सोमवार, 2 दिसंबर 2013

बाड़मेर महिलो का भेष धारण कर किया युवको ने फर्जी मतदान ,पुलिस को सौंपा तो उसे छोड़ दिया व्

बाड़मेर महिलो का भेष धारण कर किया युवको ने फर्जी मतदान ,पुलिस को सौंपा तो उसे छोड़ दिया व्


मुख्य चुनाव आयुक्त को शिकायत कि मानवेन्द्र सिंह ने


बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के दो बुथो पर फर्जी वोट डालने और भाजपा अभिकर्ताओ के साथ मारपीट करने कि शिकायक भाजपा प्रत्यासी मानवेन्द्र सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कि हें।


मानवेन्द्र सिंह के मुख्य चुनाव अभिकर्ता राजेंद्र सिंह भियांद ने बताया कि बूथ संख्या 344 रमजान कि गफन में सरकारी रेकार्ड एवं एरिया मजिस्ट्रेट कि रिपोर्ट में अंकित किया हें कि इस बूथ पर फर्जी मतदान किया गया ,जिसमे पुरुषो द्वारा महिलाओ के कपडे पहन कर मतदान करने के मामले पकड़ कर बूथ पर पुलिस कर्मियो को सुपुर्द किया मगाय बी एल ओ द्वारा को कार्यवाही अमल में नहीं लाई गयी ,इसी बूथ में चुनाव आयोग के केंद्र के एक सौ मीटर के दायरे में लोगो कि उपस्थिति पर पाबंदी के बावजूद बूथ परिसर में सेकड़ो लोग फर्जी मतदान के षडयंत्र के लिए। इस बूथ पर कांग्रेस पारी के प्रत्यासी समर्थको द्वारा मारपीट भाजपा के अभिकर्ता के साथ कि गई। जिसकी सूचना सम्बंधित अधिकारी को दी मगर कोई एक्शन नहीं लिया। ठीक इसी प्रकार शिव विधानसभा क्षेत्र के ही बूथ संख्या 195 हमीरनी में भरी फर्जी मतदान हुआ और भाजपा के अभिकर्ता को बूथ में डराया धमकाया और मारपीट कर सामूहिक रूप से फर्जी मतदान किया गया जिसका बूथ पर उपस्थित मतदाताओ ने भी विरोध किया। अधिकारी को सूचना दी जिस पर आर ओ द्वारा तहसीलदार को मौके पर भेजा जरुर मगर कोई कार्यवाही नहीं कि। चूँकि ऊपर अंकित दोनों बूथ संवेदनशील हें नियमानुसार इन केंद्र कि दिन भर कि रिकॉर्डिंग जरुरी हें मगर इसके बावजूद संवेदनशील केंद्र कि रिकॉर्डिंग नहीं कि ,तो रमजान कि गफन में बूथ परिसर के अंदर करीब चार दर्जन अनजान लोग बेठे थे जबकि नियमानुसार सौ मीटर के दायरे में किसी पार्टी का व्यक्ति परिसा में खड़ा नहीं रह सकता। यह लोग वो थे फर्जी वोट डालने वाले थे ,जो जो फर्जी पोलिंग कि कि प्लानिंग कर रहे थे।



उक्त मतदान केंद्र संवेदनशील होने के कारन इनकी फूल टाइम विडिओग्राफी करना नित्य जरुरी था मगर जिला प्रशासन ने जान बुझ कर विडिओ ग्राफी नहीं कराई गयी। रविवार को मतदान के दिन सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी शिव के पास शिकायत दर्ज कराई गयी थी मगर कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गयी।



इस प्रशासनिक लापरवाही कि निष्पक्ष जांच कर दोनों स्थानो पर पुनर्मतदान कराने और पी ओ और बी एल ओ के खिलाफ कार्यववाही कि मांग कि हें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें