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बाड़मेर हत्या के  आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा 

बाड़मेर आज अपर जिला सैषन न्यायाधीष संख्या दो सुरेन्द्र खरे द्वारा हत्या के मामले में अभियुक्त रमेष कुमार व महेन्द्र सिंह को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास व पंाच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दडित किया।

अपरलोक अभियोजक संख्या दो सुरेष मोदी ने बताया कि दिनांक 25/08/2014 को परिवादी हितेष ने पुलिस थाना ग्रामीण बाड़मेर में एक रिपोर्ट इस आषय की प्रस्तुत की कि मेरा चचेरा भाई ओम प्रकाष कल सुबह 11 बजह घर से निकला था उसके बाद तलाष करने पर भी नहीं मिला अभी दो बजे केे आज पास मुझे पुलिस का फोन आया कि एक लाष मिली है आप आकर उसकी षिनाख्त करों जिस पर मे व मेरे परिवार वाले मोर्चरी मे गये और देखा की मृतक मेरा चचेरा भाई ओम प्रकाष ही है मेरे भाई ओम प्रकाष के शरीर पर लगी चोटे व उसके सिर पर लगी चोट के अनुसार मेरे भाई ओम प्रकाष की किसी ने हत्या की है, मेरे भाई के हत्यारों का पता कर उनके विरूद्ध कानुनी कार्यवाही करावें। जिस पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारम्भ की एंव अनुसंधान के बाद अभियुक्त रमेष कुमार पुत्र मोहनलाल जाति सुथार निवासी रेलवे कुआ नम्बर 3, बाड़मेर एंव महेन्द्र सिंह पुत्र मुल्तान सिंह जाति रावणाराजपुत निवासी रामनगर, सिणधरी चौराहा बाड़मेर के विरूद्ध अपराध अन्तर्गत धारा 302/34 भा.द.स. में आरोप पत्र माननीय न्यायालय मंे प्रस्तुत किया।

अभियोजन पक्ष द्वारा माननीय न्यायालय मंे कुल 37 गवाहों को परिक्षित करवाया एंव 70 दस्तावेजों को प्रर्दषित करवाया।

साक्ष्य समाप्ति के बाद बहस सुनी गई एंव न्यायालय द्वारा अभियुक्त रमेष व महेन्द्र सिंह को अपराध अन्तर्गत धारा 302/34 भा.द.स. में दोषसिद्ध करार देते हुए दोनों अभियुक्त गण को आजीवन कारावास व पंाच हजार अर्थ दण्ड से दडित किया।

इस प्रकरण मंे सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेष मोदी एंव गणपत गुप्ता ने अभियुक्तगण की ओर से एडवोकेट स्वरूप सिंह भदरू एंव परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट कन्हैया लाल जैन, सवाई माहेष्वरी द्वारा पैरवी की गई।

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