शनिवार, 29 सितंबर 2012

गुपचुप गिरफ्तारी के मामले में महिला थाना प्रभारी निलंबित



पाली दहेज प्रताडऩा के मामले में अमेरिका निवासी आरोपी पति की गिरफ्तारी की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं देने के मामले में पाली के महिला थाना प्रभारी उम्मेद सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

पीडि़ता ने इस मामले की शिकायत आईजी रेंज जोधपुर, जिला कलेक्टर और कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक से कर थाना प्रभारी पर मिली भगत का आरोप लगाया था। इस मामले में शहर पुलिस की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने लुक आउट नोटिस जारी किया था। बावजूद इसके थानाधिकारी ने गिरफ्तारी की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। कार्यवाहक एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा ने बताया कि इस मामले की जांच थाना प्रभारी के पास थी। इधर, शुक्रवार को आरोपी नरेश मेहता को न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया। आरोपी ने 25 सितंबर को थाने में सरेंडर किया था। जिसकी बाद में महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तारी बताई थी। मगर, आरोपी के सरेंडर करने से लेकर गिरफ्तारी तथा कोर्ट में पेश करने तक के किसी घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। पूरे प्रकरण में पीडि़ता ने थाना प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए आरोपी से सांठगांठ के आरोप में परिवाद दे रखा है। कार्यवाहक एएसपी खमेसरा ने बताया कि प्रारंभिक छानबीन में जांच अधिकारी की भूमिका को देखते हुए थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया।

क्या है पूरा मामला : पुराना बस स्टैंड निवासी सरिता पुत्री सुरेश जैन ने गत 11 जुलाई, 2011 को महिला थाने में अपने पति बेंगलूरु निवासी नरेश मेहता ससुर उत्तमचंद व सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शादी के बाद से आरोपी और अधिक दहेज लाने के लिए उसे प्रताडि़त करते थे। आरोपियों ने दहेज में दिया सामान व जेवरात हड़प लिए और उसके पिता से नकदी भी वसूली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आरोपी पति अमेरिका में होने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। आरोपी नरेश मेहता को भारत लाने के लिए सीआईडी(सीबी)के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस के लिए लिखा और उसकी गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी कराया। चूंकि मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का होने के कारण इसकी पूरी जानकारी अफसरों को भी थी और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। महिला थाना पुलिस ने गत 25 सितंबर की शाम को अमेरिका से आए इस आरोपी को सरेंडर करना दर्शाते हुए बाद में गिरफ्तारी बता दी। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अमेरिका के शिकागो प्रांत में नेफ्रीले सिटी में टीसीएस कंपनी में कार्यरत है। जो फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा। बाद में वह दिल्ली से सीधा पाली आया और सरेंडर किया। दूसरे दिन यानी 26 सितंबर को महिला थाना पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें