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डोकलाम हमारा: भूटान, चीन बोला- भारत का रुख खतरनाक, समझौता नहीं करेंगे
डोकलाम हमारा: भूटान, चीन बोला- भारत का रुख खतरनाक, समझौता नहीं करेंगे, national news in hindi, national news
बीजिंग. डोकलाम पर जारी विवाद के बीच पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीनी सेना) ने कहा है कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, भूटान की तरफ से पहली बार इस मामले में कोई रिएक्शन सामने आ रहा है। भूटान के ऑफिशियल सोर्सेस ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा- हमने डोकलाम मुद्दे पर चीन को मैसेज भेज दिया है। हमने कहा है कि चीन हमारे इलाके में सड़क बनाने की कोशिश कर रहा है। ये दोनों देशों के बीच 1988 और 1998 में हुए समझौतों का वॉयलेशन है। बता दें कि करीब सात हफ्तों से सिक्किम के ट्राइजंक्शन इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। पीएलए ने अब क्या कहा...

- मीडिया से बातचीत में पीएलए के सीनियर कर्नल झोउ बो ने कहा- चीन की जनता, सरकार और सेना डोकलाम मामले में भारत के खतरनाक रवैये से खफा है। चीन इस मामले में अब तक शब्दों का भी संभलकर इस्तेमाल कर रहा है।

- बो ने कहा- हम उम्मीद करते हैं कि आगे सबकुछ बेहतर होगा। लेकिन, ये भी तय है कि हम कोई समझौता नहीं करेंगे। दोनों देशों की जनता की भलाई इसी में है कि भारत वहां से बिना किसी शर्त के अपनी सेना को वापस बुला ले।

कश्मीर में दखल का इशारा

- झाओ ने भारत को फिर धमकी दी। कहा- मुद्दे का हल यही है कि भारत अपनी सेना हटाए नहीं तो चीन को भी ताकत का इस्तेमाल करना होगा। सच्चाई सिर्फ इतनी है कि भारत ने चीन के इलाके में घुसपैठ की कोशिश की है। हम ये कहना चाहते हैं कि जब भूटान ने भारत से सैन्य मदद नहीं मांगी थी तो भारतीय फौज वहां क्यों गई?

- झाओ ने कहा- पाकिस्तान हमारा दोस्त है। सोचिए, अगर चीन पाकिस्तान के कहने पर बॉर्डर क्रॉस करता है तो भारत को कैसा लगेगा?

अमेरिकी सांसद ने कहा- भड़का रहा है चीन

- इलिनोइस से सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भारत और चीन के बीच जारी डोकलाम विवाद पर रिएक्शन दिया। राजा ने कहा- डोकलाम में जो कुछ हो रहा है, उसकी वजह ये है कि चीन वहां भड़काउ कदम उठा रहा है।

- राजा हाल ही में भारत आए थे और उन्होंने यहां नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। राजा ने कहा- इस मुद्दे का डिप्लोमैटिक सॉल्यूशन निकाला जाना चाहिए।

भूटान बोला- डोकलाम हमारा एरिया

- डोकलाम विवाद पर अब तक चुप रहने वाले भूटान ने भी भारत का साथ दिया है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में भूटान सरकार के एक आॅफिशियल सोर्स ने कहा- हमने चीन को ये मैसेज भेज दिया है कि आप हमारे इलाके में सड़क बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच 1988 और 1998 में समझौते हो चुके हैं। और सड़क बनाने की ये कोशिश उन एग्रीमेंट्स का वॉयलेशन है।

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