बुधवार, 1 मई 2013

घर में रहेगी कैमरे की नजर

घर में रहेगी कैमरे की नजर

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक वृद्धा की याचिका पर उसके पुत्र व पुत्रवधु द्वारा की जा रही घरेलू हिंसा रोकने के लिए उसके घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने महामंदिर थानाधिकारी को कैमरों की निगरानी करने और अदालत में रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। महामंदिर निवासी 72 वर्षीया वृद्धा विमला धारीवाल की ओर से अधिवक्ता नदीश सिंघवी के जरिए पेश फौजदारी निगरानी याचिका पर न्यायाधीश संदीप मेहता ने यह आदेश पारित किया।

अधिवक्ता सिंघवी ने हाईकोर्ट में दलील दी कि विमला के पति शांतिलाल धारीवाल ने अपना व्यावसायिक प्रतिषान व रहवासीय मकान की वसीयत विमला के हक में कर रखी है। उसके बावजूद उसके पुत्र अरूण धारीवाल जबरन कब्जा कर उसमें व्यवसाय कर रहा है।

विमला धारीवाल को बेदखल करने के आशय से उसके साथ मारपीट कर घरेलू हिंसा की जा रही है। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए अरूण धारीवाल व उसके परिवार को विमला को भरण पोषण के लिए आठ हजार रूपए मासिक भत्ता देने और उसके घर में पुत्र के खर्चे पर चार सप्ताह में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने महामंदिर थानाधिकारी को कैमरों की निगरानी करने और अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) को रिपोर्ट पेश करने के भी आदेश दिए हैं।

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