शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

मिलेगी चमत्कारिक शक्तियां, करें दुर्गा सप्तशती का जप

नवरात्रि के दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए साधक विभिन्न प्रकार के पूजन करते हैं जिनसे माता प्रसन्न उन्हें अद्भुत शक्तियां प्रदान करती हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ विधि-विधान से किया जाए तो माता बहुत प्रसन्न होती हैं। दुर्गा सप्तशती में (700) सात सौ प्रयोग है जो इस प्रकार है:- मारण के 90, मोहन के 90, उच्चाटन के दो सौ(200), स्तंभन के दो सौ(200), विद्वेषण के साठ(60) और वशीकरण के साठ(60)। इसी कारण इसे सप्तशती कहा जाता है।



दुर्गा सप्तशती पाठ विधि

- सर्वप्रथम साधक को स्नान कर शुद्ध हो जाना चाहिए।

- तत्पश्चात वह आसन शुद्धि की क्रिया कर आसन पर बैठ जाए।

- माथे पर अपनी पसंद के अनुसार भस्म, चंदन अथवा रोली लगा लें।

- शिखा बाँध लें, फिर पूर्वाभिमुख होकर चार बार आचमन करें।

- इसके बाद प्राणायाम करके गणेश आदि देवताओं एवं गुरुजनों को प्रणाम करें, फिर पवित्रेस्थो वैष्णव्यौ इत्यादि मन्त्र से कुश की पवित्री धारण करके हाथ में लाल फूल, अक्षत और जल लेकर देवी को अर्पित करें तथा मंत्रों से संकल्प लें।

- देवी का ध्यान करते हुए पंचोपचार विधि से पुस्तक की पूजा करें।

- फिर मूल नवार्ण मन्त्र से पीठ आदि में आधारशक्ति की स्थापना करके उसके ऊपर पुस्तक को विराजमान करें। इसके बाद शापोद्धार करना चाहिए।

- इसके बाद उत्कीलन मन्त्र का जप किया जाता है। इसका जप आदि और अन्त में इक्कीस-इक्कीस बार होता है।

-इसके जप के पश्चात् मृतसंजीवनी विद्या का जप करना चाहिए।



तत्पश्चात पूरे ध्यान के साथ माता दुर्गा का स्मरण करते हुए दुर्गा सप्तशती पाठ करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

चूहे ने लगाई आग, घर का सामान खाक..

बाड़मेर. कल्याणपुरा में माणक अस्पताल के पास एक घर में गुरुवार शाम अचानक आग लग जाने से सामान जलकर राख हो गया। वहीं आग बुझाने में दमकल की देरी और पानी खत्म हो जाने से भी नुकसान में इजाफा ही हुआ।

आग लगने का कारण चूहे द्वारा खाने के लिए देवी को प्रज्‍जवलित की गई जोत ले जाना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे माणक अस्पताल के पास स्थित बबीता बाई के घर में आग लग गई। आग घर के एक कमरे में लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बबीता बाई ने नवरात्रा की पूजा में जोत जगाई थी। इसके बाद वह कमरे से बाहर आ गई। तभी चूहे ने खाने के लिए दीपक से जोत निकाल ली और कपड़ों के पास जाकर बैठ गया। इसी दरम्यान कपड़ों ने आग पकड़ ली और आग फैलने लगी।

कमरे में धुआं उठता देख घरवाले पहुंचे तथा चिल्लाने लगे। जिस पर मोहल्ले वासी एकत्रित हो गए और आग बुझाने के प्रयास कर लगे। मोहल्लेवासियों ने दमकल कर्मियों को भी फोन किया। आग में हुए नुकसान का अभी आंकलन नहीं हो सका है।

देरी से पहुंची दमकल: मोहल्लावासी हुक्मीचंद डागा ने बताया कि दमकल को करीब पौने आठ बजे इसकी सूचना दी गई थी। लेकिन रेलवे फाटक बंद होने के कारण दमकल उस पार अटक गई। फिर साढ़े आठ बजे फाटक खुलने के बाद घटना स्थल पहुंची।

...और पानी खत्म हो गया : देर से पहुंची दमकल ने हालांकि आग बुझाने का प्रयास जरूर किया लेकिन कुछ मिनटों में ही इसका पानी खत्म हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दमकल पूरी भरी हुई थी ही नहीं, जिसके चलते दस मिनटों में ही पानी खत्म हो गया।

मंगवाए पानी के टैंकर: दमकल में पानी खत्म होने के बाद पानी के टैंकर मंगवाए गए। दो टैंकरों से पहले दमकल में पानी भरा गया, फिर आग बुझाने का काम शुरू हुआ। इसके बाद करीब साढ़े नौ बजे आग पर काबू पाया गया।