सोमवार, 29 अक्तूबर 2012

दिल्ली-उदयपुर एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग, जंगल में डेढ़ घंटे खड़ी रही ट्रेन



भीलवाड़ा। दिल्ली-उदयपुर चेतक एक्सप्रेस के इंजन में सोमवार अल सुबह तकनीकी खराबी आ जाने से आग लग गई। ट्रेन चालक और गार्ड की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। मगर करीब डेढ़ घंटे तक जंगल में अटकी रही चेतक एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से उदयपुर के लिए रवाना हो पाई। वहीं भोपाल-जयपुर ट्रेन दो घंटे तक भीलवाड़ा स्टेशन पर अटकी रही।
 


चेतक एक्सप्रेस के इंजन में भीलवाड़ा स्टेशन से सात किलोमीटर पहले जौधड़ास अंडरब्रिज पर सुबह 4 बजे अचानक आग लग गई। चालक ने ट्रेन रोक दी। घटना के बाद इंजन के पास वाले चार डिब्बों में अफरा-तफरी मच गई। चारों डिब्बे देखते ही देखते खाली हो गए। चालक शिशुपाल ओझा, गार्ड दीपक शर्मा और सहायक ड्राइवर किशन रावत ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़ा हादसा टाल दिया। चालक और सहायक ने लोगों की सहायता से जलते इंजन को ट्रेन से अलग कर दूर किया। धकेलने के दौरान ढलान होने से इंजन ट्रेन से दो किलोमीटर दूर चला गया।



कंट्रोल रूम व स्टेशन पर सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल मौके पर पहुंची। सुबह 4.10 पर लगी आग पर 5 बजे काबू पाया गया। भीलवाड़ा से दूसरा इंजन भेजकर लाइन खाली कराई गई। लांबिया स्टेशन से मालगाड़ी का इंजन मंगवा दिल्ली-उदयपुर चेतक एक्सप्रेस को मांडल स्टेशन पहुंचाया गया। हादसे के बाद सुबह 4.06 बजे से भीलवाड़ा स्टेशन पर अटकी भोपाल-जयपुर ट्रेन को सुबह 6.30 बजे रवाना किया गया। ट्रैक पर हालात सामान्य होने पर चेतक एक्सप्रेस को उदयपुर के लिए सुबह 7.20 बजे मांडल स्टेशन से रवाना किया गया। घटना के बाद वरिष्ठ मंडल यांत्रिकी अभियंता पावर सत्यवीर सिंह यादव, लोको इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा व राजेंद्र बुढ़ाना ने जांच शुरू की। आग का कारण इंजन के रबर फ्यूल पाइप में लीकेज बताया गया है।

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