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देखे उगते और डूबते सूरज के दिलकश नजारे, निहारा प्रकृति का अप्रतिम स©ंर्दय

अमेजिंग अजमेर


सूर्योदय और र्सूयास्त के अदभुत फ¨ट¨ देखकर शहरवासी अभिभूत

एडीए विकसित करेगा सनराइज और सनसेट पाॅइन्ट


अजमेर, 16 फरवरी। अजमेर. ओस की बूंद¨ं और वासंती बयार के बीच जब प्राची से सूरज निकला त¨ समूची फिजा झूम उठी। धरती पर उजास फैलाने वाले सूरज के दिलकश नजार¨ं क¨ देखने की ललक शहरवासिय¨ं क¨ अजमेर के किले तक ख°च लाई। सम्राट पृथ्वीराज च©हान और ख्वाजा म¨ईनुद्दीन चिश्ती के शहर का अप्रतिम और अद्वितीय स©ंर्दय क¨ देखकर ल¨ग दंग रह गए।

आकाश और धरती क¨ शाम-सवेरे सिंदूरी आभा से चमकाने वाले सूरज की खूबसूरती सबक¨ बेहद पसंद आई। शुक्रवार क¨ यह रंग राजस्थान पत्रिका और जिला प्रशासन के सहय¨ग से शुरू हुए अमेजिंग अजमेर म¨बाइल फ¨ट¨ प्रर्दशनी और एक्सफ्ल¨रेशन आॅफ अजमेर सनराइजेज एंड सनसेट्स र्कायक्रम म­ रंग बिखरे। म¨बाइल कैमरे से ली गई फ¨ट¨ के अनूठे मह¨त्सव ने पहले ही दिन ल¨ग¨ं पर छाप छ¨ड़ी। उद्योग मंत्राी श्री राजपाल सिंह शेखावत, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष प्रो. सांवर लालजाट, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री औंकार सिंह लखावत, महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, एडीए अध्यक्ष श्री शिव शंकर हेड़ा, जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती मालिनी अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री नितीनदीप ब्ल्लग्गन ने विचार व्यक्त किए। राजस्थान पत्रिका के स्थानीय सम्पादक श्री उपेन्द्र शर्मा ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।




अजमेर को बेहिसाब सुन्दरता से नवाजा है कुदरत ने

धर¨हर संरक्षण और प्र¨न्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत ने म¨बाइल फ¨ट¨ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारेाह म­ कहा कि अजमेर क¨ कुदरत ने बेहिसाब सुंदरता, हरियाली और दिलकश वातावरण से नवाजा है। जयानक ने पृथ्वीराज विजय ग्रंथ म­ लिखा है... रावण की स¨ने की लंका भी अजमेर के सामने फीकी है। वास्तव म­ अजमेर की सुंदरता क¨ कुछ पल¨ं, महीन¨ं म­ नह° निहारा जा सकता। शहर के प्राकृतिक नजार¨ं क¨ म¨बाइल कैमरे म­ जिस कलात्मकता से कैद किया गया है वह तारीफ के काबिल है। अजमेर राजस्थान का एकमात्रा जिला है, जहां सर्वाधिक तालाब, बावडिय्ा़ां और कुएं ह®। हम चाह­ त¨ तारागढ़ किला, वहां बनी दीवार, चश्मा ए नूर, हैप्पी वैली क¨ पर्यटक स्थल बना सकते ह®। इन स्थान¨ं से शहर की सुंदरता देखते बनती है। जालिया बांध,बीर तालाब, नारायणसागर, कायड़, मलूसर तालाब, दरगाह स्थित झाला, अणर्¨राज की बनाई सुंदर आनासागर झील म­ पर्यटक¨ं क¨ जादुई म¨हपाश म­ बांधने की ताकत है। पत्रिका ने हकीकत म­ म¨बाइल कैमरे से ल¨ग¨ं का शहर से परिचय कराया है। शहर से प्रतिवर्ष बहकर जाने वाले 80 प्रतिशत का बेहतरीन इस्तेमाल किया जाए त¨ अजमेर के पर्यटन का नक्षत्रा बन सकता है।




अजमेर की सुंदरता दिखाते हुए ख°चे सेल्फी

महाप©र धर्मेन्द्र गहल¨त ने कहा कि बरस¨ं तक फ¨ट¨ म­ अजमेर की छवि गंदे शहर, कचरे से अटे आनासागर, टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त पुरा इमारत¨ं के रूप म­ दिखाई जाती रही। पत्रिका ने सही मायन¨ं म­ शहर का स©ंदर्य, प्रकृति और हरियाली क¨ दिखाना शुरु किया है। पहले हजार¨ं मील से आनासागर म­ आने वाले प्रवासी पक्षिय¨ं क¨ बर्ड फेर के माध्यम से बताया। अब अरावली और नाग पहाड़ म­ उगते और डूबते सूरज के दिलकश दृश्य¨ं से ल¨ग¨ं क¨ रूबरू कराया गया है। हम­ अपने हम­ शहर की सुंदरता, भव्यता और प्राकृतिक खूबसूरती की मार्केटिंग करने की आवश्यकता है। युवाओं, विद्या£थय¨ं और आमजन क¨ अजमेर की सुंदरता दिखाते हुए सेल्फी लेकर उसका प्रचार करना चाहिए। इससे शहर जल्द स्मार्ट बनकर पर्यटन के क्षेत्रा म­ अग्रणीय बन जाएगा।




बच्च¨ं की नजर¨ं से समझ­ अजमेर क¨

पुलिस अधीक्षक डाॅ. नितिनदीप ब्लग्गन ने कहा कि तकनीकी द©र म­ प्रत्येक व्यक्ति के पास स्मार्ट म¨बाइल और कैमरे ह®। फेसबुक, वाॅट्स एप के द©र म­ अब पूरा विश्व एक परिवार लगता है। पत्रिका ने म¨बाइल फ¨ट¨ग्राफी की अनूठी प्रदर्शनी लगाकर विद्या£थय¨ं, युवाओं और आम ल¨ग¨ं क¨ शहर की सुंदरता और प्राकृतिक दृश्य दिखाने का प्रयास किया है। बच्च¨ं क¨ भी म¨बाइल और कैमरे लेकर अजमेर की खूबसूरती क¨ समझना चाहिए। बच्च¨ं के ख°चे गए फ¨ट¨ प्रद£शत किए जाएं त¨ उन्ह­ प्र¨त्साहन मिलेगा। साथ ही अजमेर म­ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिय¨गिताएं और कार्यक्रम ह¨ सकेंगे।




पहली बार देखी सूरज की प्राकृतिक सुंदरता

कलक्टर ग©रव ग¨यल ने स्कूली बच्च¨ं से कहा कि वे राजस्थान म­ कई जगह पदस्थापित रहे, लेकिन अजमेर म­ आकर ही सूरज की प्राकृतिक सुंदरता देखने क¨ मिली। यह नजारे देखने के लिए उनकी उम्र के 33 साल बीत गए। छात्रा-छात्राओं क¨ ऐसे नजार¨ं क¨ देखने के लिए प्रकृति के करीब जाना चाहिए। ग¨यल ने कहा कि शाó¨ं के अनुसार मानस, बुðि, चित्त और अहम से मस्तिष्क बनता है। यह गुण हमारे आसपास प्रकृति, सुंदर दृश्य¨ं, जैव विविधता, रंग¨ं, ब©ðिक चातुर्य और विश्लेषण क्षमताओं के रूप म­ ही म©जूद रहते ह®। स्मार्ट फ¨न से हम प्रकृति और उसके स©ंर्दय क¨ बेहतरीन ढंग से समझ सकते ह®। म¨बाइल का रचनात्मक उपय¨ग कैसे किया जाए, यह जानकारी आपक¨ अमेजिंग अजमेर फ¨ट¨ प्रदर्शनी म­ बखूबी मिल सकती है।




दुनिया आपकी मुट्ठी म­

अजमेर र­ज की आईजी मालिनी अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट फ¨न सिर्फ उपकरण नह° है। यह हम­ दुनिया से पहचान कराने का माध्यम है। तकनिक का जितना बेहतर और नए-नए तरीके से इस्तेमाल किया जाए वह उतनी मददगार बन जाती है। रेहड़ी पर सब्जी-फल बेचने वाले भले अंग्रेजी ना समझ­ पर उन्ह­ भी फेसबुक-वाॅट्सएप चलाना आता है। तकनीकी ज्ञान से हम अजमेर की सुंदरता, यहां की खूबिय¨ं, खान-पान, संस्कृति क¨ दुनिया के किसी भी देश तक पहुंचा सकते ह®। अजमेर क¨ कुदरत ने भरपूर सुंदरता बक्शी है। यहां अच्छे स्थान¨ं पर सेल्फी और फ¨ट¨ ल­ पर सुरक्षा, जैव विविधता का पूरा ध्यान रख­। म¨बाइल कैस हुनर क¨ तराशने, क©शल क¨ बढ़ाने म­ मददगार बन सकता है, इसे फ¨ट¨ प्रदर्शनी म­ सीखा और समझा जा सकता है।




विकसित कर­गे सनराइज और सनसेट पाॅइन्ट

कलक्टर ग©रव ग¨यल ने कहा कि स्कूल, काॅलेज के विद्या£थय¨ं, आमजन म¨बाइल अथवा कैमरे से शहर के विभिन्न स्थान¨ं पर जाकर सूयर्¨दय और सूर्यास्त के नजार¨ं के कैद कर­। इनम­ से सूयर्¨दय और सूर्यास्त के ज¨ दृश्य एवं श्रेष्ठतम ह¨ंगे वहां सनराइज और सनसेट पाॅइन्ट विकसित किए जाएंगे। यह कार्य अजमेर विकास प्राधिकरण कराएगा। इससे पर्यटक¨ं क¨ दरगाह, पुष्कर, तारागढ़, आनासागर झील, पृथ्वीराज च©हान स्मारक, महाराणा प्रताप स्मारक की तरह द¨ नए स्थान देखने क¨ मिल­गे।




यह रहे कार्यक्रम म­ म©जूद

अजमेर के किले के क्यूरेटर जफर उल्लाह, इतिहासकार प्र¨. ओमप्रकाश ज¨शी, पूर्व संयुक्त निदेशक प्यारे म¨हन त्रिपाठी, पार्षद भागीरथ ज¨शी, अनीश म¨यल, मह­द्र जैन मित्तल, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सबा खान, शैल­द्र अग्रवाल, द्र¨पदीदेवी सांवरमल स्कूल, आॅल स­ट स्कूल, राजकीय केंद्रीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरानी मंडी के विद्यार्थी और अन्यजन मौजूद थे।




उर्स और पुष्कर मेले पर रहेगा जिले में सार्वजनिक अवकाश
अजमेर, 16 फरवरी। जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने आगामी 3 अप्रेल को सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स तथा 3 नवम्बर को पुष्कर मेला पर जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। उर्स का अवकाश चन्द्र दर्शन के अनुसार माना जाएगा।

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