BNT

BNT

चूंधी में झिलमिलाई दीप मालिका

जैसलमेर  जैसलमेर प्रवासी माहेश्वरी नवयुवक मंडल द्वारा शनिवार को चूंधी गणेश मंदिर में भव्य दीपमाला का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर को डेढ़ हजार से अधिक दीपों से सजाया गया। मंडल के सदस्य मनोज, दीपक सांवल ने बताया कि प्रवासी नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित इस दीपमाला में मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। शाम को आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु चूंधी गणेश मंदिर में दीपमाला के दर्शनार्थ पहुंचे। नवयुवक मंडल द्वारा निज मंदिर के साथ ही चूंधी में स्थित शिव मंदिर एवं मठ को भी दीपों से सजाया गया। शाम के समय बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दीप मालिका के दर्शनार्थ पहुंचे।


मुंबई से आया विद्यार्थियों का दल

शैक्षणिक भ्रमण के लिए पसंद बन रहा जैसाण

जैसलमेर  स्वर्णनगरी इन दिनों कई विद्यालयों की बच्चे भ्रमण पर आ रहे हैं। आए दिन शहर का भ्रमण करने कई स्कूली बच्चों के ग्रुप पहुंच रहे हैं। जैसलमेर एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के साथ एजुकेशनल डेस्टिनेशन के रूप में दिनों दिन उभर रहा है।

रविवार को मुंबई के तैय्यबा स्कूल के बच्चों का एक ग्रुप शैक्षणिक भ्रमण पर स्वर्णनगरी पहुंचा। इस ग्रुप में 55 विद्यार्थी एवं पांच फैकल्टी शामिल है। सात दिनों के राजस्थान टूर्स पर आया यह ग्रुप जैसलमेर, जोधपुर तथा जयपुर का भ्रमण करने के पश्चात मुंबई के लिए रवाना होगा। यहां की ऐतिहासिक इमारतें, सोनार दुर्ग, स्थापत्य कला एवं सम के रेतीले धोरों को देखने आए दिन देश की विभिन्न स्कूलों के ग्रुप पहुंच रहे हैं।

स्वर्णनगरी देख हुए अभिभूत

टूर्स एस्कॉर्ट रजी शेख ने बताया कि जैसलमेर का सोनार दुर्ग एवं यहां की हवेलियां काफी आकर्षक है। साथ ही यहां की स्थापत्य कला बेजोड़ है। यहां आकार स्कूली बालिकाओं को काफी सीखने को मिला है। दल में शामिल बालिकाओं ने बताया कि स्वर्णनगरी की स्थापत्य कला अविस्मरणीय है। यहां का दुर्ग, जैन मंदिर, पटवा हवेली, गड़सीसर सरोवर आदि स्थापत्य कला एवं पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी काफी आकर्षक है। पटवा हवेली, नथमल हवेली की कारीगरी काबिले तारीफ है।

बढ़ रहे हैं एजुकेशनल टूर

भ्रमण के लिहाज से स्वर्णनगरी देशी व विदेशी सैलानियों का भा रहा है। अब यहां पर एजुकेशनल टूर्स भी बढ़ रहे हैं। आए देश के किसी ने किसी कोने से स्कूली बच्चें शैक्षणिक भ्रमण पर यहां पहुंच रहे है। देश के कई नामी गिरामी आर्किटेक्चर कॉलेज, आट्र्स कॉलेज आदि के विद्यार्थियों के ग्रुप आए दिन जैसलमेर का भ्रमण करने पहुंचते हैं। यहां की स्थापत्य कला, भव्य इमारतें, कलात्मक झाली झरोखे एवं नगर स्थापत्य कला के विश्लेषण के लिए भी कई बार विद्यार्थी जैसलमेर आते है।

0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

 
Top