सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

आम बजट 2016: जेटली ने दिया सरकारी कर्मचारियों को तोहफा,आम बजट 2016 की खास बातों पर एक नजर।



आम बजट 2016: जेटली ने दिया सरकारी कर्मचारियों को तोहफा,आम बजट 2016 की खास बातों पर एक नजर। 




वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को अपना तीसरा बजट पेश करते हुए नए सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। जेटली ने कहा कि नए सरकारी कर्मचारियों का तीन साल तक भविष्य निधि (पीएफ) सरकार देगी। उन्होंने कहा कि पीएफ का दायरा बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया।

​ जेटली ने अपने बजट भाषण ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को 1000 करोड़ रुपए फंड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नए कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल में सरकार कर्मचारी भविष्य निधि में 8.33 प्रतिशत का योगदान करेगी।

​ जेटली ने कहा कि 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2. 21 लाख करोड का आवंटन।




आम बजट 2016 की खास बातों पर एक नजर।







- मकान भत्ता 24 हजार से बढ़ाकर 60 हजार किया गया।




- किराए के मकानों में रहनेवालों को बड़ी राहत।




-हाउस रेंट की छूट बढ़ाई गई।




-5 लाख तक की आय पर टैक्स में तीन हजार का फायदा

- छोटे कर दाताओं को बजट में बड़ी राहत।




-पोस्ट ऑफिस में एटीएम सेवा शुरू होगी।




-वर्ष 2016-17 में रेल और सड़क के लिए कुल आवंटन 2.18 लाख करोड़ रुपये।









- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इस साल फरवरी ढाई करोड़ छोटे व्यवसायियों को एक लाख करोड़ रGपये का कर्ज दिया गया। अगले वित्त वर्ष में 1.80 लाख करोड़ रुपये के रिण वितरण का लक्ष्य।




-वित्त मंत्री ने सरकारी साधारण बीमा कंपनियों के शेयर बाजार में लाने का प्रस्ताव किया।




-सार्वजनिक परिवहन में परमिट कानून को समाप्त करना हमारा मध्यावधि का लक्ष्य।



-वित्त वर्ष 2016-17 में बुनियादी ढांचा के लिए कुल परिव्यय 2.21 लाख करोड़ रुपये।




-प्रति परिवार एक लाख रपये का बीमा कवर प्रदान करने के लिए एक नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, 60 साल से उपर के लोगों को इस योजना में 30,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ।



-शॉपिंग मॉल्स अब सप्ताह में सातों दिन खुलेंगे।




-नए स्टार्टअप के लिए टैक्स में छूट मिलेगी।






-एनएचएआई, आरईसी और नाबार्ड अगले वित्त वर्ष में पूंजी बाजार से 31,300 करोड़ रुपये जुटाएंगे।




-अगले तीन साल में एक करोड़ युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।




-उच्चस्तरीय दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत 3,500 मेडिकर स्टोर खोले जाएंगे।




-75 लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी।




-ग्रामीण विकास के लिए 87,765 करोड़ रुपये का आवंटन।




-कृषि क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश।




-नए कर्मचारियों के लिए PF का पैसा तीन साल तक देगी




-EFP का दायरा बढ़ाएगी सरकार




-ढांचागत क्षेत्र के लिए 2016-17 में 2,21,243 करोड़ रुपये का आवंटन।




- देश में 20 नए हवाई अड्डे बनेंगे।




-2016-17 में ग्राम सड़क योजना सहित सड़क क्षेत्र के लिए कुल 97,000 करोड़ रुपये का आवंटन।




-परमिट राज को खत्म करना सरकार का लक्ष्य।




-मोटर व्हीकल एक्ट को बदला जाएगा।




- देश में सड़क बनाने के लिए 55 हजार करोड़ रुपए।




- 10 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे बनेंगे।




-फसल बीमा योजना के लिए सरकार 5,500 करोड़ रुपये का आवंटन करेगी।




-स्कूल प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल डिपाजिटरी खोली जाएगी।




- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 2016-17 में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन। राज्यों के योगदान के बाद यह राशि 27,000 करोड़ रुपये होगी।




-सर्वशिक्षा अभियान के तहत 62 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे।






-1500 मल्टी स्किल ट्रेनिंग स्कूल खोले जाएंगे।




-राष्ट्रीय डायलिसिस योजन के तहत देश के हर जिले में डायलिसिस मशीन लगाने को कुछ कलपुर्जे लगाने के लिए मूल सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में छूट।




-हर जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा।




-कारखाने के कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स अस्सीजेजेए में खास छूट।




-नाबार्ड में 20,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ दीर्घावधि का एक समर्पित सिंचाई कोष।




-मनरेगा के लिए 2016-17 में 38,500 करोड़ रुपये का प्रावधान ।




- कृषि क्षेत्र के लिए 35,984 करोड़ रुपये का आवंटन।




-2016-17 में डेढ़ करोड़ गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।




-गांव में महिलाओं के नाम से एलपीजी कनेक्शन मिलेंगे।




- गरीबों के लिए रसोई गैस की सुविधा।




-ई मार्केटिंग प्लेटफार्म 14 अप्रैल, 2016 को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर शुरू किया जाएगा।




-गहरे पानी में गैस खोज के लिए सरकार प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी।




-आधार प्लेटफार्म पर लाभ के पात्र लोगों के लिए कानून बनाया जाएगा।




- मनरेगा के तहत पांच लाख कुएं बनेंगे।




-डेयरी उद्योग के लिए चार योजनाएं।




-1 मई 2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंच जाएगी।




-किसानों के लिए चार नई परियोजनाएं।




-ग्राम पंचायतों को अब 80 लाख रुपए ज्यादा मिलेंगे




- 12 राज्यों में किसानों के लिए होलसेल मार्केट बनेंगे।




- 12 राज्यों में किसानों के लिए ई-पोर्टल बनाए जाएंगे।




- अगले तीन साल में हर खेत की मिट्टी का परीक्षण होगा।




-जैविक खेती को बढ़ावा देने की कोशिश।




- कमजोर वर्ग के लिए तीन स्कीम शुरू की जाएगी।




- कृषि और किसान के लिए 35984 करोड़ रुपए का प्रावधान।




- जीवन शैली में बदलाव के लिए ट्रैंसफॉर्म इंडिया।




- आधार को संवैधानिक दर्जा देगी सरकार।




- टैक्स को तर्कसंगत बनाने की कोशिश करेंगे।




- टैक्स को तर्कसंगत बनाने की कोशिश करेंगे।




-जीवन स्तर में सुधार, कामकाज में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता।




-2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य।




-5 साल में किसानों की कमाई बढ़ाने की कोशिश।




- हर हकदार व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ मिले।




- किसानों के लिए पीएम फसल बीमा योजना।




-सरकार की प्राथमिकता में गरीब और गांव के लोग।




- ओआरओपी, सातवें वेतन आयोग से हमपर असर होगा।




- विदेशी मुद्रा भंडार 350 अरब डॉलर के रिकार्ड स्तर पर।




-हमें ढांचागत सुधारों के जरिये अपनी बचाव क्षमता को मजबूत करना होगा। घरेलू बाजार पर निर्भर रहना होगा जिससे वृद्धि सुस्त न पड़े।




-उपभोक्ता थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पिछली साल के तीन साल में 9.4 प्रतिशत रही। यह अब घटकर 5.5 प्रतिशत पर आ गई है।




- चालू खाते का घाटा घटकर 14.4 अरब डालर पर। यह जीडीपी के 1.4 प्रतिशत के बराबर होगा।




- वैश्विक निर्यात में गिरावट के बावजूद 2015-16 में वृद्धि दर बढ़कर 7.6 प्रतिशत पर।




-बजट नौ क्षेत्रों कृषि क्षेत्र, ग्रामीण ढांचा, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा एवं कौशल विकास, जीवनस्तर में सुधार, वित्तीय क्षेत्र, कारोबार सुगमता और कर सुधारों पर केंद्रित होंगे।




- सरकार का बजट 9 स्तंभों पर आधारित।




-दुनिया में वैश्विक मंदी को लेकर भारत के सामने गंभीर चुनौती।




-पिछले तीन साल में आर्थिक विकास दर सुधरी-




-हमने मॉनसून कम होने के बावजूद अच्छा किया।




- दुनिया में भारत को लेकर विश्वास बढ़ा।




- खराब अर्थव्यवस्था हमें विरासत में मिली- जेटली







- देश की आर्थिक प्रगति हो रही है- जेटली




- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2016-17 के आम बजट को मंजूरी दी।

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