मंगलवार, 8 सितंबर 2015

कौशल प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट को प्राथमिकता दें: शर्मा



कौशल प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट को प्राथमिकता दें: शर्मा
बाड़मेर, 08 सितंबर। युवाआंे को विभिन्न टेªडस मंे कौशल प्रशिक्षण देने के बाद उनके प्लेसमेंट को प्राथमिकता दी जाए। प्रशिक्षण लेने वाले युवाआंे की आगामी पांच साल ट्रेकिंग की जाए कि उनको स्थाई रूप रोजगार मिल गया अथवा नहीं। कौशल विकास राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसको गंभीरता से लिया जाए। यह बात जिला कलक्टर मधुसूदन शर्मा ने सोमवार जिला स्तरीय कौशल विकास समिति की बैठक मंे कही।

जिला कलक्टर ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम वाले क्षेत्रांे मंे अधिकाधिक युवाआंे को प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस दौरान जोधपुर मंे संचालित हो रहे केयर्न के सेंटर आफ एक्सीलेन्स को बाड़मेर मंे स्थानांतरित करने पर चर्चा की गई। ताकि स्थानीय युवाआंे को इसका अधिकाधिक फायदा मिल सके। जिला कलक्टर शर्मा ने कहा कि जिले मंे संचालित हो रहे कौशल विकास केन्द्रांे का अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करने के साथ इसके जरिए अधिकाधिक युवाआंे को प्रशिक्षण दिलाने का प्रयास करें। बैठक मंे कौशल विकास केन्द्रांे की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। राजस्थान कौशल विकास एवं आजीविका मिशन के प्रतिनिधि ने बताया कि तीन कौशल विकास केन्द्र संचालित किए जा रहे है। साथ ही दो नए सेंटर खोले जा रहे है। इस दौरान खाली सरकारी विद्यालयांे एवं सरकारी भवनांे का कौशल प्रशिक्षण केन्द्रांे के लिए उपयोग मंे लेने समेत कई मुददांे पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान केयर्न इंडिया के ध्रुवप्रसाद, एसबीबीजे आरसेटी के प्रबंधक, महिला मंडल, श्योर, प्रज्ञान रिचर्स इंस्टिटयूट, आईआईएनईआरएम समेत विभिन्न संस्थाआंे के प्रतिनिधियांे ने कौशल विकास प्रशिक्षण के बारे मंे सुझाव दिए। बैठक के दौरान जिला कलक्टर शर्मा ने कौशल विकास संबंधित जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए बाड़मेर शहर एवं अन्य मुख्य स्थानांे पर केयर्न इंडिया को होर्डिग्स लगाने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि महाविद्यालयांे एवं सीनियर सैकंडरी स्कूलांे मंे कौशल विकास प्रशिक्षण संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन कर अधिकाधिक युवाआंे को ऐसे प्रशिक्षणांे से लाभांवित कर प्लेसमेंट दिलवाएं। इस दौरान अवगत कराया गया कि सिणधरी एवं धोरीमन्ना मंे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए पांच-पांच बीघा भूमि आवंटन कर दी गई है। कौशल विकास समिति की बैठक मंे विभिन्न विभागांे के अधिकारियों ने कौशल विकास प्रशिक्षण संबंधित सुझाव दिए।

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