शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

राजस्थानी भाषा को मान्यता संघर्ष में पूरा समर्थन-मानवेन्द्रसिह




बाडमेर [चन्दन भाटी] मायड भाषा राजस्थानी को मान्यता दिलाने के उद्देश्य से कृष्णा संस्था, संकल्प एज्यूकेद्गानल एण्ड सोद्गियल डवलपमेंन्ट सोसायटी, गु्रप फोर पीपुल्स द्वारा राजस्थानी भाषा मान्यता सघर्ष समिति बैनर तले चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान को आज बाड मेर जैसलमेंर के पूर्व सांसद मेजर मानवेन्द्रसिंह ने पूर्ण समर्थन देते हुए मान्यता मिलने तक सघर्ष जारी रखने का आहवान किया।

इस अवसर पर मेजर मानवेन्द्रसिंह ने कहा कि राजस्थानी भाषा म्हारे हिये में बसी है। राजस्थानी भाषा के मान्यता हर हाल मे मिलनी चाहिए। इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होने बाड मेर की जनता से अपील की है कि राष्ट्रीय कार्यक्रम जनगणना में सभी थार निवासी प्रथम भाषा के रूप में राजस्थानी दर्ज कराए। उन्होने कहा कि संविधान की आठवी सूची में राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए जरूरी है कि आम जनता मायड भाषा के प्रति संवेदनद्गील रह कर पूर्ण सहयोग करें उन्होने राजस्थानी भाषा मान्यता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मान्यता के लिए सतत्‌ प्रयासों की आवद्गयकता है मानवेन्द्रसिंह ने कहा कि जैसलमेंर में भी राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर समिति संयोजक रिड मलसिंह दांता ने कहा कि राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए चलाए जा रहे अभियान को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है लोगो के मन में राजस्थानी भाषा के प्रति आस्था का ज्वार उमड रहा है एक अवसर पर तरूण कागा ने कहा कि जननी भाषा को मान्यता मिलने तक सघर्ष को पूरा सहयोग किया जाएगा। इस अवसर पर तेजदान चारण ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि हमारी मायड भाषा की मान्यता के लिए अभियान चलाना पड रहा है। इस अवसर पर चन्दनसिंह भाटी ने कहा कि इस अभियान को गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक ले जाया जाएगा तथा हर व्यक्ति से समर्थन व सहयोग मांगा जाएगा। पार्षद सुरतानसिंह रेडाणा, वीरसिह भाटी, कचरा खां, सादिक खां, हरीद्गा मूदडा, सांगसिह लुणू, संकल्प संस्था के सचिव विजय कुमार ने भी राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए चलाए जा रहे अभियान को पूर्ण सहयोग का आहवान किया।

सघर्ष समिति द्वारा संचालित हस्ताक्षर अभियान को शुक्रवार को चूनाराम पूनड़, प्रेमजीत धोबी, दुर्जनसिह गुडीसर ईद्गाा खां, कचरा खां, युसुफ खां ने भी अपने हस्ताक्षर कर समर्थन जाहिर किया। प्रेमजीत धोबी ने कहा कि राजस्थानी भाषा हमारे हदय में बसी है। हमारी संस्कृति की परिचालक है। अभियान के दूसरे दिन बड ी तादाद में थारवासियों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन जाहिए किया। पहाड सिह भाटी, भाखरसिंह गोरडि या, बद्रीद्गारदा, सजय रामावत, लजपतराज जागिड , द्गाक्षाविद्‌ देवीसिह चौधरी, रहमान खां हालेपोतरा, अमीन खां समा, सदर असरफ अली मजूंद अहमद, राजेन्द्रसिंह भीयाड श्रीमती उम्मेद बानू, कबूल खां, रहमद खां, अद्गवनी रामावत, सहित कई वरिष्ठ नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया

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