गुरुवार, 3 नवंबर 2011

कनाडा की संसद में गूंजी राजस्थानी



जयपुर। राजस्थानी भाषा और संस्कृति की तारीफें अब भारतीय उप महाद्वीप की सरहदों को लांघकर कनाडा की संसद तक पहुंच गई हैं। कनाडा के सांसद डब्ल्यू ली जोन ने मंगलवार को सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति महान है। इसके संरक्षण और संवर्धन की कोशिशें इस महाद्वीप में भी की जानी चाहिए।

उन्होंने सदन में बताया कि राजस्थानी भाषा, संस्कृति, सभ्यता और परम्परा के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए कई भारतीय कनाडा में अच्छे काम कर रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के कामकाज की भी तारीफ की। लीजोन ने गत दिनों राना की ओर से आयोजित दीपावली समारोह में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
माइनिंग इंजीनियर ली जोन पिछले साल ही कनाडाई संसद के सदस्य बने थे। वे कनाडा के सभी वर्गों के हितों की चिंता करते हैं और खासकर भारतीय समुदाय के वे काफी करीब माने जाते हैं। उन्होंने राजस्थानी समुदाय को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। उनका कहना है कि राजस्थानी भाषा सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं को अब कनाडा में भी समुचित सम्मान मिलना चाहिए। भारतीय भाषाओं विशेषकर राजस्थानी का काफी सांस्कृतिक वैभव है।

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