गुरुवार, 29 सितंबर 2011

कर्नल सोनाराम के खिलाफ प्रॉपर्टी हड़पने का मामला

पूर्व सांसद और बायतु विधायक कर्नल सोनाराम चौधरी के खिलाफ दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में अपने रिश्तेदार की करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कर्नल ने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी व हस्ताक्षरों से यह प्रॉपर्टी अपने बेटे डॉ. रमन चौधरी और पत्नी विमला चौधरी के नाम करवा दी। अब वे इस जमीन पर पुरानी बिल्डिंग तोड़ कर नए फ्लैट बना रहे हैं।

चार दिन पहले दर्ज हुए इस मुकदमे की जांच दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर राजेंद्र मीणा कर रहे हैं। दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में 25 मई, 11 को जैसलमेर निवासी लालचंद चौधरी ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया कि करीब पंद्रह साल पहले आर्मी हॉस्पिटल रोड, किरबी पैलेस दिल्ली कैंट में सुभाषचंद्र व राधेकिशन अरोड़ा से मैसर्स मोहनगढ़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से यह प्रॉपर्टी खरीदी थी। लालचंद इस फर्म के पार्टनर हैं और काम के सिलसिले में ज्यादातर जैसलमेर में रहते हैं।

कर्नल सोनाराम उनके चचेरे भाई हैं और उनके अधिकतर समय दिल्ली में रहने के कारण प्रोपर्टी के सभी दस्तावेज उनके पास रखे हुए थे। कुछ समय पहले लालचंद दिल्ली गए तो इस प्रोपर्टी पर फ्लैट बनते नजर आए, पुरानी बिल्डिंग का नामों-निशान नहीं था। लालचंद ने दिल्ली में कपशेरा सब रजिस्ट्रार के यहां छानबीन की तो पता चला कि कर्नल सोनाराम ने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी बना कर यह प्रोपर्टी अपने पुत्र डॉ. रमन और पत्नी विमला के नाम बेचान कर दी। अब पिता-पुत्र ही यहां फ्लैट बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कर्नल सोनाराम, पुत्र डॉ. रमन और पत्नी विमला के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471/34 में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।

20 करोड़ की प्रॉपर्टी का 9.50 लाख में बेचान: कर्नल सोनाराम ने यह प्रॉपर्टी अपने पुत्र व पत्नी को महज 5 व 4.5 लाख रुपए में ही बेच दी। इस प्रॉपर्टी की कीमत 20 करोड़ रुपए है। इसमें 217.5 वर्ग यार्ड का भवन बना हुआ था और 174 वर्ग यार्ड खाली जमीन थी। अब पूरी जमीन पर आवासीय फ्लैट बन रहे हैं।

लालचंद मेरा चचेरा भाई है। उसे मैंने ही पढ़ाया, किताबें भी मैंने लाकर दी। अब वह राजनीतिक विरोधियों के हाथों खेल रहा है। फर्म में मैं तो पार्टनर नहीं था, मगर मेरा सगा भाई, बहन और बहनोई पार्टनर थे। चौथा पार्टनर लालचंद था। चारों ने पावर ऑफ अटार्नी मुझे दी थी, मैंने कोई फर्जी दस्तावेज नहीं बनाए हैं। जांच में सब सामने आ जाएगा। - कर्नल सोनाराम चौधरी, विधायक बायतु।

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