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,बाड़मेर रपट पर पानी के बहाव में 4 गाड़ियों समेत 40 लोग बहे, 2 की मौत, 37 को बचाया, एक बालक लापता, सेना तलाश में जुटी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया   रात 9.15 रपट पर बही चार गाड़ियां, 10.30 प्रशासन पहुंचा,1.00 सेना को बुलाया

 बाड़मेर विशालागांव के पास गुरुवार रात 9 बजे रपट पर एक ट्रैक्टर समेत चार गाडिय़ां नदी के बहाव बह गई। चार गाड़ियों में सवार 40 लोग नदी में बह गए। ग्रामीणों की मदद से 37 लोगों को जिंदा बचा लिया गया। जिला प्रशासन, पुलिस और सेना की टीम देर रात तक तलाश करती रही। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
सिणधरी पंचायत समिति के राणेरी (कमठाई) गांव से एक पिकअप में सवार होकर करीब 33 लोग नांद गांव में रिश्तेदार की गंगाप्रसादी में जा रहे थे। रात पौने 9 बजे विशाला पहुंचे थे। इस दौरान बारिश कम होने पर एक ट्रैक्टर, दो बोलेरो और एक पिकअप गाड़ी रवाना होकर रपट तक पहुंची। रपट पर 4 फीट पानी का तेज बहाव के कारण एक के बाद एक करके चारों गाड़ियां असंतुलित होकर पलट कर बहाव में गिर गई। इन चार वाहनों में सवार 40 लोग थे। इनमें 37 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिसमें सुआ उर्फ चूकी दूवी पत्नी आसूराम का शव घटना के करीब दो घंटे बाद बरामद कर लिया गया। वहीं टीकमाराम पुत्र मलाराम का शव रात 2 बजे ढूंढ लिया गया। जबकि मासूम दिनेश पुत्र आसूराम का देर रात पता नहीं चला।
रात एक बजे सेना बुलाई
कलेक्टरकी सूचना पर रात 1 बजे सेना की एक टुकड़ी जालीपा से बचाव के लिए विशाला रवाना की गई। पूरे रेस्क्यू टीम के साथ सेना के जवान रात 2 बजे तक झाड़ियों और पानी के बहाव में लोगों को ढूंढते रहे, लेकिन लापता दोनों का सुराग नहीं लगा।

पिकअप में सवार 4 लोगों ने बचाई अपने साथियों की जान
पिकअपमें सवार अमराराम, जगमाल, हीराराम जगमाल डऊकिया नदी के बहाव के साथ ही किनारे पर गए और बबूल की झाड़ी को पकड़ बाहर निकल गए। नदी में अन्य लोगों को भी बचाने का प्रयास किया। इस बीच चिल्लाने पर विशाला से भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। लोगों ने रस्सी और अन्य साधनों से बचाव शुरू किया।

आगे बस निकली, पीछे हम थे, बह गए
विशालाआगोर निवासी ट्रैक्टर चालक मांगीलाल देवासी ने बताया कि उनके आगे सवारियों से भरी बस जा रही थी, इसलिए उन्होंने भी रिस्क ले ली। बस के पीछे ट्रैक्टर और तीन गाडिय़ां थी। पुलिए पर पानी से निकलने लगे तो 4 फीट पानी का तेज बहाव आया और ट्रैक्टर को बहा ले गया। इसके पीछे तीनों गाडिय़ां गिरती गई।

गाड़ीके ऊपर खड़े रहे, लोगों ने बचाया
बोलेरोकैंपर चालक ओमप्रकाश ने बताया कि वे बाड़मेर से हरसाणी जा रहे थे। विशाला से निकले तो पुलिए पर पानी के बहाव में उनके आगे चल रहा ट्रैक्टर बह गया। तेज बहाव से बोलेरो भी पानी में बह गई। पानी में बहते हुए बबूल की टहनी को पकड़ चिल्लाए, तब लोगों की भीड़ ने आधा घंटा बाद बाहर निकाला।

डेढ़ किमी. के दायरे में मिले महिला बुजुर्ग का शव
जहांघटना हुई उससे करीब आधा किमी. दूर लापता सुआ देवी टीकमाराम का शव तो मिल गया, लेकिन उसके साथ लापता हुए मासूम दिनेश का कोई सुराग नहीं लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि शव में पानी दूर तक चले गए। कलेक्टर, एसपी स्वयं रेस्क्यू टीम के साथ तीन किमी. तक टॉर्च की रोशनी में लापता लोगों को ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
घनी झाड़ियों में टॉर्च की रोशनी में लापता की तलाश घनीझाड़ियों में कलेक्टर शिवप्रसाद मदान,, एसपी गगनदीप सिंगला समेत जवानों की रेस्क्यू टीम लापता लोगों की तलाश करती रही। कलेक्टर, एसपी स्वयं कई बार पानी के बहाव में उतरे। जवानों को पूरे इलाके की छानबीन के लिए लगाया गया। रात 2 बजे तक पुलिस, जिला प्रशासन, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। इस दौरान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, एसडीएम चेतन त्रिपाठी, ग्रामीण थानाधिकारी धन्नापुरी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात हे।
 















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