बुधवार, 1 अगस्त 2012

EXCLUSIVE: 90वें जन्‍मदिन पर खुलेंगे दिलीप कुमार और पाकिस्‍तानी हसीना की लव स्‍टोरी के राज

 

नई दिल्ली। हिंदुस्तानी सिनेमा के लिविंग लीजेंड दिलीप कुमार 11 दिसंबर 2012 को 90 साल के हो जाएंगे। उनके प्रशंसकों के लिए यह मौका होगा उनकी जिंदगी के जाने-अनजाने पहलुओं से रू-ब-रू होने का। दरअसल इसी दिन दिलीप कुमार की पहली आधिकारिक आत्मकथा जारी होगी। इसमें पेशावर से बंबई (अब मुंबई) तक की उनकी यात्रा और सहयोगी अभिनेत्रियों से जुड़े रोचक प्रसंगों को उन्हीं की जुबानी बयां किया गया है। पाकिस्तानी हसीना अस्मा के साथ उनकी नजदीकियों को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है। वरिष्ठ फिल्म लेखिका और सायरा बानो की मित्र उदयतारा नायर की मदद से आत्मकथा को अंतिम रूप दिया गया है।

अब तक तीन पुस्तकें

दिलीप कुमार पर अभी तक विनीता लांबा, संजीत नावरेकर और लॉर्ड मेघनाद देसाई की पुस्तकें आ चुकी हैं। लेकिन यह पहली आधिकारिक आत्मकथा होगी। 2013 में हिंदी सिनेमा के 100 साल पूरे होंगे और दिलीप साहब के फिल्मी सफर के 68 साल। करीब 600 पेज की यह आत्मकथा अंग्रेजी में कॉफी टेबलबुक जैसी होगी। इसमें दिलीप कुमार और उनके परिवार की कई एक्सक्लूसिव तस्वीरें भी होंगी। हिंदी और उर्दू में यही किताब पेपर बैक संस्करण के तौर पर उतारी जाएगी, जो सस्ती होगी।

इसलिए हुए रजामंद

शुरुआत में दिलीप कुमार नहीं चाहते थे किउनकी आत्मकथा प्रकाशित हो। वे कहते थे कि उनका जीवन इतना महत्वपूर्ण नहीं रहा किइस बारे में जानने की लोगों में रुचि हो। लेकिन अपने बारे में प्रकाशित एक दिवंगत फिल्म प्रचारक-लेखक की किताब के कुछ बयानों या अन्य जानकारियों का जब उन्हें पता चला तो वे काफी नाराज थे। पत्नी सायरा बानो समेत कुछ नजदीकी लोगों को उन्होंने बताया कि किताब की कई जानकारियां गलत हैं। इसमें छपे बयान उनके हैं ही नहीं। इस पर सायरा ने कहा कि इतिहास में वही झूठी बातें दर्ज न हो जाएं, इसलिए जरूरी है कि आप आत्मकथा पर काम करें। करीब तीन साल पहले दिलीप साब ने फिल्म लेखिका उदयतारा से अनुरोध किया कि वे आत्मकथा पर काम शुरू करें।

दो हिस्सों में है पुस्तक

आत्मकथा दो हिस्सों में है। पहले में पेशावर (अब पाकिस्तान) से शुरू हुए यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार की फिल्मी सफर की कहानी उन्हीं की जुबानी है। दूसरे हिस्से में अमिताभ बच्चन, सलीम खान, रमेश शिप्‍पी, यश चोपड़ा, सुभाष घई , सायरा बानो और वैजयंती माला जैसी हस्तियों की टिप्‍पणियां और अनुभव हैं। पुस्तक में कई ऐसी जानकारियां और प्रसंग हैं जो अब तक लोगों के सामने नहीं आए हैं। क्या पुस्तक में उनके जीवन से जुड़ी रोमांटिक घटनाओं और विवादों का भी जिक्र है, इस परतारा ने बताया कि दिलीप साब ने कामिनी कौशल, वहीदा रहमान, मधुबाला जैसी सह कलाकारों के बारे में विस्तार से बातचीत की है। वैसे वे यह दावा नहीं कर रहे कि उस जमाने की सभी हीरोइनें उनसे प्रेम करती थीं। हां, सायराजी के साथ लंबे समय तक चली लव स्टोरी पर जरूर उन्होंने लंबी बात की है। पाकिस्तानी हसीना अस्मा से रिश्ते पर पुस्तक में क्या है, इस पर तारा ने कहा कि इस बारे में दिलीप कुमार तो नहीं, लेकिन सायरा बानो बोली हैं। सायरा ने बताया है कि किस तरह यह उनके जीवन के सबसे कष्टप्रद दौर में से था। अस्मा और दिलीप कुमार के रिश्ते की शुरुआत सुभाष घई की फिल्म 'विधाता' की शूटिंग के दौरान हुई थी। घई ने पुस्तक में जानकारी दी है कि किस तरह ताज नगरी आगरा में शूटिंग के दौरान दिलीप-अस्मा के बीच मुलाकातें हुईं और इश्क परवान चढऩे लगा।

साथ ही होगी डॉक्यूमेंट्री रिलीज

आत्मकथा के साथ दिलीप कुमार के जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी रिलीज होगी। उनके बंगले में लगा एक कैमरा इसे रिकॉर्ड करता रहा है। इसके अलावा मुंबई के शेरिफ के तौर पर दिलीप कुमार के भाषण और पाकिस्तान दौरे के उनके संबोधन को भी इकट्ठा किया जा रहा है। दिलीप साहब द्वारा लिए गए अशोक कुमार (अब स्वर्गीय) के इंटरव्यू को भी डाक्यूमेंट्री में स्थान दिया जा रहा है। इसकी डीवीडी कम कीमत पर उपलब्ध होगी।

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