सोमवार, 10 दिसंबर 2018

*झालरापाटन से आएगी 11 दिसम्बर को सबसे बड़ी ख़बर* *कारण समझ लीजिए,पूरी खबर पढ़े,धरातल रिपोर्ट के साथ

*झालरापाटन से आएगी 11 दिसम्बर को सबसे बड़ी ख़बर*

*कारण समझ लीजिए,पूरी खबर पढ़े,धरातल रिपोर्ट के साथ*

 
*KUMARPREMJEE* साभार

रायबरेली में इंदिरा गांधी और दिल्ली में शीला दीक्षित की हार के बाद क्या एक और नया इतिहास रचने वाला है? क्या झालरापाटन में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा की हार बड़ी चुनावी हार की फेहरिश्त में शामिल होने वाली है? अगर हां, तो यह 11 दिसम्बर की सबसे बड़ी ख़बर होगी- बीजेपी की सम्भावित हार से भी बड़ी ख़बर।


झालरापाटन में वसुंधरा हार सकती हैं चुनावा ! अगर ऐसा हुआ तो यह 11 दिसम्बर की सबसे बड़ी ख़बर होगी। तस्वीर इंडियाटुडे।
झालरापाटन उस संसदीय सीट का हिस्सा है जहां से वसुंधरा राजे 5 बार सांसद रही हैं। लगातार 2003 से वह यहां से विधायक चुनी जाती रही हैं। अभी भी यहां से सांसद उनके बेटे दुष्यंत सिंह हैं। ग्वालियर से सटे इस इलाके में सिंधिया घराने की पैठ रही है। इस सीट से वसंधुरा की हार के बारे में कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था। मगर, इस बार वसुंधरा की हार की जो आशंका दिख रही है, उसके पीछे कई ऐसे कारण हैं जिसकी कोई अनदेखी नहीं कर सकता।


बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आए मानवेन्द्र सिंह ने वसुंधरा से नाराज़ वोटरों को एकजुट करने की रणनीति में कामयाब होते दिखे। तस्वीर कारवांडेली।
राजपूत मानवेंद्र सिंह के पीछे लामबंद

कांग्रेस ने जब मानवेंद्र सिंह को वसुंधरा राजे के ख़िलाफ़ उम्मीदवार बनाया तो रणनीति यही थी कि राजपूतों के गुस्से को समेट लिया जाए। मानवेंद्र न सिर्फ राजस्थान में प्रतिष्ठित राजपूत परिवार से हैं, बल्कि बीजेपी उन्होंने हाल में ही छोड़ी थी। उनके पिता जसवंत सिंह देश के बड़े नेता थे और राजपूतों में उनकी बड़ी पैठ रही है। संकेत यही हैं कि राजपूतों ने वसुंधरा के ख़िलाफ़ और मानवेंद्र सिंह के साथ अपनी एकता दिखलायी है। झालरापाटन सीट पर 2 लाख 73 हज़ार मतदाताओँ में राजपूत मतदाताओं की संख्या 17 हज़ार है।

मुसलमान वोटर भी मानवेंद्र के साथ दिखे

वैसे मुसलमान वोटरों ने कभी भी वसुंधरा राजे के लिए वोट किया हो, इसके प्रमाण नहीं मिलते। मगर, ये वोट कहीं न बंटकर एकमुश्त कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र के लिए पड़े हैं ऐसा बताया जा रहा है। इलाके में 45 हज़ार मुसलमान वोटर हैं।


घनश्याम तिवाड़ी ने बीजेपी छोड़कर नयी पार्टी बना ली। उनके सहयोगी प्रमोद शर्मा झालरापाटन में कांग्रेस में शामिल हो गये। सबने ब्राह्मण वोटों को वसुंधरा से दूर कर दिया। तस्वीर फर्स्टपोस्ट।
वसुंधरा से छिटके ब्राह्मण वोटर, घनश्याम तिवाड़ी का साथ छोड़ना महंगा पड़ा

वसुंधरा राजे की हर जाति में पकड़ रही है। उसी हिसाब से ब्राह्मण वोटों पर भी रही थी। मगर, इस बार बीजेपी में ब्राह्मण चेहरा रहे घनश्याम तिवाड़ी के पार्टी छोड़ने और भारत वाहिनी पार्टी बना लेने का खामियाज़ा सीधे वसुंधरा राजे को ही भुगतना पड़ रहा है। तिवाड़ी के ख़ास रहे प्रमोद शर्मा के कांग्रेस में आने के बाद ब्राह्मण वोटों में भी सेंध लग गयी। झालरापाटन में ब्राह्मण वोटों की संख्या 28 हज़ार है।

डांगी समुदाय का आधार भी कमज़ोर हुआ

डांगी समुदाय का समर्थन हर बार वसुंधरा राजे को मिलता रहा है। मगर इस बार बीजेपी में अपनी अहमियत घटता देखकर सबक सिखाने की ठानी। डांगी समुदाय ने वसुंधरा राजे के ख़िलाफ़ निर्दलीय उम्मीदवार दे डाला। गोवर्धन डांगी के मैदान में आने से भी वसुंधरा को मिलने वाले डांगी वोटों में कमी आयी है। अनुसूचित जाति की तादाद यहां 35 हज़ार हैं जिनमें डांगियों की बहुलता है।


सचिन पायलट ने गुर्जर वोटों को कांग्रेस के साथ जोड़ा, वहीं बीजेपी से गुर्जर वोट दूर हुए। झालरापाटन में भी इसका असर दिखा।

गुर्जर वोटरों पर सचिन पायलट ने लगायी सेंध

झालरापाटन में 22 हज़ार गुर्जर वोट हैं। उन्हें वसुंधरा राजे से विमुख करने के लिए सचिन पायलट ने पूरी ताकत झोंक दी। लिहाजा पहले वाली तस्वीर भी बदल गयी। जहां वसुंधरा को गुर्जर वोट एकमुश्त मिला करता था, इस बार उन्हें पसीने बहाने पड़े।

एससी-एसटी में नाराज़गी की वजह आरक्षण मुद्दे पर इनकी बीजेपी की केन्द्र सरकार से नाराज़गी रही थी, लेकिन ख़ामियाज़ा वसुंधरा सरकार को भुगतना पड़ा है।


पटेल वोटों को कांग्रेस की ओर मोड़ने के लिए खुद हार्दिक पटेल ने आकर राजस्थान में कमान सम्भाल ली। वसुंधरा को इसका ख़ामियाज़ा भी भुगतना पड़ा है।

पाटीदारों को साधने हार्दिक पटेल आ उतरे

30 हज़ार पाटीदार वोटों को साधन के लिए हार्दिक पटेल राजस्थान आ धमके। जिस तरह से उन्होंने कांग्रेस के लिए खुलकर वोट मांगा, उसके बाद पाटीदारों का झुकाव भी बीजेपी से छिटककर कांग्रेस की ओर हो गया।

वसुंधरा परिवार को घूम-घूमकर पहली बार मांगने पड़े वोट

वसुंधरा राजे ही नहीं पूरे परिवार को इस बार घूम-घूम कर अपने लिए वोट मांग

रविवार, 9 दिसंबर 2018

चर्चा गर्म है...वसुंधरा काली टैक्सी में आईं और दूसरे रंग की गाड़ी से गईं,काले रंग का टोटका

चर्चा गर्म है...वसुंधरा काली टैक्सी में आईं और दूसरे रंग की गाड़ी से गईं,काले रंग का टोटका


जयपुर. आमतौर पर जिस गाड़ी में सीएम आती है उस गाडी में नहीं आकर, बल्कि काली रंग की टैक्सी गाड़ी में बीजेपी मुख्यालय पहुंची. चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजस्थान के रण में सभी उम्मीदवार की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है. दोनों ही मुख्य पार्टी अपनी अपनी तरह से अब परिणाम के मंथन में जुटी हुई हैं. एक तरफ जहां कांग्रेस दिल्ली में मंथन कर रही है वहीं बीजेपी जयपुर के बीजेपी मुख्यालय में मंथन का दौर देखने को मिला. इस मंथन के दौर के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहुंची अपने अनूठे ढंग से आमतौर पर जिस गाड़ी में सीएम आती है उस गाडी में नहीं आकर, बल्कि काली रंग की टैक्सी गाड़ी में बीजेपी मुख्यालय पहुंची.
इसे देखकर एक बार फिर विश्वास हो गया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए रंगों का बहुत महत्त्व होता है. और इस समय हर टोटके पर विश्वाश कर रही हैं. लेकिन क्या राजस्थान के बीजेपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मुख्यमंत्री के काला रंग चुनने से तय हो सकता है. यह 11 दिसंबर को साफ हो जाएगा. लेकिन जाते समय सीएम वसुंधरा राजे अपनी ही अलग रंग की कार से गई. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंथन के बाद मीडिया से कम ही बात करती नजर आई. उन्होंने सिर्फ कहा कि बीजेपी एक बार फिर से राजस्थान में सरकार बना रही है। जिसका उनको पूरा विश्वास है.
 जब उनसे सवाल किया गया कि राजस्थान में कितनी सीटें आ रही है तो उन्होंने बात को बदलते हुए कहा कि बीजेपी ही राजस्थान में सरकार बना रही है. वहीं प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने यही बात अपने शब्दों में कहीं. हालांकि गौर करने वाली बात है कि रविवार को जिस तरह से मंथन हुआ उसमें इस बात का भी इशारा जरूर दिख रहा है कि बीजेपी के बागी और निर्दलीय से संपर्क बढ़ाने की बात की जा रही है. लेकिन इस पर कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है.

*डूडी को बुलाया दिल्ली,राजनैतिक गलियारे मे उबाल*

*डूडी को बुलाया दिल्ली,राजनैतिक गलियारे मे उबाल*

बीकानेर/  राजस्थान में चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस पार्टी में चल रही है मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी की जंग के बीच नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी को दिल्ली का बुलावा आया है। रामेश्वर डूडी करीब 1 घंटे पहले बीकानेर से सीधे नई दिल्ली के लिए वायुयान से रवाना हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के अध्यक्ष सचिन पायलट पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में जबकि राज्य में कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर तरह-तरह की कैसी तैयारी चल रही है, तब नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा बुलाए जाने के कारण सियासत में उबाल आ गया है। बहुमत के करीब जीती हुई मान रही काग्रेस पार्टी के द्वारा राजस्थान में किस को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, इसका फैसला अगले दो-तीन दिन के भीतर या चुनाव परिणाम के बाद आ जाएगा, लेकिन आज रामेश्वर डूडी के अचानक दिल्ली जाने के कारण एक बार फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आपको बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के द्वारा चुनाव कैंपेन करते वक्त राहुल गांधी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, अविनाश पांडे के साथ नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की फोटो भी काम में ली गई है।

*मतगणना होने तक छुट्टी पर रहेंगे भरतपुर एसपी* भरतपुर अघोषित बंद रहा

*मतगणना होने तक छुट्टी पर रहेंगे भरतपुर एसपी*

 भरतपुर अघोषित बंद रहा

भरतपुर / भरतपुर में कल देर रात शुरू हुआ ईवीएम मे छेड़छाड़ के अदेंशे के मामले ने आज सुबह होने के साथ ही तूल पकड लिया। एक ओर जहां हजारों की तादात मे लोग विधायक विश्वेन्द्र सिंह के आवास पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने एडीजी बीएल सोनी को जयपुर से वार्ता के लिये बुला लिया, जहां सर्किट हाउस मे विधायक विश्वेन्द्र सिंह के नेतृत्व मे प्रतिनिधि मण्डल ने एडीजीपी सोनी तथा आईजी मालिनी अग्रवाल से वार्ता की। वार्ता के बाद भरतपुर एसपी केसर सिंह को मतगणना होने तक छुट्टी पर भेज दिया गया है। उसके बाद आईजी कार्यालय मे वार्ता का एक और दौर चला, जिसमें सकारात्मक रूप मे बात हुई। उसके बाद विधायक विश्वेन्द्र सिंह अपने आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीण और भरतपुर शहर से आये हजारों समर्थकों को सम्बोधित कर समझायश की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए घर वापस लौटने की बात कही। इसके साथ ही आज भरतपुर में अघोषित बन्द भी देखने को मिला। व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले।
विश्वेन्द्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एसपी को छुट्टी भेजना ही पुलिस की गलती को साबित करता है। बता दें कि कल देर रात एक निजी स्कूल की बस एवं एक बिना नम्बर की कार स्ट्रांग रूम तक पहुच गई थी, जिसको लेकर ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जताई गई थी। इसके बाद विधायक विश्वेन्द्र सिंह वहां पहुंचे थे, जहां एसपी केसर सिंह व उनके बीच विवाद बढ़ गया। इस पर भरतपुर रैन्ज आईजी मालिनी अग्रवाल ने वार्ता पर बुलाया था।

*लव ट्राएंगल में गई हीरा कारोबारी की जान, पुलिस के हत्थे चढ़ा टीवी की संस्कारी ‘गोपी बहू’ का ब्वायफ्रैंड*

*लव ट्राएंगल में गई हीरा कारोबारी की जान, पुलिस के हत्थे चढ़ा टीवी की संस्कारी ‘गोपी बहू’ का ब्वायफ्रैंड*


मुंबई/  टीवी सीरियल ‘साथ निभाना साथिया’ फेम गोपी बहू यानी देवोलीना भट्टाचार्जी से पुलिस ने हीरा कारोबारी राजेश्वर किशोरीलाल उड़ानी हत्या मामले में पूछताछ पूरी कर ली है. इस आरोप में एक्ट्रेस के फ्रेंड सचिन पवार और एक निलंबित पुलिस कांस्टेबल दिनेश पवार को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस ने बताया, 57 साल का हीरा कारोबारी राजेश्वर महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री के पूर्व निजी सचिव और प्रोडक्शन कंपनी के मालिक सचिन पवार की गर्लफ्रेंड पर बुरी नजर रखता था. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि देवोलीना ही सचिन पवार की फ्रेंड हैं. वहीं, मृतक का पैसों के लेनदेन को लेकर पुलिस कांस्टेबल दिनेश पवार से विवाद भी चल रहा था. दिनेश पर पहले ही बलात्कार का मामला दर्ज है और वो सस्पेंड चल है। पुलिस के मुताबिक, घाटकोपर इलाके में रहने वाले हीरा कारोबारी राजेश्वर किशोरीलाल उड़ानी 28 नवंबर को कुछ घंटों में वापस आने का कहकर घर से निकले थे. लेकिन अगले दिन सुबह तक राजेश्वर घर नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिवार ने मुंबई के पंत नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था।
इस हाईप्रोफाइल मिसिंग मिस्ट्री की जांच में जुटी पुलिस को तुरंत समझ आ गया कि मामला बेहद पेंचीदा है. पुलिस ने 2 दिन बाद ही अपहरण का भी केस दर्ज कर लिया. इसके बाद इलाके की सीसीसीटीवी की जांच शुरू की गई तो पुलिस को पता चला कि राजेश्वर किसी अन्य कार में मुंबई से नवी मुंबई की दिशा में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक टोल नाके पर पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिला उसकी तस्वीरें बेहद धुंधली थीं. ऐसे में उस कार की शिनाख्त पुलिस करने में ही जुटी थी कि इसी बीच राजेश्वर की कार भी ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लावारिश हालत में मिला।
शुक्रवार को मुंबई के पनवेल इलाके में हीरा व्यापारी राजेश्वर किशोरीलाल उड़ानी का शव बेहद खराब हालत में उनकी कार से मिला था. उनकी पहचान कपड़े और जूतों से की गई थी। पुलिस को मौका-ए-वारदात से ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा जिससे इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मदद मिले. ऐसे में पुलिस ने राजेश्वर के कॉल डिटेल को खंगालना शुरू किया. इनमें मशहूर टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी का नाम भी था. इसके बाद पुलिस ने एक्ट्रेस को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पूरे मामले का खुलासा हुआ।

शादी के 21 साल बाद तलाक की अर्जी लगाई दिया कुमारी ने

शनिवार, 8 दिसंबर 2018

*मतगणना की तैयारियां पूरी,7 विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगेगी 131 टेबलें

*मतगणना की तैयारियां पूरी,7 विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगेगी 131 टेबलें*

*बाड़मेर, 08 दिसम्बर।*
बाड़मेर जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय में 11 दिसम्बर को प्रातः 8 बजे से सात विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना प्रारम्भ होगी। इसके लिए समुचित तैयारियां की गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र शिव के लिए 21 मतगणना टेबल, बाड़मेर के लिए 21, बायतु 17, पचपदरा 21, सिवाना 15, गुड़ामालानी 21 एवं चौहटन विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के लिए 15 टेबले लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मतगणना  ड्यूटी मे लगाए गए समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रातः 6 बजे तक राजकीय महाविद्यालय में अनिवार्यरूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना कार्य में लगे कार्मिकों को पर्यवेक्षकगण की उपस्थिति में रेण्डमाईजेशन करके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कमरा एवं टेबल नम्बर का आंवटिन किया जाएगा। मतगणना में लगे गणना सुपरवाईजर,गणना सहायको तथा माईक्रो ऑब्जर्वर की उपस्थिति के लिए पर्याप्त संख्या में काउण्टर स्थापित किए गए है। उन्होने बताया कि राजकीय महाविद्यालय के ग्राउण्ड वाले द्वार से मतगणना मे लगे गणना सुरवाईजर,गणना सहायक एवं अन्य व्यवस्थाओं में लगे कार्मिक प्रवेश करेगे। जबकि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों, निर्वाचन एवं गणना अभिकर्ताओं के लिए महाविद्यालय के लिए निर्धारित मुख्य द्वार से होते हुए निर्धारित मतगणना कक्ष में प्रवेश करने की व्यवस्था की गई है। विभिन्न व्यवस्थाओं में लगे कार्मिको तथा निर्वाचन अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ता को अपना बैज लगाये रखना होगा। उन्होने बताया कि प्रत्येक काउटिंग टेबल पर एक काउटिंग सुपवाईजर एक काउटिंग असिस्टेट एवं एक माईक्रो आर्ब्जवर नियुक्त किया जाएगा। पर्यवेक्षकगण, आरो, एआरो काउटिंग हॉल में मोबाईल का उपयोग कर सकेगे। पोस्टल बैलट गणना कार्य प्रातः 8 बजे प्रारम्भ होगा। इसके आधे घण्टे बाद इवीएम की काउटिंग प्रारम्भ होगी। उनके मुताबिक संबंधित रिटर्निग अधिकारी के और से उम्मीदवारो, निर्वाचन अभिकर्त्ताओं, गणन अभिकत्ताओं को मतगणना फोटो युक्त प्रवेश पत्र जारी किये जाएगे। मतगणना व्यवस्था के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी कालूराम को समग्र प्रभारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी नकाते ने बताया है कि मतगणना स्थल तथा मतगणना के दोरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नही बरतने के निर्देश दिए गए है। ऐसा होने पर इसे गम्भीरता से लेते हुए संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। उनके मुताबिक राजस्व अपील अधिकारी रामदेव गोयल  मीडिया कक्ष का समुचित पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन सुनिश्चित करेगे। साथ ही उपवन संरक्षक विक्रम प्रधान केसरी चुनाव पर्यवेक्षकगण के नोडल अधिकारी के रूप में सौपे गये कार्यो में आवश्यक सहयोग करेगे।
जांच के बाद मतगणना स्थल पर जाने की मिलेगी अनुमतिः मतगणना के दौरान समस्त कार्मिकों, उम्मीदवारों निर्वाचन एवं मतगणना अभिकर्ताओं को मेटल डिटेक्टर से जांच करने के बाद ही मतगणना केन्द्र में जाने दिया जाएगा।
मीडिया कक्ष स्थापित होगाः मतगणना स्थल पर स्थापित मीडिया कक्ष में अधिकृत मीडिया कर्मियों की ओर से ही मोबाईल का प्रयोग किया जा सकेगा। मतगणना कक्ष में मोबाईल फोन प्रतिबधित होने के कारण मीडिया कक्ष में मोबाईल फोन सुरक्षित रखवाने की व्यवस्था की जाएगी। मीडिया कर्मी हेड हेल्ड कैमरे का प्रयोग कर सकेगे। उनको निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करने के साथ मतगणना स्थल पर अपना फोटो युक्त परिचय पत्र लगाकर रखना होगा।
एक मतदान केंद्र की ईवीएम और वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल की पर्ची का मिलान होगा

*प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र का चयन रेंडम आधार पर किया जाएगा।*

*बाड़मेर, 08 दिसंबर।*
विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र की ईवीएम और वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल की पर्ची का मिलान किया जाएगा। ऐसा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते के मुताबिक मतगणना के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र का चयन रेंडम आधार पर किया जाएगा। चयनित मतदान केंद्र में उपयोग में लाए गए
वीवीपीएटी की पर्ची का मिलान ईवीएम के कंट्रोल यूनिट में प्रदर्शित संख्या से किया जाएगा। यह कार्य उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ताओं एवं केंद्रीय पर्यवेक्षक की उपस्थिति में होगा। इसकी विडियोग्राफी भी कराई जाएगी। मतगणना कक्ष के अंदर ही वीवीपेट की पर्ची से वोट का सत्यापन होगा। इस मतगणना के लिए वीवीपीएटी काउंटिंग बूथ ठीक वैसे ही तैयार किया जाएगा, जैसा बैंकों में होता है। इसके लिए सभी उम्मीदवारों को पूर्व में ही सूचना दी जाएगी। उनके मुताबिक मतदान केंद्र के चयन के लिए सफेद कागज की पर्ची पर मतदान केंद्रों के नंबर लिखकर कंटेनर में डाले जाएंगे और पर्ची निकालकर केंद्र का रैंडम चयन होगा। यह कार्य ईवीएम से गणना के अंतिम राउंड के तत्काल पश्चात किया जाएगा। यह प्रक्रिया केंद्रीय पर्यवेक्षक की उपस्थिति एवं कड़ी निगरानी में होगी।

जेसलमेर लाठी गांव में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग

जेसलमेर लाठी गांव में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग



जैसलमेर। विधानसभा चुनावों में मतदान के दिन जिले के लाठी गांव में हुई पत्रकार विक्रम पंवार के साथ मारपीट घटना में घायल हुए की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आईएफडब्ल्यूजे जैसलमेर ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर निष्पक्ष मांग की जांच व दोषियों के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग की है ।
आईएफडब्ल्यूजे जैसलमेर के जिलाध्यक्ष हरदेव सिंह भाटी के नेतृत्व में दिये ज्ञापन में जिले के लाठी गांव में कवरेज कर रहे पत्रकार विक्रम कुमार पंवार पर कुछ लोगों द्वारा हमला कर उसे घायल करने  और उसके कैमरें व अन्य संसाधन तोडने का मामला सामने आया था जो कि लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ में असुरक्षा का भाव पैदा करता है । संगठन ने सीमावर्ती जिले जैसलमेर पत्रकारिता के दौरान स्वतंत्र व निष्पक्ष रूप से कार्य करने वालें पत्रकारों पर हुए इस हमलें की जैसलमेर के सभी पत्रकारगण निन्दा करते है और मांग करते है कि इस हमले में शामिल समस्त अपराधियों को जल्द से जल्द पकड कर उनके खिलाफ कडी कार्यवाही अमल में लाई जाये ताकि जिले में काय्र कर रहे पत्रकारों के मन से भय के भाव को हटाया जा सके ।
संगठन ने ज्ञापन मे ंलिखा है कि  इस मामलें में गंभीरता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कडी कार्यवाही के साथ भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिष्चित करवायेंगें । जिला कलक्टर को दिये ज्ञापन के समय पत्रकार मनीष रामदेव ,राजेन्द्र सिंह चैहान ,हसंन खांन कंधारी , भैरू सिंह भाटी ,भीम सिंह पवंार , विमल भाटियां , सूर्यवीर सिंह चैहान ,ओम भाटियां , सिकन्दर सेख, मान सिंह देवडा , खूबचन्द खत्री ,राधेष्याम ,नवीन वाधवानी , शंकर दान , अचल दास डांगरा ,साथ ही जिले के कंई अन्य पत्रकार भी मौजूद थे।


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राज्य में चुनाव के दौरान वारदात,आधा दर्जन मुकदमें दर्ज

राज्य में चुनाव के दौरान वारदात,आधा दर्जन मुकदमें दर्ज

तीन जिलों में हुई करीब 7 FIR दर्ज, जैसलमेर में 3, सीकर में 2 अन्य दो FIR, चुनाव के दौरान अपराधिक घटनाओं का मामला, 22 लोगों हो चुकी गिरफ्तारी,19 वाहन किए जब्त, टोंक में दस,सीकर में 4,बांसवाड़ा में 3 व 2 अन्य गिरफ्तार...

चुनाव के बाद नहीं रुके मानवेंद्र सिंह...अब भी जारी हैं...

चुनाव के बाद नहीं रुके मानवेंद्र सिंह...अब भी जारी हैं...

झालावाड़. राजस्थान में चुनावी शोर थम गया है. अब पार्टियों के प्रचार-प्रसार में लगे हुए पार्टी के प्रत्याशी और कार्यकर्तां आराम के मूड में नजर आ रहे हैं. लेकिन राजस्थान की हॉट सीट झालरापाटन से कांग्रेस के प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह अभी भी रुकने के मूड में नहीं है.मानवेंद्र सिंह हमेशा की तरह सुबह जल्दी उठे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर क्षेत्र में निकल गए. लेकिन इस बार वे लोगों से वोट मांगने के लिए नहीं बल्कि लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए निकले हैं. मानवेंद्र सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलते हुए सहयोग के लिए आभार जता रहे हैं.मानवेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं कांग्रेस के कार्यालय में सभी से मिल भी रहे हैं. साथ ही अन्य चुनावी कार्यालयों पर भी जाकर लोगों को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं. ईनाडु इंडिया ने मानवेन्द्र सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि जिस शीघ्रता से झालावाड़ की जनता ने मुझे स्वीकार किया है. उसके लिए वह झालावाड़ की जनता का आभार प्रकट करना चाहते हैं. उन्होंने कहा प्रचार के दौरान जो ऊर्जा व उत्साह देखने को मिला था उसकी उम्मीद उन्हें मतदान के दिन भी थी. और उसी ऊर्जा व उत्साह के साथ कार्यकर्ताओं और लोगों ने मतदान किया है. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र के बाहर लगी हुई लंबी लंबी कतारें जीत का संदेश है.

*चलिए झालरापाटन इतिहास रचने को तैयार,तीस साल का साम्राज्य खतरे में वसुंधरा राजे का*

*चलिए झालरापाटन इतिहास रचने को तैयार,तीस साल का साम्राज्य खतरे में वसुंधरा राजे का*

*राजस्थान की सबसे हॉट सीटों में से एक झालरापाटन पर सभी की निगाहें टिकी है।। 16 दिन पहले नामांकन से एक दिन पहले मारवाड़ की राजनीति से हाड़ौती की राजनीति में आने वाले कर्नल मानवेन्द्र सिंह ने अपनी व्यूह रचना से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के तीस साल के साम्राज्य को जबरदस्त चुनोती दे डाली।।आज सम्पन हुए विधानसभा चुनावों के बाद झालरापाटन की बदलती तस्वीर लोगो को दिखाई देने लगी है।।मानवेन्द्र सिंह ने वसुंधरा राजे के परंपरागत मतों में जिस तरह सेंध लगाई है उससे महारानी का उधार लिया झालावाड़ का सिंहासन डोलने लग गया।।मतदान के दौरान उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की बौखलाहट साफ नजर आ रही थी। मानवेन्द्र सिंह और चित्रा सिंह ने अपने सघन प्रचार अभियान से झालरापाटन की चुनावी फिजा को बदलने का जो प्रयास किया उसमे कितने सफल हुए यह अधिकृत रूप से ग्यारह दिसम्बर को ही सामने आएगा मगर झालरापाटन के कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओ ने आज शाम को ही जश्न मना लिया। मानवेन्द्र सिंह के स्वाभिमान ने राजपूत,मुस्लिम,सोनदिया राजपूत,गुर्जर ,ब्राह्मण ,और अनुसूचित जाति जन जाती के मतों में न केवल सेंध लगाई बल्कि भाजपा के कट्टर समर्थक 28 हजार दांगी समेज के वोटों से भी वसुंधरा राजे को वंचित कर दिया। दांगी समाज की और से श्रीलाल दांगी निर्दलीय उतरे थे पूरे समाज की और से अधिकृत प्रत्यासी थे। चुनाव प्रचार समाप्ति के बाद वसुंधरा राजे ने सर्व प्रथम दांगी समाज को साधने के लिए 5 दिसम्बर को मीटिंग रखी।मगर इस मीटिंग में दांगी समाज ने आने से मना किया तो रात्रि दो बजे दांगी समाज के बीच पहुंची जहां दांगी समाज ने वसुंधरा राजे को खाली हाथ लौट दिया।।।राजपूत पहले ही जा चुके थे।।5 दिसम्बर को वसुंधरा राजे तीस सालों में पहली बार ग्रामीणों की चौखट पर गई।।मगर उन्हें ज्यादा कोई उत्साह नही दिख। किसान वर्ग में समर्थन मूल्य से लहसुन और सोयाबीन की खरीद को लेकर ज़बरदस्त नाराजगी थी तो युवा में बेरोजगारी को लेकर आक्रोशित थे।।यह आक्रोश आज मतदान के दौरान साफ दिखा  दी।।वसुंधरा राजे अपने सलाहकारों के भरोसे थी जो उन्हें जीत का आईना बराबर दिख रहे थे।वसुंधरा राजे ने उन पर विश्वास कर अपनीजीत के प्रति आश्वस्त रही।।वसुंधरा राजे के खिलाफ मानवेन्द्र सिंह को पूरे राज्य से सहयोग मिला,यहां तक कि वसुंधरा राजे के नजदीकी राजनीति लोग भी उनके साथ भितरघात कर उनको झटका देने तैयार हो गए चुनाव में स्वाभिमान लड़ाई का अन्त करन पहुंचे मानवेन्द्र सिंह ने  खुद को पूरी झोंक दिया।। इधर 5 दिसम्बर को वसुंधरा राजे की गैर मौजूदगी में भाजपा ने रैली निकाली।।जिसमे नाममात्र के लोग शामिल थे।।हवा का रुख इस रैली के बाद बदल गया ।।शहर में कच्ची बस्तियों में दुष्यंत सिंह के दुर्व्यवहर को लेकर भी लोग नाराज बता जता रहे थे।।बहुत सारे फेक्टर वसुंधरा राजे के खिलाफ काम कर रहे थे। वसुंधरा को इसकी भनक तक नही लगी।।मानवेन्द्र सिंह को झालावाड़ के दिग्गज नेताओं शैलेन्द्र यादव ,प्रमोद शर्मा,रामलाल चौहान, मुकुला पंकज चौधरी,वीरेंद्र सिंह झाला, का बखूबी साथ मिला जो वसुंधरा राजे से किसी न किसी रूप में चोट खाये थे।।बहरहाल झालरापाटन की जनता ने बम्पर वोटिंग कर दोनो के भाग्य ई वी एम में बन्द कर दिए।

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

बाड़मेर। मतदान खत्म, शाम 5 बजे तक 73.56 फीसद हुई वोटिंग , युवाओ में दिखा उत्साह

बाड़मेर। मतदान खत्म, शाम 5 बजे तक 73.56 फीसद हुई वोटिंग , युवाओ में दिखा उत्साह

रिपोर्ट:- छगन सिंह चौहान/ बाड़मेर


बाड़मेर। सरहदी जिले बाड़मेर में शुक्रवार को लोकतंत्र पर्व पर लोगो ने दिल खोलकर मतदान किया। जिले कि सभी सातो सीटो पर शाम पांच बजे तक 73.56 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान का अंतिम आंकड़ा देर रात तक ही आ पाएगा क्योंकि कुछ मतदान केंद्रों में मतदान देर शाम तक जारी था ओर केन्द्रों में मतदाताओं की कतारें लगी हुई थी।

बाड़मेर जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ । विधानसभा चुनाव को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से माकूल सुरक्षा इंतजाम किए गए। केंद्रीय पर्यवेक्षको के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते एवं पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। स्काउट्स को सहयोगी के तौर पर लगाया गया।

जिले में आदर्श मतदान केंद्रों को विशेष तौर से सजाने के साथ मतदाताओं के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया। कई मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के पहुंचने पर उनका तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया, साथ ही उनके स्वागत के लिए रंगोली बनाई गई।



कहा कितना हुआ मतदान

जिले में शाम को 5 बजे तक प्राप्त सूचना के अनुसार 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।  शिव विधानसभा में 76.06, बाड़मेर में 72.88, बायतु में 76.20, पचपदरा में 70.35, सिवाना में 65.71, गुडामालानी में 79.72 एवं चौहटन विधानसभा क्षेत्र में 74.04 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।



पहली बार वोट डालने पहुंचे मतदाताओं में दिखा उत्साह

पहली बार वोटिंग करने पहुंचे मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। लाइन में लगने के बाद भी युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।




*राजस्थान में 72 फीसदी मतदान ,बढ़ सकता है आंकड़ा*

*राजस्थान में 72 फीसदी मतदान ,बढ़ सकता है आंकड़ा*

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर आज सुबह आठ बजे से शुरू हुए मतदान में प्रदेशभर के 4.75 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने 51687 मतदान केन्द्रों पर ईवीएम-वीवीपैट मशीनों में चुनावी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला दर्ज कराया है। आज सुबह आठ बजे से लेकर 5 बजे तक प्रदेशभर में कुल 72.19 प्रतिशत मतदान हुआ।

बता दें कि प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ है, जिसके लिए चुनावी मैदान में कुल 2274 प्रत्याशी मौजूद हैं। वहीं अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा के प्रत्याशी का निधन हो जाने के कारण यहां चुनाव स्थगित किया गया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर समान जाति के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। राजस्थान चुनाव में जिन सीटों पर सभी की नजरें टिकीं हैं, उनमें से एक झालरापाटन सीट भी है, जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह के बीच चुनावी मुकाबला है।

बहरहाल, राजस्थान में पांच बजने के साथ ही अब वोटिंग खत्म हो चुकी है और अब सबकी नजरें 11 दिसम्बर हो होने वाली मतगणना पर टिकी है। 11 दिसम्बर को जनता का अंतिम फैसला ईवीएम से निकलकर सबके सामने आएगा और इसका फैसला होगा कि राजस्थान में किसकी सर​कार बनेगी। वहीं आज शाम को मतदान खत्म होने के साथ ही एग्जिट पोल पर लोगों की निगाहें जती हैं। इन एग्जिट पोल से कुछ हद तक मुकाबले की तस्वीर को साफ किए जाने की कोशिश की जाएगी।

प्रदेश की सर्वाधिक हाईप्रोफाइल झालरापटन सीट पर टिकी हैं प्रदेशभर की निगाहें

प्रदेश की सर्वाधिक हाईप्रोफाइल झालरापाटन सीट पर टिकी हैं प्रदेशभर की निगाहें

राजस्थान विधानसभा चुनाव-2018 में प्रदेश में सभी लोगों की निगाहें झालरापाटन सीट पर टिकी हैं. सीएम वसुंधरा राजे के इस अभेद्य गढ़ में सेंध लगाने के लिए कांग्रेस ने बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल के बेटे मानवेन्द्र सिंह को भेजा है. जसवंत सिंह परिवार की बीजेपी खासतौर से सीएम राजे से नाराजगी किसी से छिपी हुई नहीं है।

गत लोकसभा चुनावों में बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने से  जसवंत सिंह इतने खफा हुए कि जिस पार्टी को खड़ा करने में उन्होंने अपनी उम्र बिता दी उसी पार्टी के खिलाफ वे चुनाव मैदान में उतर गए थे. सिंह का टिकट कटने से मारवाड़ में राजूपत समाज के एक धड़े की भी बीजेपी से कुछ दूर बढ़ गई थी. बीजेपी की टिकट पर बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र ने भी बाद में पार्टी से किनारा कर लिया था. गत सितंबर में उन्होंने बीजेपी को अलविदा कहकर कांग्रेस ज्वॉइन कर ली।

इस पर कांग्रेस ने भी जसवंत सिंह के परिवार और राजपूत समाज के एक धड़े की बीजेपी से बढ़ी दूरियों का फायदा उठाने के लिए रणनीति के तहत मानवेन्द्र सिंह को झालरापाटन से सीएम के सामने चुनाव मैदान में उतार दिया. तब से प्रदेशभर की निगाहें झालरापाटन में होने वाले इस महा मुकाबले पर टिकी है।

राजे का अभेद्य मजबूत गढ़ है झालरापाटन
बीजेपी प्रत्याशी सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से पांच से बार सांसद चुनी जा चुकी हैं. वहीं चार बार यहां से विधायक रह चुकी हैं. गत तीन बार से लगातार वे झालरापाटन से विधायक हैं. वे दूसरी बार राजस्थान की सीएम बनी हैं. वे एक बार प्रदेश बीजेपी की कमान भी संभाल चुकी हैं और केन्द्र में मंत्री भी रह चुकी हैं.

2003 में सबसे ज्यादा मतों से लोकसभा चुनाव जीते हैं मानवेन्द्र


कांग्रेस प्रत्याशी मानवेन्द्र सिंह वर्तमान में शिव से विधायक हैं. मानवेन्द्र सिंह पूर्व में बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं. 2003 के लोकसभा चुनाव में सिंह के नाम सबसे ज्यादा मतों से जीतने का रिकॉर्ड है. सिंह ने उस समय 2,72000 से भी अधिक मतों से जीत दर्ज की थी.




गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

ब्रेकिंग।। बाड़मेर। विधायक मेवाराम जैन के निजी सहायक पर हमला

ब्रेकिंग।। बाड़मेर। विधायक मेवाराम जैन के निजी सहायक पर हमला

बाड़मेर। अभी अभी विधायक मेवाराम जैन के निजी सहायक पर बाड़मेर से 25 किलोमीटर दूर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया।


इस घटना की जानकारी जैसे ही कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिली तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. घटना के तुरंत बाद ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर मेघवाल मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और पुरे घटना की जानकारी ली।

विधायक और निजी सहायक का आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग उन पर हमला करने के लिए उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे. लेकिन किसी भी तरीके से ओम प्रकाश अपनी जान बचाकर किसी घर में घुस गया और उसके बाद उसने इस घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और विधायक को दी. वहीं पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।