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नहीं रहे सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट, दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस
नहीं रहे सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट, दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के अजमेर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट का बुधवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे पिछले कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे। पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर में एक मीटिंग के दौरान वे बेहोश हो गए थे। उनको दिल का दौरा पड़ा था। सांवर लाल जाट 62 साल के थे। उनके निधन से सभी ओर शोक की लहर छा गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम वसुंधरा राजे सहित राजनितक क्षेत्र की सभी हस्तियों ने सांवरला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राज्य सरकार ने गुरुवार को एक दिन का राजकी य शोक घोषित किया है। सांवर लाल की पार्थिव देह का गुरुवार को उनके पैतृक गांव गोपालपुरा में अंतिम संस्कार होगा। जानिए और इस बारे में ....

- किसान आयोग के अध्यक्ष व किसानों के बड़े जाट नेता के रूप में मशहूर सांवरलाल जाट को जयपुर के सवाईं मान सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन हालत में सुधार ना होने पर उनको दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया था। उनकी हालत में फिर भी कोई सुधार नहीं था। सांवर लाल मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री रह चुके हैं।

केबिनेट में हुआ शोक प्रस्ताव पारित

- सांवरलाल के निधन पर सीएम वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक बुलाई गई। बैठक में सांवर लरल के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।

मीटिंग में बिगड़ी थी हालत

- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पिछले माह 22 जुलाई को जयपुर में विधायकों व सांसदों की बैठक ले रहे थे। बैठक में सांवर लाल बोलने के लिए खड़े हुए और तभी बेहोश होकर गिर गए थे।

- उन्हें बेहोशी की हालत में एसएमएस अस्पताल लाया गया तो पल्स और ब्लड प्रेशर नॉन रिकॉर्डेबल थी।

- इसके बाद कार्डिक एक्सपर्ट की टीम ने उन्हें 2 बार डीसी शॉक देकर संभाला। फिर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

- स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया था कि सांवर लरल की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। इसके साथ ही उन्हें शुगर की भी प्रॉब्लम भी थी। उस दिन वे डायलिसिस कराने के बाद अमित शाह की मीटिंग में पहुंचे थे।

किसानों के मुद्दे पर बोलकर बैठे और चक्कर आया

- ऐसा कहा जा रहा है कि मीटिंग में किसानों की समस्याओं को लेकर बातचीत चल रही थी। सांवरलाल जाट ने भी अपनी बात रखी। फिर अपनी सीट की तरफ बढ़े। तभी उन्हें बैचेनी हुई और वे उठकर दरवाजे की तरफ जाने लगे। फिर लड़खड़ाकर गिर गए और बेहोश हो गए।

- कुछ वक्त के लिए मीटिंग में मौजूद लोग के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीएम वसुंधरा राजे ने फौरान अफसरों को उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के आदेश दिए। सीएम खुद ऑफिस से बाहर आ गईंं।

ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाए थे अस्पताल

- ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और उन्हें सवाई मान सिंह हॉस्पिटल पहुंचाया गया था। हेल्थ मिनिस्टर कालीचरण सराफ, राजेंद्र राठौड़ और श्रीचंद कृपलानी एंबुलेंस से उनके साथ एसएमएस अस्पताल पहुंचे।

- उन्हें हॉस्पिटल में कार्डिक यूनिट-1 में रखा गया। डॉक्टर एसएम शर्मा की देखरेख में उनका इलाज चला।

- उल्लेखनीय है कि ग्रीन कॉरिडोर के वक्त ट्रैफिक को क्लीयर करा दिया जाता है ताकि किसी मरीज को बिना किसी रुकावट के हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके।

जानिए उनके बारे में

- सांवरलाल 62 वर्ष के थे, उनका जन्म एक जनवरी 1955 को हुआ।

- सांवरलाल जाट अजमेर से लोकसभा सांसद थे। वे मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री भी रहे। नौ नवंबर 2014 से 5 जुलाई 2016 तक उन्होंने जल संसाधन राज्य मंत्री के रूप में केंद्र में काम किया है।

- सांवरलाल का जन्म सन 1955 में राजस्थान के अजमेर जिले के गोपालपुरा नामक गांव में हुआ। उन्होंने वाणिज्य में स्नातकोत्तर करने के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक का कार्य किया। वे राजस्थान के अजमेर जिले की भिनाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं।

- सांवर लाल 1993, 2003 और 2013 में वे राजस्थान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 2014 में अजमेर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान हटा दिया गया था।

- सांवरलाल जाट अजमेर से सांसद हैं। उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में सचिन पायलट को हराया था। इसके साथ ही वे राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

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