शनिवार, 29 सितंबर 2012

जोधपुर रखेगा दिल को जवां


city news 
। जोधपुर में ह्वदय रोग के इलाज के लिए सुविधाएं बढ़ रही हैं। पहले जहां एमडीएम अस्पताल में दो ही कार्डियोलॉजिस्ट थे, अब चार हो गए हैं। अगले माह कार्डियोथोरेसिक सर्जन की भी नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद यहां नियमित बाइपास सर्जरी हो सकेगी। फिलहाल हार्ट सर्जरी के लिए मेडिसिटी गुड़गांव की टीम पर ही निर्भरता है। हाल में दो कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की गई है। एमडीएम के अलावा निजी अस्पतालों में भी ह्वदय रोग केउपचार की सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। अब बिना दिखाए नहीं लौटना पड़ेगा।

प्रत्येक सोमवार और गुरूवार को कार्डियोलॉजी की ओपीडी रहती है। दो सौ से ज्यादा मरीज आउटडोर में आते हैं, लेकिन 50 को बिना चिकित्सकीय परामर्श के लौटना पड़ता है। अब दो कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित माथुर और डॉ. पवन शारदा की नियुक्ति हुई है। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव सांघवी और डॉ. विनीत कोठारी पहले से कार्यरत हैं।

इस तरह बढ़ी सुविधाएं
* एमडीएम हॉस्पिटल में 15 मई 2005 को कार्डियक कैथलैब शुरू। एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर इम्प्लाटेशन आरंभ।
* सवा छह करोड़ की लागत से कार्डियोथोरेसिक सेंटर का निर्माण अक्टूबर 2010 में। ढाई करोड़ की लागत से अत्याधुनिक उपकरण लगे। सेंटर का शुभारंभ 30 जनवरी 2011 को।
*यहां अब तक 3780 मरीजों की एंजियोग्राफी। रेडियल एंजियोग्राफी भी हो रही है।
* अस्पताल में 340 एंजियोप्लास्टी हुई है।
*लगभग 160 पेसमेकर लगाए।
* मेडिसिटी डॉ. नरेश त्रेहान की टीम ने अब तक की 42 बाइपास सर्जरी।

संसाधनों का हो रहा विस्तार
ह्वदय रोग के इलाज में सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। एमडीएम में दो पोर्टेबल ईको और एमजीएच में एक-एक ईको-टीएमटी मशीन नई आई है।
- डॉ. विनीत जैन सह आचार्य (कार्डियोलॉजी), डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

शहरी आबादी में बढ़ रहे ह्वदय रोग
देश की 15 फीसदी शहरी और 5 फीसदी ग्रामीण आबादी ह्वदय रोग से ग्रस्त हैं। बदली जीवनशैली इसका कारण है। अमरीका में किसी को हार्ट अटैक आता है तो फोन करते ही हेलीकॉप्टर आ जाता है। हमारे यहां मरीज पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ही उलझ जाता है। पश्चिमी देशों में 50 की उम्र के बाद ह्वदय रोगों का ज्यादा खतरा, जबकि भारत में अब 30 साल बाद ही युवा ह्वदय रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं।
- डॉ. पवन शारदा कार्डियोलॉजिस्ट, एमडीएम

शारीरिक श्रम में कमी बड़ी वजह
भारत में वर्ष 2010 में ही साढ़े चार लाख नए ह्वदय रोगी सामने आए थे। शारीरिक श्रम में कमी इसका प्रमुख कारण है। भोजन में वसा की मात्रा कम करना, रोजाना थोड़ा पैदल चलना, व्यसन से दूर रहकर और हरी सब्जियों और फलों के उपयोग से आप ह्वदय रोगों से बच सकते हैं।
- डॉ. रोहित माथुर कार्डियोलॉजिस्ट, एमडीएम

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