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सोमवार, 15 जून 2020

गुजरात के कच्छ में एक बार फिर भूकंप का झटका, कल रात से 11 बार हिली धरती

             गुजरात के कच्छ में एक बार फिर भूकंप का झटका, कल रात से 11 बार हिली धरती


 गुजरात में एक बार भूकंप का झटका महसूस किया गया है. कच्छ में दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर भूकंप का झटका मसहूस किया गया. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 रही. भूकंप का केंद्र कच्छ से 15 किलोमीटर दूर रहा. भूकंप के झटके के बाद लोग घर से बाहर आ गए. इससे पहले रविवार को कच्छ में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था.
आज आए भूकंप का एपीसेंटर भुज के भचाउ के पास रहा. कल रात भी आए भूकंप का भी एपीसेंटर भचाउ के पास था. बताया जा रहा है कि कल रात से लेकर अब तक 11 बार छोटे-बड़े भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं. लोग डरे हुए हैं. फिलहाल, किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.गुजरात में रविवार रात 8.13 बजे भूकंप आया, जिसके बाद लोगों में डर का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल गए. भूकंप का केंद्र कच्छ में भचाऊ के पास 10 किलोमीटर अंदर रहा है. इस भूकंप के बाद कच्छ के कई घरों में दरारें तक आ गईं.
दिल्ली में भी कई बार हिली धरती
इससे पहले 8 जून को दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.1 थी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम से 13 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम में कम तीव्रता का भूकंप पैदा हुआ. इसकी गहराई 18 किलोमीटर थी और यह दोपहर एक बजे आया था.


शनिवार, 7 जनवरी 2017

पश्चिमी सीमा क्षेत्र से.यहां रस्सियों में कैद हैं नापाक कश्तियां



पश्चिमी सीमा क्षेत्र से.यहां रस्सियों में कैद हैं नापाक कश्तियां
यहां रस्सियों में कैद हैं नापाक कश्तियां

गुजरात के कच्छ जिले के कोटेश्वरम में कदम रखते ही सबसे पहले रस्सियों में कैद नापाक कश्तियां नजर आती हैं। समुद्री सीमा के उस पार पकिस्तान से इस ओर भारतीय सीमा में आने वाली कश्तियों को सीमा सुरक्षा बल यहां अपनी हिरासत में तट पर लंगर से बांध कर रखता है। नीले और गहरे समंदर में हवा से बातें करने वाली पाकिस्तान की नौकाएं यहां रस्सियों की गिरफ्त में कई सालों से बंधी हैं। इनके यहां जमावड़े का आलम यह है कि बीते साल (2016 ) में दर्जन से ज्यादा नावें पकड़ी गई और इन पर सवार 30 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। बीते पांच सालों का यह आंकड़ा सैकड़ों पार है। सीमा सुरक्षा बल के गश्ती दल की चौकसी की बदौलत समुद्री सरहद पर पाकिस्तानी घुसपैठ में कमी आ रही है लेकिन गाहे-बगाहे पाकिस्तानी नावों का भारत की सीमा में प्रवेश करना अभी जारी है।

बरामद की मछलियां और जाल भी

भारतीय सीमा में पाकिस्तानी नावों और नागरिकों की गिरफ्तारी पर होने वाली बरामदगी की घटनाएं कुछ अजीब सी हैं। बीते साल कोटेश्वर सीमा चौकी के निकट बीएसएफ ने 14 पाक मछुआरों और चार बच्चों को पकड़ा। बीएसएफ ने मछली पकडऩे की दो नौकाएं भी जब्त की थी। मशीनीकृत नौकाओं की तलाशी के दौरान बीएसएफ कर्मियों को करीब 350 किलो मछली, मछली पकडऩे वाले चार जाल, एक आइस बाक्स और प्लास्टिक कैन में अतिरिक्त ईंधन मिला। इससे पहले 10 मछुआरों को पकड़ा था और उनकी दो नौकाएं जब्त की थी। जिसमें ईंधन के अलावा कुछ नही मिला था। जिन-जिन नौकाओं में पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार हुए उनमें मछली पकडऩे का सामान और मछलियां मिली हैं, लेकिन कुछ नावें ऐसी भी गिरफ्त में आई हैं, जिनमें कोई शख्स नहीं था। उन नावों में पाकिस्तानी करंसी, ईंधन और ड्राय फ्रूट मिले थे।

मुस्तैद है मरीन बटालियन

भारत-पाक समुद्री सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की मरीन बटालियन तैनात है। जिनको अरब सागर का बादशाह कहा जाता है। इसकी तैनातगी के बाद पाकिस्तान की तरफ से जब भी घुसपैठ की कोशिश की गई, उसे मुंह की खानी पड़ी। रात के अंधेरे में भी घुसपैठ की कोशिश हमेशा नाकाम रही है और यही वजह है कि केवल 2016 में मरीन बटालियन के नाम सबसे ज्यादा घुसपैठ रोकने और पाक नागरिक गिरफ्तारी का रिकॉर्ड है।