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बुधवार, 18 दिसंबर 2013

बेनजीर भुट्टो के प्रति सरहद पर अब भी दीवानगी





बेनजीर भुट्टो के प्रति सरहद पर अब भी दीवानगी

बाड़मेर: राजस्‍थान के थार मरुस्‍थल के सरहदी इलाकों में इन दिनों पाकिस्तान के सिंध सूबे के लोक गीत गूंज रहे हैं। इन लोक गीतों में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के जीवन से जुड़े प्रसंगों को फिल्माने के साथ संगीतबद्ध किया गया है।बेनजीर कि मौत के कई साल बाद भी इन अलबमों के प्रति दीवानगी सरहदी क्षेत्रो में देखि जा रही हें। पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर जिले के कई गाँवो के लोग बेनजीर भुट्टो से ख़ास लगाव रखते हें उनकी शहादत को आज भी इस अलबमों के जरिये सुनते हें।

थार और सिंध का पुराना नाता रहा है। इतना ही नहीं, रस्मों-रिवाज के साथ यहां की रवायतों में भी गहरा ताल्लुक रहा है। आपस में रिश्तेदारियां तो आज भी होती हैं। हां, इससे पहले लोकगीतों में अपने इलाके से जुड़े किस्से, रस्मों-रिवाजों का गुनगान होता था, लेकिन अब सिंधी लोक कलाकार अपने गीतों में भुट्टों के जीवन से जुड़े प्रसंगों को गुनगुना रहे है। इंटरनेट पर यूट्यूब के अलावा थार एक्सप्रेस में आने वाले यात्री अपने साथ मोबाइल चिप और पेन ड्राइव में ये गीत लेकर आ रहे हैं।

सिंध के लोक कलाकारों ने अपनी जुबां में गाए गीतों में भुट्टों को ‘चार सूबों की जंजीर, दुश्मनों के सीने में थी तीर’ बताया है। कलाकारों ने गाया है कि ‘या अल्लाह या रसूल बेनजीर बेकसूर।’ ‘आठ साल बाद रखा देश में कदम और कदम पर दुश्मनों ने रखा बम’ एक खास गीत है, जिसमें भुट्टों के पाकिस्तान छोड़ देने के आठ साल बाद पाकिस्तान आने और फिर उनकी हत्या के प्रसंग का उल्‍लेख किया गया है।

गीतों में बेनजीर को शहीद और सिंध की रानी बताते हुए उनके राजनैतिक दौरे, तीखे भाषण, समर्थकों की भीड़ और उनकी अपनी आवाज में ‘क्या मुल्क को बचाने में मेरा साथ दोगे’ जैसे तीखे तेवरों को दिखाया गया है। वीडियों में उनकी हत्या के फुटेज को भी दिखाया गया है। इस अलबम में एक गीत है- ‘सिन्ध की रानी हुई शहीद, घर-घर में कोहराम आया।’

इस विषय में बाड़मेर के लोकगीत म्‍यूजिक कंपोजर सत्तारभाई का कहना है, ‘थार-सिंध के लोक गीतों को पहले भी दोनों मुल्कों में सुना जाता था, लेकिन लोक कलाकारों की ओर से राजनेताओं के बारे में गीत और चित्रण अभी प्रचलन में आने के साथ ही हमजुबां होने से भी पंसद किए जा रहे हैं।’




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सोमवार, 30 मई 2011

बेनजीर हत्याकांड में मुशर्रफ भगोड़ा घोषित

बेनजीर हत्याकांड में मुशर्रफ भगोड़ा घोषित
 

इस्लामाबाद। बेनजीर भुट्टो हत्याकांड में पाकिस्तान की विशेष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोçष्ात कर दिया है। मुशर्रफ को जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में भगोड़ा घोषित किया गया है।

रावलपिण्डी स्थित विशेष अदालत के न्यायाधीश राणा निसार ने फिलहाल देश से बाहर रह रहे मुशर्रफ पर फेडरल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एफआईए) के अनुरोध पर यह कार्रवाई की।

अभियोजक पक्ष ने जज को बताया कि मुशर्रफ पर कोर्ट की ओर से जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट की पालना भी नहीं हो पा रही है।

मुशर्रफ 2009 से ब्रिटेन में रह रहे हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण वारंट की पालना संभव नहीं है।

इसके बाद उन्हें भगोड़ा घोषित करने की मांग की गई जिसे अदालत ने मान लिया । जज ने कहा कि उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने वाले विज्ञापन अखबारों में छपवाए जाएं। साथ ही मुशर्रफ की चल और अचल सम्पत्ति पर भी सरकार कब्जा कर ले।

गौरतलब है कि 2007 में भुट्टो की मौत मामले में पांच सदिग्धों पर सुनवाई चल रही है। फरवरी में अदालत ने मुशर्रफ के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था।