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सोमवार, 4 मई 2020

लाॅकडाउन में फंसे श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री का संवेदनशील फैसला राज्य सरकार वहन करेगी उनके जाने का किराया

 

लाॅकडाउन में फंसे श्रमिकों के लिए 
मुख्यमंत्री का संवेदनशील फैसला
राज्य सरकार वहन करेगी उनके जाने का किराया

जयपुर, 4 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि लाॅकडाउन के कारण फंसे प्रवासी श्रमिक जो प्रदेष से बाहर अपने घर जाना चाह रहे हैं उनके जाने का किराया राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिष्चित करेगी कि संकट की इस घड़ी में फंसे श्रमिकों को घर जाने के लिए यात्रा किराए का भुगतान स्वयं नहीं करना पड़े। ऐसे लोग जो अपने राज्य में रेल से जाना चाहते हैं, उनके रेलवे यात्रा किराये का भुगतान तथा सड़क मार्ग से जाने वालों को राजस्थान की सीमा तक बस से निशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था भी राजस्थान सरकार करेगी।
श्री गहलोत सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए कोरोना संक्रमण रोकने के उपायों, लाॅकडाउन एवं प्रवासी श्रमिकों के आवागमन को लेकर नोडल अधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जिला कलक्टरों-पुलिस अधीक्षकों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी नई गाइडलाइन में अन्तर्राज्यीय आवागमन के लिए उन्हीं श्रमिकों और प्रवासियों को अनुमत किया है जो लाॅकडाउन के कारण अपने घर से दूर अन्य राज्यों में अटक गए हैं। जिला कलक्टर इस गाइडलाइन की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित करें।
श्रमिकों को क्वारेंटाइन में रहना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों एवं श्रमिकों को आवश्यक रूप से क्वारेंटाइन में रहना होगा। जिन लोगों में खांसी, जुकाम एवं बुखार के लक्षण हैं, उन्हें संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा जाए। अन्य व्यक्ति आवश्यक रूप से अपने घर में होम क्वारेंटाइन में रहें। जिला कलक्टर यह सुनिश्चित करें और इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो।
इलाज से मना करने वाले निजी अस्पतालों पर हो सख्ती
श्री गहलोत ने निर्देश दिए कि ऐसे प्राइवेट हाॅस्पीटल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो संकट की इस घड़ी में मरीजों का इलाज नहीं कर मानव सेवा के अपने नैतिक दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं। जिला कलक्टर ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर कोविड रोगियों को उनके घर के नजदीक ही चिकित्सा सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने 428 मोबाइल ओपीडी वैन संचालित की हैं जिनका आमजन को लाभ मिल रहा है। श्री गहलोत ने गंभीर बीमारियों के मरीजों के उपचार के साथ-साथ संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण पर पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए।
निम्बाहेड़ा में रूथलेस कंटेनमेंट करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि भीलवाडा में जिस तरह रूथलेस कंटेनमेंट के कारण कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में सफलता मिली है वही माॅडल चित्तौडगढ़ जिले के निम्बाहेडा में अपनाया जाए क्योंकि वहां एकाएक कई पाॅजिटिव केस सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि यहां पूरी प्लानिंग के साथ कंटेनमेंट पर फोकस किया जाए। कफ्र्यू एरिया में इसका पालन सख्ती से कराया जाए और  सैंपल कलेक्षन की संख्या बढायी जाए।
यह सुनिष्चित किया जाए कि सैंपल टेस्टिंग के परिणाम में देरी नहीं हो और टेस्टिंग के लिए सैंपल उदयपुर की बजाय भीलवाडा भेजे जाएं। उन्होंने निम्बाहेडा एवं आस-पास के क्षेत्रों में घर-घर सर्वे एवं स्क्रीनिंग करने के निर्देष दिए।
जितनी जल्दी मिलेगी जांच रिपोर्ट संक्रमण रोकने में उतनी कामयाबी
श्री गहलोत ने जोधपुर में भी सैंपल टेस्टिंग रिजल्ट में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जांच के परिणाम जितने जल्दी आएंगे उतना ही संक्रमण रोकने में हमें कामयाबी मिलेगी। उन्होंने कहा कि जांच परिणाम आते ही पाॅजिटव व्यक्ति एवं उसके संपर्क में आये लोगों को क्वारनटाइन किया जाए।
लाॅकडाउन 3.0 की भी हो सख्ती से पालना
श्री गहलोत ने लाॅकडाउन 3.0 को लेकर कहा कि आमजन में यह संदेष जाए कि लाॅकडाउन अभी भी पूरी तरह से लागू है और कुछ आवष्यक वस्तुओं और सेवाओं को छोड़कर इसमें कोई ज्यादा ढील नहीं दी गई है। जरूरी नहीं होेने पर कोई अपने घरों से बाहर नहीं निकले। उन्होंने निर्देष दिए कि तीसरे चरण के लाॅकडाउन की भी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। केन्द्र एवं राज्य की ओर से जारी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हो। इसके लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए।
चिकित्सा मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेष में सोमवार से ई-संजीवनी प्लेटफार्म के माध्यम से टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू हो गई है। इसमें प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक विषेषज्ञ चिकित्सकों से मरीज सलाह ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि संेपल टेस्टिंग की संख्या बढायी जाए और जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं उनकी भी रेण्डम टेस्टिंग हो।
मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने कहा कि जिला कलक्टर केन्द्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन को फाॅलो करें। बाहर के जो लोग यहां षिविरों में रह रहे हैं उन्हें भेजने में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कलक्टर्स से कहा कि लाॅकडाउन खत्म नहीं हुआ है, कुछ छूट दी गई हैं इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित जिलों में इसकी पालना करवाएं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप ने बताया कि पूर्व की तरह ही प्रदेश में लाॅकडाउन के नियमांे की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने धारा 144 की पालना सही ढंग से कराने के निर्देष दिए।
अति. मुख्य सचिव उद्योग श्री सुबोध अग्रवाल ने कहा कि अन्य राज्यों तथा विभिन्न जिलों में प्रवासियों के आवागमन हेतु दिषा निर्देषों के अनुसार पास जारी किये जायेंगे तथा क्वारंटाइन एवं स्क्रीनिंग की पूर्ण पालना की जायेगी। फैक्ट्रियों एवं अन्य कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों की समुचित पालना हो इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अजमेर में अटके पष्चिम बंगाल के 1186 जायरीन सोमवार सुबह टेªन से रवाना हो गए।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक डाॅ. भूपेन्द्र सिंह, अति. मुख्य सचिव चिकित्सा श्री रोहित कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री अभय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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सोमवार, 16 मार्च 2020

बाड़मेर, शेरगढ़ सड़क हादसे में मृतकों के परिवार को 5 लाख रूपए की सहायता सड़क सुरक्षा के लिए सरकार बनाएगी प्रभावी कार्ययोजना -मुख्यमंत्री

 बाड़मेर,  शेरगढ़ सड़क हादसे में मृतकों के परिवार को 5 लाख रूपए की सहायता
सड़क सुरक्षा के लिए सरकार बनाएगी प्रभावी कार्ययोजना -मुख्यमंत्री

बाड़मेर, 16 मार्च। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सोमवार को बाड़मेर के बालोतरा में कहा कि राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली जनहानि को लेकर गंभीर है। प्रदेश में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से एक टीम तमिलनाडु भेजी गई। उसके अध्ययन के आधार पर सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने में आम लोगों की भूमिका एवं सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
श्री गहलोत ने जोधपुर जिले में शेरगढ़ के पास शनिवार को हुए इस सड़क हादसे के दिवंगतों की बालोतरा में हुई श्रद्धाजंलि सभा में शामिल होने के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री नेे मृतकों के चित्रों के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। श्री गहलोत ने मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रति परिवार 5 लाख रूपए तक की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और सरकार दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को पूरा सहयोग करेगी।
राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री श्री शाले मोहम्मद, विधायक श्री मेवाराम जैन, श्री मदन प्रजापत, श्री पदमाराम मेघवाल, श्री अमीन खां, जिला प्रमुख बाड़मेर श्रीमती प्रियंका मेघवाल, पूर्व सांसद श्री मानवेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम लोग श्रद्धाजंलि सभा में शामिल हुए और दिवंगतों के परिजनों को सांत्वना दी।
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मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

टिड्डी नियंत्रण के लिए केन्द्र अतिरिक्त संसाधन एवं सहयोग उपलब्ध कराए -मुख्यमंत्री

टिड्डी नियंत्रण के लिए केन्द्र अतिरिक्त संसाधन एवं सहयोग उपलब्ध कराए 
-मुख्यमंत्री

जयपुर, 24 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न जिलों में टिड्डी पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टिड्डियों का लगातार सक्रिय रहना सामान्य घटना नहीं है। चंूकि टिड्डी नियंत्रण का विषय मुख्यतः भारत सरकार के अधीन है। ऐसे में केन्द्र सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त संसाधन एवं सहयोग उपलब्ध कराए।
श्री गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ टिड्डी नियंत्रण पर बैठक में समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में कई माह से टिड्डियों की सक्रियता बनी हुई है। इस पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के सहयोग से लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश का कृषि विभाग टिड्डी चेतावनी संगठन के जोधपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के साथ सतत् सम्पर्क एवं समन्वय बनाए हुए है। सामान्यतः टिड्डी की सक्रियता अक्टूबर माह में सर्दियों की शुरूआत के साथ कम हो जाती है। लेकिन इस बार उनका प्रकोप अभी भी बना हुआ है। इससे फसलों के प्रभावित होने की आशंका है।
यह भी बताया गया कि टिड्डियां हवा के साथ पाकिस्तान के रास्ते प्रदेश की पश्चिमी सीमा में प्रवेश करती हैं। इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अन्तरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय जरूरी है। भारत सरकार इसके लिए पहल करे और राज्य सरकार को आवश्यक अतिरिक्त तकनीकी विशेषज्ञता, सहयोग एवं संसाधन भी उपलब्ध कराए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं नागौर जिलों में टिड्डी का प्रकोप हुआ है तथा मई माह से अब तक लगभग 9-10 टिड्डी के बडे़ समूहों ने राज्य में प्रवेश किया है। वर्तमान में जैसलमेर एवं बाड़मेर में टिड्डी का प्रकोप तुलनात्मक रूप से ज्यादा है। मई माह से अब तक कृषि विभाग ने टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर की मदद से 3 लाख 10 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी का नियंत्रण कर फसल एवं अन्य वनस्पति को बचाया है। इस कार्य में 2 लाख 21 हजार लीटर से अधिक मेलाथियान रसायन का प्रयोग किया गया है। फसलों को टिड्डी के प्रकोप से बचाने के लिये राज्य सरकार ने अब तक 3 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की है। बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव श्री नरेशपाल गंगवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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सोमवार, 17 दिसंबर 2012

सच्चाई पसंद नहीं हें गहलोत ...

सच्चाई पसंद नहीं हें गहलोत ...


राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने फेसबुक पर आपका मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नामक पेज बना रखा हें जिसमे दावा किया गया थी की जनता के लिए बनाया हें ,...मगर हमने तीन चार समस्याए ,भरष्टाचार सम्बंधित पोस्ट उन्हें डाली तो हमें ब्लोक कर दिया ...चमचागिरी और लोकप्रियता ऐसे नहीं मिलती अशोकजी जनता की बात चाहे कड़वी हो आपको सुनानी पड़ेगी ..हमें ब्लोक करने से आपकी लोक प्रियता नहीं बढ़ेगी लोक प्रियता जनता की समस्याओ के समाधान से होगी ..आपकी पोस्टो को आँखे मूँद कर लाईक करे या आपकी शान में लिखे वो आपके हितेषी नहीं हो सकते .खरी खरी भी सुन कर उस पर मनन करना चाहिए ........तभी जनता आपकी सुनेगी ...