सोमवार, 30 जनवरी 2012

बेशर्म शिक्षक, सेक्स के लिए कर डाली थी पत्नी की अदला-बदली

भावनगर। शहर में लगभग एक हफ्ते पहले हुई एक शिक्षक के कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी है। आरोपियों के अनुसार उन्होंने शिक्षक की हत्या इसलिए की, क्योंकि वह शारीरिक संबंध के लिए आरोपी और अपनी पत्नी के आदान-प्रदान करने की जिद कर रहा था। 
आरोपी द्वारा पुलिस को बताए अनुसार, सुभाष नगर में रहने वाले भद्रेशभाई खोडाभाई मकवाणा की पत्नी पर मृतक पिनाकिनभाई बुरी नजर रखता था। पिनाकिन पेशे से एक निजी स्कूल का शिक्षक था। जबकि आरोपी भद्रेशभाई प्लंबर का काम करता है। दोनों के बीच पिछले काफी समय से दोस्ती थी। इसके अलावा शिक्षक पिनाकिन अक्सर भद्रेश की आर्थिक मदद भी किया करता था।


भद्रेश के अनुसार पिनाकिन रंगीन मिजाज का व्यक्ति था। कुछ दिन पहले ही पिनाकिन ने भद्रेश से मांग की थी कि वे दोनों सेक्स के लिए अपनी-अपनी पत्नियों का आदान-प्रदान कर लेते हैं। इसी बात को लेकर पिनाकिन कई दिनों से भद्रेश के पीछे पड़ा हुआ था, जिससे तंग आकर भद्रेश ने उसकी हत्या का षड़यंत्र रचा।

योजना के तहत लगभग 8 दिन पहले भद्रेश ने फोन कर पिनाकिनभाई को अपने एक नए मकान में यह कहकर बुलाया कि वह अपनी पत्नी को लेकर यहां आ गया है। जबकि पिनाकिन की हत्या के लिए भद्रेश ने राजेश उर्फ राजू जयंतीभाई नामक एक दोस्त को यहां पर बुला लिया था। जब पिनाकिन यहां पहुंचा तो दोनों ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर उसे बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में पिनाकिनभाई की गला दबाकर हत्या कर दी और नगA कर शव मंे आग लगा दी।

पुलिस ने मृतक की पहचान चेन, अंगूठी व अन्य कुछ वस्तुओं द्वारा की थी। मामले की जांच कर रही पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंच गई और घटना का पर्दाफाश हुआ।


भंवरी का अपहरण होते अपनी आंखों से देखा था अमरचंद ने!

जोधपुर. अमरचंद ने सोहनलाल से 10 लाख रु. में अपनी पत्नी भंवरी के अपहरण का सौदा किया था, मगर उसे 1 लाख रुपए ही मिले। बताया जाता है कि बाकी पैसा पहुंचाने का जिम्मा पुखराज का था।

 

डील के मुताबिक अपहरण के दिन जब सोहनलाल व शहाबुद्दीन भंवरी को लेकर सोजतीगेट बस स्टैंड पर चाय-नाश्ता कर रहे थे तब पुखराज भी एक व्यक्ति के साथ दूसरी बोलेरो में दूर बैठा था। संभवत: वह दूसरा व्यक्ति अमरचंद था, जिसने अपनी आंखों से भंवरी के अपहरण होते हुए देखा था।


अमरचंद को असल में कितना पैसा दिया गया, यह छानबीन रविवार को जेल में की गई। सीबीआई ने जेल में पुखराज- व दिनेश को सोहनलाल तथा अमरचंद से रू-ब-रू करवाकर करीब दो घंटे तक पूछताछ की।






सोहनलाल व अमरचंद से हुई पूछताछ में यह बात तो सामने आ गई कि अमरचंद भी इस साजिश का हिस्सा था। अमरचंद अपहरण के लिए तो राजी था, मगर हाथापाई में भंवरी की मौत हो गई, यह उसे नहीं बताया गया।




सौदे की असल रकम की जानकारी को लेकर तीनों से अलग--अलग बातें सामने आई है। इस काम में पुखराज का साथ उसके चचेरे भाई दिनेश ने दिया था इसलिए सीबीआई ने दिनेश के पिता बाबूलाल को भी लगातार दूसरे दिन सर्किट हाउस बुला कर पूरे दिन पूछताछ की।

लड़की भगाई तो बेटी-भतीजी सौंपने की मिली सजा



हैदराबाद. पाकिस्‍तान के हैदराबाद में एक शख्‍स को सजा के तौर पर उसकी बेटी और भतीजी को बतौर हर्जाना सौंपने का हुक्‍म सुनाया गया है। यह फैसला जिरगा की ओर से सुनाया गया है। अली हुसैन रिंड तीन महीने पहले शबाना के साथ भाग गए थे। वे शादी करके गांव लौटे तो गांव वालों ने उन्‍हें अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद रिंड समुदाय की ओर से अकबर अली रिंड की अगुआई में जिरगा की बैठक हुई।शनिवार को हुई इस बैठक में तय हुआ कि अली को बतौर हर्जाना अपनी बेटी और भतीजी को शबाना के परिवार वालों को सौंप देना चाहिए। साथ ही उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जिरगा के फैसले के बाद 17 साल की फेहमिदा और 12 साल की जरीना को शबाना के भाई के हवाले कर दिया गया। हालांकि पुलिस ऐसी घटना से इनकार कर रही है। उसका यह भी कहना है कि फेहमिदा और जरीना नाबालिग नहीं हैं। एसएसपी मुहम्‍मद अली बलूच का दावा है कि उन्‍होंने लड़कियों के जन्‍मदिन के बारे में ठोस तहकीकात की है।

पपीते के असरदार नुस्खे : ये मोटापा और स्किन प्रॉब्लम्स के लिए है रामबाण

पपीता को पेट के लिए वरदान माना गया है। कहते हैं पेट के रोगों को दूर करने के लिए पपीते का सेवन करना लाभकारी होता है। पपीते के सेवन से पाचनतंत्र ठीक होता है। पपीते का रस अरूचि, अनिद्रा (नींद का न आना), सिर दर्द, कब्ज व आंवदस्त आदि रोगों को ठीक करता है। पपीते का रस सेवन करने से खट्टी डकारें बंद हो जाती है। पपीता पेट रोग, हृदय रोग, आंतों की कमजोरी आदि को दूर करता है। पके या कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर खाना पेट के लिए लाभकारी होता है।
 

पपीते के पत्तों के उपयोग से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है और हृदय की धड़कन नियमित होती है। पपीता में विटामिन ए, बी, डी, प्रोटिन, कैल्सियम, लौह तत्व आदि सभी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।पपीता वीर्य को बढ़ाता है, पागलपन को दूर करता है एवं वात दोषों को नष्ट करता है। इसके सेवन से जख्म भरता है और दस्त व पेशाब की रुकावट दूर होती है। कच्चे पपीते का दूध त्वचा रोग के लिए बहुत लाभ करता है। पका पपीता पाचन शक्ति को बढ़ाता है, भूख को बढ़ाता, पेशाब अधिक लाता है, मूत्राशय के रोगों को नष्ट करता है, पथरी को लगाता है और मोटापे को दूर करता है। पपीता कफ के साथ आने वाले खून को रोकता है एवं खूनी बवासीर को ठीक करता है।



इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता हैं। जो भोजन को पचाने में मदद करता है। पपीता का सेवन रोज करने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है। चूंकि सारे रोगों का कारण पेट के सही ना होने के कारण होता है इसलिए पपीते का सेवन रोज करना चाहिए। पपीता खाने से वजन कम हो जाता है। पपीते का प्रयोग लोग फेस पैक में करते हैं। पपीता त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। पपीते के कारण आंखो के नीचे के काले घेरे दूर होते हैं।कच्चे पपीते के गूदे को शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील-मुंहांसो का अंत होता है।



कच्चे पपीते की सब्जी खाने से याददाश्त बढ़ती है। जबकि पपीते का जूस पीने से मनुष्य में यौन शक्ति की वृद्धि हो जाती है। पपीता ऐसा फल है जो ना तो काफी महंगा होता है और ना ही मुश्किल से मिलता है इसलिए पपीते का सेवन हर व्यक्ति को रोज करना चाहिए। सिर्फ एक महीने नियमित रूप से आप पपीता खाइये फर्क आप खुद ही महसूस करेगें और सबसे कहेगें कि पपीता खाओ और काम पर जाओ। समय से पूर्व चेहरे पर झुर्रियां आना बुढ़ापे की निशानी है। अच्छे पके हुए पपीते के गूदे को उबटन की तरह चेहरे पर लगायें। आधा घंटा लगा रहने दें। जब वह सूख जाये तो गुनगुने पानी से चेहरा धो लें तथा मूंगफली के तेल से हल्के हाथ से चेहरे पर मालिश करें। ऐसा कम से कम एक माह तक नियमित करें। हृदय रोगियों के लिए भी पपीता काफी लाभदायक होता है।

सोमवार को किस वक्त, किस तरफ मुंह रख करें शिव पूजा?

शिव भक्ति के संयम व मर्यादा मन को पवित्र कर वैचारिक और व्यावहारिक रूप से बुरे कर्मों से दूर रख दु:ख-दरिद्रता से बचाते है। असल में शिव शब्द का मूल भाव भी होता है - कल्याण, सुख व आनंद। यही कारण है कि धार्मिक मान्यता व आस्था है कि शिव की भक्ति के बिना इंसान शव के समान हो जाता है।  
सुख की कामना से भगवान शिव की साधना के लिए तरह-तरह के मंत्र, स्त्रोत और स्तुतियां शास्त्रों में बताई गई है। किंतु इन सभी उपासना के तरीकों का फल तभी बताया गया है, जब उनको शिव भक्ति के लिए बताई मर्यादाओं के साथ किया जाए।

इसी कड़ी में शास्त्रों यह भी बताया गया है कि सोमवार या किसी भी शिव भक्ति के विशेष दिन कामनासिद्धि के लिए शिव की आराधना किस वक्त किस दिशा में बैठकर करना बहुत ही शुभ और प्रभावशाली होती है। जानते हैं -

- सुबह के समय शिव उपासना पूर्व दिशा की ओर मुंह रख करना चाहिए।

- वहीं शाम के समय शिव साधना पश्चिम दिशा की ओर मुंह रख करें।

- इसी तरह भगवान शिव की पूजा या आराधना रात में उत्तर दिशा की ओर मुंह रख करना कामना सिद्धि के लिए शुभ मानी जाती है।

रविवार, 29 जनवरी 2012

गर्लफ्रेंड की अश्लील फोटो अपलोड की, अरेस्ट

 
नागपुर।। गर्लफ्रेंड की अश्लील तस्वीरें खींचने और बाद में उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने के आरोप में एक फार्मा कंपनी के एक्जीक्यूटिव को अरेस्ट किया गया।

पुलिस ने बताया कि अजय शालिक्रम गजभिये ने गर्लफ्रेंड की ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और मोबाइल से उसकी अश्लील तस्वीरें खींची।

बाद में गर्लफ्रेंड के सोशल नेटवर्किंग साइट के अकाउंट से ही उसने इन तस्वीरों को अपलोड कर दिया। पुलिस ने गजभिये पर महिला की मर्यादा का हनन करने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

मध्य प्रदेश: रेप के बाद छात्रा को जिंदा जलाया

बड़वाह (मध्य प्रदेश)।। पश्चिमी निमाड़ जिले के कसरावद थाना क्षेत्र के ग्राम सालाखेड़ी में दसवीं क्लास की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से रेप करने के बाद एक युवक ने उसे जिंदा जला दिया। लड़की ने रविवार की सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सालाखेड़ी गांव निवासी राजेन्द्र ने दसवीं क्लास में पढ़ने वाली अंजू कहार के साथ 27 जनवरी को पहले रेप किया और जब लड़की ने जब इस बात की जानकारी गांव वालों को देने की धमकी दी तो उस पर मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया। अंजू को गंभीर अवस्था में इंदौर के एम.वाई अस्पताल में भेजा गया जहां रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस. चौहान ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दल सालाखेड़ी गांव गया है।

इंटरनेट पर छाया देसी जलवा

इंटरनेट पर भी अब भारतीय भाषाओं की धूम मचने लगी है। तमाम वेबसाइट्स अब हिंदी, मराठी, तमिल, बांग्ला जैसी भारतीय भाषाएं सीख रही हैं क्योंकि वेब पर राज करना है तो कामयाबी की कहानी इन्हीं में लिखी जाएगी। कंटेंट भले ही देसी हो, अभी तक वेब अड्रेस अंग्रेजी में ही मिल रहे हैं। अप्रैल से यह भी बदल जाएगा। नैशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (निक्सी) डॉट भारत नाम से डोमेन नेम देगा। भारतीय भाषाओं में यह पता शुरुआत में हिंदी, उर्दू, तमिल, तेलुगू, बांग्ला, गुजराती और पंजाबी में मिलेगा।  
रेलवे टिकट रिजर्वेशन की साइट www.irctc.co . in का हिंदी में बीटा वर्जन पेश किया जा चुका है, जिसे उसके एक तिहाई यूजर इस्तेमाल कर रहे हैं। मोबाइल की वैल्यू एडेड सर्विस कंपनी आईएमआई मोबाइल भारतीय भाषाओं में अपने एप्लिकेशन डिवेलप करने जा रही है। अप्रैल से इंटरनेट पर डोमेन नेम 7 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे। यानी कंटेंट पब्लिशिंग से लेकर ई-कॉमर्स और मोबाइल एप्स तक में देसी होने की होड़ मची हुई है।

इंटरनेट ऐंड मोबाइल असोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेजिडेंट शुभो रे कहते हैं कि अगर आपको विस्तार करना है तो आप जाएंगे कहां? भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर बेस 2011 में 12 करोड़ को पार कर गया। अंग्रेजी बोलने वाली आबादी इसमें आ चुकी है और अब जो भी विस्तार होगा, वह स्थानीय भाषाओं में होने जा रहा है। आपको अगर अपना यूजर बेस बढ़ाना है तो ज्यादा से ज्यादा भारतीय भाषाएं सीखनी होंगी।

एक इंटरनेट कंपनी के मार्केटिंग से जुड़े अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट पर 85-90 फीसदी लोग कंटेंट पढ़ने के लिए आते हैं, फिर चाहे वह न्यूज हो, प्रॉडक्ट रिव्यू हो या सोशल नेटवर्किंग साइट्स। खासकर न्यूज में लोग अपनी ही भाषा में कंटेंट चाहते हैं।

टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड के सीईओ ऋषि खियानी कहते हैं कि स्थानीय भाषाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे नेटवर्क पर ज्यादा लोग नवभारत टाइम्स और महाराष्ट्र टाइम्स की वेबसाइट्स पर लॉग कर रहे हैं।

गूगल इंडिया का आकलन है कि अंग्रेजी के अलावा 7 से 8 भारतीय भाषाओं के लिए इंटरनेट पर 35 करोड़ लोगों का यूजर बेस है। इनमें मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और बांग्ला शामिल हैं।

गूगल ने बेंगलुरु में 150 इंजीनियरों की टीम रखी है, जो दुनिया भर के उभरते देशों में लोगों की इंटरनेट जरूरतों का आकलन करती है, भारत इसमें टॉप पर है। 14 भारतीय भाषाओं में वह ट्रांसलिटरेशन पेश कर रही है, 4 में गूगल न्यूज है, 6 के लिए मशीन ट्रांसलेशन उपलब्ध है और लगभग हर भारतीय भाषा के लिए वर्चुअल की-पैड वह पेश कर चुकी है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की साइट भाषाइंडिया.कॉम पर भी फॉन्ट कनवर्टर और वर्चुअल की-पैड जैसे टूल हैं। नोकिया के मोबाइल फोन 11 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। दिल्ली की कंपनी हेजल मीडिया स्मार्टफोन और टैबलेट्स के लिए 5 भारतीय भाषाओं में एप्स पेश कर चुकी है। एमपुस्तक के तहत हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल और तेलुगू में वह अपने एप्स ला रही है।

गोल्ड सुख कंपनी का एमडी नरेंद्र गिरफ्तार

गोल्ड सुख कंपनी का एमडी नरेंद्र गिरफ्तार

नई दिल्ली। धोखाधड़ी के आरोपी गोल्ड सुख के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। बताया जा रहा है कि रविवार को जयपुर पुलिस ने गोल्ड सुख के एमडी नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी सरोज कंवर को गिरफ्तार किया।

दोनों को विधायक पुरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। जयपुर पुलिस काफी दिनों से गोल्ड सुख के एमडी को तलाश रही थी। इसके लिए पुलिस ने इंटरपोल की भी मदद ले रखी थी। कहा जा रहा है कि बैंकॉक से दिल्ली आने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वहीं इस मामले के तीन अन्य आरोपी थाइलैंड में ही रूके हुए है। उनकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।