शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

पाकिस्तान की राजस्थान में ना'पाक' हरकत, बॉर्डर से सटे खेतों में किसानों पर फायरिंग

पाकिस्तान की राजस्थान में ना'पाक' हरकत, बॉर्डर से सटे खेतों में किसानों पर फायरिंग


गंगानगर. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की आग अभी समाप्त नहीं हुई कि. एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ से कायराना हरकत सामने आई है.

बता दें कि शनिवार को श्रीगंगानगर में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग का मामला सामने आया है.

भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित हिंदुमलकोट में सुबह करीब 10 बजकर 55 मिनट पर जीरो लाइन के पास खेत में पानी लगा रहे किसानों के ऊपर सीमा पार से फायरिंग की गई. घटना पिल्लर संख्या 278 के निकट की है. किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल को पानी लगाने के लिए वहां गए हुए थे. उनके साथ में बीएसएफ के दो जवान भी थे. दूसरी तरफ पाकिस्तानी सीमा की ओर से एक पाकिस्तानी आर्मी की गाड़ी आई. इसे देखते ही बीएसएफ के जवान चौकन्ने हो गए.


उन्होंने किसानों को नीचे लेटने को कहा. इतने में सीमा पार से गोलीबारी शुरू हो गई. उन्होंने पानी के लिए बनाए गए खाड़ों में छुप कर अपनी जान बचाई. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सीमा में फायरिंग करने वाले जिप्सी में आए थे. दोनों किसानों ने किसी तरह से जमीन पर लेटकर जान बचाई है. किसानों के नाम सुखदेव और हरदेव सिंह बताए जा रहे हैं. पुलिस ने फायरिंग होने की पुष्टि की है.


गौरतलब हो कि इन दिनों सीमा क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. जिले से लगती सीमा में बीएसएफ और ग्रामीण चौकन्ने हैं. पुलवामा में आतंकी हमले के बाद से जहां पूरे देश में पाकिस्तान से बदला लेने की आवाज उठ रही हैं. वहीं सीमा क्षेत्र के इलाकों में ग्रामीणों का जोश देखते ही बनता है. इन इलाकों में ग्रामीण आवश्यकता पड़ने पर सेना के कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध में सहयोग देने की बात भी कह रहे हैं.

भरतपुर में सात वर्षीया मासूम से हैवानियत, दुष्कर्म कर युवक हुआ फरार

भरतपुर में सात वर्षीया मासूम से हैवानियत, दुष्कर्म कर युवक हुआ फरार

भरतपुर में सात वर्षीया मासूम से हैवानियत, दुष्कर्म कर युवक हुआ फरार

भरतपुर के कामां थाना इलाके में एक युवक ने हैवानियत की हदें पार करते हुए सात वर्षीया मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला. बाद में मासूम को लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करा लिया है. आरोपी की तलाश की जा रही है.
पुलिस के अनुसार वारदात गुरुवार शाम को हुई. एक युवक ने थाना इलाके के एक गांव में सात वर्षीया मासूम को उसके घर की छत पर अकेला देखकर दबोच लिया और उससे दुष्कर्म किया. मासूम के रोने की आवाज सुनकर उसकी मां छत पर गई. इस पर दुष्कर्मी युवक उसे देखकर बच्ची को लहूलुहान हालत में छोड़कर छत से कूदकर फरार हो गया. पीड़िता की मां ने घटना की जानकारी अपने पति को दी. उसने कामां पुलिस को सूचना दी.सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया. पुलिस ने बालिका का मेडिकल करवा लिया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पाया है. उसकी तलाश की जा रही है.


अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में 35-A की सुनवाई से पहले हुई कार्रवाई

अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में 35-A की सुनवाई से पहले हुई कार्रवाई

अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में 35-A की सुनवाई से पहले हुई कार्रवाई

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों पर व्यापक कार्रवाई के संकेतों के बीच शुक्रवार रात जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि अभी किसी और के हिरासत में लिये जाने की पुष्टि नहीं की गयी है. जानकारी के मुताबिक अनुच्छेद 35-ए पर 26 फरवरी के आस-पास सुनवाई प्रस्तावित है. इसी वजह से एहतियातन यासीन मलिक को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच घाटी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस यासीन को कोठीबाग थाने ले गई.

इससे पहले कश्मीर प्रशासन द्वारा अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा को वापस ले लिया गया था. जिसे यासीन मलिक ने झूठ करार दिया था. मलिक ने कहा कि उन्हें राज्य से कभी कोई सुरक्षा नहीं मिली. कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने उसके अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी की सुरक्षा वापस लेने संबंधी खबर को ‘हास्यास्पद' बताया था. मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मेरे पास पिछले 30 सालों से कोई सुरक्षा नहीं है. ऐसे में जब सुरक्षा मिली ही नहीं तो वे किस वापसी की बात कर रहे हैं. यह सरकार की तरफ से बिल्कुल बेईमानी है. मलिक ने संबंधित सरकारी अधिसूचना को ‘झूठ' करार दिया. कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने कहा, सैयद अली शाह गिलानी की सुरक्षा वापस लेने से संबंधित खबर बिल्कुल झूठी है और ऐसी हास्यास्पद खबरों पर बस हंसी आती है.  

पुलवामा हमलाः युद्ध की आशंका पर पाकिस्तान की सेना में 'अलर्ट', पाक सेना प्रमुख ने किया LOC का दौरा

पुलवामा हमलाः युद्ध की आशंका पर पाकिस्तान की सेना में 'अलर्ट', पाक सेना प्रमुख ने किया LOC का दौरा

पुलवामा हमलाः युद्ध की आशंका पर पाकिस्तान की सेना में 'अलर्ट', पाक सेना प्रमुख ने किया LOC का दौरा
नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद(Pulwama Attack) पाकिस्तानी सेना प्रमुख(Pakistan Army Chief) कमर जावेद बाजवा ने नियंत्रण रेखा का दौरा किया है. पुलवामा की घटना के बाद सरहद पर जारी तनाव के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख का यह पहला दौरा है. इस दौरान बाजवा ने पाकिस्तानी सैनिकों को संबोधित करते हुए हमेशा अलर्ट रहने को कहा. संवेदनशील माहौल में पाक सेना प्रमुख के इस दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं. पाक सेना प्रमुख ने यह दौरा प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाने के लिए अधिकृत करने के बाद किया है. उधर पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता. हालांकि, उसने भारत को चेतावनी दी कि अगर वह कोई भी आक्रामक सैन्य कदम उठाता है तो उसका ‘अप्रत्याशित' जवाब दिया जाएगा. पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि भारत ने ‘‘बिना उचित जांच'' के पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया और भारत ने अब तक "विभाजन की वास्तविकता" को स्वीकार नहीं किया है.

पाकिस्तान बोला- हम हैरान कर देंगे
पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद की ओर से 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादी हमले के बाद सेना के प्रवक्ता ने कहा , ‘‘हमारा 72 वर्ष का इतिहास है. विभाजन 1947 में हुआ था और तब पाकिस्तान आजाद हुआ था. भारत अब भी यह स्वीकार नहीं कर पाया है." सेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे हैं, आप (भारत) धमकी जारी कर रहे हैं... हमें धमकियों का जवाब देने का अधिकार है. हम पहल करने की तैयारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि बचाव और जवाब की योजना बना रहे हैं जो हमारा अधिकार है."उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप (भारत) पहले कोई प्रतिक्रिया शुरू करेंगे, तो आप हमें कभी चकित नहीं कर पाएंगे... हम आपको हैरान कर देंगे.'' गफूर ने चेताया कि युद्ध की स्थिति में इस बार सेना की प्रतिक्रिया अलग तरह की होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम अतीत की सेना नहीं हैं, हम एक कठोर सेना हैं. हमने एक अदृश्य दुश्मन के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और जीत हासिल की.''

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गफूर ने तैयारियों की प्रकृति के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, "हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं और जिस जवाब की आवश्यकता होगी, हमने उसके लिए तैयारी की है.'' उन्होंने कहा कि गुरुवार को प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना को किसी भी हमले की स्थिति में देश की रक्षा के लिए सभी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है. गफूर ने कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान के लिए नकारात्मक था क्योंकि यह तब हुआ जब पाकिस्तान में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हो रही थीं.उन्होंने आरोप लगाया कि पुलवामा हमला भारतीय सुरक्षा बलों की ‘‘विफलता'' को दर्शाता है. नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सुरक्षा बलों ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है .

पाक ने पुलवामा को बताया विफलता

इसलिए पुलवामा हमला भारतीय सुरक्षा बलों की विफलता को दर्शाता है.''उन्होंने कहा कि भारत को कश्मीर पर ‘‘आत्म-मंथन'' की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘पुलवामा हमला नियंत्रण रेखा से मीलों दूर हुआ. इस्तेमाल किए गए विस्फोटक स्थानीय किस्म के थे, इस्तेमाल किया गया वाहन स्थानीय था और जिसने हमले को अंजाम दिया, वह भी स्थानीय युवक था.'' गफूर ने कहा, ‘‘हम कह रहे हैं कि आइए हमले पर बात करें, आतंकवाद और शांति के बारे में बात करें. सबसे बड़ा मुद्दा कश्मीर है और आइए इस बारे में बात करें.''    उन्होंने कहा, ‘‘हम दो लोकतंत्र हैं और लोकतंत्र झगड़ा नहीं करते.'' (इनपुट-भाषा)

'पात्रा' को पता होना चाहिए कि वर्दी देश के लिए पहनी जाती है...किसी जात के लिए नहीं : मानवेन्द्र

'पात्रा' को पता होना चाहिए कि वर्दी देश के लिए पहनी जाती है...किसी जात के लिए नहीं : मानवेन्द्र


कांग्रेसी नेता मानवेंद्र सिंह ने करारा जवाब दिया है. मानवेंद्र सिंह ने संबित पात्रा पर हमला बोलते हुए कहा कि पात्रा को पता होना चाहिए कि वर्दी देश के लिए पहनी जाती है, किसी जात के लिए नहीं.

दरअसल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की जाति बताने वाले 'कॉस्ट एनालिसिस' आर्टिकल को कांग्रेस से स्पॉन्सर्ड बताया था. इसको लेकर मानवेंद्र सिंह ने झालावाड़ में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जो भी व्यक्ति वर्दी पहनता है वो अपनी जात को भूल जाता है क्योंकि वो वर्दी देश के लिए पहनता है अपनी जाति के लिए नहीं. इसलिए मैं इस सर्वे के पक्ष में नहीं हूं.मानवेंद्र सिंह ने संबित पात्रा के ये आरोप को निराधार बताया है. साथ ही पात्रा पर पलटवार करते हुए कहा कि पात्रा डॉक्टर हैं और वे डॉक्टरी करेंगे तो उनके भविष्य के लिए बेहतर होगा. बता दें, संबित पात्रा भाजपा के फायर ब्रिगेड प्रवक्ता हैं. वे अपने बेबाक बोल से हमेशा विवादों में बने रहते हैं.

राहुल गांधी ने टास्क फोर्स की जिम्मेदारी सबसे उचित हाथों में दी है : मानवेन्द्र सिंह

राहुल गांधी ने टास्क फोर्स की जिम्मेदारी सबसे उचित हाथों में दी है : मानवेन्द्र सिंह


झालावाड़. आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को सुरक्षा के मुद्दे पर घेरने के प्रयास में कांग्रेस ने टास्क फोर्स का गठन किया. इसकी जिम्मेदारी सर्जिकल स्ट्राइक की कमान संभालने वाले नायक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा को दी गई है.

टास्क फोर्स की कमान डीएस हुड्डा को सौंपने को लेकर मानवेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स का नेतृत्व करने के लिए डीएस हुड्डा सबसे उचित व्यक्ति हैं. कांग्रेस द्वारा टास्क फोर्स का गठन करना देश हित में है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि डीएस हुड्डा से वे व्यक्तिगत रूप से मिले हैं, वे बहुत ही बेहतरीन इंसान हैं. राहुल गांधी ने टास्क फोर्स का गठन करके देश हित में काम किया है. साथ ही इसकी जिम्मेदारी सबसे उचित हाथों में दी गई है.


उन्होंने कहा कि कांग्रेस टास्क फोर्स का गठन करके सरकार के बराबर कोई संस्था स्थापित नहीं करना चाहती है. बल्कि इसका काम होगा की भारत के आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा के विषयों को लेकर चिंतन. साथ ही टास्क फोर्स के सुझाव कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी अगर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंतन करती है तो यह बहुत अच्छी बात है. कांग्रेस द्वारा टास्क फोर्स का गठन करना देश के हित में है और वे  इससे बेहद प्रसन्न हैं.


गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी सर्जिकल स्ट्राइक की कमान संभालने वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा को सौंपी गई है. डीएस हुड्डा कांग्रेस की टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे. लेकिन उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता लेने से मना कर दिया.

मानवेंद्र ने वसुंधरा पर किया पलटवार, कहा- झालावाड़ से कहीं अच्छी स्थिति बाड़मेर की है


मानवेंद्र ने वसुंधरा पर किया पलटवार, कहा- झालावाड़ से कहीं अच्छी स्थिति बाड़मेर की है

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की ओर से हाल में गांधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरेली को लेकर तंज कसने के बाद अब कांग्रेस नेता मानवेंद्र सिंह ने पलटवार किया है...

झालावाड़ . पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की ओर से गांधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरैली को लेकर कांग्रेस पर तंज कसने के बाद अब कांग्रेस नेता मानवेंद्र सिंह ने पलटवार किया है. उन्होंने वसुंधरा पर निशाना साधते हुए कहा कि झालावाड़ से अच्छी स्थिति बाड़मेर की है.


पार्टी के प्रशिक्षण शिविर के बाद मानवेंद्र सिंह ने कहा कि 'मैं रायबरेली के बारे में बहुत अच्छी तरह से नहीं जानता, लेकिन, झालावाड़ के बारे में अच्छी तरह से जानता हूं'. झालावाड़ से अच्छी  स्थिति बाड़मेर की है. बाड़मेर में उससे ज्यादा विकास हुआ है. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रचार में आने वाले कार्यकर्ताओं ने बताया था कि झालावाड़ के ग्रामीण क्षेत्र में गंदगी है. साथ ही यहां विकास भी उस तरीके से नहीं हुआ है, जिस तरीके से होना चाहिए. मानवेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि झालावाड़ वीआईपी क्षेत्र है, इसके बाद भी विकास कार्य सही ढंग से नहीं हुआ. मानवेंद्र के इस बयान के बाद से सियासी पारा चढ़ गया है.


आपको बता दें कि हाल में एक कार्यक्रम के दौरान वसुंधरा राजे ने कहा था कि रायबरेली गांधी परिवार की परंपरागत सीट है. इसके बाद भी वहां के हालात बदतर हैं. उन्होंने कहा कि गत दिनों जब मैं लखनऊ गई थी तो रायबरेली  भी गई. रायबरेली के हालात देखकर तो मैं दंग रह गई क्योंकि एक ऐसा क्षेत्र जिसने कांग्रेस के अनेक प्रधानमंत्री दिए हों. वहां के हालात खराब हैं. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि रायबरेली से बढ़िया तो मैने झालावाड़ को कर दिया है.

करौली में प्रेमी ने की प्रेमिका की गोली मारकर हत्या, खुद थाने में जाकर दी सूचना

करौली में प्रेमी ने की प्रेमिका की गोली मारकर हत्या, खुद थाने में जाकर दी सूचना

करौली में प्रेमी ने की प्रेमिका की गोली मारकर हत्या, खुद थाने में जाकर दी सूचना
करौली जिले के मासलपुर थाना इलाके में एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को जंगल में ले जाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. प्रेमिका की हत्या के बाद प्रेमी ने खुद ही थाने पहुंचकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. आरोपी की तस्दीक पर पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है. शव को करौली के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी रखवाया गया है. वहां उसका आज मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा.


थानाप्रभारी श्रवण कुमार पाठक ने बताया कि वारदात गुरुवार रात को हुई. वहां छेड़कपुरा निवासी शेर सिंह ने गांव की ही अपनी प्रेमिका रीना को पास ही स्थित जंगल में मिलने के बहाने बुलाया. रीना के वहां पहुंचने के बाद शेर सिंह ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. उसके बाद शुक्रवार को तड़के उसने थाने पर आकर इसकी सूचना पुलिस को दी. शेर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने एक महिला की हत्या कर दी है. उसका शव जंगल में पड़ा है. इस पर पुलिस तत्काल आरोपी की बताई जगह पर पहुंची तो उसे वहां रीना का शव बरामद हो गया.रीना विवाहित थी और उसकी दो बच्चे हैं. शेर सिंह अविवाहित है. उसका रीना से प्रेम प्रसंग चल रहा था. बताया जा रहा है कि शेर सिंह ने रीना से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या की है. रीना शेर सिंह से उसके साथ ही रहने और किसी अन्य महिला से शादी नहीं करने के लिए दबाब बना रही थी. पुलिस मामले की जांच में जुटी है

कोटा सेंट्रल जेल में कैदियों ने किया पथराव, 17 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

कोटा सेंट्रल जेल में कैदियों ने किया पथराव, 17 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

कोटा सेंट्रल जेल में कैदियों ने किया पथराव, 17 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज


जयपुर सेंट्रल जेल में पाकिस्तानी कैदी की हत्या के बाद गुरुवार को कोटा सेंट्रल जेल में भी कैदियों ने जमकर उत्पात मचाया. जेल में बंद हार्डकोर अपराधियों ने जेल स्टाफ के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों पर पथराव भी कर दिया. बाद में बमुश्किल हालात पर काबू पाया जा सका. इस संबंध में नयापुरा पुलिस ने 17 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
जयपुर सेंट्रल जेल में दो दिन पहले बुधवार को आपसी विवाद में एक पाकिस्तानी कैदी की हत्या कर दी गई थी. उसके बाद अलर्ट हुए जेल प्रशासन ने प्रदेश की सभी सेंट्रल जेलों में कैदियों और उनकी बैरकों की तलाशी का अभियान चलाया था. इस दौरान दोपहर में कोटा सेंट्रल जेल में जेल प्रशासन बैरकों का निरीक्षण करने पहुंचा. वहां बैरक में बंद हार्डकोर अपराधियों ने जेल के सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की दी. हालात बिगड़ने पर मौके पर पुलिस और आरएसी का जाब्ता बुलाया गया. लेकिन कैदियों ने उन पर भी पथराव कर दिया. बाद में बड़ी मुश्किल से हालात पर काबू पाया जा सका. इस दौरान सेंट्रल जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया.

गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

*मोदी युद्ध करे सिंध के लोग भारतीय सेना का साथ देगी,पाक को सबक सिखाना जरूरी*

*मोदी युद्ध करे सिंध के लोग भारतीय सेना का साथ देगी,पाक को सबक सिखाना जरूरी*

*(1971 में पाक से आये चुतरो जी के साथ बातचीत)*

*चन्दन सिंह भाटी*

*जेसलमेर 1971 भारत पाक युद्ध के दौरान भारतीय सेना की मदद करते अपने परिवार के पत्नी,दो बेटों और एक बेटी के साथ भारत आये 76 वर्षीय चुतरो जी फिलहाल गफ्फूर भट्टा में अपने परिवार के साथ राह रहे है।।वो पाकिस्तान के थारपारकर जिले के जिंजर गांव में निवास करते थे।।पाक आतताइयों से परेशान होकर भारत आ गए।।बाडमेर जिले के निम्बला गांव में स्थापित किये शरणार्थी शिविर में पनाह ली।।भारत सरकार ने उनकी पूरी खैर खबर ली।।अब वो निम्बला से जेसलमेर शिफ्ट हो गए।।उन्हें उन्ही दिनों भारतीय नागरिकता मिली।।

चुतरो जी को जब पुलवामा हमले की जानकारी मिली तो उनका भी खून अन्य भारतीयों की तरह खोल उठा।पाक समर्थित आंतकवाद पर उन्होंने बताया कि पाक हमेशा उग्रवाद को बढ़ावा देते आये।।उन्होंने बताया जब वो सिंध में रहते थे हिन्दू बाहुल्य क्षेत्रो में किसी भी सूरत में गांवो में अन्य समुदाय के लोगो को रहने की इजाजत नही होती थी।।

उन्होंने कहा कि पाक को पुलवामा हमले के बाद नरेंद मोदी सरकार को हमला बोल देना चाहिए।।उन्होंने बताया कि पाकिस्तान युद्ध की भाषा ही समझता है।।सिंध के लोगों का भारत के साथ दिल से जुड़ाव है।।1971 के युद्ध मे भी भारतीय सेनाओं की अंदरूनी मदद की थी। आज भी सिंध के लोग पाक सरकार के रवैये से खफा है।हिंदुओ के साथ अत्याचार हो रहा है तो सिंधी मुस्लिमो को मुस्लिम निहि माना जाता।उन्हें आज भी मुहाजिर बोला जाता है।।सिंध में एम क्यू एम जैसे संगठन पाक से आज़ाद होने के लिए आंदोलन चला रहे है।ऐसे वक्त नरेंद्र मोदी को बिना समय गंवाए पश्चिमी सीमा से पाक पर हमला बोल देना चाहिए।।पाक युद्ध की भाषा ही समझता है।।सिंध के लोग आज़ादी चाहते है। इससे अच्छा मौका भारत को नही मिलेगा।।भारतीय सेना के जवानों पर आन्तकवादी आये दिन हमले करते है।।ये आंतकवादी पाकिस्तान के पाले हुए है।।उन्होंने बताया कि बाडमेर जेसलमेर सहित पश्चिमी सीमा से भारतीय सेना को पाकिस्तान पर हमला बोल देना चाहिए ।भारतीय सेना को सिंध के लोगो का समर्थन मिलेगा।।उन्होंने बताया की पाक से आये उन्हें 48 साल हो गए।मगर पाक वापस जाने की कभी इच्छा नही हुई।।चुतरो जी की संपत्ति आज भी सिंध के जिंजर गांव में है। चुतरो जी जैसे हज़ारो लोग है जो 1965 और 1971 में युद्ध के दौरान या बाद में पाकिस्तान छोड़ भारत आ गए।।ये लोग भी चाहते है कि पाकिस्तान पर बिना समय गंवाए हमला कर देना चाहिए।।

रात में पिता ने बेटों संग पी शराब...फिर घर में छाया मातम

रात में पिता ने बेटों संग पी शराब...फिर घर में छाया मातम


चूरू. भालेरी थाना इलाके में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. जहां बेटे अपने पिता को ही मौत के घाट उतार दिया. मामले में आरोपी दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद उनसे पूछताछ की जा रही है.

घटना भालेरी थाना क्षेत्र स्थित खींवासर की है. जहां पिता हरफूल सिंह की हत्या के आरोप में उसके दो बेटों दरिया सिंह और जयसिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि बुधवार शाम दोनों बेटों के साथ पिता हरफूल ने शराब पी थी. जिसके बाद तीनों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी. इस दौरान नशे के हालत में दोनों बेटों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी. जिसके चलते उसकी मौत हो गई.


वृहस्पतिवार को दरिया सिंह और जयसिंह पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे. इस बीच किसी अन्य को इस बात जानकारी हो गई. जिसने इसकी पुलिस को सूचना दे दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची भालेरी थाना पुलिस ने जब मृतक के परिजनों से की तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. जिस पर पुलिस ने संदेह होने पर शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए चुरू राजकीय चिकित्सायल की मोर्चरी में भेज दिया. वहीं दरिया सिंह और जयसिंह गिरफ्तार कर लिया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है.

भालेरी थानाधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि आरोपी दोनों पुत्र व पिता तीनों ही आदतन शराबी थे. बुधवर को देर शाम पिता हरफूल ने दोनों बेटों के साथ शराब पी. जिसके बाद किसी बात को लेकर बेटों की पिता से कहासुनी हो गई. मामला मारपीट तक पहुंच गया. उग्र हुए बेटों ने पिता पिता को लाठियों से बुरी तरह पीटा. इस दौरान गंभीर चोटें आने से हरफूल की मौत हो गई. फिलहाल मामले में आरोपी दरिया सिंह और जयसिंह गिरफ्तार कर लिया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. 

देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा, गिरफ्तार करने के बजाए...

देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा, गिरफ्तार करने के बजाए...


जोधपुर. पुलिस आमजन की शिकायत पर किस तरह से कार्रवाई करती है. इसका एक नजारा गुरुवार को जोधपुर के कुड़ी इलाके में देखने को मिला. जहां इलाके के एक मकान में देह व्यापार का धंधा चल रहा था. ऐसे में पुलिस का एक ऐसा रवैया सामने आया, जिसे आप सोच भी नहीं सकते हैं.

बता दें कि देह व्यापार की शिकायत पर पुलिस पहुंच गई. ऐसे में आरोपी महिला ने पुलिस के हेड कांस्टेबल की बात किसी अन्य व्यक्ति से करवाई. बात करने के ठीक बाद पुलिस ने आरोपी महिला, युवती और दो व्यक्तियों को वहां से भगा दिया.


ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर मिलीभगत का आरोप लगाने लगे. हालांकि इस पूरी घटनाक्रम का वहां मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो भी बना लिया है. हालांकि आसपास रहने वालों ने यहां कई दिनों से देह व्यापार होने की शिकायत कुड़ी पुलिस को की थी. इसके बाद क्या हुआ खबर में लगी वीडियो में देखा जा सकता है. पुलिस मौके पर पहुंचती है और वहां खड़ी कार के साथ एक व्यक्ति को निकलने की चेतावनी देती है.


आपको बता दें कि वीडियो में यह भी देखा जा सकता है आरोपी महिला द्वारा कांस्टेबल की किसी अन्य से बात करवाने के बाद महिला और युवती को स्कूटी सहित वहां से रवाना कर दिया जाता है. इसके बाद यहां कुछ युवकों से भी पुलिस टीम के लोग मुलाकात करते हैं और मामला रफा-दफा कर रवाना हो जाते हैं.


जबकि यहां आसपास के लोग यह उम्मीद लेकर खड़े रहे कि शायद पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब लोग पुलिस की इस कार्रवाई पर ही सवाल उठा रहे हैं. जबकि लोगों का आरोप है कि इलाके में यह महिला देह व्यापार करती हैं. साथ ही लोगों मे डर भी है कि अब यह महिला उनके साथ कुछ गलत ना कर दे. जब पुरे मामले में कुड़ी थानाधिकारी से बात की तो उन्होंने पूरे मामले को आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ लिया, साथ ही कैमरे पर कुछ बोलने से दूरी बना ली.

जैसलमेर,पीएम किसान सम्मान निधि योजना का आगाज 24 से पात्र लघु एवं सीमान्त किसानों का ब्यौरा ई-मित्र पर अपलोड हो सकेगा

 जैसलमेर,पीएम किसान सम्मान निधि योजना का आगाज 24 से

पात्र लघु एवं सीमान्त किसानों का ब्यौरा

ई-मित्र पर अपलोड हो सकेगा

       जैसलमेर, 21 फरवरी। जिले में लघु एवं सीमान्त किसानों को प्रत्यक्ष संबंधी सहायता आय सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएमकिसान) योजना का आगाज 24 फरवरी से किया जायेगा। इस दिन जैसलमेर तथा पोकरण में योजना का विधिवत् शुभारम्भ होगा।

       जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि जिले में योजना को पारदर्शी एवं त्वरित ढं़ग से लागू करने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसे 16 फरवरी, 2019 से एक्टिेवेट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना भारत सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित है तथा पात्र किसान परिवार को एक वर्ष की अवधि में 6 हजार रुपये की प्रत्यक्ष संबंधी सहायता दी जायेगी। यह सहायता राशि दो-दो हजार की तीन किश्तों में दी जायेगी। उन्होंने बताया कि यह राशि आधार आधारित डेटाबेस के माध्यम से किसान के बैंक खाते में सीधे जमा होगी।

       मेहता ने बताया कि योजना के लाभ से कोई भी पात्र लघु एवं सीमान्त किसान परिवार वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान इसका फायदा न ले सके इसको सुनिश्चित करने के लिये पात्र लाभार्थी से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान के पास आधार नम्बर नहीं है तो ऐसे किसान आधार के लिये नामांकन करा योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिये किसान को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर अपने आधार संख्या के माध्यम से लोगिन करना होगा तथा स्वयं व भूमि स्वामित्व के बारे में आवश्यक जानकारियां अपलोड करनी होंगी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के बारे में भी ई-साइन कर अपनी सहमति देगा।

       उन्हांेने बताया कि किसान का आवेदन पत्र अपलोड होने पर स्वतः ही संबंधित पटवारी को ऑनलाइन ट्रांसफर होगा। पटवारी किसान के आवेदन पत्र में उल्लेखित सूचनाओं का भू-अभिलेख रजिस्टर से सत्यापित करते हुए तहसीलदार को फॉरवर्ड करेगा। उन्होंने बताया कि किसान को उसके द्वारा योजना के तहत किये गये आवेदन पर प्रत्येक स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रहीे है, के संबंध में एसएमएस के द्वारा सूचित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पटवारी द्वारा किसान के आवेदन की सूचनाओं को सत्यापित नहीं किया जाता है तो उसकी जानकारी भी किसान को एसएमएस द्वारा दी जायेगी। ऐसी स्थिति में किसान असंतुष्ट होने पर 7 दिवस में तहसीलदार के समक्ष अपील कर सकता है।

       जिला कलक्टर ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में किसान की सहमति के आधार पर उनके आधार संख्या को भू-राजस्व रिकार्ड में भूमि के खाते के साथ लिंक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसान से उसके सहकारी समिति के सदस्य होने के स्टेटस तथा फसली ऋण प्राप्त करने की आवश्यकता के संबंध में भी ब्यौरा मांगा गया है ताकि भविष्य में किसानों को उनकी मांग के अनुसार सहकारिता के माध्यम से फसली ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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मुख्यमंत्री सहायता कोष से देय सहायता राशि में बढ़ोतरी

       जैसलमेर, 21 फरवरी।  राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से विभिन्न प्रकरणों में दी जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि की है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

       जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि दुर्घटना में घायलों को दी जाने वाली सहायता राशि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए तथा दुर्घटना में मृत्यु पर आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की गई है। इसी प्रकार चिकित्सा सहायता के प्रकरणों में राजकीय अस्पताल में उपचार करवाने पर दी जाने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपए की गई है। यह सहायता राशि अनुमानित व्यय का 40 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए होगी।

       उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालय में उपचार करवाने पर सहायता राशि 60 हजार रुपए से बढ़ाकर 90 हजार रुपए की गई है। यह सहायता राशि अनुमानित व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 90 हजार रुपए देय होगी। चिकित्सा सहायता के प्रकरणों में वार्षिक आय की सीमा को भी एक लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए किया गया है।                                           

बाड़मेर,शहीदों के परिजनों तथा स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को देय पैकेज में बढ़ोतरी के आदेश जारी

बाड़मेर,शहीदों के परिजनों तथा स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को  देय पैकेज में बढ़ोतरी के आदेश जारी

बाड़मेर, 21 फरवरी। राज्य सरकार ने सैनिक बल एवं अर्द्ध सैनिक बलों के शहीद हुए सैनिकों के परिजनों एवं स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को देय सहायता एवं सुविधा पैकेज में बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं। अब शहीदों के आश्रितों को 50 लाख रुपए तक तथा स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को 30 लाख रुपए तक नकद सहायता राशि मिल सकेगी।

संशोधित पैकेज के अनुसार अब शहीद का परिवार 50 लाख रुपए नकद अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र फेज द्वितीय में 25 बीघा भूमि अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ राजस्थान आवासन मण्डल के एक एमआईजी आवास का विकल्प चुन सकता है। राज्य सरकार की ओर से पूर्व की भांति शहीद परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी, शहीद के बच्चों को राजकीय विद्यालय, कॉलेज, तकनीकी शिक्षा, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में निःशुल्क शिक्षा, पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति तथा माता-पिता को 3 लाख रुपए की सावधि जमा भी देय होगी। इसके साथ सहायता एवं सुविधा पैकेज में परिवार के सदस्य को कृषि भूमि पर ‘आउट ऑफ टर्न‘ आधार पर विद्युत कनेक्शन, शहीद की पत्नी एवं आश्रित बच्चों और शहीद के माता-पिता को राजस्थान रोडवेज की डीलक्स एवं साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए पास सुविधा तथा एक विद्यालय, औषधालय, चिकित्सालय, पंचायत भवन, मार्ग, पार्क अथवा अन्य सार्वजनिक स्थान का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाना भी शामिल है। इसी तरह स्थाई युद्ध विकलांग सैनिक 5 लाख रुपए नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र फेज - द्वितीय में 25 बीघा भूमि या 30 लाख रुपए नकद में से एक विकल्प चुन सकेंगे। इसके अलावा पूर्व की भांति स्थाई युद्ध विकलांग सैनिक या उसके आश्रित पुत्र अथवा पुत्री को सरकारी नौकरी दी जाएगी।




मुख्यमंत्री सहायता कोष से देय सहायता राशि में बढ़ोतरी


बाड़मेर, 21 फरवरी। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से विभिन्न प्रकरणों में दी जाने वाली सहायता राशि में बढोतरी की है।


नए निर्देशांे के अनुसार दुर्घटना में घायलों को दी जाने वाली सहायता राशि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए तथा दुर्घटना में मृत्यु पर आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की गई है। इसी तरह चिकित्सा सहायता के प्रकरणों में राजकीय अस्पताल में उपचार करवाने पर दी जाने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपए की गई है। यह सहायता राशि अनुमानित व्यय का 40 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए होगी। निजी चिकित्सालय में उपचार करवाने पर सहायता राशि 60 हजार रुपए से बढ़ाकर 90 हजार रुपए की गई है। यह सहायता राशि अनुमानित व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 90 हजार रुपए देय होगी। चिकित्सा सहायता के प्रकरणों में वार्षिक आय की सीमा को एक लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए किया गया है।

मदिरा दुकानों के आवेदन की प्रक्रिया आसान,अरर्नेस्ट मनी की व्यवस्था समाप्त

मदिरा दुकानों के आवेदन की प्रक्रिया आसान,अरर्नेस्ट मनी की व्यवस्था समाप्त



बाड़मेर, 21 फरवरी। मदिरा दुकानों के आवेदन की प्रक्रिया आसान बना दी गई है। अरर्नेस्ट मनी की व्यवस्था समाप्त करने के साथ ई-मित्र के जरिए भी लिए जा रहे हैं। आवेदकों की सहायता के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी देवेन्द्र दशोरा ने बताया कि मदिरा की दुकानों के लिए आवेदन करने वालों को डी.डी. जमा कराने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो, इसके लिए समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए गए है। उनके मुताबिक वित सचिव ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए निर्देश दिए है कि अगर ऐसे बैंको की डी.डी. प्राप्त हो जो बैंक उनके जिले में नहीं है, तो वे डी.डी. स्वीकार करके अन्य जिले के बैंकोें से उस डी.डी. का भुगतान करें। उन्हांेने बताया कि आवेदनकर्ताआंे से इंटरनेट बैंकिंग, ई-ग्रास से भी शुल्क लिया जा रहा है। इसके अलावा आवेदक एक से अधिक आवेदन भी कर सकता है। उन्होंने बताया कि आवेदक को लॉटरी क्रमांक ऑनलाइन प्राप्त होगा एवं लॉटरी जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में निर्धारित स्थान पर 5 मार्च को सबके सामने पर्ची डाल कर निकाली जाएगी। दशोरा ने बताया कि देशी एवं विदेशी मदिरा की दुकानों का आवंटन करने के लिए 26 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं अथवा ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा कराने वाले आवेदकों को आवेदन प्रपत्र का ‘‘प्रिन्ट आउट‘‘ जिला आबकारी कार्यालय मेें जमा कराने की कोई आवश्यकता नही है। क्योंकि उन्हें तत्काल लॉटरी क्रमांक आवंटित कर दिया जाता है जो कि तत्काल उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एस.एम.एस.के माध्यम से प्राप्त हो जाता है। उसका तत्काल प्रिन्ट भी लिया जा सकता है। इसके अलावा आवेदन एवं शुल्क जमा होने तथा जारी किए गए लॉटरी नंबर का सत्यापन विभागीय वेबसाइट पर देखा जा सकता है।