बुधवार, 8 जून 2011

रामदेव को चिदंबरम की चेतावनी- सेना बनाएं, फिर निपटेंगे



रामदेव को चिदंबरम की चेतावनी- सेना बनाएं, फिर निपटेंगे


केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने योग गुरु बाबा रामदेव को चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा कि बाबा रामदेव हथियारबंद सेना बनाने की घोषणा कर देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं और उनसे देश का कानून निपट लेगा। चिदंबरम ने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि बाबा ने अब अपना असली रंग दिखा दिया है। चिदंबरम ने बाबा को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

बाबा रामदेव ने आज हरिद्वार में कहा था कि वह 11000 युवाओं को शस्‍त्र और शास्‍त्र का प्रशिक्षण देंगे और फिर देखेंगे कि जब अगली बार रामलीला में बाबा लीला होगी तो कौन जीतता है।

शाम को यहां प्रेस कांफ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि बाबा रामदेव के पास रामलीला मैदान में सिर्फ योग कैंप संचालित करने की अनुमति थी और उन्होंने दिल्ली पुलिस के आग्रह को नजरअंदाज किया था। इसलिए पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। चिदंबरम ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के लिए न्‍यूनतम संख्‍या में जवान भेजे गए थे।

राजधानी दिल्ली में चार जून की रात को रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के अहिंसक आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने की दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने भरपूर बचाव किया। प्रेस कांफ्रेंस से पहले 'दूरदर्शन' को दिए विशेष साक्षात्‍कार में चिदंबरम ने कहा कि  रामदेव का आंदोलन राजनीति से प्रेरित था और उन्होंने दिल्ली पुलिस के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस ने कार्रवाई बाबा रामदेव के अपने वचन से पीछे हटने के बाद की।

चिदंबरम ने सिविल सोसायटी का समर्थन करते हुए कहा कि वो सिविल सोसायटी में विश्वास रखते हैं और प्रजातंत्र का आधार ही सिविल  सोसायटी है। हालांकि चिदंबरम ने यह भी कहा कि सिविल सोसायटी सरकार पर अपना मत नहीं थोप सकती।

'दूरदर्शन' को दिए इंटरव्‍यू में लोकपाल बिल पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार ३० जून से पहले लोकपाल बिल का मसौदा तैयार कर लेगी। चिदंबरम ने कांग्रेस और सरकार का बचाव करते हुए यह भी  कहा कि उनकी पार्टी और सरकार दोनों से देश से भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है।

गृह मंती्र ने यह भी साफ किया कि सरकार किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने देगी। हालांकि चिदंबरम ने यह भी कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था। वहां पुलिस कार्रवाई के बाद इस मसले पर यह गृह मंत्री का पहला बयान है।

चिदंबरम ने सिविल सोसायटी द्वारा वित्त मंत्रालय को सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित करने की आलोचना करते हुए कहा कि भारत में संसदीय बहस संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में बहस होती है जिसे देशभर में टीवी पर भी दिखाया जाता है।पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदंबरम ने कहा कि लोकतंत्र के रूप में भारत के सामने कुछ चुनौतियां हो सकती हैं और  इसकी कुछ कमियां भी हो सकती हैं लेकिन यह भी याद रखा जाना जरूरी है कि भारत ने विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होते हुए लोकतंत्र की मर्यादाओं को न सिर्फ बरकरार रखा है बल्कि भारत निरंतर तरक्की भी कर रहा है।

मीडिया पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए चिदंबरम ने कहा कि वो मीडिया को कोई सलाह नहीं देना चाहेंगे क्योंकि मीडिया स्वयं पर पूरा नियंत्रण रखती है और मी़डिया को स्वयं ही अपनी नीतिया निर्धारित करनी चाहिए।
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