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पच्चीस दिन में बुना गया हत्या का ताना-बाना 
 

जयपुर। प्रेमियों के साथ रोज की मुलाकात में बाधा बने अपने माता-पिता को ठिकाने के लगाने के लिए दोनों युवतियों और उनके प्रेमियों ने करीब 25 दिन पहले ही प्लान बना लिया था। दिल्ली में ठेकेदारी करने वाले पिता का यह तय करना कि बेटियों को विदा करने के बाद ही वह दोबारा दिल्ली जाएगा, इतना नागवार लगा कि दोनों ने प्रेमियों से मिल 17 जून की रात माता-पिता को निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया।

कोटपूतली थाना पुलिस ने मंगलवार को करवास दंपती हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए करवास गांव निवासी भावना, उसकी छोटी बहन पपीता सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सातों अभियुक्तों से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनीत बंसल की अगुवाई में गठित टीम पूछताछ कर रही है। 

दिल्ली से आते ही पाबंदी लगा दी थी: सूत्रों ने बताया कि करवास गांव निवासी पप्पूराम जाट को अपने पत्नी से बेटियों के गलत रास्ते पर जाने की जानकारी मिली तो वह 25 दिन पहले दिल्ली से गांव लौट आए। घर आते ही उसने भावना और पपीता को उनके प्रेमप्रसंग के मामले को लेकर जमकर डांटा था और दोनों बेटियों के घर से निकलने पर पाबंदी भी लगा दी थी। भावना और पपीता ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर मां-बाप को ही ठिकाने लगाने का प्लान बना डाला।

एक सप्ताह पहले दिल्ली से आया था ऑफर: पुलिस ने बताया कि घटना के करीब एक सप्ताह पहले पप्पू राम को दिल्ली में ठेकेदारी का एक और काम मिला था लेकिन बेटियों की करतूत पूरे गांव में फैल जाने के कारण पप्पू ने उनकी शादी करने के बाद ही दिल्ली जाने की ठान ली और उसने विराठ नगर में अपनी बेटियों सगाई भी कर दी थी। पिता यही फैसला बेटियों को इतना अखर गया कि दोनों ने माता-पिता की हत्या करने मेें संकोच नहीं किया। 

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