शनिवार, 30 जून 2012

थार लिंक एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए रेलवे के पास पैसा नहीं

जोधपुर.रेलवे के पास थार लिंक एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए बजट नहीं है। दोस्ती की इस रेल पर आतंकी हमलों की आशंका के कारण छह साल पहले भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर बैगेज स्कैनर लगाने का फैसला हुआ था। आरपीएफ ने दो साल पहले स्कैनर की खरीद प्रक्रिया शुरू करते हुए टेंडर भी निकाला, मगर रेलवे जीएम ने बजट नहीं होने के कारण यह मामला रेल मंत्रालय को भेज दिया है, जहां से अब तक स्कैनर खरीद की इजाजत नहीं मिली है।  
सुरक्षा एजेंसियां इस बात से चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय ट्रेन की सुरक्षा के उपायों के संबंध में की जा रही यह उपेक्षा किसी दिन भारी पड़ सकती है। दूसरी ओर रेलवे ने जोधपुर स्टेशन के लिए दो बैगेज स्कैनर भिजवाए जिनका इंस्टालेशन शुक्रवार से शुरू हो गया है।

4 साल बाद मंजूरी, 2 साल से टेंडर अटका

सुरक्षा एजेंसियों की 2006 में हुई बैठक में जीआरपी को नोडल एजेंसी बनाया गया था। उस वक्त जीआरपी डीजी ने भगत की कोठी स्टेशन पर बैगेज स्कैनर, एक्सप्लोसिव डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे व डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर आदि उपलब्ध कराने की बात कही थी।

चार साल बाद सितंबर 2010 में रेलवे मुख्यालय ने बैगेज स्कैनर खरीदने की मंजूरी दे दी। उसके बाद डीआरएम ने एस्टीमेट बनाया और आरपीएफ मुख्यालय ने टेंडर निकाल दिया। रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के अफसरों ने मौका देख कर जगह तक तय कर ली, मगर तीस लाख रुपए का यह स्कैनर खरीदने के लिए रेलवे को पैसा नहीं मिला। रेलवे जीएम ने यह मामला रेल मंत्रालय को भेज कर बजट मांगा, वह अब तक नहीं मिला है।

क्यों जरूरी है स्कैनर

भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए पश्चिमी सीमा खोल कर थार लिंक एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने के बाद से ही उस पर आतंकी हमले की आशंका बनी हुई थी। हालांकि बाड़मेर के मुनाबाव स्टेशन पर थार एक्सप्रेस के यात्रियों की तलाशी के लिए स्कैनर लगाया गया और मैन्युअल चैकिंग भी की जा रही है। इसके बावजूद यह खतरा कम नहीं हुआ और नकली नोटों की खेप लगातार आने लगी। इन खतरों से निपटने के लिए ट्रेन की रवानगी भी भगत की कोठी स्टेशन से की जाने लगी और यात्रियों को सुरक्षा इंतजामों के बीच ट्रेन में सवार किया जाने लगा। साथ ही यात्रियों के बैग चैक करने के लिए स्कैनर लगाने की जरूरत महसूस की गई।

स्टेशन को मिले दो स्कैनर

इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम बनाने के लिए रेलवे ने हाल में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व अजमेर स्टेशन पर बैगेज स्कैनर लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस वर्ष दिसंबर तक चारों स्टेशनों पर स्कैनर लगने हैं। रेलवे ने इस काम के लिए 9 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जयपुर के अलावा जोधपुर स्टेशन को भी दो बैगेज स्कैनर मिले हैं। शुक्रवार से वीआईपी तथा मुख्य गेट पर स्कैनर इंस्टालेशन का काम शुरू हो गया है। शनिवार से इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा।

हर माह लिखते हैं पत्र

'आंतरिक सुरक्षा से संबंधित हर बैठक में स्कैनर लगाने का मुद्दा उठाया है, हर माह रेलवे को पत्र भी लिखते हैं, मगर हर बार आश्वासन ही मिलता है। मंजूरी मिल गई, टेंडर हो गए, परंतु स्कैनर अब तक नहीं लगा। हमने भगत की कोठी स्टेशन पर दो और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की है।'

पीपी टाक, एसपी, जीआरपी

बजट मिलेगा तो लगेगा

'फिलहाल दो बैग स्कैनर आए हैं। ये दोनों स्कैनर जोधपुर स्टेशन पर लगा रहे हैं। शनिवार से ट्रायल भी शुरू हो रहा है। भगत की कोठी पर स्कैनर रेलवे से बजट मिलने पर ही लगेगा, उसका पैसा नहीं मिल रहा।'

प्रभाकर, असिस्टेंट कमांडेंट, आरपीएफ

टेस्टिंग में ही खुली पोल आरयूडीआईपी की


टेस्टिंग में ही खुली पोल

जैसलमेर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए आरयूडीआईपी की ओर से बनवाए गए ओवर हैड टैंक की टेस्टिंग के दौरान ही पोल खुल गई। जयनारायण व्यास कॉलोनी में बने इस टैंक के पेंदें व पाइपों से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। शहर की पेयजल सप्लाई को सुदृढ़ व सुचारु बनाने के लिए बनाए गए यह टैंक अपने पहले ही चरण में फेल हो गए है। अभी यह हाल है तो आगे क्या हाल होंगे इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पानी के पाइपों से लेकर पेंदे तक रिसाव हो रहा है।

पाइप व पेंदे से रिसने लगा है पानी: जयनारायण व्यास कॉलोनी में आरयूडीआईपी की ओर से पानी के ओवरहैड टैंक का निर्माण करवाया गया है। इस टैंक की टेस्टिंग के लिए जब इसमें पानी का प्रवाह प्रारंभ किया गया तो पहले इसके पाइपों से पानी का फव्वारा निकलने लगा तथा बाद में टंकी के पेंदे से पानी का रिसाव होने लगा है। टेस्टिंग के दौरान ही इसमें खामियां समाने आ गई। इसके निर्माण में पहले ही देरी हो चुकी है अब रिसाव होने से इसे सुधारा जाएगा। जिससे लोगों तक इसका पानी पहुंचने में और अधिक समय लग सकता है।

शुक्रवार, 29 जून 2012

बीजेपी नेता उमा भारती को जान से मारने की धमकी


भोपाल।। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता उमा भारती को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने की खबर से सनसनी फैल गई। हालांकि, आनन-फानन में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
उमा भारती को मिली जान से मारने की धमकी  
उमा भारती के सुरक्षा अधिकारी प्रदीप तोमर द्वारा श्यामला हिल्स थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल फोन पर एक अज्ञात शख्स द्वारा उमा भारती को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

तोमर के अनुसार उक्त शख्स द्वारा सबसे पहले 26 जून की रात उस समय धमकी दी गई थी, जब वह नई दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं। इसके बाद दो बार उस शख्स ने उमा भारती को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि तोमर की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

विधायक की पिटाई से महिला का गर्भपात



विधायक की पिटाई से महिला का गर्भपात

रांची। झारखण्ड में एक विधायक ने भूमि विवाद में एक गर्भवती महिला की पिटाई कर दी। पिटाई के बाद महिला का गर्भपात हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के विधायक चंद्रिका मेहता घटना के बाद से फरार हैं। घटना यहां से करीब 240 किलोमीटर दूर गिरीडीह जिले के खजाटोला गांव की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मेहता ने भूमि विवाद में तीन महीने की गर्भवती तारा देवी की उसके घर में ही बुरी तरह पिटाई कर दी। मेहता, तारा देवी के पति की तलाश में उसके घर गए थे, लेकिन जब उन्होंने महिला के पति को घर में नहीं पाया तो तारा देवी की ही पिटाई शुरू कर दी।

घटना के बाद तारा देवी का गर्भपात हो गया। उन्होंने मेहता के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

बिना आईडी प्रूफ के नहीं मिलेगा ट्रेन में रिजर्वेशन!



नई दिल्‍ली.ट्रेन टिकट रिजर्वेशन की तत्‍काल स्‍कीम पर एक तरह से दलालों का कब्‍जा हो गया है। इसे लेकर हाल में मीडिया में काफी खबरें प्रकाशित हुई हैं।
 


शुक्रवार को हुई रेलवे बोर्ड की बैठक के बाद रेलवे ने तत्काल टिकटों की कालाबाजारी करने वाले दलालों पर शिकंजा करने के लिए नए नियम बनाने की घोषणा की।





भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट और एडवांस टिकट बुकिंग की टाइमिंग को अलग-अलग करने का फैसला लिया है। अब सुबह आठ बजे रेलवे बुकिंग काउंटर पर सिर्फ तत्काल टिकट ही बुक कराए जा सकेंगे।





यही नहीं रेलवे बोर्ड ने टिकट काउंटरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और विशेष जांच टीम बनाकर तत्काल टिकटों की कालाबाजारी की जांच करने का भी फैसला लिया है।





यही नहीं टिकट बुकिंग फार्म में गलत जानकारी देने पर भी टिकट रद्द कर दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने उन अधिकारियों की भी जांच का फैसला लिया है जो लंबे वक्त से एक ही काउंटर पर जमे हैं। तत्काल टिकट बुकिंग के वक्त रेलवे अधिकारियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर भी पाबंदी होगी।





गोरखधंधा रोकने के लिए रेलवे तत्‍काल स्‍कीम के तहत टिकट कटाने वाले यात्रियों से बुकिंग के समय ही पहचान पत्र मांगेगा और अचानक यात्रा का कारण भी पूछा जाएगा। अभी उसी व्‍यक्ति का पहचान पत्र मांगा जाता है जो यात्रा करने वाला होता है। लेकिन विचार है कि टिकट कटाने वाले व्‍यक्ति से भी आईडी प्रूफ मांगा जाएगा।




रेल मंत्रालय तत्काल टिकट के लिए अलग काउंटर खोलने, ई-टिकटिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करने, नेट फ्रॉड रोकने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद लेने जैसे फैसले भी लिए हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल ने बोर्ड के सभी सदस्यों और आइआरसीटीसी व उत्तर रेलवे के सीनियर अफसरों के साथ बैठक कर इस पर विचार किया है। बैठक में तत्काल काउंटरों पर कैमरे लगा कर टिकट खरीदने वालों का फोटो कैप्चर करने का भी फैसला हुआ है। ...ऐसा किया जा चुका है





रेलवे सुबह आठ से दस बजे तक एजेंटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग बंद करने, नेट पर एक फॉर्म पर दो और काउंटर पर चार से ज्यादा लोगों की तत्‍काल बुकिंग स्वीकार नहीं करने, बुकिंग के बाद यात्रियों के नाम बदलने की इजाजत नहीं देने, तत्‍काल टिकट कैंसल कराने के नियम कड़े करने जैसे कुछ कदम उठाए थे। वेबसाइट पर ज्‍यादा लोड से निपटने के लिए आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर बैंडविड्थ को 244 एमबीपीएस से बढ़ाकर 450 एमबीपीएस किया गया। नेट पर 'प्लान माई ट्रैवल' के तहत कैप्टेका तकनीक को लागू किया गया। आठ से नौ बजे सुबह के दौरान 'क्विक बुकिंग ऑप्शन' बंद कर दिया गया। एक यूजर आइडी पर एक ही बार बुकिंग की व्‍यवस्‍था की गई। पर ये उपाय बेअसर साबित हुए हैं।
एक नजर में
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से रोजाना 3.5 लाख टिकट बुक होती है।
इसमें 1.5 लाख टिकट तत्‍काल की होती है।
सुबह 8 से 10 बजे के बीच 30 लाख लोग साइट पर आते हैं।
रेलवे की कुल टिकट बुकिंग में 45 % टिकट साइट के जरिए बुक होती है।
इस साल की गई कार्रवाई
अब तक 1502 लोग प्राक्‍सी टिकट में पकड़ाए।
100 अवैध दलाल पकड़ाए।
215 रेलवे कर्मचारी पकड़ में आए।
23 अवैध ट्रेवल एजेंट शिकंजे में आए।
648 दलाल टिकट बनवाते पकड़े गए

बीजेपी में बगावत: केशुभाई ने छोड़ी पार्टी, कर्नाटक में 9 मंत्रियों के इस्तीफे

नई दिल्ली. बीजेपी को बड़े झटके लगते दिख रहे हैं। पार्टी की कर्नाटक और गुजरात ईकाई में नेता बगावत पर उतर आए हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा की कैबिनेट के 9 मंत्रियों ने नेतृत्व में बदलाव की मांग करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा दे चुके पूर्व मंत्रियों की मांग है कि राज्य के मंत्री जगदीश शेट्टार को नया मुख्यमंत्री बनाया जाए। ये सभी कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के समर्थक माने जाते हैं। 


वहीं, गुजरात में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने शुक्रवार को कई नेताओं के साथ पार्टी छोड़ दी। हालांकि, इस खबर की औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

केशुभाई के घर पर बीजेपी के बागी नेताओं की बैठक के बाद पार्टी छोड़ने का फैसला लिया गया। गौरतलब है कि केशुभाई गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं और उनके खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व को चिट्ठी भी लिख चुके हैं।

दो दिन पहले ही केशुभाई ने कहा था कि गुजरात में आज के हालात आपातकाल के दिनों से भी बदतर हैं। कुछ दिनों पहले खुद दिल्ली आए थे और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर मोदी के शासन की शिकायत की थी। हाल के कुछ महीनों में वे मोदी के खिलाफ लगातार बयानबाजी करते रहे हैं।

कलयुगी बेटे ने की मां और भाई की हत्या

कलयुगी बेटे ने की मां और भाई की हत्या



अजमेर। राजस्थान के अजमेर में अलवर गेट थाना क्षेत्र में एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां और भाई की हत्या कर दी। पुलिस महानिरीक्षक अनिल पालीवाल ने बताया कि शुक्रवार सवेरे पड़ोसियों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि मां-बेटे दोनों की हत्या संभवत: बीती रात की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पालडी दारा मोहल्ले में सत्यनारायण मंदिर के पास एक पूर्व रेलवेकर्मी के मकान में एक महिला सहित दो व्यक्तियों के शव पड़े हुए हैं।पुलिस घटनास्थल पर पहुंची जहां ग्यारसी देवी (65) तथा राजू उर्फ हरी (42) के शव पडे थे जिन पर चोट और घाव के निशान पाए गए। वहां पर ग्यारसी देवी का छोटा पुत्र किशन (34) भी मौजूद था। पुलिस ने मौके पर सब्जी काटने का चाकू और पंखे की दो पंखुडियां भी बरामद की। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों की हत्या किस तरह की गई।
पालीवाल ने बताया कि किशन पर चार साल पूर्व अपने ही भाई की पीट पीट कर हत्या करने का आरोप था और हाल ही में वह जेल से बरी होकर आया था। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि किशन मानसिक रूप से विक्षिप्त है। शवों का पोस्टमार्टम स्थानीय जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में कराया जा रहा है। पुलिस ने किशन को गिरफ्तार करके और मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

शादी के 20 साल बाद प्रेमी संग भागी

शादी के 20 साल बाद प्रेमी संग भागी

जयपुर। शादी के 20 वष्ाü बाद एक विवाहिता पति को छोड़ पड़ोसी युवक संग फरार हो गई। विवाहिता के पति ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बैनाड़ पानी की टंकी के पास रहने वाले कन्हैयालाल ने मामला दर्ज कराया है कि उसकी शादी करीब 20 वष्ाü पहले कमलेश के साथ हुई। शादी के बीस वष्ाü बाद उन्हें कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ। गत 22 जून को कमलेश को उसका पड़ोसी संजय भगा ले गया।

टीचर की डिमांड,सेक्स करो, नंबर पाओ

टीचर की डिमांड,सेक्स करो, नंबर पाओ

रोम। इटली में एक टीचर की घिनौनी करतूत सामने आई है। 46 साल के इस टीचर को छात्रों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि टीचर छात्रों को पास करने के बदले उनसे सेक्स की डिमांड करता था। पिआसेंचा शहर का यह टीचर सोशल नेटवर्किग साइट्स फेसबुक के जरिए नाबालिग छात्रों से सेक्स मीटिंग तय करता था।

टीचर लुक के आधार पर छात्राओं का चयन करता था। जब एक छात्र ने बात नहीं मानी तो टीचर उसको धमकाने लगा। टीचर ने छात्र से कहा कि वह दूसरे छात्रों को यह बताएं कि उसने फेसबुक पर दिए गए निमंत्रण को गलत तरीके से लिया। छात्र ने टीचर की बात मानने की बजाय घर वालों से शिकायत की। घर वालों ने पुलिस को शिकायत की। इसके बाद टीचर पुलिस के हत्थे चढ़ा।

एक के बाद एक कुएं में समाती गईं तीन बहनें!

धौला.धौला पंचायत क्षेत्र के बाडा डेहरा गांव में गुरुवार सुबह शौच करने गई तीन बहनें खुले कुएं में गिर गईं। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गई। पास में ही खेत में काम कर रही मां ने बालिकाओं की चीख-पुकार सुनकर शोर मचाया।  
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बालिकाओं को कुएं से निकालकर धौला राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां सबसे छोटी बहन प्रिया को मृत घोषित कर दिया गया। दो अन्य बहनों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सूचना मिलते ही जमवारामगढ़ प्रधान, एसडीएम सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाडा डेहरा निवासी बोदूराम मुक्कड़ की तीनों बेटी मीना(11), कविता(8) व प्रिया (6) खेत में शौच करने गई थी।

वापस आते समय तीनों पास के खुले कुएं के समीप चली गईं, इस दौरान प्रिया को कुएं की मुंडेर से फिसलते हुए देखकर बड़ी बहनों मीना व कविता ने उसको बचाने का प्रयास किया, लेकिन एक के बाद एक तीनों करीब सौ फीट गहरे कुएं में जा गिरीं। पास में ही खेत में काम कर रही मां लाडी देवी ने बालिकाओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर मचाते हुए कुएं की और दौड़ लगाई। खेत-खलिहानों में काम कर रहे कई लोग मौके पर पहुंचे।

होमगार्ड के जवान रमेश व जयपाल सीढ़ी की सहारे कुएं में उतर गए। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। आधे कुएं में उतरने के बाद जयपाल व रमेश रस्सी के सहारे कुएं के पैंदे तक पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बालिकाओं को बाहर निकाला जा सका। तीनों बालिकाओं को धौला के राजकीय चिकित्सालय में लेकर गए, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने प्रिया को मृत घोषित कर दिया।करीब तीन घंटे बाद मीना व कविता को प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई।

एक के बाद एक कुएं में समाती गईं तीन बहनें!

धौला.धौला पंचायत क्षेत्र के बाडा डेहरा गांव में गुरुवार सुबह शौच करने गई तीन बहनें खुले कुएं में गिर गईं। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गई। पास में ही खेत में काम कर रही मां ने बालिकाओं की चीख-पुकार सुनकर शोर मचाया।  
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बालिकाओं को कुएं से निकालकर धौला राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां सबसे छोटी बहन प्रिया को मृत घोषित कर दिया गया। दो अन्य बहनों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सूचना मिलते ही जमवारामगढ़ प्रधान, एसडीएम सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाडा डेहरा निवासी बोदूराम मुक्कड़ की तीनों बेटी मीना(11), कविता(8) व प्रिया (6) खेत में शौच करने गई थी।

वापस आते समय तीनों पास के खुले कुएं के समीप चली गईं, इस दौरान प्रिया को कुएं की मुंडेर से फिसलते हुए देखकर बड़ी बहनों मीना व कविता ने उसको बचाने का प्रयास किया, लेकिन एक के बाद एक तीनों करीब सौ फीट गहरे कुएं में जा गिरीं। पास में ही खेत में काम कर रही मां लाडी देवी ने बालिकाओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर मचाते हुए कुएं की और दौड़ लगाई। खेत-खलिहानों में काम कर रहे कई लोग मौके पर पहुंचे।

होमगार्ड के जवान रमेश व जयपाल सीढ़ी की सहारे कुएं में उतर गए। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। आधे कुएं में उतरने के बाद जयपाल व रमेश रस्सी के सहारे कुएं के पैंदे तक पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बालिकाओं को बाहर निकाला जा सका। तीनों बालिकाओं को धौला के राजकीय चिकित्सालय में लेकर गए, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने प्रिया को मृत घोषित कर दिया।करीब तीन घंटे बाद मीना व कविता को प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई।

प्रेमी से बात करते धरी गई तो मां ने पकड़े पैर, भाई ने दबा दिया गला

 

नई दिल्‍ली. कंझावला के जोंती गांव में प्रेम प्रसंग के चलते एक 26 वर्षीय युवती को उसी के भाई और मां ने गला दबाकर मार डाला। युवती एमसीडी स्कूल में पढ़ाती थी।


अप्रैल में हुई इस हत्या का पर्दाफाश लंबी तफ्तीश के बाद हुआ। पुलिस ने युवती के भाई मोहित (22) और मां बीरवती (55) को गिरफ्तार कर लिया है। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आपराधिक षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।



मृतका की पहचान दीप्ति चिकारा (26) के रूप में हुई। वह गांव में ही रहने वाले ललित वत्स से प्यार करती थी, लेकिन दीप्ति के माता-पिता इस बात के खिलाफ थे। दीप्ति के परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई हैं। वह सुल्तानपुरी स्थित एमसीडी स्कूल में परमानेंट टीचर थी। पिता डीटीसी में कार्यरत हैं।


परिजनों ने दीप्ति की मर्जी के खिलाफ उसकी शादी कर दी थी, लेकिन कुछ समय बाद वह मायके लौट आई थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने 25 मई को दीप्ति के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की शिकायत कंझावला थाना पुलिस को दी थी। एक महीने की जांच के बाद पुलिस को दीप्ति के भाई मोहित की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। कड़ाई से हुई पूछताछ के दौरान उसने बहन की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने खुलासा किया कि 19 अप्रैल की रात को बहन अपने कमरे में प्रेमी ललित से गुपचुप तरीके से फोन पर बात कर रही थी। इस पर मां और भाई मोहित ने दीप्ति की खूब पिटाई की। बाद में मोहित ने दीप्ति की गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान मां ने बेटी के पैर पकड़ कर उसे जकड़े रखा।


पुलिस के मुताबिक मोहित ने चाचा की मदद से शव को ऑल्टो कार में रुड़की ले जाकर फेंक दिया। दिल्ली पुलिस की टीमें शव की तलाश कर रही हैं। आरोपी चाचा भी फरार बताया जा रहा है। इस मामले में परिवार के अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रेमी से बात करते धरी गई तो मां ने पकड़े पैर, भाई ने दबा दिया गला

 

नई दिल्‍ली. कंझावला के जोंती गांव में प्रेम प्रसंग के चलते एक 26 वर्षीय युवती को उसी के भाई और मां ने गला दबाकर मार डाला। युवती एमसीडी स्कूल में पढ़ाती थी।


अप्रैल में हुई इस हत्या का पर्दाफाश लंबी तफ्तीश के बाद हुआ। पुलिस ने युवती के भाई मोहित (22) और मां बीरवती (55) को गिरफ्तार कर लिया है। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आपराधिक षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।



मृतका की पहचान दीप्ति चिकारा (26) के रूप में हुई। वह गांव में ही रहने वाले ललित वत्स से प्यार करती थी, लेकिन दीप्ति के माता-पिता इस बात के खिलाफ थे। दीप्ति के परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई हैं। वह सुल्तानपुरी स्थित एमसीडी स्कूल में परमानेंट टीचर थी। पिता डीटीसी में कार्यरत हैं।


परिजनों ने दीप्ति की मर्जी के खिलाफ उसकी शादी कर दी थी, लेकिन कुछ समय बाद वह मायके लौट आई थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने 25 मई को दीप्ति के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की शिकायत कंझावला थाना पुलिस को दी थी। एक महीने की जांच के बाद पुलिस को दीप्ति के भाई मोहित की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। कड़ाई से हुई पूछताछ के दौरान उसने बहन की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने खुलासा किया कि 19 अप्रैल की रात को बहन अपने कमरे में प्रेमी ललित से गुपचुप तरीके से फोन पर बात कर रही थी। इस पर मां और भाई मोहित ने दीप्ति की खूब पिटाई की। बाद में मोहित ने दीप्ति की गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान मां ने बेटी के पैर पकड़ कर उसे जकड़े रखा।


पुलिस के मुताबिक मोहित ने चाचा की मदद से शव को ऑल्टो कार में रुड़की ले जाकर फेंक दिया। दिल्ली पुलिस की टीमें शव की तलाश कर रही हैं। आरोपी चाचा भी फरार बताया जा रहा है। इस मामले में परिवार के अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब पानी बोओ,पानी पाओ की देगे सीख

अब पानी बोओ,पानी पाओ की देगे सीख
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 जिले भर में लगेंगे रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
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- जनचेतना के लिए हर ब्लोक में लगेंगे मॉडल
बाड़मेरजिले में पेयजल की कमी संकट के रुप में दिखाई दे रही है। इसका कारण भूमि के जल स्तर का लगातार गिरना है। गर्मी के दौर में यह समस्या विकराल रूप के सामने आ रही है। जल के अत्यधिक दोहन से धरती की कोख सूख रही है। आंकड़ों पर नजर डाले तो बीते कई वर्षो के भीतर जिले में कई मीटर तक जलस्तर गिर गया है। जलस्तर को बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से तालाबों का संरक्षण करने की कवायद हुई, हें और इसी योजना में से एक रूफ वाटर हारवेस्टिंग योजना जल्द ही भूजल के पुन्रभरण में महती भूमिका अदा करता नजर आएगा . .सी सी डी यू के आई ई सी कंसल्टेंट अशोक सिंह ऩे बताया की सी सी डी यू और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सयुक्त उपक्रम जल स्तर को बढ़ाने के लिए वाटर हारवेस्टिंग योजना का सघन प्रचार प्रसार किया जा रहा है . भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक है वर्षा जल के संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) की। जल संकट से निजात पाने के लिए एक मात्र उपाय है व्यर्थ बहने वाले वर्षा जल को एकत्रित कर विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से जमीन में उतारकर जलस्तर में वृद्धि की जाए। शहरी क्षेत्र में रिहायशी बस्तियों एवं मकानों की छतों से वर्षा के मौसम में करोड़ों लीटर जल बहकर व्यर्थ हो जाता है। एक गणना के अनुसार 1000 वर्गफीट की छत से एक सेमी बारिश होने पर लगभग एक हजार लीटर पानी बहकर निकल जाता है। जिले में प्रतिवर्ष औसतन 1300 सेमी वर्षा होती है, ऐसी स्थिति में लगभग एक लाख लीटर पानी विभिन्न स्रोत के माध्यम से बाहर निकल जाता है। छत के वर्षा जल को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक के माध्यम से सीधे नलकूप या अन्य जलस्रोत में पहुँचा दिया जाता है तो आने वाले समय में जलस्तर में वृद्धि होगी। इस बात को माडल के जरिये जिले की जनता और स्कूली बच्चों को समझाने के लिए सी सी डी यू जयपुर कार्यालय द्वारा बाड़मेर के हर ब्लाक के लिए क्रत्रिम भूजल पुन्रभरण माडल भेजा है . इस मॉडल में वर्षा बेहद सरल स्टिक तरीके से जल संचयन के तरीके को समझाया गया है . सिंह के मुताबित हमारे पूर्वज फसलों की सिंचाई के लिए बारिश के पानी को इकट्ठा किया करते थे। अगर हम भी ऐसा करना चाहते हो तो छत पर कोई टंकी या बड़ा बर्तन रखकर इस जल को इकट्ठा करे। रेन हार्वेस्टिंग दो तरह की होती है- पहली, जिसमें घर की छत पर ही बारिश के पानी को घर के इस्तेमाल के लिए इकट्ठा किया जाता है और दूसरी, जिसमें फसल की सिंचाई के लिए खेत या आसपास के स्थान पर पानी रोका जाता है। सी सी डी यू जयपुर कार्यालय द्वारा भेजे गये यह मॉडल जल्द ही हर ब्लोक मुख्यालय में भेजे जाऐगे .

क्या है रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ?
छत से आने वाले जल निकासी पाईप को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग फिल्टर से जोड़ दिया जाता है, फिल्टर के दूसरे सिरे को एक अन्य पाईप के माध्यम से नलकूप से जोड़ा जाता है। फिल्टर के साथ लगी ‘टी’ से जैविक प्रदूषण को रोकने के लिए समय-समय पर सोडियम हाइपोक्लोराइड या पोटेशियम परमेंगनेट(लाल दवाई) का घोल नलकूप या अन्य जलस्रोत में डाला जाता है, छत से आने वाली गंदगी एवं धूल के कारण फिल्टर चोक हो जाने की स्थिति में ‘टी’ के माध्यम से ही उसे बेकवाश भी किया जाता है।भूजल स्तर को बेहतर बनाने प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है। बारिश की बूंदें सहेजने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होने से अधिकतर पानी सड़कों से होते हुए नाली और नदियों में बह जाता है। ऐसे में ऐसे सिस्टम की जरूरत आज की महती जरूरत है .

जैसलमेर आम जनता को बेतरतीब ट्रेफिक से मिलेगी निजात

अस्थाई बस स्टेण्ड हटाने के लिए जैसलमेर पुलिस का अभियान

आम जनता को बेतरतीब ट्रेफिक से मिलेगी निजात
जैसलमेर जैसलमेर पुलिस ने जनहित में शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शहर के विन्हीं स्थानों से चलने वाले अवेध वाहनों और बसों के खिलाफ मुहीम चला उन्हें हटाएगी .जैसलमेर पुलिस का यह सराहनीय और साहसिक कदम हें ,जिले में अवेध वाहन मालिक शहर के कोने कोने से अपने वाहनों का सञ्चालन कर यातायात अवरुद्ध करते हें जिससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता हें .जैसलमेर पुलिस इस समस्या से आम जनता को निजात दिलाएगी .पुलिस अधीक्षक ममता बिश्नाई द्वारा शहर में बस ऑपरेटरो द्वारा अपनी बसो को अस्थाई स्टैण्ड पर बसे रोकने पर रोक लगाने के लिए शहर जैसलमेर में पदस्थापित अधिकारियों को निर्देश दिये गये जिस पर सुनिल पंवार (प्रोबे) आरपीएस मय जाब्ता द्वारा शहर जैसलमेर में प्राईवेट बसो को स्थाई बस स्टेण्ड पर सवारियॉ को न छोड कर शहर के अन्य भागो में उतारते की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए, शहर के विभिन्न भागो में मय जाब्ते के गश्त की तथा प्राईवेट बसो के ऑपरेटो को समझाई की। आरपीएस द्वारा शहर में अम्बेडकर पार्क के पास, कल्क्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक बंगला एवं कल्क्टर बंगला के पास बसों को नहीं रोकने के निर्देश दिये तथा समझाईश की तथा उक्त स्थानों पर खडी गाडियों को हटवाया तथा निर्देश दिये गये कि आईन्दा बसें इन स्थानो पर एवं अन्य अस्थाई बस स्टेण्डो पर खडी मिली तो उसके विरूद्ध एमवी एक्ट के तहत कार्यवाही कि जावेगी। इसके साथ साथ पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से अपील भी कि की पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जो कदम उठाये जा रहे है, उसमें पुलिस का सहयोग करे, क्यों कि पुलिस जो भी कार्य करती है वह जनता की भलाई ओर जनता को सही व्यवस्था देने के लिए करती है। इसलिए जनता का भी फर्ज बनता है कि पुलिस का वह हरसम्भव सहयोग करे। बस ऑपरेटर भी पुलिस का इस व्यवस्था को सुधारने में सहयोग करे तथा जनता भी बस द्वारा स्थाई बस स्टेण्ड पर उतरे व पुलिस का सहयोग करे।