथ ही कतरियासर के ख्यातनाम लोक कलाकार महन्त रुगनाथ द्वारा अग्नि नृत्य ,रामगढ के उदाराम द्वारा अग्नि तराजू नृत्य ,पादरला-पाली के गणेषदास द्वारा तेरहताली नृत्य ,जैसलमेर के सावणखां दबड़ी द्वारा सूफी गायन तथा जानरा के थानेखां द्वारा राजस्थानी लोक संगीत पेष किये जाएगें।

इस मरु महोत्सव का समापन भव्य आतिषबाजी के साथ होगा। इससे पूर्व देषी-विदेषी सैलानी प्रातः 11ः30 से दोपहर 1ः30 बजेः तक जैसलमेर के प्राचीन संस्कृति के कुलधरा गांव का भ्रमण कर वहां की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हो सकते है।

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दूसरे दिन डेडानसर मैदान में जिला कलक्टर ने दिलाई शपथ

जैसलमेर, 30 जनवरी। जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना ने मरू महोत्सव के दूसरे दिवस मंगलवार को डेडानसर मैदान में आयोजित हुए कार्यक्रमों के दौरान समस्त नागरिक एवं कर्मचारी को कृष्ठ रोग मुक्त करने के लिए शपथ दिलाई गई।

भारत के शहीदों की स्मृति में रखा गया 2 मिनट का मौन

भारत के शहीदों की स्मृति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार, 30 जनवरी को कलेक्ट्रेट कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रातः 11 बजे मौन धारण कर शहीदों को श्रृद्वा सहित स्मरण किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेषक सांख्यिकी डाॅ.बृजलाल मीना, कोषाधिकारी सुषील भाटिया के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारी उपस्थित थंे।