शुक्रवार, 24 जून 2011

भगतपुरा गांव के एक खेत से स्प्रिट से शराब तैयार करने की मिनी फैक्ट्री पकड़ी

शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी 
 

सीकर। जिले में स्प्रिट से शराब बनाने का गोरखधंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। आबकारी विभाग की टीम ने गुरूवार को लोसल इलाके के भगतपुरा गांव के एक खेत से स्प्रिट से शराब तैयार करने की मिनी फैक्ट्री पकड़ी। फैक्ट्री से पुलिस ने करीब चार सौ लीटर स्प्रिट, दस हजार खाली पव्वे व 22 कॉर्टन हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया।

सुबह से रेकी
आबकारी निरीक्षक लक्ष्मीनारायण देवेन्दा ने बताया कि गुरूवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि भगतपुरा गांव के पास स्प्रिट से देशी शराब बनाई जा रही है। इस पर टीम ने भगतपुरा निवासी जस्सुसिंह के खेत में दबिश दी। खेत में बने कमरे पर ताला लगा था। टीम ने कमरे का ताला तोड़कर तलाशी ली।

कमरे से आठ जरीकेन में करीब चार सौ लीटर स्प्रिट बरामद हुई। इसके अलावा विभिन्न कॉर्टन में करीब दस हजार से अधिक खाली पव्वे बिना ढक्कन के भरे मिले। कमरे में सामान के नीचे तलाशी लेने पर करीब 22 कॉर्टन हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब के बरामद हुए। टीम ने सभी सामान जब्त कर लिया।

बन सकते है 30 हजार पव्वे
पकड़ी गई स्प्रिट से आरोपी करीब 30 हजार पव्वों का निर्माण कर सकते थे। स्प्रिट की बाजार कीमत करीब पांच लाख रूपए है तथा अंग्रेजी शराब की कीमत करीब एक लाख रूपए है।

डेढ़ माह पहले पकड़ी थी फैक्ट्री
आबकारी टीम ने दूजोद गांव स्थित रामनगर में एक मकान में दबिश देकर नौ जून को 85 लीटर स्प्रिट व पांच कॉर्टन अंग्रेजी शराब बरामद कर एक जने को गिरफ्तार किया था। मौके से करीब पांच हजार खाली पव्वे, होलोग्राम, लेबल व ढक्कन बरामद किए थे।

मशीन, लेबल व होलोग्राम की तलाश
आबकारी टीम आरोपी की तलाश कर रही है। इसके अलावा आबकारी विभाग का यह भी कहना है कि आरोपी ने फैक्ट्री कहीं अन्य स्थान पर लगा रखी है। वहां से पव्वों को पैकिंग करने की मशीन, लेबल व होलोग्राम भी मिल सकते है। विभाग फैक्ट्री वाले स्थान की तलाश कर रहा है।

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