शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

मरु महोत्सव16 से 18 फरवरी







मरु महोत्सव16 से 18 फरवरी तक
जैसलमेर। जैसलमेर में पर्यटन विभाग एवं जिला प्रषासन के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 16 से 18 फरवरी तक आयोजित होने वाले मरु महोत्सव को लेकर इन दिनों व्यापक तैयारियां जारी हैं। 
पर्यटन स्वागत केन्द्र के सहायक निदेशक विकास पण्ड्या ने बताया कि तीन दिवसीय मरु महोत्सव के समारोहों की श्रृंखला में प्रथम दिवस 16 फरवरी को गडसीसर से शहीद पूनमसिंह स्टेडियम तक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें सीमा सुरक्षा बल के सजे धजे ऊँट, मरुश्री व मूंछ प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतियोगी शरीक होंगे। सिर पर मंगल कलष धारण किये हुए स्कूली छात्राएँ इसमें शामिल होंगी। मूमल महेन्द्रा की सजी हुई झांकियों के साथ ही पर्यटन विभाग द्वारा आमंत्रित कलाकारों के समूह अपनी कला का प्रदर्षन करते हुए शामिल होंगे।
 
शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में मरु समारोह उद्घाटन के साथ ही श्रीमती किषनी देवी मगनीराम मोहता राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जैसलमेर की बालिकाओं द्वारा घूमर नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा। उसके बाद मूमल महेन्द्रा, साफा बाँध, मिस मूमल, मिस्टर डेजर्ट व मूँछ प्रतियागिताएँ विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
 
शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में शाम को उत्तर मध्य क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के 105 कलाकारों द्वारा ’सप्तरंग’ कार्यऋम प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों से मशहूर कलाकार अपना फन दिखाएंगे।
 
तीन दिवसीय मरु महोत्सव के दूसरे दिन 17 फरवरी को सुबह देदानसर मैदान में ऊँट श्रृंगार, शान ए मरुधर, रस्सा कस्सी, पणिहारी मटका रेस, केमल पोलो मैच की प्रतियोगिताएँ होंगी। इनके साथ ही भारतीय वायुसेना दल के सदस्यों द्वारा पैराड्रोपिंग शो का प्रदर्षन किया जायेगा।
 
शाम को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में सीमा सुरक्षा बल के जवानों द्वारा ऊँटों के विभिन्न करतबों (केमल टेटू शो) का आयोजन किया जायेगा। इनमें राजस्थान व गुजरात के विख्यात कलाकारों द्वारा लोक नृत्य व गायन कार्यऋमों का प्रस्तुतीकरण किया जायेगा।
 
तीन दिवसीय मरु महोत्सव तीसरे व अन्तिम दिन 18 फरवरी को सम सेण्ड ड्युन्स पर ऊँट दौड प्रतियोगिता का आयोजन तथा भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा पैराड्रोपिंग शो का प्रदर्षन किया जायेगा। इसके बाद राजस्थान के विख्यात कलाकारों द्वारा लोक गायन व नृत्य कार्यऋम प्रस्तुत किया जायेगा। भव्य आतिषबाजी के साथ ही मरु महोत्सव का समापन हो जाएगा।
 
जैसलमेर का तीन दिवसीय मरु महोत्सव अन्तर्राष्ट्रीय पहचान रखता है और इसमें बडी संख्या में देशी विदेशी मेहमानों का पर्यटन कुंभ जुटता है।

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