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मुंबई।इंद्राणी के पिता ने पहली बार खोला राज, शीना मर्डर केस में कातिल अनेक

शीना के कत्ल के आरोप में इंद्राणी रिमांड पर है और इस कत्ल को लेकर कई तरह के खुलासे हो रहे हैं। यह केस जितना अनसुलझा है, उतनी ही अनसुलझी है इस केस से जुड़े किरदारों के रिश्ते की पहेली। कहा जा रहा था कि इंद्राणी के पिता सौतेले हैं, लेकिन अब खबर आई है कि इंद्राणी के पिता इस बात से इनकार कर रहे हैं।



शीना मर्डर केस से जुड़े सबसे उम्र दराज किरदार जिसका नाम उपेंद्र कुमार बोरा है। अब तक उपेंद्र बोरा को इंद्राणी का सौतेला पिता बताया गया है, लेकिन मीडिया में उपेंद्र बोरा ने चंद लाइनों में अपना जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि वो इंद्राणी के सौतेले पिता नहीं है। इंद्राणी उनकी अपनी बेटी है। 78 साल के उपेंद्र बोरा घर में ही रहते हैं, जबकि इंद्राणी की मां बेड रेस्ट पर हैं, क्योंकि उनकी कमर की हड्डी टूट गई है।



उपेंद्र को किसी से मिलने की इजाजत नहीं
गुवाहाटी में मिखाइल बोरा भी रहता था, लेकिन अब वह मुंबई में है। शीना मर्डर केस खुलने के बाद से उपेंद्र बोरा अपनी बालकनी में नजर आए थे, लेकिन उन्हें मिखाइल ने कुछ भी बोलने से रोक दिया था। अब गुवाहाटी के फ्लैट में 4 बाउंसर्स तैनात हैं, जो उपेंद्र बोरा को किसी से मिलने नहीं देते। पड़ोसियों के मुताबिक, कई सालों से इंद्राणी के पिता और मां घर में ही रहते थे, उन्हें बाहर देखे हुए कई साल बीत चुके हैं। पड़ोस में सालों से रहने वाले बताते हैं कि इंद्राणी का परिवार बेहद ही साधारण था, लेकिन साल 2003 में परिवार के रहन सहन बदल गया। पुराने और बेरंग हो चुके घर पर रंगाई पुताई हुई। कार खरीदी गई और करीब 4 साल पहले मिखाइल के लिए नई कार भी आ गई और घर में लैबराडोर जैसे महंगे कुत्ते भी पाल लिए गए, लेकिन करीब 1 साल पहले अचनाक मिखाइल की नई कार गायब हो गई। कुत्ते भी कहीं भेज दिए गए। अब घर पर चार बाउंसर्स तैनात हैं, जबकि इंद्राणी की मां की देखभाल के लिए दो नर्स की ड्यूटी लगाई है। नर्स के मुताबिक, घर में 4 बाउंसर्स के अलावा दो बुजुर्ग हैं।







शीना को दिया जा रहा था स्लो पॉयजन...
इस मर्डर केस में एक और नया नया खुलासा हुआ है। शीना की जान लेने के लिए इंद्राणी उसे हर दिन जहर का डोज दे रही थी। जहर की वजह से शीना बीमार रहने लगी थी, लेकिन शीना को इसका पता चल गया और साजिश नाकाम हो गई। पहले कार में बहाने से बिठाना, फिर गला घोंटकर मारना और लाश को जलाकर जंगल में ठिकाने लगाना। शीना की हत्या में इंद्राणी ने बहुत रिस्क लिया, लेकिन इंद्राणी ऐसा चाहती नहीं थी, वो तो शीना को एक खामोश मौत देना चाहती थी।







नेचुरल डेथ दिखाने की थी साजिश
इंद्राणी शीना का मर्डर तो करने वाली थी, लेकिन उसने कत्ल को नेचुरल डेथ दिखाने की साजिश रची थी। सूत्रों की मानें तो इंद्राणी ने शीना को मारने का इरादा तो साल 2012 के शुरुआत में ही कर लिया था, लेकिन कत्ल करने के लिए न तो इंद्राणी के पास लोग थे और न ही कोई पुख्ता प्लान। इंद्राणी ने बड़ी चालाकी से शीना को मौत देने की साजिश रची थी। इसके लिए उसे न तो शीना को लेकर कहीं बाहर जाना था और न ही किसी हथियार की जरूरत थी और न ही किसी के मदद की।







धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रही थी शीना
इंद्राणी ने शीना को मौत देने के लिए स्लो पॉयजन का सहारा लिया था। धीरे-धीरे शीना को हर जहर का डोज दिया जाने लगा था। शीना को मारने के लिए इंद्राणी ने ऐसा प्लान बनाया था कि किसी को पता भी नहीं चलता कि शीना का मर्डर हुआ है। इंद्राणी ने शीना के कत्ल की ऐसी साजिश रची थी, जिससे शीना धीरे-धीरे मौत की तरफ बढ़ रही थी। न तो शीना को पता था और किसी ही अन्य को। शीना हर दिन जहर का डोज ले रही थी और जहर ने शीना के जिस्म पर असर दिखाना भी शुरू कर दिया था। स्लो पॉयजन की वजह से शीना बीमार रहने लगी।







दोस्तों से जाहिर किया था जहर का शक
सेहत बिगडऩे के बाद शीना दवा लेती और दवा के असर से ठीक हो जाती, लेकिन कुछ दिनों बाद ही जहर के असर से शीना फिर बीमार हो जाती थी। कुछ दिनों बाद शीना को अपनी सेहत को लेकर शक होने लगा था। हत्या वाले दिन शीना को इंद्राणी ने धोखे से बुलाया, उसे झूठ बोलकर कार में बिठाया। लेकिन अप्रैल 2012 से पहले ही शीना को अपने कत्ल का अंदेशा हो गया था। उसे मौत का डर सताने लगा था, उसे लगता था कि उसे स्लो पॉयजन दिया जा रहा है। शीना ने अपने दोस्तों को स्लो पॉयजन दिए जाने का शक जाहिर किया था। विदित हो कि मेडिकल चेकअप में भी यह बात साबित हो गई थी कि उसे स्लो पॉयजन दिया जा रहा था। शीना का शक सही साबित हुआ और शीना दिल्ली में ही डॉक्टरों की सलाह पर अपना इलाज करवाने लगी। दिल्ली में शीना का दो महीने तक इलाज चला और पूरी तरह ठीक होने के बाद शीना गुवाहाटी लौट गई।

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