कोरोना वारियर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कोरोना वारियर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

कोरोना वारियर सच्चे जन सेवक के रूप में उभरे हरिवल्ल्भ कल्ला संकट की घडी में ,डेढ़ लाख लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था कर चुके ,कोई भूखा नहीं जाता


कोरोना वारियर 
सच्चे जन सेवक के रूप में उभरे हरिवल्ल्भ कल्ला संकट की घडी में ,डेढ़ लाख लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था कर चुके ,कोई भूखा नहीं जाता 
हरिवल्ल्भ कल्ला 

जैसलमेर पश्चिमी सरहदी  जैसलमेर में कोरोना संक्रमण को लेकर चल रहे लॉक डाउन में निस्वार्थ भाव से लोगो की सेवा कर एक सच्चे सेवक के रूप में युवा सभापति हरिवल्ल्भ कल्ला वास्तविक नायक के रूप में उभरे।  जैसलमेर की जनता  संकटकाल में जरूरतमंद  परिवारों की देखभाल करने पर आभार जताया ,कोरोना संकट की आहात को भांप कर नगर परिषद् जैसलमेर के युवा सभापति हरिवल्ल्भ कल्ला ने जरूरतमंद परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी खुद ने ली ,तुरंत प्रभाव से मुख्यमंत्री जन रसोई का शुभारम्भ कर प्रति दिन लगभा आठ हजार लोगो को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था करवा दी ,खुद की देखरेख में तीन स्थानों पर जन रसोइयां शुरू करवाकर भोजन तैयार करवाने में जुटे ,भामाशाहो को सहयोग के लिए मोटिवेट करने से शहर के कई भामाशाह जिनमे युवा ,बुजुर्ग ,महिलाऐं,और यहाँ तक की छोटे छोटे बच्चे भी अपनी गुलकेँ लेकर जन रसोई में सहयोग करने पहुँच रहे हैं ,हरिवल्ल्भ कल्ला एक सच्चे सेवा भावी नायक के रूप में लोगो के दिलो दिमाग पर छाये हुए हैः ,कला खुद सुबह सात बजे जन रसोई में पहुँच जाते हैं तथा खुद की देख रेख में करीब आठ  हज्जार लोगो के लिए भोजन तैयार करवाते हैं ,तथा तैयार भोजन वाहनों में डाल कर जरूरतमंद परिवारों के घर घर पहुंचते ये ,ये दोनों समय का भोजन उपलब्ध करवाते हैं , हरिवल्ल्भ कल्ला ने बताया की  लॉक डाउन के दौरान जन रसोई केन्द्रो का संचालन चुनौतीपूर्ण था ,इतने बड़े  खामे की व्यवस्था बिना आर्थिक सहयोग के सम्भव नहीं थी बावजूद इसके हमारी टीम के साथ जैसलमेर के भामाशाहों ने दिल खोलकर आर्थिक किया जिसमे व्यापारी ,महिलाऐं और खासकर बच्चों ने अपनी जेबखर्च बचत की गुल्लकें लाकर सौंप दी , जब इतने लोग सहयोग की भावना के साथ आपके साथ खड़े हो तो कोई कार्य असम्भव नहीं होता ,प्रतिदिन इन जन रसोइयों के माध्यम से लगभग आठ हजार  लोगो के भोजन की व्यवस्था दोनों समय कर  अपना मानव धर्म निभा  रहे हैं,कल्ला के साथी पूर्व सभापति अशोक तंवर उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़े हैं,तो उप सभापति खीम सिंह राठोड ,मेघराज सिंह भाटी ,ने कमान संभल रखी हैं , कल्ला ने अपने कार्यालय को ही स्थाई निवास बना रखा हैं जहाँ से जन रसोई की गतिविधयां संचालित हो रही हैं ,एक सभापति के साथ साथ अपने मानव होने का धर्म कल्ला बखूबी निभा रहे हैं ,जैसलमेर वासी कल्ला के प्रयासों को दिल से स्वीकार कर आभार जता रहे हैं ,

तैयार भोजन के आलावा फ़ूड कीटस भी जरूरतनमंद परिवारों को 

सभापति हरिवल्ल्भ कल्ला ने कच्ची बस्तियों सहित शहर के उन तमाम परिवारों को फ़ूड कीटस भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराये जो आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर थे ,इसके साथ विधवाओं ,विकलांगो और आशय लोगो को भी खुद और अपने पार्षदों के माध्यम से फ़ूड किट जिसमे आटा ,तेल ,शक़्कर ,चाय ,दाल ,रसोई मसाले एक एक सप्ताह के पेकिंग में उपलब्ध करा मानवीय संवेदनाओ का प[रिचय दिया।

गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

बाडमेर कोरोना वारियर *सुख का पता नही लोगो के दुख का साथी है विधायक मेवाराम जैन* *जब जब जिले में आपदा आई मददगार बनकर सेवा की*

कोरोना वारियर

*सुख का पता नही लोगो के दुख का साथी है विधायक मेवाराम जैन*

*जब जब जिले में आपदा आई मददगार बनकर सेवा की*

*  चन्दन सिंह भाटी*

*बाडमेर पूरा देश ही नही विश्व आज कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा
है।।इस संकटकाल में लोगो के बीच सेवाभावी लोग अपनेपन और मददगार के रूप
में खड़े है।।बाडमेर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए
लॉक डाउन के दौरान वैसे तो बहुत से लोग सेवाभावी के रूप में सामने आए मगर
एक शख्श को जिले में जब जब आपदा आई लोगो का मददगार बनते
देखा।।जनप्रतिनिधि जिले में बहुत से विधायक, सांसद,मंत्री,केंद्रीय
मंत्री,जिला प्रमुख,आदि आदि।।इस कोरोना संकटकाल में इनका योगदान जनता तय
कर सकती है।इसके विपरीत बाडमेर विधायक मेवाराम जैन हमेशा आपदा के वक़्त
बाडमेर की जनता के साथ मददगार के रूप में खड़े रहे।।में उनके गुणगान नहीं
कर रहा।।उनकी अच्छाईयों की बात कर रहा हूँ।।एक इंसान के रूप में मेवाराम
जैन श्रेष्ठ है।।उनमें मानवता कूट कूट भरी है।इंसानियत के देवता है
।जरूरतमंद लोगों के लिए लाठी के सहारे जैसे हैं।।भीषण अकाल के वक़्त उनके
द्वारा जिले के लोगो के लिए वरदान बने।प्राणी मित्र संस्था के माध्यम से
पशु शिविरों का संचालन कर जिले भर कर पशु पालकों को राहत प्रदान
की।।लाखों गायों के रक्षक बने।।बाडमेर में आई बाढ़ के दौरान भी मेवाराम
जैन ने लोगो के साथ कंधे से कंधा मिला दुख में उनके आंखों के आंसू
पोंछे।।कवास, मलवा,सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री से
लेकर उनके लिए आवश्यक मदद की।मेवाराम जैन बाडमेर की जनता के लिए हमेशा
वरदान साबित हुए।।लोगो के सुख दुख में परिवार के सदस्य की तरह शरीक होकर
अपनेपन का अहसास दिलाते है।।राजनीति के क्षेत्र में चाहे वो कुछ भी हो
मगर एक इंसान के रूप में मानवता उनमें कूट कूट कर भरी है। कोरोना वायरस
के चलते लॉक डाउन के पहले दिन से जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा
मिलाकर न केवल सहयोग कर रहे थे हल्की भामाशाहों को भी सहयोग के लिए
प्रेरित कर लोगो के मददगार बने।।बाडमेर जिला प्रशासन को मेवाराम जैन के
सहयोग का बड़ा सहारा मिला कोरोना संक्रमण से मुकाबला करने तथा लॉक डाउन के
दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने
में।।यही सच है कि विधायक मेवाराम जैन बाडमेर की जनता पर जब जब आपदा आई
मेवाराम जैन सच्चे सेवक के रूप में उनके साथ खड़े रहकर अपना मानव धर्म
निभाया।।*

बाड़मेर मेरा परिवार हैं,इनसे अपणायत हैं,इनके सुख दुःख में काम आना मेरा
फर्ज हैं,जनता के दुःख में हमेशा उनके साथ खड़ा हूँ,जनता को किसी की तकलीफ
न हो मेरा कर्तव्य हैं ,मानवता के नाते लोगो  की बिना किसी राजनितिक
भेदभाव के सेवा करता आया हूँ ,चाहे अकाल हो या बाढ़  आपदा अपनों के साथ
खड़ा मिलूंगा ,मेवाराम जैन विधायक बाड़मेर