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बाड़मेर.बाड़मेर में अतिक्रमण के खिलाफ हुआ सर्जिकल स्ट्राइक, करोड़ों की जमीन अतिक्रमणमुक्त
बाड़मेर में अतिक्रमण के खिलाफ हुआ सर्जिकल स्ट्राइक, करोड़ों की जमीन अतिक्रमणमुक्त

शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर दिनरात बढ़ रहे अतिक्रमण पर आधी रात बाद नगर परिषद ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो दिनों में 400 से ज्यादा अवैध रूप से रखे केबिन जब्त कर लिए। मुख्य रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण से आ रही परेशानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला कलक्टर के निर्देशानुसार नगर परिषद ने त्वरित कार्रवाई कर शहर के चौराहा को करीब 150 मीटर तक चारों आेरसे अतिक्रमण मुक्त कर दिया। सुबह जल्दी जब कुछ लोगों को इसकी भनक लगी तो कई लोग अतिक्रमण रोधी दस्ते के सामने अनुनय-विनय करते नजर आए लेकिन जाब्ते ने किसी की भी सुने बिना अतिक्रमण हटाने का दौर जारी रखा। अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। शहर के केंद्रीय बस स्टेंड व चौराहे के चारों आेर अतिक्रमण की भरमार होने के कारण यातायात में आ रही परेशानी व दुर्घटनाओं से बचाने के लिए पुलिस व नगर परिषद की ओर से यह कार्रवाई की गई।

केबिन के साथ उखाड़ दिए पेड़ भी

शहर के शहीद सर्किल के चारों आेर अवैध रूप से रखे केबिनों व ठेलों को नगर परिषद के कार्मिकों ने हटा दिया। मोबाइल, किराणा, चाय की स्टालें, फोटो कॉपी व ढाबे सहित कई दुकानदारों के केबिनों को हटाया गया। इस दौरान दस्ते ने रास्ते में खड़े दो-तीन पेड़ों को भी उखाड़ फेंका।

केबिन गिरोह सक्रिय

शहर में केबिन रखने वालों का पूरा गिरोह सक्रिय है। गिरोह के लोग पहले प्रमुख मार्गों व चौराहों पर आगे से आगे पंक्तिबद्ध रूप से केबिन रखते हैं। उनको पांच से सात दिन तक बंद रखकर प्रशासन और लोगों की प्रतिक्रिया देखते हैं। कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर केबिन को अवैध रूप से आगे बेच देते हैं या किराए पर दे देते हैं।

आदर्श स्टेडियम में रखा सामान, केबिन जब्त रहेंगे

कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए केबिन और सामान को शहर के आदर्श स्टेडियम में रखा गया। इसके बाद गेट पर कार्मिक नियुक्त किया गया, ताकि अतिक्रमी अपना सामान अपनी मर्जी से वापस न ले जा सके। नगर परिषद की ओर से जब्त किए गए केबिन में से केवल सामान लौटाया जाएगा, केबिन जब्त रहेंगे। कार्रवाई के दौरान क्रेन व जेसीबी से उठाने के दौरान केबिन में रखे सामान को नुकसान पहुंचा। सुबह जब केबिन संचालक आए तो उनको खाली जगह दिखाई दी। नगर परिषद की ओर से अचानक हुई कार्रवाई के प्रति केबिन संचालकों ने रोष व्यक्त किया है।

कार्रवाई में ये रहे मौजूद

कार्रवाई के दौरान नगर परिषद आयुक्त श्रवण कुमार विश्रोई, अधीशासी अभियंता ओमप्रकाश ढिंढ़वाल, पुलिस वृताधिकारी ओमप्रकाश उज्ज्वल, यातायात प्रभारी आनंद कुमार, शहर कोतवाल भंवरलाल सीरवी, महिला थानाधिकारी रणवीरसिंह, सदर थानाधिकारी जयराम चौधरी, उपखंड अधिकारी बाड़मेर सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

करोड़ों की जगह हुई खाली

जानकारों के अनुसार, शहर के सिणधरी चौराहा के निकट दस गुणा दस की एक दुकान की कीमत पचास लाख से अधिक आंकी जाती है। यहां दो सौ केबिन का मतलब करोड़ों की जगह है। केवल केबिन ही नहीं, यहां पर केबिन के आसपास की जमीन पर छप्पर डालकर अतिक्रमण किया हुआ था। नगरपरिषद की इस पहल से करोड़ों की जमीन अतिक्रमण मुक्त हुई।

पत्रिका व्यू : अच्छी पहल, लेकिन जारी रहे

नि:संदेह नगरपरिषद ने शहर के प्रमुख चौराहे पर केबिन हटाने की अच्छी पहल की है, लेकिन यह कार्रवाई इस चौराहे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर के लगभग सभी चौराहे अतिक्रमण की चपेट में है। यहां भी नगरपरिषद का पंजा चलना चाहिए। तभी शहर का बाजार सांस ले पाएगा। शहर में सर्वाधिक अतिक्रमण केबिन के ही है। अब तो इसको कारोबार बना दिया गया है। इतनी जमीन दबी पड़ी है कि खाली हो जाए तो शहर में यातायात सुगम हो जाए। उम्मीद करनी चाहिए कि यह कार्रवाई इसी जोश के साथ जारी रहेगी।

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