सोमवार, 4 नवंबर 2013

किराएदार के प्रेम में पति को सुलाया मौत की नींद, फिर नाम बदल किया कारनामा



जयपुर। सात वर्ष पहले प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने के मामले का जवाहर सर्किल पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर पत्नी, प्रेमी और उनके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले का पता तब चला, जब जवाहर सर्किल पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर और उसके साथी दिल्ली में हैंड कांस्टेबल को विदेशी महिला से अभद्रता करने के मामले में गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में हत्या के मामले का खुलासा कर आरोपी महिला से मोटी रकम एंठने की बात कही।






डीसीपी (ईस्ट) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि गिरफ्तार सरोज सोनी उर्फ किरण बर्मन उर्फ शमा सैफी, उसके प्रेमी शाबिर शफी और उनके सहयोगी राजेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने देवा बर्मन की हत्या कर जुर्म स्वीकार कर लिया।

हत्या के बाद फिर की शादी और अपना नाम बदलाप्रतापनगर थाना प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि सरोज सोनी ने घर से भागकर सन् 2000 में आर्य समाज में देवा बर्मन से शादी कर ली थी। शादी के बाद वह प्रताप नगर में देवा बर्मन के घर में रहने लगी। देवा ने 2004 में साबिर शफी को अपने घर में किराए पर कमरा दे दिया। सरोज को शाबिर से प्रेम हो गया।इस प्रेम प्रसंग का पता देवा बर्मन को लग गया। इसके बाद पति-पत्नी में झगड़ा होने लगा। सरोज व साबिर ने मिलकर देवा बर्मन की हत्या करने की साजिश रची। उन्होंने 2006 में 31 दिसंबर की रात को मकान नंबर 85/574 प्रताप नगर में नववर्ष के जश्न मनाने का कार्यक्रम रखा।देवा, साबिर और राजेंद्र ने शराब पी। इसके बाद सरोज ने देवा बर्मन की सब्जी-मीट में नींद की 10 गोलियां पीस कर डाल दी, जिससे देवा अचेत हो गया। इसके बाद राजेंद्र गुर्जर ने देवा का चुन्नी से गला दबा दिया। तीनों देवा को कार में डालकर बीसलपुर ले गए।वहां बांध के पास बनास नदी के पानी में डाल दिया। सरोज ने अपना दूसरा मकान बेचकर पति की हत्या में मदद के लिए एक लाख रुपए राजेंद्र गुर्जर को दिए। सरोज ने 2009 में साबिर से निकाह कर लिया और अपना नाम शमा शफी रख लिया।

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