सोमवार, 1 अगस्त 2016

अजमेर,मह£ष दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का 7 वां दीक्षांत समारोह चरित्रा निर्माण के लिए शिक्षा का मूल्य प्रधान होना जरूरी- राज्यपाल



अजमेर,मह£ष दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का 7 वां दीक्षांत समारोह

चरित्रा निर्माण के लिए शिक्षा का मूल्य प्रधान होना जरूरी- राज्यपाल

अजमेर, एक अगस्त। राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कहा है शिक्षा एवं समाज में अत्यन्त तीव्र गति से परिवर्तन हो रहे हैं। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य चरित्रा निर्माण है। चरित्रा निर्माण के लिए शिक्षा का मूल्य प्रधान होना जरूरी है।

राज्यपाल सोमवार को अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षान्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मूल्य प्रधान शिक्षा ही व्यक्ति को मानवीय गुणों का आभास कराती है। छात्रा-छात्राओं में मानवीय मूल्यों एवं सहिष्णुता का तब ही विकास संभव है, जब शिक्षक की भूमिका राष्ट्र के प्रति समर्पित होगी।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में जिज्ञासा एवं सकारात्मक सोच रखंे और अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें। संसाधनों का समुचित उपयोग करें और सही समय पर सही कार्य कर सफलता अर्जित करेें। स्वावलम्बन और सहयोगात्मक नीति मानव जीवन में सफल होने की कुंजी है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय में डाॅ. भीमराव अम्बेडकर शोध पीठ की स्थापना हो गई हैं साथ ही परिसर में डाॅ. अब्दुल कलाम व भरत मुनि रंग-मंच बन गया है। विश्वविद्यालय में मंगलम् भवन व कुबेर भवन का शिलान्यास भी हो गया है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय, शैक्षिक उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से विश्वविद्यालय में सिन्धु शोध पीठ और पृथ्वीराज चैहान ऐतिहासिक-सांस्कृतिक शोध केन्द्र की भी स्थापना की गई है। यह युग प्रतिस्पर्धा का है, जो जीवन में नित-नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रहा है। निःसंदेह समाज के सभी वर्ग इससे प्रभावित हंै। युवाओं को इसके लिए तैयार होना होगा।

उन्होंने कहा कि आज युग बदल रहा है शिक्षा पद्धति में बदलाव हो रहे है ऐसे में हमें भी समय के साथ बदलना होगा। विज्ञान एवं तकनीकी युग में विशेष प्रयास करते हुए छात्रों में अभिरूचि का विकास करना होगा। तभी वे जीवन में तरक्की को छू पाएंगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे किसी भी कठनाई से घबराए नही बल्कि उससे पार पाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि छात्रा जिस गांव कस्बे अथवा मौहल्ले में रहते है उसे कभी भूले नहीं, साथ ही अपने माता-पिता को सदैव स्मरण करते रहें। तभी वे जीवन में ऊंचाईयां हांसिल कर पाएंगे।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों के पद स्वीकृत किए है इनका भर्ती कलेन्डर तैयार करें। जिसमें नियुक्ति प्रदान करने तक का ब्यौरा हो। चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण ईमानदारी एवं पारदर्शिता से सम्पादित किए जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबन्धन से कहा कि वे महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में शोध कार्य करावें । जिन्होंने वेदों की व्याख्या तथा अंध विश्वासों को झकझोरा। इसकी शोध पीठ की स्थापना भी की जाए।

समारोह को सम्बोधित करते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्राी श्री कालीचरण सर्राफ ने कहा कि शिक्षक, शिक्षण और शिक्षण प्रणाली का हमारा देश अनादि काल से अखण्ड भारत ज्ञानोपार्जन का केन्द्र रहा है । आज का युवक दुनियां के चकाचांैध से भ्रमित है। ऐसे में भारतीय शिक्षा पद्धति ही एक मात्रा ऐसा माध्यम है जिससे आज के युवा को उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार के द्वारा राष्ट्रहित में किए गए निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में युवा शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत एवं राष्ट्र गौरव के प्रतीक स्वामी विवेकानन्द जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा शोध का बढ़ावा देने के लिए सिन्धु शोध पीठ, सम्राट पृथ्वीराज चैहान एतिहासिक एवं सांस्कृतिक शोध पीठ, अम्बेडकर शोध पीठ की स्थापना की है। इन पीठों की स्थापना में प्रत्येक पीठ पर एक करोड़ रूपये की राशि खर्च की गई है। यह सभी पीठें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सभी सफल होगी ऐसी आशा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय को रूसा योजना के तहत 20 करोड़ रूपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इस सहायता से विश्वविद्यालय के शैक्षिक एवं भौतिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने मुहामी गांव को शीघ्र आदर्श गांव में विकसित करने तथा दूसरे चरण में अन्य गांव को भी गोद लेकर कार्य प्रारम्भ करने का भी आग्रह किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य के अनाथ बच्चों को निःशुल्क उच्च शिक्षा के साथ ही जहां छात्रावास उपलब्ध है, वहां निशुल्क रहने व खाने की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वे अपने विशाल परिसर में सौर ऊर्जा उत्पादन का अभिनव प्रयोग अपनाकर विद्युत ऊर्जा संबंधी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ साथ राष्ट्र विकास में भी योगदान देने का आदर्श स्थापित करें।

प्रारम्भ में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री कैलाश सोडानी ने विश्वविद्यालय में छात्रा कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज दीक्षान्त समारोह में विभिन्न संकायाओं में टाॅप करने वालों में 39 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 69 पी.एच.डी धारकों को दीक्षा देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार बार कोडिंग पद्धति से प्रथम बार परीक्षाएं कराई गई। उन्होंने शिक्षा का माध्यम हमारी मातृभाषा को बनाने की भी आवश्यकता प्रतिपादित की।

समारोह में राज्यपाल ने समस्त स्वर्ण पदक धारकों एवं पी.एच.डी. धारकों को दीक्षा देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रारम्भ में विश्वविद्यालय का कुलगीत गाया गया।

इस मौके पर राज्यपाल के विशेषाधिकारी श्री अजय शंकर पाण्डे, संसदीय सचिव श्री सुरेश सिंह रावत, किशनगढ़ के विधायक श्री भागीरथ चैधरी, नगर निगम के महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, ए.डी.ए. अध्यक्ष श्री शिव शंकर हेड़ा, जिला प्रमुख सुश्री वंदना नोगिया, संभागीय आयुक्त श्री हनुमान सहाय मीना, लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष डाॅ. ललित के. पंवार, जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री सुरेश सिंधी सहित विश्वविद्यालय सीडीकेंट, सीनेट, अकादमिक एकेडमी के सदस्यगण परिषद के सदस्यगण, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं छात्रा-छात्राएं उपस्थित थे।




राज्यपाल श्री कल्याण सिंह कल मुहामी गांव जाएंगे
अजमेर, एक अगस्त। राज्यपाल श्री कल्याण सिंह मंगलवार 2 अगस्त को मध्याह्न 12 बजे मह£ष दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय द्वारा ग¨द लिए गए गांव मुहामी म­ आय¨जित कार्यक्रम म­ भाग ल­गे। इसके पश्चात श्री सिंह पुनः स£कट हाउस आएंगे। द¨पहर भ¨ज के बाद राज्यपाल जयपुर के लिए रवाना ह¨ जाएंगे।

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