मंगलवार, 5 मार्च 2019

जो नेता जीतने की स्थिति में होगा...उसे ही कांग्रेस देगी टिकट- सचिन पायलट

जो नेता जीतने की स्थिति में होगा...उसे ही कांग्रेस देगी टिकट- सचिन पायलट


जयपुर. देश में कांग्रेस पार्टी इस बार केवल जीतकर सरकार बनाने कि ही नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रही है. जो नेता जीतने की स्थिति में हैं, कार्यकर्ताओं की पसंद है और साफ छवि का है उसे ही मिलेगा टिकट. चाहे वह विधायक या विधायक का लड़ चुका नेता ही क्यों ना हो. यह कहना है डि्प्टी सीएम सचिन पायलट का.

ईटीवी भारत ने आपको कुछ दिन पहले ही बताया था कि जब से देश में मोदी सरकार ने एयर स्ट्राइक की है उसके बाद से कांग्रेस में प्रत्याशी कौन होगा इसके लिए बनाए गए क्राइटेरिया में कुछ रियायत दी गई है. और आज उसके संकेत खुद कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने दे भी दिए हैं. लगातार कई दिनों से यह बहस चल रही थी कि कांग्रेस पार्टी विधायकों या विधायक का चुनाव लड़ चुके नेताओं को इस बार लोकसभा चुनाव में मौका देगी या नहीं.


लेकिन आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी ने इस बार लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए साफ छवि और जीतने की क्षमता वाला क्राइटेरिया रखा है. हालांकि पायलट ने यह जरूर कहा कि कांग्रेस ने पूरे देश के लिए एक पैमाना जरूर बनाया है कि राज्यसभा के सांसदों, विधायकों विधानसभा में चुनाव हारे हुए नेता हो या नेताओं के परिजन हो उनके अलावा कोई विकल्प हो तो उसे तलाश किया जाएगा. लेकिन इसके साथ ही पायलट ने यह भी साफ कर दिया कि पार्टी यह देख रही है कि जीतने की स्थिति किस नेता की है और कार्यकर्ता किसे पसंद करते हैं और सबसे बेहतर चुनाव कौन लड़ सकता है.


पायलट ने साफ किया कि इस बार के लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है और यह चुनाव कांग्रेस केवल सरकार बनाने के लिए नहीं जीतना चाहती है बल्कि इन चुनाव में जीत दर्ज करके कांग्रेस उन ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहती है. जिन्होंने देश प्रदेश की संस्थाओं को खोखला किया है जो कांग्रेस ने 70 साल में खड़ी की थी.


पायलट ने कहा कि भाजपा ने चाहे ईडी हो या सीबीआई या आरबीआई या चुनाव आयोग सभी संवैधानिक संस्थाओं को 5 साल में कमजोर करके लगभग खत्म करने का काम किया है. देश में गणतंत्र में अगर इन संस्थाओं को चुनौती मिलेगी तो फिर लोकतंत्र खतरे में आएगा. आज तमाम विपक्ष के नेता और दल मिलकर इस मुहिम में लगे हैं कि हम चुनाव जीत कर जनता का विश्वास फिर से कायम करें. लोकतंत्र में संस्थाएं खत्म होगी तो यह देश के लिए बुरे संकेत होंगे इसलिए चुनाव जीतना हमारे लिए जरूरी है. ऐसे में पायलट ने साफ कर दिया है कि इस बार के चुनाव में क्राइटेरिया केवल नेता का जीतने का रखा जाएगा.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें