सोमवार, 7 जनवरी 2013

रिमोट से चलने वाली भारत की पहली BIKE, 44000 रुपये में देगी 80 का माइलेज

देश की नामी ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बाइक सेगमेंट में भी कदम रख दिया है। कंपनी ने 110 सीसी के सेगमेंट में 2 बाइक सेंटुरो और पेंट्रो को पेश किया। हीरो की पैसन प्रो और होंडा की युगा जैसी बाइकों को टक्कर देने के लिए लॉन्च की गई यह बाइक जल्द ही बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। महिंद्रा ने इन बाइकों हाई सिक्योरिटी मॉडल पर तैयार किया है।
रिमोट से चलने वाली भारत की पहली BIKE, 44000 रुपये में देगी 80 का माइलेज
दिलचस्प है कि रीमोट-की से चलने वाली यह भारत की पहली बाइक है। इन बाइकों में ओरिजनल चाबी की जगह डुप्लीकेट चाबी लगाने पर एक अलार्म बजने लगेगा। वहीं, कंपनी ने इसमें 96 बिट का सिक्योर एक्सेस भी दिया है। इतना ही नहीं, इन बाइकों में वाटर प्रूफ रिमोट कंट्रोल, एलईडी टॉर्च, फाइंड मी और इमोबिलाइजर सिस्टम भी मौजूद है। महिंद्रा की इन बाइकों में रिमोट-कंट्रोल चाबी में ही टॉर्च भी दिया गया है।

महिंद्रा ने पेंट्रो और सेंटुरो को डिजिटलाइज करने के लिए इसमें डिजिटल मीटर लगाया गया है। विकल्प के तौर पर कंपनी ने इसे टी1, टी2, टी3 और टी4 वैरिएंट के साथ सेल्फ और किक स्टार्ट में पेश किया है।

महिंद्रा ने वैसे तो अभी अपनी इन दोनों बाइकों की कीमत की घोषणा नहीं की है, लेकिन इसकी कीमत 44 हजार और 49 हजार के आस-पास रहने की बात की जा रही है। वहीं, माइलेज के मामले में इन बाइकों से 1 लीटर में 80 किमी का एवरेज मिल सकता है।

इन मॉडल का विकास महिंद्रा के पुणे स्थित शोध एवं विकास केंद्र में किया गया है। इनके लिए एमसीआई-5 इंजन का विनिर्माण कंपनी के मध्य प्रदेश स्थित पीथमपुर संयंत्र में किया गया है।

सहायक डिपो प्रबंधक रिश्वत लेते गिरफ्तार

सहायक डिपो प्रबंधक रिश्वत लेते गिरफ्तार

बीकानेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के सहायक डिपो प्रबंधक सहित दो अधिकारियों को छह हजार रूपए की रिश्वत लेते सोमवार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक नियाज मोहम्मद ने बताया कि नोखा तहसील के जयसिंहदेसर गांव के लेखराम और दो अन्य पीलीबंगा से अपने ट्रकों में गेंहू भरकर नोखा में स्थित एफसीआई के गोदाम लाए थे।

एफसीआई के सहायक डिपो प्रबंधक प्रभुदयाल मीणा ओर एक वरिष्ठ कर्मचारी अजित कुमार ने गेहूं को गीला बताते हुए जमा करने से इंकार कर दिया और इसकी एवज में उनसे दस हजार रूपए की रिश्वत मांग की।

इसकी शिकायत उन्होंने रविवार को बीकानेर में ब्यूरो की पुलिस चौकी में की। उन्होंने बताया कि इसकी रविवार को ही जांच कराई गई जिसमें दोनों आरोपियों के छह हजार रूपए पर सहमत होने की पुष्टि हो गई। तब ब्यूरो ने दोनों को नोखा में एफसीआई के गोदाम में रिश्वत के छह हजार रूपए लेतेे हुए रंगे हाथों धर दबोचा।