सोमवार, 3 अक्तूबर 2016

कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार प्रतियोगी परीक्षा कल 4 अक्टूबर को

कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार प्रतियोगी परीक्षा कल 4 अक्टूबर को
राज्य के सभी 33 जिलों के 1104 परीक्षा केन्द्रो पर 3 लाख 64 हजार 288 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
सभी तैयारियां पूर्ण - व्यापक सुरक्षा इंतजाम

अध्यक्ष डाॅ. ललित के. पंवार ने प्रशासन व पुलिस उच्च अधिकारियों से की चर्चा 

 
अजमेर 03 अक्टूबर। राजस्थान लोक सेवा द्वारा आयोजित कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार प्रतियोगी परीक्षा 2013 कल 4 अक्टूबर को राज्य के सभी 33 जिलों में स्थापित 1104 परीक्षा केन्द्रों पर होगी। जिसमें 3 लाख 64 हजार 288 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
3,491 कनिष्ठ लेखाकार एवं 279 राजस्व लेखाकर के पदो के लिए आयोजित इस परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारियां कर ली गई है। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हंै जिससे परीक्षा में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो।
आयोग के अध्यक्ष डाॅ. ललित के .पंवार ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए प्रशासनिक व पुलिस के उच्च अधिकारियों से विस्तार से चर्चा कर पूरे सुरक्षात्मक इंतजाम करना सुनिश्चित किया है। एसओजी के उच्च अधिकारियों से भी चर्चा की गई। उन्होंने विभिन्न जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से भी सतर्क रहकर पुख्ता व्यवस्थाएं करने को कहा है।
डाॅ. पंवार ने आज भी अपने कक्ष में परीक्षा के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की।
यह परीक्षा पूर्व में 2 अगस्त 2015 को आयोजित की गई थी जिसे राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 3 जून 2016 को निरस्त कर दिया गया था।
सभी संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाए जा रहे हैं जिसका निर्णय संबंधित जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक द्वारा लिया जाएगा।
आयोग के सचिव श्री गिरीराज सिंह खुशवाहा के अनुसार परीक्षा कल 4 अक्टूबर को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक तथा दोपहर 2.30 बजे से 5 बजे तक दो सत्रों में आयोजित होगी। उन्होंने जिला कलक्टर्स को अपने सभी केन्द्रधीक्षक को निर्देशित करने को कहा है कि परीक्षा में प्रवेश करते समय परीक्षार्थी के मूल पहचान पत्रा एवं प्रवेश पत्रा पर अंकित फोटो का मिलान कर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया जाए। जिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रा एवं मूल पहचान पत्रा में फोटो का अन्तर पाया जाता है तो परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित विडियोंग्राफर से अभ्यर्थी की विडियोग्राफी करवायी जाए। दोनो सत्रों में उपस्थित अभ्यर्थियों के मूल पहचान पत्रा एवं प्रवेश पत्रा की जांच की जाए तथा संदेह होने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाए।




अजमेर शहर में 24 घण्टे में पेयजल सप्लाई देने के लिए बनाए आवश्यक संसाधनों की रिपोर्ट
अजमेर 03 अक्टूबर। अजमेर शहर में 24 घण्टे के अन्तराल से पेयजल सप्लाई आरम्भ करने के लिए आवश्यक संसाधनों की विस्तृत रिपोर्ट बनाने के लिए सोमवार को जिला कलक्टर गौरव गोयल ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनिल सिंघल को निर्देशित किया।
उन्होंने विभिन्न विभागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कहा कि जलदाय विभाग को 24 घण्टे में पेयजल सप्लाई करने के लिए आवश्यक संसाधन विभिन्न स्त्रोंतो से उपलब्ध करवाए जाएंगे। संसाधनों के पूरी रिपोर्ट तुरन्त तैयार की जाए। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में निर्माणाधीन उच्च जलाशय के लिए पम्प हाउस पुरानी क्वार्टर के स्थान पर बनाए जाने के निर्देश प्रदान किए। दरगाह क्षेत्रा तथा कायड़ विश्राम स्थली में पेयजल सप्लाई ठीक की जाए। श्रीनगर के छातड़ी गांव में जल सप्लाई को दुरूस्त करेन की आवश्यकता बतायी।
उन्होंने कहा कि जिले में मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचने के लिए सावधानी पूर्वक पूर्व तैयारी कर लेनी चाहिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं को सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त माॅनिटरिंग करनी चाहिए। नया बाजार स्थित पाॅलिक्लिनिक को शास्त्राीनगर में स्थानान्तरित करने के लिए लिए तेजी से प्रयास करने चाहिए। आनासागर की भूमि से अतिक्रमणकारियों को बेदखल किया जाना चाहिए। उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से मिलने वाले राशन सामग्री का शत प्रतिशत वितरण पोश मशीन के माध्यम से किया जाना चाहिए। पोश मशीन के बिना वितरण करने वाले लाईसेंस धारकों से गलत वितरण की वसूली की जानी चाहिए तथा मशीन का उपयोग नहीं करने वाले व्यक्तियों का प्राधिकार पत्रा निलम्बित किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अतिरक्त जिला कलक्टर किशोर कुमार, अबु सूफियान चैहान, अरविंद कुमार सेंगवा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल राम मीना, उप वन संरक्षक अजय चितौड़ा उपस्थित थे।

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