रविवार, 13 अगस्त 2017

बाड़मेर, अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से आवश्यक सुविधाएं सुचारू होः कटारिया



बाड़मेर, अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से आवश्यक सुविधाएं सुचारू होः कटारिया
बाड़मेर, 13 अगस्त। अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकांे में तत्परता से राहत कार्याें को अंजाम देते हुए आवश्यक सुविधाएं अतिशीघ्र सुचारू की जाए। अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों को अंजाम दें। बाड़मेर जिले मंे जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ,एसडीआरएफ एवं सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोगांे को सुरक्षित स्थानांे पर पहुंचाने के साथ बेहतरीन राहत प्रबंधन किया। इसके लिए वे बधाई के पात्र है। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को बाड़मेर जिले के बालोतरा उपखंड मुख्यालय पर जन प्रतिनिधियांे एवं अधिकारियांे के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकांे में अब तक किए गए राहत कार्याें की समीक्षा करते हुए यह बात कही।

आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकांे मंे राहत एवं सहायता गतिविधियांे को लेकर बेहद गंभीर है। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्हांेने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी जन सहयोग के साथ युद्ध स्तर से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को अतिशीघ्र सुचारू करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा है कि बाढ़ प्रभावित बाड़मेर समेत अन्य जिलांे में जहां अतिवृष्टि से लोगों के जान-माल की हानि एवं मकानों की क्षति हुई है, वहां राज्य सरकार ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया है। साथ ही जिनका घर 48 घंटांे तक पानी मंे रहा है, ऐसे सभी परिवारांे को 3800 रुपए की सहायता दी जा रही है। उन्हांेने कहा कि जिन रपटांे पर अभी भी पानी का बहाव जारी है, वहां पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। उन्हांेने पैदल रपट पार करने वालांे के लिए दोनांे तरफ से मजबूत रस्सी बांधने के निर्देश दिए। ताकि लोग उसको पकड़ कर आसानी से एवं सुरक्षित तरीके से रपट पार सके।

कटारिया ने जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियांे से अब तक हुए राहत प्रबंधांे के बारे मंे फीडबैक लिया। उन्हांेने बिजली व्यवस्था सुचारू करने, आवश्यक स्थानांे पर पेयजल के परिवहन की समुचित व्यवस्था करने तथा मेडिकल टीमें भेजकर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र दुरूस्त कर आवागमन चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग पेयजल टांकों एवं अन्य स्रोतों में क्लोरिनेशन करे, ताकि बीमारियां फैलने का खतरा नहीं रहे। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियांे को प्रभावित गांवांे मंे लगातार चिकित्सा दल भेजने, एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फोगिंग करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने बाड़मेर जिले मंे राहत प्रबंधन कार्याें के बारे मंे विस्तार से जानकारी दीं उन्होंने बताया कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं नागरिकों के सहयोग से 307 लोगों का रेस्क्यू किया गया। साथ ही 1500 लोगांे को राहत शिविरांे मंे रखा गया। तात्कालिक राहत के रूप में 2 हजार अन्नपूर्णा किट एवं 5 हजार भोजन के पैकेट्स वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि आपदा में मारे लोगों के आश्रितों को एसडीआरएफ से चार लाख रूपए एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त सहायता के रूप मंे एक लाख रूपए दिए गए है। उन्होंने आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन के उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिले के जन प्रतिनिधियों को बधाई दी। इस दौरान राजस्व राज्य मंत्री अमराराम चौधरी ने कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को राहत देने एवं राहत कार्यों के प्रति राज्य सरकार अत्यन्त संवेदनशील है। संसदीय सचिव लादूराम ने प्रभावित इलाकांे के प्रत्येक गांव मंे एएनएम नियुक्त करने की जरूरत जताई। सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी एवं सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल ने क्षतिग्रस्त सड़कांे की मरम्मत करवाने की बात कही। पुलिस अधीक्षक डा.गगनदीप सिंगला ने कहा कि सबके समन्वित प्रयासांे की बदौलत किसी की अकाल मौत नहीं हुई। उन्हांेने विशाला गांव मंे पुलिस कांस्टेबल के प्रयासांे की बदौलत 20 लोगांे की जान बचाए जाने का जिक्र किया। इस दौरान जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका मेघवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई समेत विभागीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से पावर प्रजेटेंशन के जरिए राहत प्रबंधन की विस्तार से जानकारी दी गई।

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