रविवार, 4 मार्च 2012

ब्रह्मोस मिसाइल का अचूक परीक्षण, दहल उठी पाक सीमा

ब्रह्मोस मिसाइल का अचूक परीक्षण, दहल उठी पाक सीमा
भारतीय सेना ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस- वर्जन 2 का रविवार को पोखरण के चांदन फायरिंग रेंज से सफल परीक्षण किया। इस दौरान मिसाइल के धमाके से पाकिस्तानी सीमा के नजदीक का इलाका थार दहल उठा।
 

अजासर गांव में काल्पनिक ठिकाने पर मिसाइल का अचूक निशाना भेद कर सेना ने अपनी मारक क्षमता दिखाई। लेकिन मिसाइल गिरने पर एक खेत में आग लग गई है। हालांकि इससे जान माल को हानि नहीं हुई है। गौरतलब है कि महाजन फायरिंग रेंज में यूएस आर्मी एक्सरसाइज करने पहुंच चुकी है। पाक मिसाइल हत्फ के परीक्षण के मद्देनजर ब्रह्मोस मिसाइल का पौने सात महीने में यह दूसरा परीक्षण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


भारतीय सेना और डीआरडीओ के उच्चाधिकारियों की मौजदूगी में रविवार सुबह 10.30 बजे चांदन फायरिंग रेंज से ब्रह्मोस मिसाइल से निशाना दागा गया। तेज धमाके के साथ इस मिसाइल ने कुछ पलों में ही टारगेट भेद दिया। तेज धमाके के साथ मिसाइल के टारगेट भेदने के साथ ही वहां घास में चिंगारी से आग लग गई। कुछ पल में वहां आग फैलने पर पुलिस को सूचना दी गई। इस पर नाचना थानाधिकारी ने मौके पर पहुंच दमकल की मदद से आग बुझाई गई। जैसलमेर एसपी ममता विश्नोई ने बताया कि आग से जान और माल की हानि की कोई सूचना नहीं है।


70 किमी जमीनी दूरी पर दागा निशाना


अजासर रेंज से हवाई दूरी करीब 28 किमी है। जबकि जमीनी दूरी करीब 70 किमी है। अजासर पाकिस्तान सीमा से करीब सवा किमी दूर है। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मोस--2 मिसाइल का इससे पूर्व 12 अगस्त 2011 को सफल परीक्षण किया गया था। इससे पहले 4 मार्च 2007 को मिसाइल ट्रायल के दौरान निशाना चूक गई थी। बाद में 28 मार्च को इसका दुबारा परीक्षण किया गया जो सफल रहा था।


पहले चाइना सेना और अब अमेरिकी सेना


ब्रह्मोस मिसाइल का इससे पूर्व 12 अगस्त को परीक्षण किया गया था। तब सीमा पार पाकिस्तान में चाइना और पाक सेना का संयुक्त अभ्यास चल रहा था । इस बार महाजन फायरिंग में यूएस आर्मी भारतीय सेना के साथ संयुक्त अभ्यास करने पहुंची है। इधर, भारतीय सेना के साठ हजार जवान भी वहां युद्धाभ्यास की तैयारी में लगे हुए है।


फायरिंग टेस्ट का मकसद


पाकिस्तान ने अपनी एक तिहाई सेना अलकायदा के आतंकवादियों से लडऩे के लिए अफगान सीमा पर लगा रखी है। भारतीय सेना का ध्यान बंटाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने एक रणनीति के तहत रेगिस्तानी इलाके में मिसाइल हत्फ का परीक्षण किया था। बीते दिनों पाक मीडिया में इस तरह की खबरें प्रकाशित हुई थीं कि भारतीय शहरों को अपने निशाने पर लेने के लिए पाकिस्तान परमाणु शस्त्र वहन करने में सक्षम 24 मिसाइल सेना में शामिल कर रहा है।


रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इन गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण कर यह संकेत देना चाहती है कि वह हर स्थिति से निपटने में सक्षम है। गौरतलब है कि रेगिस्तान में कभी जंग होने की स्थिति में युद्धक टैंकों और मिसाइलों की अहम भूमिका होगी।

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