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बाड़मेर, दोषी को दंड तथा निर्दोष को संरक्षण‘ लोकायुक्त संस्था का कार्यःलोकायुक्त
-अधिकारियांे से कहा कि आमजन को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें।
बाड़मेर, 12 मई। लोकायुक्त संस्था दोषी को दंड तथा निर्दोष को संरक्षण देने का कार्य करती है। लोकायुक्त सचिवालय में पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रिया के तहत कार्य किया जाता है। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस.एस.कोठारी ने शुक्रवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे आयोजित अधिकारियांे की बैठक के दौरान यह बात कही।

लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस.एस.कोठारी ने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास में भ्रष्टाचार बड़ी बाधा है इससे आर्थिक एवं सामाजिक विकास प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त सचिवालय इस बात पर निगाह रखता है कि कोई भी कार्य अवैध, अन्यायपूर्ण तरीके से तथा नियम एवं प्रक्रिया के विरूद्ध नहीं हो तथा उनमें भ्रष्टाचार भी नहीं हो। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में समय जरूर लग सकता है, लेकिन जो भी शिकायतंे लोकायुक्त सचिवालय के अधिकार क्षेत्र की है, उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती। उन्हांेने देश और दुनिया में लोकायुक्त जैसी संस्था के इतिहास, कार्य प्रणाली एवं महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान में लोकायुक्त संस्था गत 44 वर्षो से कुशासन की समाप्ति और सुशासन की प्राप्ति के लिए कार्य कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इस संस्था की कार्य प्रणाली के बारे में अभी लोगों में जागरूकता नहीं है, जो लोक सेवकों द्वारा पद के दुरूपयोग से पीडि़त है। इसीलिए लोकायुक्त सचिवालय द्वारा प्रबुद्ध नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर संस्था के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता की दिशा में प्रयास किए जा रहे है, ताकि जो पीडि़त लोगों को न्याय दिलाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा कि लोक सेवक पारदर्शिता के साथ काम करें तो अकर्मण्यता एवं भ्रष्टाचार की शिकायत स्वतः समाप्त हो जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के पास जब भी कोई व्यक्ति आये तो वह क्षण भर के लिये स्वयं को उसके स्थान पर स्थापित करके देखें। अधिकारी यह ध्यान रखकर अपना कर्तव्य निभाए कि उसका जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अधिकारियों को झूठी शिकायतों से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त सचिवालय द्वारा व्यक्तिगत दुर्भावना से की गई या अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिये की गई झूठी शिकायतों को निरूत्साहित किया जाता है। ऐसे में ईमानदार लोकसेवक ऐसी शिकायतों से प्रभावित हुए बगैर निरंतर जनता की सेवा में जुटे रहे। न्यायमूर्ति कोठारी ने कहा कि लोकसेवक के रूप में जनता की सेवा का अवसर ईश्वर की कृपा से मिलता है और भगवान की कृपा अकारण नहीं होती। ऐसे में यदि कोई पद का दुरूपयोग करता है तो वह व्यक्ति भगवान के विश्वास को ठेस पहुंचाता है, ऐसा अपराध भारतीय दंड संहिता में वर्णित अपराध से भी बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि लोकसेवक पद की गरिमा को बनाए रखते हुए ईमानदारी से कार्य करते हुए जनता की समस्याओं का निराकरण करे, इससे बड़ा आत्म संतोष मिलता है। लोकायुक्त ने कहा कि गीता में लिखा है कि जो लोग अपने कर्म को कुशलता से संपादित करते है वे योग मार्ग की ओर अग्रसर होते है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति पूरी दुनिया से छल कपट कर सकता है पर अपनी अंतरात्मा एवं अंतःकरण से नहीं कर सकता, इसलिये लोकसेवक कम से कम अवधि में शीघ्रता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करें इससे उन्हें परमात्मा की कृपा भी प्राप्त होगी। इस दौरान जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने लोकायुक्त सचिवालय की ओर से भेजी जाने वाली समस्त शिकायतांे मंे प्रभावी कार्रवाई एवं समय पर रिपोर्ट भिजवाने का भरोसा दिलाया। उन्हांेने लोकायुक्त श्री एस.एस.कोठारी एवं सचिवालय टीम का आभार जताया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डा.गगनदीप सिंगला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.गुंजन सोनी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेश कुमार दाधीच समेत विभिन्न विभागीय उपस्थित रहे। इससे पूर्व जिला स्तरीय अधिकारियांे की बैठक मंे लोकायुक्त सचिवालय के सचिव उमाशंकर शर्मा ने बाड़मेर जिले के विभिन्न विभागांे से संबंधित शिकायतों के बारे में चर्चा करते हुए उनमें की गई कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोकायुक्त सचिवालय से प्राप्त होने वाले प्रकरणों में वस्तुस्थिति रिपोर्ट समय पर भिजवाए। लोकायुक्त सचिवालय के सहायक सचिव अमित कुमार ने लोकसेवकों के विरूद्ध पद के दुरूपयोग एवं भ्रष्टाचार की शिकायते दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

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