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अजमेर जिले में मुख्यमंत्राी जल स्वावलंबन अभियान का शानदार आगाज

संतों का आशीर्वाद लेकर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जनता के साथ किया श्रमदान

जिले के 108 गांवों में कराए जाएंगे 3798 काम, 56610 हैक्टेयर क्षेत्रा मेें होंगे जल संवर्धन के कार्य

अजमेर, 09 दिसम्बर। जिले को जल के क्षेत्रा में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्राी जल स्वावलंबन अभियान के दूसरे चरणों के कार्यों का आज पूरे जिले में शानदार आगाज हुआ। संतों का आशीर्वाद लेकर जनप्रतिनिधियों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर जल स्वावलंबन के लिए चयनित स्थानों पर श्रमदान किया। विधिवत पूजा अर्चना के साथ शुरू किए गए इन कार्यों में आमजन ने भी पूरा सहयोग किया। उन्होंने श्रम, समय, धन और साधनों से सहयोग का संकल्प भी लिया।

अजमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्राी जल स्वावलंबन अभियान के दूसरे चरण का जिला स्तरीय समारोह किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्रा के रलावता गांव में आयोजित किया गया। निम्बार्क पीठ के युवाचार्य श्यामशरणदास ने विधिवत मंत्रोच्चार से अभियान की शुरुआत की। यहां रलावता तालाब में शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास मंत्राी श्रीमती अनिता भदेल, संसदीय सचिव श्री सुरेश रावत, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूदयाल बडगुर्जर, विधायक श्री भागीरथ चैधरी, जिला प्रमुख सुश्री वंदना नोगिया, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती मालिनी अग्रवाल, जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल, अध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत एवं पुलिस अधीक्षक श्री नितिनदीप ब्लग्गन के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम, पुलिस के जवानों और ग्रामीणों ने श्रमदान किया। उन्होंने तालाब में लगातार कई घंटे तक साथ मिल कर मिट्ट्ी निकाली।

तालाब की पाल पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि एक-दूसरे का ख्याल रखना भारतीय संस्कृति है। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा शुरू किए गए जल स्वावलंबन अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्थान को जल के क्षेत्रा में आत्मनिर्भर बनाना है। हम जल संरक्षण का ख्याल रखेंगे तो पर्यावरण भी हमारा हितैषी होगा। यह अभियान नहीं बल्कि जल क्रांति है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति को भागीदारी निभानी चाहिए। भावी पीढ़ी को दी जा सकतने वाली यह सबसे बड़ी सौगात है। जल रहेगा तभी हमारी आने वाली पीढियां सुरक्षित रह पाएंगी। जल की रक्षा के लिए हमें उसका सदुपयोग भी करना सीखना होगा। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि जल संरक्षण के लिए श्रम, तन,मन और धन के अलावा साधनों का भी सहयोग करें। आज का त्याग और समर्पण ही हमारा कल खुशहाल बनाएगा।

महिला और बाल विकास मंत्राी श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि जो अपनी मदद करता है, भगवान उसकी मदद करते हैं। यह काम गांवों की भलाई के लिए, उनका जल स्तर और जीवन स्तर सुधारने के लिए हो रहा है। ग्रामीण भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं तो और शानदार परिणाम हासिल होंगे। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे की अभिनव सोच का ही परिणाम है कि आज हर गांव का जल बजट बनाया जा रहा है। गांव का पानी गांव में , खेत का पानी खेत में रहेगा तो भूजल स्तर सुधरेगा। यह स्थिति प्रदेश को जल के क्षेत्रा में आत्मनिर्भर बनाएगी। अभियान का सकारात्मक परिणाम यह है कि इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश का प्रत्येक गांव इस अभियान के तहत कवर कर लिया जाएगा।

संसदीय सचिव श्री सुरेश रावत ने कहा कि यह अभियान ऐसा है कि प्रत्येक व्यक्ति इससे जुड़ सकता है। यह पुण्य का काम है हम सभी को इसमें भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधराराजे ने राजस्थान को पानी के क्षेत्रा में आत्मनिर्भर बनाने का जो बीड़ा उठाया है, वह अभूतपूर्व है। प्रथम चरण में पूरे प्रदेश में इसके शानदार परिणाम हासिल हुए हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अभियान में भागीदारी निभाएं।

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूदयाल बडगुर्जर ने कहा कि जल संवर्धन के क्षेत्रा में राजस्थान ने पूरे देश में सबसे शानदार काम किया है। यह एक ऐतिहासिक पहल है जो प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। मुख्यमंत्राी श्रीमती राजे की इस पहल की प्रधानमंत्राी श्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि यह कार्य सरकार आपकी भलाई के लिए कर रही है। इसमें पूरा सहयोग करें।

विधायक श्री भागीरथ चैधरी ने कहा कि यह पूरे देश का सबसे अनूठा अभियान है। मानवता की सेवा के लिए इस अभियान के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। अभियान से रेगिस्तानी राजस्थान हरा-भरा राजस्थान हो जाएगा। उन्होंने सभी से कहा कि परमार्थ के लिए किए जा रहे इस काम में सहयोग करें। गांवों में चारागाहों, श्मशान और कब्रिस्तानों के विकास में सहयोग करें। अभियान के प्रथम चरण के शानदार परिणाम सामने आए हैं। अध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि यह अभियान मनुष्य, पशु-पक्षी, मवेशी सभी के लिए फायदेमंद है। हम इस पुनीत कार्य में सहयोग कर पीढियों की सेवा करेंगे।

जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने सभी से इस अभियान में तन-मन-धन से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अब तक एक करोड़ से अधिक क्राउड फण्डिंग का आश्वासन विभिन्न औद्योगिक एसोशिएसन,जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों एवं विभिन्न संगठनों से प्राप्त हो चुका है। अभियान में आर्मी, पुलिस बल, धार्मिक संगठनों व आमजन का भरपुर सहयोग मिल रहा है।

युवाचार्य ने समझाया जल का महत्व

कार्यक्रम में निम्बार्कपीठ के युवाचार्य श्री श्यामशरण देव ने जल का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि पुराणों में वर्णित है कि प्रथम वंदनीय गणपति से भी पहले जल के देवता वरुण की पूजा होती है। सृष्टि का आधार पंचमहाभूतों को माना गया है। यह पंचमहाभूत हैं, पृथ्वी, जल, वायु, आकाश और अग्नि। इनमें भी जल का सर्वाधिक महत्व है। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम मंे जल के क्षेत्रा में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

जिला कलक्टर ने किया लगातार श्रमदान

कार्यक्रम से पूर्व जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने लगातार सवा दो घण्टे तक स्वयं श्रमदान किया । उन्होंने बिना रूके लगातार मिट्टी खोदी और तगारी में भरकर अधिकारियों और जवानों को पकड़ायी। श्री गोयल के इतनी लगन से श्रमदान करने की मंच पर भी सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रशंसा की।

21.51 लाख का मिला सहयोग

रलावता में आयोजित कार्यक्रम में पहले ही दिन 21 लाख 51 हजार रुपए के आर्थिक सहयोग की घोषणा की गई। विधायक भागीरथ चैधरी ने कहा कि जन सहयोग से 21 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग रलावता तालाब के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के सहयोग से सलेमाबाद के निम्बार्क सरोवर के जीर्णोद्धार के लिए मार्बल उपलब्ध कराया जाएगा। अध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि देहात भाजपा द्वारा जल स्वावलंबन अभियान में 51 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग एवं संगठन की विभिन्न इकाइयों द्वारा श्रमदान का सहयोग दिया जाएगा।

6.27 लाख की लागत से हो जाएगा नाचन बावड़ी का जीर्णोद्धार


सैकड़ों साल पुरानी है नाचन बावड़ी

जिले के जनप्रतिनिधियों ने किया जीर्णोद्धार कार्य का शुभारम्भ

अजमेर, 09 दिसम्बर। मुख्यमंत्राी जल स्वालम्बन अभियान के तहत अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा जयपुर रोड़ स्थित सम्राट अशोक उद्यान परिसर में बनी एतिहासिक नाचन बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का आज शुभारम्भ हुआ। प्राधिकरण मात्रा 6.27 लाख रूपये की लागत से इसके जीर्णोद्धार कार्य को सम्पन्न करा लेगा।

शिक्षा राज्य मंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास मंत्राी श्रीमती अनिता भदेल, संसदीय सचिव श्री सुरेश रावत, अजमेर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शिव शंकर हेड़ा, महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, उप महापौर श्री सम्पत सांखला, जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल, अध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत, श्री अरविन्द यादव एवं अन्य अधिकारियों ने आज दोपहर बावड़ी जीर्णोद्धार कार्य का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर एडीए अध्यक्ष श्री हेड़ा ने बताया कियह बावड़ी अंतिम हिन्दू सम्राज पृथ्वीराज चैहान के समय में बनाई गई थी। इतिहासविद्वों के अनुसार यहां बावड़ी में पानी निकलने पर लोगों में खुशी और उल्लास इतना था कि लोग बावड़ी पर नाचने लगे। कहा जाता है कि इसी कारण इस बावड़ी का नाम नाचन बावड़ी पड़ा। इस बावड़ी में सैकड़ों साल तक पानी रहा और यह चैहान वंशों के पानी प्रबन्धन का बेहतरीन उदाहरण था। इस कार्य पर 6.27 लाख रूपये की लागत आएगी।

उन्होंने कहा कि अजमेर विकास प्राधिकरण ने मुख्य मंत्राी जल स्वालम्बन योजना से प्रोत्साहित होकर इसके जीर्णोद्वार का बीड़ा उठाया है। यहां समीप बनी एआरजी सिटी की छतों पर एकत्रित होने वाले बरसात के साफ पानी का प्रयोग किया जाएगा। अभी तक एआरजी के वाटर हार्वेस्टिंग के बाद बचा अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहा दिया जाता था। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने बावड़ी की साफ सफाई के बाद इसकी खुदाई कार्य करके एआरजी सिटी के परिसर के बाहर से अतिरिक्त साफ पानी बावड़ी में लाने की व्यवस्था की है।इसमें करीब 300 मीटर पाईप लाईन बिछाई जाएगी और इस बावड़ी की मिट्टी का बाहर निकालकर इसे साफ किया जाएगा।

एआरजी सिटी की छतों से व्यर्थ जा रहे वर्पा जल की मात्रा करीब साढे़ 10 लाख लीटर है। बावड़ी की क्षमता 2 लाख 60 हजार लीटर है और यह बरसात के दौरान बावड़ी में कई बार रिचार्ज होता रहेगा। नाचन बावड़ी जल संरक्षण के अतिरिक्त अजमेर आने वाले पयर्टकों के लिए भी आकर्पण का केन्द्र रहेगा।


मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान का शहरी क्षेत्रा में शुभारम्भ

अजमेर में 7 बावड़ियों का जीर्णोद्धार तथा 10 राजकीय भवनों में बनेंगे रेन वाॅटर हाॅरवेस्टिंग स्ट्रक्चर

पानी का संरक्षण कर स्वावलम्बी बनें - प्रो. देवनानी


अजमेर, 9 दिसम्बर। शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने आमजन से अपील कि वे पानी के संरक्षण पर ध्यान देते हुए इस क्षेत्रा में स्वावलम्बी बनें। नई पीढ़ी के लोग भी इस बात को समझें तथा शहर में पानी की एक बूंद भी बेकार ना जाए, इसका ध्यान रखें।

प्रो. देवनानी शुक्रवार को राजकीय सावित्राी कन्या महाविद्यालय में आयोजित मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान (द्वितीय चरण) में अजमेर के शहरी क्षेत्रों में प्रारम्भ हुए जिला स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते समय में कई क्षेत्रों में पानी की कठिनाई रही उससे निजात पाने के लिए सरकार ने जल स्वावलम्बन अभियान चलाया है ताकि पानी की बूंद-बूंद का सदुपयोग हो सके। लोगों को भी पानी बचाने एवं इसके संरक्षण की मानसिकता बनानी होगी। इसके लिए जल स्वावलम्बन अभियान का पाठ भी शिक्षण पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जन्मदिन पर एक पेड़ लगाकर उसका सरंक्षण करने का संकल्प लें ताकि क्षेत्रा हरा-भरा होगा साथ ही भू-जल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि समस्त बड़े भवनों वाली शिक्षण संस्थाओं में रेन वाॅटर हाॅरवेस्टिंग सिस्टम बनाने का प्रयास रहेगा।

समारोह में राजगढ़ धाम के श्री चम्पालाल जी महाराज ने अपने उद्धबोधन में कहा कि राजगढ़ के लोग सदैव जल संरक्षण पर ध्यान देते रहे है। वर्ष 2008 में भी बूढ़ा पुष्कर में पूर्ण सहयोग दिया गया। उन्होंने इस अभियान में तन-मन से कार्य करते हुए 20 लाख लोगों को आगामी दिनों में जागरूक करने की बात कही।

इस मौके पर प्रेम प्रकाश आश्रम के श्री ओम सांई जी महाराज ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बचाने पर ही हमारा जीवन बचेगा। जल संरक्षण आज की जरूरत है। पानी का सीमित उपयोग करें तभी हम पानी बचाने में सफल होंगे। सभी देश की इस जिम्मेदारी को पहल कर उठाएं। अपने अधिकारों के साथ अपने इस कर्तव्य पर भी ध्यान दें।

समारोह में नगर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शिव शंकर हेड़ा ने कहा कि ईश्वर प्रदत सामग्री का सदुपयोग हो यह जरूरी है तभी वे हमारे जीवन में काम आएगी। पानी का उपयोग करें लेकिन सही तरीके से तभी उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग कर पाएंगे।

इस मौके पर नगर निगम के महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि अजमेर शहर में जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण में 7 बावड़ियों का चयन किया गया है। जिस पर कुल 31 लाख 32 हजार रूपए एवं 10 राजकीय भवनों में रेन वाॅट हाॅरवेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे जिस पर 63 लाख 84 हजार रूपए खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में रेन वाॅट हाॅरवेस्टिंग स्ट्रक्चर बन जाने से वर्षा जल का उपयोग हो सकेगा तथा महाविद्यालय का बगीचा हरा-भरा रहेगा।

समारोह में जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने कहा कि आज मानव जल के बिना नहीं रह सकता। आने वाले समय में जल के मामले में यदि हम सावचेत नहीं रहे और इसके संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो काफी कठिनाई हो सकती है। ऐसे में हर राज्य, शहर एवं गांव जल के मामले में स्वावलम्बी बनें। इसके प्रयास किए जाने चाहिए। सरकार ने इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान चलाया है। जिसमें सभी अपनी सहभागिता निभाते हुए पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने युवा शक्ति से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का बेस्ट उपयोग करें, मेहनत करें तथा दृढ़ शक्ति के साथ कार्य करें ताकि वे जीवन के हर क्षेत्रा में सफल हो।

अन्त में आभार की रस्म नगर निगम की उपायुक्त सुश्री ज्योति ककवानी ने अदा की। श्री अरविंद यादव सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण, छात्राएं तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

दस राजकीय भवनों में बनेंगे रेन वाॅट हाॅरवेस्टिंग स्ट्रक्चर
मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान द्वितीय चरण के नगरीय क्षेत्रा में अजेर शहर में 10 राजकीय भवनों पर रेन वाॅटर हाॅरवेसिटंग स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। जिस पर 63 लाख 84 हजार रूपए व्यय होंगे। इनमें राजकीय सीनियर स्कूल वैशाली नगर पर 4 लाख 77 हजार रूपए व्यय होंगे। जबकि एडीए सामूदायिक भवन पर 3 लाख 47 हजार रूपए, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जनता काॅलोनी अजमेर पर एक लाख 30 हजार रूपए, एनसीसी आॅफिस एवं क्वार्टर पर 3 लाख 36 हजार रूपए, आयुर्वेदिक कार्यालय पर 15 लाख 83 हजार रूपए, जवाहर रंगमंच पर 3 लाख 36 हजार रूपए, स्वास्थ्य भवन संकुल पर 12 लाख 36 हजार रूपए, सावित्राी काॅलेज पर 4 लाख 77 हजार रूपए, पटेल स्टेडियम कैम्पस पर 9 लाख 27 हजार रूपए तथा अग्निशमन कार्यालय आजाद पार्क पर 5 लाख 356 हजार रूपए व्यय होंगे।

सात बावड़ियों का होगा जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान द्वितीय चरण के नगरीय क्षेत्रा में अजमेर शहर में 7 पुरानी बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा जिस पर 31 लाख 32 हजार रूपए व्यय होंगे। इन कार्यों में आम का तालाब बावड़ी पर 2 लाख 19 हजार रूपए व्यय होंगे। जबकि चांद बावड़ी पर एक लाख 35 हजार रूपए, भांग बावड़ी पर 3 लाख 66 हजार रूपए, कातन बावड़ी पर 72 हजार रूपए, जवाहर की नाड़ी बावड़ी पर 3 लाख 33 हजार रूपए, केला बावड़ी पर 9 लाख 98 हजार रूपए तथा मलूसर बावड़ी पर 10 लाख 9 हजार रूपए व्यय किए जाएंगे।

जिले में जनप्रतिनिधियों ने किया अभियान का आगाज
मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत जिले के सांसद एवं विधायकों ने भी अपने अपने क्षेत्रों में जल स्वावलम्बन अभियान का शुभारम्भ किया। राज्य किसान आयोग अध्यक्ष प्रो. सांवर लाल जाट ने पंचायत समिति भिनाय के करांटी गांव में अभियान की शुरूआत की। इसी तरह संसदीय सचिव एवं पुष्कर विधायक श्री सुरेश सिंह रावत ने बीर एवं अरड़का में अभियान की शुरूआत में भाग लिया। किशनगढ़ विधायक श्री भागीरथ चैधरी ने किशनगढ के रलावता एवं चैसला गांव तथा विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने ब्यावर के पंचायत समिति जवाजा के बामनहेड़ा, टाटगढ़, गुज्जरगम्मा, लूनेता, मालतों की बेर, दुधालेश्वर, माथुवाड़ा, नाड़ा, मेंडिया, गणेशपुरा, बाघमाल, देवल फतेहपुरा गांवों में मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के शुभारम्भ कार्यक्रम में भाग लिया।

इसी प्रकार केकड़ी विधायक श्री शत्राुघ्न गौतम केकड़ी के इन्द्रपुरा, खवास , शेषपुरा, गुलगांव, पंचायत समिति सरवाड़ के फतेहगढ़ में अभियान की शुरूआत की।

शुक्रवार को अभियान के तहत जिले भर के 45 ग्राम पंचायतों के 108 गांवों में अभियान की शुरूआत की गई। जहां समस्त धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सभी ने पूरे मन से इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।




जिले के 108 गांवों में चलेगा मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान का द्वितीय चरण
जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण में 9 पंचायत समितियों के 45 ग्राम पंचायतों के 108 गांवों का चयन किया गया है । अभियान में चयनित सभी ग्राम पंचायतों में योजना के बारे में जानकारी देने व उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार की सभी गतिविधियां राज्य सरकार के निर्देशानुसार सम्पादित करा ली गयी है। लोक कलाकारों, कठपुतली कार्यक्रम एवं नुक्कड़ नाटक द्वारा ग्रामीणों को मनोरंजक तरीके से अभियान हेतु जागरूक किया जा रहा है। जिले में 3798 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिनकी लागत लगभग 46.84 करोड़ है ।

मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान प्रथम चरण

मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान का प्रथम चरण 27 जनवरी 2016 से प्रारम्भ हुआ था । जिसके अन्तर्गत 9 पंचायत समितियों के 43 ग्राम पंचायतों के 108 गांवों में अभियान की शुरूआत की गई थी । सहभागी विभाग कृषि, उद्यान, वन,जल संसाधान, पंचायतीराज, मनरेगा के कुल 4744 कार्यों की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी जिसमें से 4476 कार्य पूर्ण कराए जा चुके है। अभियान के दौरान सहभागी विभागों के द्वारा 1086 जल संरचनाओं पर एक लाख 21 हजार 385 पौधे रोपित किए गए। अभियान के दौरान जल संरक्षण ढ़ाचों से क्षेत्रा के भूजल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है तथा जिले खरीफ की बुवाई का क्षेत्राफल 2 प्रतिशत तक बढ़ा है, कुंओं के जल स्तर की वृद्धि से रवि की बुवई के क्षेत्राफल में अच्छी वृद्धि होगी।


पुष्कर भक्ति उत्सव के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
अजमेर, 9 दिसम्बर। पुष्कर भक्ति उत्सव दि सैकरैड पुष्कर के दौरान दीपदान के अवसर पर कानून शान्ति तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए कार्यपालक मजिस्टेट नियुक्त किए गए है।

जिला मजिस्ट्रेट श्री गौरव गोयल ने बताया कि पुष्कर के घाटों पर भक्ति उत्सव दि सैकरैड के दौरान होने वाले दीपदान कार्यक्रम के लिए प्रत्येक घाट पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए है। ये संबंधित घाट पर कानून, शान्ति एवं समस्त व्यवस्थाएं बनाएं रखेंगे। जयपुर घाट पर श्री राजेश कुमार सिंधी, उप निबंधक राजस्व मण्डल, श्री हरेन्द्र सिंह चैहान तहसीलदार राजस्व मण्डल, नगर पालिका घाट पर सुश्री ज्योति ककवानी उपायुक्त नगर निगम अजमेर, बद्री घाट पर श्री संजय माथुर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद अजमेर, गणगौर घाट पर श्रीमती दीप्ति शर्मा, जिला रसद अधिकारी, जनाना घाट पर श्री कृष्णावतार त्रिवेदी उपायुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण, गऊ घाट पर श्री राधेश्याम मीणा परियोजना प्रबंधक अनुसूचित जाति, जन जाति निगम अजमेर, यज्ञ घाट पर श्री एन.एल.राठी जिला आबकारी अधिकारी, ब्रहम घाट पर श्री सुरेश चावला उपखण्ड मजिस्ट्रेट मसूदा, सावित्राी घाट पर श्री हरिसिंह शेखावत तहसीलदार मसूदा, हेडगवार घाट पर श्री भगवंत सिंह चारण तहसीलदार बिजयनगर, बावरी घाट पर श्री श्रवणसिंह उपखण्ड मजिस्ट्रेट भिनाय, कोटा घाट पर श्रीमती अनुपमा टेलर उपखण्ड मजिस्ट्रेट नसीराबाद, जोधपुर घाट पर श्री दिवांशु शर्मा तहसीलदार नसीराबाद, गुर्जर घाट पर श्री सुभाष हेमानी तहसीलदार रूपनगढ़, पुलिया पर श्री रामकुमार टाडा तहसीलदार पीसांगन, सप्तऋषि घाट पर श्री योगेश अग्रवाल तहसीलदार ब्यावर, नृसिंह घाट पर श्रीमती सुमन देवी उपखण्ड मजिस्ट्रेट पीसांगन, वराह घाट पर श्री अरविंद शर्मा तहसीलदार किशनगढ़, इन्द्र घाट पर श्री रमेश माहेश्वरी तहसीलदार केकड़ी, ग्वालियर घाट पर श्री विजेन्द्र सिंह तहसीलदार सावर तथा किशनगढ़ घाट पर श्री पंकज बडगूर्जर तहसीलदार सरवाड़ को कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

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