बुधवार, 26 नवंबर 2014

जोधपुर। हादसे में युवक की मौत, पत्नी-मासूम पुत्री घायल

जोधपुर. बनाड़ व देवलिया गांव के बीच अज्ञात वाहन ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इसपर सवार युवक की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी व छह माह की पुत्री घायल हैं।

बनाड़ थाना पुलिस के अनुसार बोरून्दा थानान्तर्गत लवारी गांव निवासी सुरेश (22) पुत्र जवरीलाल प्रजापत कमठा मजदूरी के लिए दोपहर में मोटरसाइकिल पर जोधपुर आ रहा था। पत्नी शांति व छह माह की पुत्री निशा उसके साथ थी।
man died in road accident

देवलिया व बनाड़ के बीच मोड़ पर अज्ञात वाहन ने उसे चपेट में ले लिया। अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टक रा गई। सिर में गम्भीर चोट के कारण सुरेश का घटनास्थल पर ही दम टूट गया। आस-पास के लोगों ने घायल मां व बेटी को बनाड़ रोड स्थित निजी अस्पताल भिजवाया, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

उधर, पुलिस ने महात्मा गांधी अस्पताल में बगैर पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मौके से फ रार वाहन की तलाश शुरू की है। हैड कांस्टेबल प्रकाश का कहना है कि मृतक सूंथला की गजानंद कॉलोनी में रहने वाले अपने भाई के साथ रहकर मजदूरी करता था। 

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक समूहों को दी शुल्क में राहत

जयपुर। राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन नीति-2014 के तहत औद्योगिक समूहों को इकाइयां स्थापित करने के लिए भू-रूपांतरण और भू-उपयोग शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। इस संबंध में उद्योग संवर्द्धन ब्यूरो (बीआईपी) की ओर से आए प्रस्ताव के बाद नगरीय विकास विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किए।
rajasthan government give the relief on industrial groups duty

आदेशानुसार औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए कृषि भूमि या किसी अन्य भूमि के उपयोग को परिवर्तित (चेंज ऑफ लैंड यूज) करने अथवा किसी भूमि का रूपांतरण (लैंड कन्वर्जन) करने पर लिए जाने वाले शुल्क में अब 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

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जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगे : राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि नगरपालिका से लेकर ऊपर केन्द्र तक भाजपा का राज हो गया है। ऎसे में जिम्मेदारी भी उतनी बढ़ गई है। इस कारण अब कठिन समय आ गया है। जनता की उम्मीदों को पूरा करना बड़ी चुनौती है।दिल्ली से लौटने के बाद सांगानेर हवाई अड्डे से मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचीं। यहां निकाय चुनाव से उत्साहित कार्यकर्ताओं से राजे ने कहा कि पार्टी की पूरी टीम को इस तरह काम करना है कि जनता ने हम पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरें। इसके लिए जरूरी है प्रदेश की जनता को स्वच्छ प्रशासन दिया जाए। निकाय चुनाव की जीत पर राजे ने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि इस जीत का संदेश वे ऊपर तक पहुंचाएंगीं। इस मौके पर निकाय चुनाव प्रभारी व गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया ने कहा कि हमें ईमान व धर्म के साथ जनता के काम करने होंगे। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
a big challenge to complete of expectation publicb said raje

इनकी की तारीफ
राजे ने कटारिया, परनामी, सांसद रामचरण बोहरा, निकाय चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक ओंकार सिंह लखावत व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कैलाशनाथ भट्ट की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, कटारिया व परनामी ने एक-एक टिकट पर मंथन किया। कटारिया ने टिकट वितरण के लिए तय नियमों को टूटने नहीं दिया। बोहरा चुनाव प्रचार में लगे रहे। लाखवत को हैडमास्टर बताते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान पूरी व्यवस्था संभाले रखी। भट्ट ने कुशलता से मीडिया के सामने पार्टी की बात रखी।

कटारिया ने की राजे की तारीफ
कटारिया ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व प्रदेश में राजे के विकास मॉडल की जनता ने सराहा है। यह चुनाव परिणा उसका प्रमाण है। राजे के नेतृत्व में प्रदेश और विकास करेगा। इधर, भाजपा प्रदेश कार्यालय में उत्सवी माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोड़े और एक-दूसरे को बधाई दी।

आज आएगा शिक्षा सहायक भर्ती पर फैसला


जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट शिक्षा सहायक भर्ती से सम्बन्घित करीब 1700 याचिकाओं पर बुधवार शाम चार बजे फैसला सुना सकता है, इस मामले में सुनवाई पिछले दिनों पूरी हो गई थी।
rajasthan high court verdict likely today on assistant teacher appointment 2013

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी व वी एस सिराधना की बेंच ने पिछले दिनों मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी।

इन याचिकाओं के कारण 2013 में शुरू शिक्षा सहायक पदों पर होने वाली सीधी भर्ती अटकी हुई है, पिछले साल जब ये याचिकाएं दायर हुई थी तब हाईकोर्ट को आधी रात तक खोलना पड़ा था।

क्या आप सुनेंगे हमारी फरियाद ...... ... ... मोदी जी

मुंबई। भले ही उनकी चीखें अब चुप्पी में बदल चुकी है। पर उस खौफनाक दिन का साया अक्सर उनकी खुली आंखों में, सपनों और इच्छाओं में, जब चाहे आ जाता है।

जिंदगी बेमकसद, बेस्वाद, बेसबब और बेहद स्याह हो जाती है। वष्ाü 2008 में 26 नवंबर (26/11) का दिन उनके लिए ऎसा था, जिसकी टीस आज भी उनके जेहन में है।

उस दिन दरिंदों की बंदूक में छिपकर बैठी मौत से अंजान उनके परिजन मुंबई सीएसटी से सफर कर रहे थे। अचानक आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। उसमें कई लोग अपनी जान गंवा बैठे।

उनके परिजनों की जिंदगी अब वैसी नहीं रही, जैसी 26/11 के पहले थी। हालांकि परिजन अब भी हंसते हैं। बातें करते हैं और सपने भी देखते हैं लेकिन रह रह कर अपनों को 26/11 में खोने का दर्द बरकरार है।

Six Years After 26 11 Attacks

सोनिया ने रखा था सिर पर हाथ, 6 साल बाद खाली हाथ

बर्तन की आवाज से भी सिहरन...
पीडिता साबिरा खान कहती हैं, नेताओं ने तब कई वादे किए। पर हर बार छले गए। जहां 26/11 लिखा दिखता है तो वह काला दिन एकदम याद आ जाता है। आज भी सहमी हूं। बर्तनों तक की आवाज कलेजा हिला देती है। उस दिन ने हमारी जिंदगी में हर बात में खौफ भर दिया।

दर्जनों छर्रे धंसे थे बदन में...
साबिरा बोलीं, धमाका होते ही काफी दूर जा गिरीं। सामने एक-एक कर लाशों के ढेर लगते जा रहे थे। मेरे शरीर में दर्जनों छर्रे धंसे थे और दर्द के मारे कराह रही थी। थोड़ी देर बाद लाश सी बनकर ढेर हो गइंü। मौजूद लोगों ने इंसानियत का तकाजा दिखाते जेजे अस्पताल पहुंचाया।

आंख खुली, नेताओं से घिरे पाया
आंख खुलीं तो आसपास शीर्ष नेताओं को पाया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तत्कालीन केंद्र व राज्य सरकार के बड़े नेता मौजूद थे। सोनिया ने मेरे सिर पर हाथ रखा। इलाज व मुआवजे का आश्वासन भी दिया मगर मिला नहीं।

6 साल, सैकड़ों अर्जियां
साबिरा के बेटे अब्दुल ने कहा, उस दिन मां के साथ था। लाशों के ढेर लगते देखे। 6 साल में केंद्र से राज्य सरकारों तक सैकड़ों अर्जियां दी। हर बार 26/11 को नेता हमारे पास आते हैं, फोटो खिंचाते हैं। फिर बुरे दिन की तरह भूल जाते हैं।

घर का बिका सामान
घर का सारा सामान बेच मां का इलाज कराया। किसी तरह की मदद नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार हादसे में पीडित 300 में से 40 फीसदी परिवारों को सरकारी मदद चाहिए। अब्दुल को मोदी राज से अच्छे दिनों की बड़ी उम्मीद है।

न आए ऎसी रात
हमले में शहीद महाराष्ट्र पुलिस के विजस सालस्कर की पत्नी स्मिता यही कह उठती हैं, ऎसी काली रात आनी ही नहीं चाहिए थी। बेटी के साथ खुश रहने का प्रयास करती हैं। कहा, सरकार से गुहार की तो देर-सवेर जरूर सुनी जाएगी।

अफसर हैं तो राहत भी
इस परिवार को सरकार से मुआवजा भी मिला। बेटी को नौकरी भी पर वह कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करना चाहती है। लिहाजा नौकरी से मना कर दिया। स्मिता बताती हैं, आज भी कई परिवार सरकारी मदद के इंतजार में हैं।

घात लगाए बैठे थे...
घटना के गवाह कृष्णकुमार पी. अरूण जाधव ने कहा, आतंकी अजमल कसाब, अबू इस्माइल पुलिस वैन पर घात लगाए बैठे थे, जिसमें हेमंत करकरे, अशोक राव, सालस्कर व 3 कांस्टेबल सवार थे।

मंजर भयावह था
अरूण बताते हैं, कंट्रोल रूम से फायरिंग की खबर मिली तो बगैर सुरक्षा कवच मौके पर पहुंचे तो मंजर भयावह था। जवाबी फायरिंग में घायल कसाब भागा पर तुकाराम से नहीं बच पाया। - 

मंगलवार, 25 नवंबर 2014

अकेले मेवाराम पूरी बीजेपी की फौज पर भारी

अकेले  मेवाराम पूरी बीजेपी की फौज पर भारी 

नगर परिषद चुनावो में कांग्रेस  के 19 भाजपा के 16 और 5 निर्दलीय जीते 

कांग्रेस और बीजेपी दोनों का   बोर्ड बनाने का दावा 

नगर निकाय चुनावो में भाजपा के तोते उड़े 

बाड़मेर । तोते उड़ गए, यानि हाथ में कुछ नहीं रहा, जो था वह भी हाथ से फिसलकर दुसरे की झोली में जा गिरा। नगर परिषद बाड़मेर के  परिणाम   ने इस मुहावरे को चरितार्थ करते हुए भाजपा के हाथ से तोते उडा दिए है। जिले में 6 भाजपा विधायक और एक सांसद भाजपा का होने के बावजूद भी भाजपा शहर में अपना बोर्ड नही बना पा रही है मगलवार को जब नगर परिषद के बोर्ड बनाने के दावे धरे के धरे रह गए बाड़मेर नगर परिषद के चुनावो में भाजपा को 16 सीट ही हाथ हाथ लगी है जबकि कांग्रेस को 19 और 5 निर्दलीयों ने बाजी मारी है मंगलवार को आये चुनाव परिणाम में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है हालाँकि कई निर्दलीयो के कांग्रेस के प्रति झुकाव को देखकर लगता है की शहर में कांग्रेस का बोर्ड बनाना तय हो गया है हालाँकि इसका फैसला आज नवनियुक्त पार्षद करेंगे फिर भी अटकलों के बाजार में कांग्रेस का बोर्ड बनाना तय माना जा रहा है 
कौन जीता  
वार्ड संख्या 1 से निर्दलीय सुरतान सिंह वार्ड संख्या 2 से निर्दलीय अनिल कुमार वार्ड संख्या 3 से पीताम्बर सोनी कांग्रेस ,वार्ड संख्या 4 अंजना जैन कांग्रेस वार्ड संख्या 5 जगदीश खत्री भाजपा वार्ड संख्या 6 रूखमणी देवी कांग्रेस वार्ड संख्या 7 रतनलाल बोहरा भाजपा वार्ड संख्या 8 प्रकाश सराफ भाजपा वार्ड संख्या 9 भावना  कांग्रेस वार्ड संख्या 10 किशनलाल कांग्रेस वार्ड संख्या 11 शांतिलाल भाजपा वार्ड संख्या 12 मिश्रीमल सावरिया कांग्रेस वार्ड संख्या13  श्याम पूरी भाजपा वार्ड संख्या14 शारदा परमार कांग्रेस वार्ड संख्या 15 से सुआ देवी कांग्रेस वार्ड संख्या 16 मीरा देवी निर्दलीय वार्ड संख्या 17 बांकराम निर्दलीय वार्ड संख्या 18  दिलीप सिंह गोगादेव  कांग्रेस निर्विरोध निर्वाचन वार्ड संख्या 19 नरेश देव कांग्रेस वार्ड संख्या 20 धनराज सोनी भजपा वार्ड संख्या 21 से लूणकरण बोथरा कांग्रेस वार्ड संख्या 22 सरोज कांग्रेस वार्ड संख्या 23 गंगा विष्ण अग्रवाल भाजपा वार्ड संख्या 24 नर्मदा सोनी भाजपा वार्ड संख्या 25 मदन चंडक भाजपा वार्ड संख्या 26 दिलीप पालीवाल भाजपा वार्ड संख्या 27 शुशीला कांग्रेस वार्ड संख्या 28 गगनदास सिन्धी कांग्रेस वार्ड संख्या 29 प्रीतमदास जीनगर कांग्रेस वार्ड संख्या 30 से सम्पतराज भाजपा वार्ड संख्या 31 राजूदेवी मेघवाल वार्ड संख्या 32 बलवीर माली कांग्रेस  वार्ड संख्या 33 बलवंत सिंह भाटी वार्ड संख्या 34 अमर सिंह भाटी वार्ड संख्या 35 बादल सिंह भाजपा वार्ड संख्या 36 रोचमल सिंधी वार्ड संख्या 37 से किशोर शर्मा वार्ड संख्या 38 रेणु देवी निर्दलीय वार्ड संख्या 39 निर्मला वार्ड संख्या 40 मनोहर कंवर ने बाजी मारी  
सबसे बड़ी जीत जीनगर की 
नगर निकाय चुनावो के परिणाम में  सबसे बड़ी जीत प्रीतम दास जीनगर की हुई है उन्होंने अपने निकटवर्ती प्रतिद्व्न्दी लक्ष्मी नारायण खींची को सबसे ज्यादा 572 वोटो से हराया जीनगर को कुल  926 वोट मिले जीनगर की शहर में सबसे ज्यादा मतो के अंतर से जीत  हुई है 
सबसे छोटी हार माली की 
नगर निकाय चुनावो में सबसे कम अंतर से हार दमाराम माली की हुई है दमाराम माली सभापति पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे माली को उनके निकटतम प्रतिद्व्न्दी श्यामपुरी ने मात्र 6 वोटो से हराया है 

बाड़मेर करारी हार के बाद खरीद फरोख्त से सभापति बनाने में जुटे भाजपाई ,कांग्रेस मस्त

बाड़मेर करारी हार के बाद खरीद फरोख्त से सभापति बनाने में जुटे भाजपाई ,कांग्रेस मस्त 


बाड़मेर बाड़मेर जिले के दो नगर निकाय के चुनाव नतीजे बीजेपी के लिए सुखद नहीं रहे ,जसवंत सिंह  चुनाव लड़ने के बाद कार्यकर्ताओ की कमी से जूझ रही बीजेपी निकाय चुनावो में मरणासन्न स्थति में पहुँच गयी ,बालोतरा और बाड़मेर में कांग्रेस ने बीजेपी को जमीं दिखा धरासायी कर दी ,स्पष्ट बहुमत के बाद कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने के प्रति आश्वस्त हे वाही बीजेपी नेता येन केन प्रकरण अपना सभापति बनाने के प्रयास में जुट गए ,बीजेपी नेताओ ने एक निजी होटल में तीन निर्दलीय पार्षदो के साथ कांग्रेस में तोड़ फोड़ करने में जुटी हे सूत्रों की माने तो बीजेपी को इसमे सफलता मिली हे ,निर्दलीय पार्षदो के साथ कांग्रेस के करीब  पार्षद बिकने  लगे हैं ,बीजेपी का अपना सभापति का दावेदार खड़ा करने की बजाय कांग्रेस से एक धनि नेता को सभापति बीजेपी और निर्दलीय के सहयोग से बनाने की तयारी चल रही हैं हालांकि कांग्रेस का दावा हैं की जीते हुए सारे पार्षद उनके साथ हे कोई खतरा नहीं हैं मगर विश्वशनीय सूत्र की माने तो कांग्रेस की जीत के बाद नायक बन उभरे विधायक मेवाराम जैन इस बार सभापति पद पर चालीस वार्ड से जीते श्रीमती मनोहर कंवर को बनाने के मूड में हे मगर उन पर दबाव हे की वार्ड इक्कीस से जीते धनपति लून कारन को सभापति बनाया जाये मगर लूँ कारन के पूर्व सांसद हरीश चौधरी गट से होने के साथ सक्षम होने के कारण विधायक अपनी राह में कांटे बिछाने की मूड में नहीं हैं ,लूणकरण सभापति के दावेदार के रूप में चुनाव लड़े सौ वो किसी कीमत पर  के मूड में नहीं हैं ,हालांकि लूणकरण खुद  फिल वक्त कांग्रेस  गुप्त स्थान पर हे ,मगर उनके लिए बीजेपी के नेता गोटिया बिछा रहे हैं ,बीजेपी लूणकरण को अपना उम्मीदवार बना कर कांग्रेस में तोड़ फोड़ करने के मूड में हैं  ,कुछ निर्दलीय बीजेपी खेमे में देखे गए हैं उनकी बात पक्की हो चुकी हैं। दूसरा डाव बीजेपी दिलीप पालीवाल पर खेलेगी लूणकरण बीजेपी के साथ नहीं आते तो दिलीप पालीवाल को उतार कांग्रेस को तोड़ने का प्रयास होगा ,बहार हाल देखना हे बीजेपी के नए नवेले नेता कोई करिश्मा कर पाते हे  निकाय चुनावो की तरह असफल होते हे वाही कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन ने अपने बलबूते कांग्रेस को जीत दिला दी अब उसे सभापति के अंजाम तक पहुंचा राजनितिक हुनर का परिचय देने। 

व्हॉट्सएप पर कैसे बदलें दोस्त का प्रोफाइल फोटो!

नई दिल्ली। व्हॉट्सएप पर खुद का प्रोफाइल फोटो बदलना आसान है लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि किसी दोस्त या जानने वाले का फोटो भी बदला जा सकता है।

चाहें आप को विश्वास हो या नहीं हो लेकिन यह एकदम सच है कि आप अपने फोन से अपने किसी दोस्त का प्रोफाइल फोटो बदल सकते हैं।


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यह बहुत आसान है और इसे ऎसे समझा जा सकता है। जब भी आप किसी की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो को फुल स्क्रीन में खोलते हैं तो वह व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो के फोल्डर में सेव हो जाती है।

यह फोटो उस शख्स के कॉन्टेक्ट के नंबर से सेव होती है। बस यहीं से आप यह करिश्माई बाजीगरी दिखा कर अपने दोस्त को चौंका सकते हैं।

फोटो बदलने का स्टैप बाई स्टैप मैथड

- फाइल मैनेजर, फिर एसडीकार्ड, व्हाट्सएप और प्रोफाइल पिक्चर में जाऎं।

- फोटो को प्रोफाइल पिक्चर के फोल्डर में सेव करें

- फोटो पर लॉन्ग प्रेस कर मेन्यू में से कॉपी का ऑप्शन चुनें

- इसे कहीं पेस्ट भी करें

- आपको इस फोटो का नाम कॉपी करना है। यह फाइल नेम आपके फ्रेंड का फोन नंबर होगा

- दोस्त का लगाया जाने वाला फोटो को स्टैंडर्ड साइज 640*640 में रिसाइज कर लें।

- इस नई फोटो को प्रोफाइल पिक्चर फोल्डर में मूव कर दें और इसे अपने दोस्त के नंबर से रिनेम करें।

- रिनेम करने के लिए फोटो पर लॉन्ग प्रेस करें और मेन्यू में से रिनेम ऑप्शन चुनें।

- दोस्त के नाम पर क्लिक करें और फिर उनकी प्रोफाइल पिक्चर को फुल स्क्रीन करें

- फुल स्क्रीन होते ही पिछली फोटो की जगह सेव की गई फोटो दिखाई देगी।

- अब आप इसका स्क्रीन शॉट लेकर अपने दोस्त को भेजकर उनके खूब मजे ले सकते हैं।

नोट करें दरअसल यह एक प्रैंक है, जिससे प्रोफाइल फोटो सच में नहीं बदलेगी पर आप अपने दोस्त को इससे परेशान जरूर कर सकते हैं।

हो जाएं सावधान अगर आपका बच्चा यूज करता है इंटरनेट

जयपुर। इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी एवं इसका संवाद माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना अच्छी बात है। लेकिन जब इससे दूर जाना लगभग असंभव सा लगने लगे तो इसे "टैक एडिक्शन" का मामला माना जाएगा।

बच्चे हो रहे शिकार
पिछले साल एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कॉमर्स (एसोचैम) की ओर से देश के कई मेट्रोपोलिटन शहरों में किए गए सर्वे में पता चला था कि 8-13 आयु वर्ग के 73 फीसदी बच्चे इंटरनेट पर विभिन्न सोशल नेटवर्किग साइट्स से जुड़े हुए हैं, जबकि 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ऎसा करने की इजाजत नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (नीमहंस) के मनोविज्ञानी डॉ. मनोज शर्मा कहते हैं कि इंटरनेट के नशे और मनोवैज्ञानिक अवसाद यानी तनाव के बीच सीधा संबंध है। सहपाठियों से महसूस होने वाला दबाव, पढ़ाई की चिंता और अकेलापन इंटरनेट से "चिपकने" के कारण हैं।

समय रहते चेत जाएं
नीमहंस में सेंटर फॉर एडिक्शन मेडिसिन के प्रमुख डॉ. विवेक बेनेगल कहते हैं, "सबसे ज्यादा जरूरी है एडिक्शन की पहचान। पहचान होने पर अनुभवी मनोचिकित्सक की सलाह या टेक डी-एडिक्शन सेंटर की सेवाएं लेनी चाहिए। प्रभावित व्यक्ति को टेक एडिक्शन के नुकसान के बारे में बताएं। इंटरनेट या मोबाइल पर चैटिंग, पोस्टिंग या मेल-मैसेज चैक करने के लिए दिन में दो-तीन बार 15 से 20 मिनट का समय निश्चित कर दें। आउटडोर गेम्स, घूमने फिरने और शारीरिक गतिविधियों में संलग्न होने के लिए प्रेरित करें। हो सके तो बच्चे को संगीत से भी जोड़ सकते हैं।

नेट से दूरी ही है बचाव
इंटरनेट की लत छुड़ाने का सबसे अच्छा उपाय इसका सीमित उपयोग है। हालांकि काउंसलिंग का भी सहारा ले सकते हैं। बच्चों को तकनीक से दूर रखना मुश्किल है पर थोड़ी हार्ड पेरेंटिंग से यह संभव है।
डॉ. श्रीकांत शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, एसएमएस, जयपुर
when child use internet you to be careful

मजबूरी भी है इंटरनेट
मोबाइल और इंटरनेट हमारे बीच आज जरूरी हो गए हैं। बच्चों के स्कूल होमवर्क से लेकर प्रोजेक्ट तक अब ऑनलाइन जमा होते हैं। ऎसे में इनसे पूरी तरह अलग रह पाना संभव नहीं है। उदय फाउंडेशन के प्रमुख राहुल वर्मा कहते हैं कि बच्चों को कोई बात जब पेरेंट्स समझाते हैं तो वे नहीं सुनते। वे दूसरों की बातों को सुनते हैं। इसलिए सेंटर में टैक एडिक्ट बच्चों को पारंपरिक तौर पर साथ खेलने और पसंद की चीजें करने की आजादी दी जाती है ताकि वे इंटरनेट से दूर रहें।

कितना जरूरी है इंटरनेट
संस्था की काउंसलर वैलेंटीना त्रिवेदी कहती हैं कि इंटरनेट सीमित तौर पर केवल जरूरत के समय इस्तेमाल किया जाए तो इससे नुकसान नहीं होता। वे कहती हैं कि दो साल की उम्र से ही बच्चे जब प्री-स्कूल और होम ट्यूशन में आते हैं, तभी से उनके जीवन में तनाव शुरू हो जाता है। जैसे-जैसे वे बड़े होते जाते हैं उनसे ऊल-जुलूल उम्मीदें रखी जाती हैं। परीक्षा में अच्छे अंक लाने का दबाव होता है। ऎसे में इंटरनेट उन्हें एक स्ट्रेस-फ्री माहौल देता है और वे उसमें समाते चले जाते हैं।

लत हटाने की कोशिश
दिल्ली के एनजीओ उदय फाउंडेशन द्वारा संचालित "सेंटर फॉर चिल्ड्रन इन इंटरनेट एंड टेक्नॉलॉजी डिस्ट्रेस" में टैक एडिक्ट बच्चों की काउंसलिंग की जाती है। काउंसलिंग में बच्चे अपनी बात रखते हैं। उन्हें शतरंज, कैरम जैसे इंडोर गेम्स खिलाते हैं व थोड़ा समय इंटरनेट से दूर रखने की कोशिश की जाती है।

इंटरनेट के नशे के लक्षण
इंटरनेट के साधारण उपयोग व नशे में अंतर को यूजर के व्यवहार से जान सकते हैं -
दिनभर मेल, व्हाट्सएप, एसएमएस व फेसबुक नोटिफिकेशन देखना या दूसरों की पोस्ट लाइक करना।
कम्प्यूटर या मोबाइल पर सोशल साइट्स, मैसेज आदि देखने या पोस्ट करने का कोई समय निश्चित ना होना।
मोबाइल हाथ से दूर ही नहीं करना।
पढ़ाई, घरेलू कामों में मन नहीं लगना और परफॉरमेंस में गिरावट आना।
आउटडोर गेम्स खेलने व शादी-विवाह या पार्टियों में जाने से कतराना। पूजा-पाठ या अन्य गतिविधियों में भी मोबाइल के बटन से छेड़छाड़ करना।
सिरदर्द, आंख में दर्द या नींद न आने की शिकायत करना।

सोशल साइट्स पर उड़ी ग्रेट एक्टर के निधन की अफवाह

मुंबई। सोमवार शाम अचानक सोशल नेटवरि्कंग साइट्स पर एक अफवाह फैली कि बॉलीवुड के महान एक्टर दिलीप कुमार हमारे बीच नहीं रहे।कई साइट्स पर यह खबर थी कि लीलावती अस्पताल में दिलीप साहब निधन हो गया है।
deelip kumar s death rumour news in social sites

इस अफवाह का खंडन पूर्व अभिनेत्री और उनकी पत्नी सायरा बानों ने किया है। उन्होंने कहा कि दिलीप साहब बिल्कुल ठीक हैं। इसके साथ ही महनायक अमिताभ बच्चन ने भी सायरा जी से बात करके ट्वीट किया है।

बिग बी ने ट्वीटर पर लिखा कि यूसुफ साहब के बारे में कुछ निरधार अफवाहें उड़ाई जा रहीं हैं। मैंने खुद इसकी सायरा जी से ली है दिलीप जी बिल्कुल ठीक हैं।

जानकारी यह मिली है कि दिलीप साहब रूटीन चेकअप के लिए लीलावती अस्पताल गए थे और इसी के बाद उनके निधन की अफवाहें उड़ा दी गईं। दिलीप साहब अभी हाल ही में सलमान की बहन अर्पिता के रिसेप्शन में भी शामिल हुए थे। 

डकैती की तैयारी कर रहे पांच सदस्य गिरफ्तार

अहमदाबाद। शहर के जीवराजपार्क इलाके में स्थित घुंघरू ज्वैलर्स में डकैती की तैयारी कर रहे ईरानी गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात कॉम्बिंग के दौरान विशाला सर्कल के पास से धर दबोचा है। इनके पास से एक रिवाल्वर, दो कारतूस, एक कार व दो बाइकें, पांच मोबाइल फोन जब्त किए हंै। दो आरोपी पुलिस को देख फरार हो गए।
Prepare robbery arrested five members

क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त एम.डी.चौधरी ने बताया पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना जाकिर हुसैन ईरानी (43) है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के ईदगाह इलाके में इंदिरा वार्ड निवासी तालिब हुसैन सैयद (31), महाराष्ट्र कल्याण के मौलवी कृपा चाल स्थित पाटिलनगर निवासी रफीक सैयद (30), थाणे जिले के अंबेवली वेस्ट स्थित मंगलनगर निवासी जावेदअली ईरानी (60) व थाणे जिले के कौसा-मुमरा गांव स्थित हिल व्यू फ्लैट निवासी मुस्तफा जाफरी (31) को भी गिरफ्तार किया है। थाणे अंबेवली निवासी आलिया ईरानी और भिवंडी निवासी तबरेश ईरानी पुलिस को देख फरार हो गए।

पुलिसकर्मी बनकर महिलाएं से ठगते हैं आभूषण

चौधरी ने बताया कि ये गिरोह कई प्रकार के अपराध करता है। इसमें ज्वैलर्स के यहां लूट, डकैती के अलावा पुलिसकर्मी बनकर आगे जांच चलने की बात कहकर महिलाओं के पास से उनके आभूषण ठगने का काम और बैंक में लोगों के नोट गिनने में मदद करने के बहाने से गड्डी से नोट पार करने सरीखे अपराध शामिल हैं

आखिर क्यों किया जसोदाबेन ने ऐसा

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन ने सोमवार को आरटीआई आवेदन के जरिए पूछा कि उन्हें किस प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा कवर दिया जा रहा है।

मेहसाणा के एसपी को दिए तीन पन्नों के अपने आवेदन में उन्होंने कहा है, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी हूं और मैं जानना चाहती हूं कि गुजरात सरकार की ओर से दिए गए सुरक्षा कमांडो के अलावा मैं और कौनसी सुविधाओं की हकदार हूं।

 Prime Minister Narendra Modi's wife unhappy over security cover, files rti to seek details from government

उन्होंने मोदी की मां, भाइयों और बहनों की सुरक्षा के लिए जारी आदेश की प्रतिलिपि भी मांगी है। मेहसाणा के ऊंझा स्थित ब्राह्मणवाड़ा गांव में रह रही जसोदाबेन की सुरक्षा में मोदी के पीएम बनने के बाद से ही कमांडो तैनात हैं।

यह भी पूछा

- हमें अपने सुरक्षा गार्डो की पूरी जानकारी दी जाए। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या उन्हीं के गार्डो ने की थी, इसलिए हम डरे हुए हैं। उनकी तैनाती के आदेश की प्रतिलिपि भी दें।

- मैं तो सार्वजनिक वाहन में सफर करती हूं, जबकि मेरे निजी सुरक्षाकर्मी सरकारी गाडियों में सफर करते हैं। वे किसके आदेश पर सरकारी गाडियों का इस्तेमाल करते हैं?

- सुरक्षा गार्डो का कहना है कि उन्हें मेहमानों वाला बर्ताव मिले। ऎसा क्या प्रोटोकॉल है? 

लड़कियों की प्राइवेट बातें लीक, सुनकर चौंक जाओगे!

नई दिल्ली। लड़कियों की मानसिकता अब छुपी नहीं रही बल्कि आम हो गई है। सोशल मीडिया पर हाल ही वायरल हुए एक वीडियो में दिल्ली की लड़कियों के रिकॉर्ड किए बेबाक बयान दिखाए गए।
you will amazed to listen leaked private talks of girls

दिल्ली में बने इस वीडियो में शहर की लड़कियां खुलकर बता रही हैं कि उनको कैसे लड़के पसंद हैं और कैसे नापसंद। इसके अलावा लड़कियां और भी काफी रोजमर्रा की चीजों के बारे में बात करती दिखाई गई हैं।

वीडियो सोशल वेबसाइट यूटयूब पर अपलोड किया गया और लाखों लोगों ने इसे देखा और शेयर किया।

बिइंग इंडियन नाम के यू ट्यूब चैनल से अपलोड यह वीडियो आते ही वायरल हो गया। हर कोई जानने में लग गया कि आखिर दिल्ली में पली-बढ़ी लड़कियों की मानसिकता क्या होती है।

"एवरी इंडियन गर्ल" नामक इस वीडियो को चैनल ने बीते 12 अगस्त को अपलोड किया था। और देखते ही देखते यह वीडियो नंबर एक के पायदान पर पहुंच गया था। इसे अबतक 17 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। - 

10 साल की नौकरी पूरी तो पेंशन मिलेगी


जयपुर। हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी ने सेवानिवृत्ति से पहले दस साल की नौकरी पूरी कर ली है और उसका कर्मचारी भविष्य निधि में अंशदान जमा हुआ है, तो वह मासिक पेंशन पाने का हकदार है।


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी व न्यायाधीश वीएस सिराधना की खण्डपीठ ने उत्तरप्रदेश के ओरैया जिले के ज्ञानेन्द्र सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया। प्रार्थी वष्ाü 1981 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ, उसके बाद जयपुर नागौर आंचलिक ग्रामीण बैंक में अधिकारी नियुक्त हुआ और वष्ाü 2002 में सेवानिवृत्त हो गया। 

10 years of service will receive a full pension

भविष्य निधि पेंशन योजना के तहत पेंशन के लिए 58 साल की उम्र से पहले 10 साल की नौकरी पूरी होने की शर्त है, जबकि बैंक में सेवानिवृत्ति आयु 60 साल है। प्रार्थी ने सेवानिवृत्ति से पहले 10 साल की नौकरी पूरी कर ली, इसके बावजूद उसे पेंशन नहीं दी जा रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से कहा कि याचिकाकर्ता ने 58 साल की आयु पूरी होने से पहले 10 साल की नौकरी पूरी नहीं की, ऎसे में वह कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन पाने का हकदार नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने 10 साल की नौकरी पूरी कर ली है और 58 साल आयु के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, वे भी पेंशन पाने के हकदार हैं। बशर्ते उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत सेवानिवृत्ति तक अंशदान जमा कराया हो। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पेंशन पाने का हकदार मानते हुए कहा कि उसे वर्ष  2002 में सेवानिवृत्त होने की तारीख से पेंशन दी जाए, बकाया परिलाभ का तीन माह में भुगतान कर दिया जाए।

सचिन ने स्वीकारी पार्टी की हार, पंचायत चुनाव की तैयारी

जयपुर। राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि राज्य में निकाय चुनाव में पार्टी की हार से वे हतोत्साहित नहीं होकर भविष्य की तैयारी जाएगी।

पायलट निकाय चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद मीडिया से अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि पार्टी को उम्मीद से काफी कम सीटे मिली हैं और जहां भारतीय जनता पार्टी के बोर्ड बनने की संभावना को रोकने की तैयारी भी असफल रही है लेकिन वे इससे मायूस नहीं होकर आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू करेंगे।
sachin pilot says rajasthan civic body poll results not as expected

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने चालीस प्रतिशत युवाओं सहित नए लोगों को मौका दिया। उन्होंने कहा कि गत विधानसभा में भाजपा को मिली ऎतिहासिक जीत के बाद भाजपा सरकार पिछले एक साल में जनहित में अच्छा काम नहीं कर पाने के मुद्दे के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने काफी मेहनत की लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और अच्छा काम करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गत विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिले मत की तुलना में इस बार निकाय चुनाव में शहरों में पार्टी को अधिक मत प्राप्त किए हैं। हालांकि सीटे जीतने में सफलता नहीं मिली हैं।

उन्होंने अपनी पार्टी की हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता ने एक बार फिर भाजपा को बहुमत देकर काम करने का मौका दिया हैं और उन्हें अपनी सही जिम्मेदारी निभाते हुए जनहित में काम किया जाना चाहिए। -