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लोकायुक्त ने अजमेर में की बकाया प्रकरणों की समीक्षा
विकास के लिए सुशासन का होना जरूरी - न्यायमूर्ति श्री एस.एस कोठारी



अजमेर, 05 जुलाई। लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री एस.एस. कोठारी ने कहा है कि विकास के लिए सुशासन का होना आवश्यक है तथा सुशासन के लिए भ्रष्टाचार मुक्त समाज होना जरूरी है।
लोकायुक्त बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने लोकायुक्त सचिवालय में पूर्व में पंजीकृत शिकायतों की समीक्षा भी की। जबकि लोकायुक्त सचिवालय अधिकारियों द्वारा नयी शिकायतंे भी दर्ज की गई।
लोकायुक्त ने कहा कि अधिकारी पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निवर्हन करें। तभी सुशासन की ओर हम बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी लोकायुक्त सचिवालय से मांगी गई रिपोर्ट समय पर भिजवावें ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि लोकायुक्त सचिवालय के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और पहले से ज्यादा शिकायते प्राप्त होने लगी है। जिन्हें समय पर निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का तीसरा ऐसा प्रदेश है जहां लोकायुक्त व्यवस्था लागू की गई है। जो 1973 से कार्य कर रही है। स्वच्छ एवं कुशल प्रशासन लोगों को मिले इसी उद्ेश्य से इसकी स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि अभी भी कई ऐसे लोग है जो लोक सेवकों के भ्रष्टाचार से पीड़ित है। लेकिन उन्हें इस संस्था की जानकारी नहीं है। संस्था की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे स्वयं विभिन्न स्थानों पर जाकर शिविर लगाकर लोगों से सीधा सम्पर्क कर रहे है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं परम्पराएं आदर्श है। फिर भी हम विकसित देशों की तुलना में पीछे हैं। यहां भ्रष्टाचार की विष बेल को बढ़ने से रोकने की जरूरत है । विकास कार्यों के लिए मिला बजट पूर्ण रूप से सही व्यय होगा तभी सही मायने में सभी को सुविधाएं मिलेगी। बहुआयामी विकास के लिए भ्रष्टाचार पर नियंत्राण जरूरी है।
इस मौके पर लोकायुक्त सचिवालय के सचिव श्री उमा शंकर शर्मा ने लोकायुक्त सचिवालय के कार्यक्षेत्रा, शिकायत करने का तरीका जांच व अंवेषण करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि ल¨कायुक्त संस्थान द्वारा राज्य के मंत्रिय¨ं, सचिव¨ं, विभागाध्यक्ष¨ं, ल¨कसेवक¨ं, जिला परिषद¨ं के प्रमुख¨ं व उप प्रमुख¨ं, पंचायत समितिय¨ं के प्रधान¨ं व उप-प्रधान¨ं, जिला परिषद¨ं व पंचायत समितिय¨ं की स्थायी समितिय¨ं के अध्यक्ष¨ं, नगर निगम¨ं के महाप©र एवं उप महाप©र, स्थानीय प्राधिकरण, नगरपरिषद¨ं, नगरपालिकाओं व नगर विकास न्यास¨ं के अध्यक्ष¨ं व उपाध्यक्ष¨ं, राजकीय कम्पनिय¨ं व निगम¨ं अथवा मण्डल¨ं के अध्यक्ष¨ं, अधिकारिय¨ं व कर्मचारिय¨ं के विरूð शिकायत¨ं की जाँच की जाती है।
क¨ई भी व्यक्ति (ज¨ स्वयं ल¨क सेवक न ह¨) ल¨कायुक्त सचिवालय के प्रमुख सचिव, सचिव अथवा उप सचिव क¨ अपनी शिकायत स्वयं उपस्थित ह¨कर, डाक, फैक्स एवं ई-मेल द्वारा प्रेषित कर सकता है। शिकायत म­ शिकायतकर्ता का पूरा नाम, पता व व्यवसाय के साथ हर एक आर¨प पूर्ण विवरण के साथ अंकित ह¨ना चाहिए। शिकायत म­ जिस ल¨क सेवक के खिलाफ शिकायत है, उसका नाम व पद नाम तथा ज¨ साक्ष्य शिकायत के मुद्द¨ं क¨ सिð करने के लिये पेश ह¨गी, उसका ब्य©रा अंकित ह¨ना चाहिए। यदि व्यथित व्यक्ति अथवा शिकायतकर्ता की मृत्यु ह¨ जाये या किसी परिस्थितिवश वह स्वयं कार्यवाही करने म­ असमर्थ ह¨ त¨ शिकायत किसी भी ऐसे व्यक्ति द्वारा की जा सकती है ज¨ उसकी सम्पदा का प्रतिनिधित्व करता ह¨ या इस कार्य के लिये शिकायतकर्ता द्वारा अधिकृत किया गया ह¨।
प्रत्येक शिकायत के साथ गैर-न्यायिक स्टाम्प पर मजिस्ट्रेट या न¨टरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ-पत्रा ह¨ना आवश्यक है। फैक्स अथवा ई-मेल द्वारा शिकायत प्रेषित करने की स्थिति म­ शपथ-पत्रा डाक द्वारा पृथक से भेजा जाना चाहिए।
इस मौके पर सहायक सचिव अमित कुमार ने बताया कि बुधवार को कुल 20 शिकायतंे प्राप्त हुई। साथ ही पूर्व में दर्ज लगभग 150 शिकायतों पर लोकायुक्त ने बैठक में समीक्षा की।
इस मौके पर जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने कहा कि लोक सेवक को सेवा की भावना से कार्य करना चाहिए। समस्त जिला स्तरीय विभागाध्यक्षों द्वारा अपने विभाग की विशेष बैठक लेकर लोकायुक्त के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि लोकायुक्त सचिवालय के बकाया प्रकरणों पर तेजी से कार्यवाही करते हुए अधिकाधिक निस्तारण किया जायेगा। कलक्ट्रेट में इसके लिए एक अलग से प्रकोष्ठ भी स्थापित है जो इन प्रकरणों की समीक्षा करता है।
इस अवसर पर नगर निगम के महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निकया गोहाएन, नगर निगम के आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री अबु सूफियान चैहान एवं श्री अरविंद कुमार सेंगवा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।


जिला कलक्टर की सिंगावल में रात्रि चैपाल 7 कोअजमेर, 05 जुलाई। जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल 7 जुलाई पंचायत समिति भिनाय की सिंगावल ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार 7 जुलाई को सायं 5.30 बजे रात्रि चैपाल कर जन समस्याएं सुनेंगे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निकया गोहाएन ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी के साथ रात्रि चैपाल में उपस्थित होंगे।


न्याय आपके द्वार में 4 हजार 29 प्रकरण निस्तारित अजमेर, 05 जुलाई। राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वारा 2017 में सोमवार को 4 हजार 29 प्रकरण निस्तारित किए गए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं लोक अदालत प्रभारी अधिकारी श्री किशोर कुमार ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी स्तर पर खाता दुरूस्ती के 180, विभाजन के 3, खातेदारी घोषणा के 234, स्थायी निषेधाज्ञा के एक, रास्ते के एक एवं अन्य 32 प्रकरण निस्तारित हुए। इसी प्रकार तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर पर नामांतरण के 753, खाता दुरूस्ती के 252, खाता विभाजन के 21, सीमाज्ञान के 14, गैर खातेदारी से खातेदारी के 2, धारा 251 के 4, राजस्व नकले एक हजार 466 एवं अन्य 956 प्रकरण निस्तारित किए गए।


स्तरीय संभाग कार्यशाला 6 जुलाई को 
अजमेर, 05 जुलाई। श्री हरीशचंद माथुर लोक संस्थान के द्वारा नगरीय सुधार कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरूवार 6 जुलाई को प्रातः 10 बजे से सूचना केन्द्र में अजमेर संभाग के शहरी क्षेत्रों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकाय के अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित होगी।
स्थानीय निकाय विभाग के उप निदेशक श्री राजवीर सिंह ने बताया कि कार्यशाला में नगरीय एवं आवासन मंत्राी श्री श्रीचंद कृपलानी भाग लेंगे। वे कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक को भी संबोधित करेंगे। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) और एचसीएम रीपा जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में अजमेर संभाग के शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के लिए यह कार्यशाला आयोजित की जायेगी।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आरयूआईडीपी के तृतीय चरण के तहत किये जाने वाले शहरी क्षेत्राीय सुधारों पर चर्चा करना है। साथ ही भारत सरकार, राजस्थान सरकार एवं आरयूआईडीपी के द्वारा शहरी विकास के क्षेत्रा में किये जा रहे विभिन्न कार्यों के सफल निष्पादन में स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सहयोग हेतु आरयूआईडीपी व स्थानीय निकायों के मध्य सामंजस्य स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्घाटन नगरीय विकास एवं आवासन मंत्राी श्री श्रीचंद कृपलानी द्वारा किया जायेगा। कार्यशाला को स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव डाॅ. मंजीत सिंह एवं आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक, डाॅ. प्रीतम बी यशवंत सम्बोधित करंेगे। कार्यशाला में अजमेर संभाग के शहरी निकायों केे महापौर, उप महापौर, सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, वार्ड मेम्बर, आयुक्त और कार्यकारी अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अभियंताओं सहित लगभग 300 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे।


डायन प्रताड़ना के संबंध में कार्यशाला 6 जुलाई को
अजमेर, 05 जुलाई। राजस्थान डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम के संबंध में एक दिवसीय जिला स्तरीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन गुरूवार 6 जुलाई को प्रातः 10.30 बजे कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में किया जाएगा। महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक श्री नितेश यादव ने बताया कि इस कार्यशाला में अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन चर्चा की जाएगी। इसमें पीड़ीता के पुर्नवास से जुड़े विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।


वृहद मतदाता पंजीकरण अभियान में युवाओं को किया जागरूक अजमेर, 05 जुलाई। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री अरविंद कुमार सेंगवा ने वृहद मतदाता पंजीकरण अभियान के अन्तर्गत युवाओं को जागरूक किया।
श्री सेंगवा ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के द्वारा आयोजित प्रदेश के विद्यार्थियों की राज्य स्तरीय सृजनात्मक प्रतियोगिता के समापन अवसर पर राजकीय जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय में उपस्थित युवाओं को वृहद मतदाता पंजीकरण अभियान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि युवा समाज को नई दिशा देने का कार्य करते है। भारत के लोकतंत्रा विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। यह पहचान भारत के मतदाताओं के द्वारा प्रदान की गई है। राज्य के समस्त पात्रा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए वृहद मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें सबके सहयोग से शत प्रतिशत मतदाताओं को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सचिव श्रीममती मेघना चैधरी एवं अभियान की प्रभारी तहसीलदार अदित्या सिंह सहित प्रतिभागी उपस्थित थे।

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