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जैसलमेर राजस्व षिविर की बदौलत अलीणा बना अलीखांॅ , शामलाती भूमि का हुआ बंटवारा

पास बुक पाकर ग्रामीणो के चेहरे खिल उठे


जिले में संचालित ’’न्याय आपके द्वार 2017 ’’ राजस्व षिविर अभियान की कड़ी में उपखण्ड जैसलमेर की ग्रामपंचायत भू के अटल सेवा केन्द्र में गुरुवार को आयोजित यह षिविर तो वास्तव में अत्यंत लाभदायी एवं बेहतरीन साबित हुआ। गौरतलब है कि यही राजस्व षिविर तो निवासी भू गांव अलीखां और साकिलअली के लिये खुषियों की नई सौगात लेकर आया।

ग्राम भू के राजस्व अनुसार प्रार्थीगण की पैतृक शामलाती भूमित में भू ग्राम के अलीखां के स्थान पर ’’ अलीणा ’’ और साकिरअली के नाम के स्थान पर ’’ साकीरखां चल रहा था जबकि उनके अन्य सभी आवष्यक दस्तावेजों में इन दोनों के शुद्ध एवं सही नाम क्रमषः अलीखां व साकिरअली दर्ज है। प्रार्थीगण को बैंक से ऋण लेने के लिए संबंधी कार्यो में परेषानी हो रही थी।

षिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर कैलाषचंद्र शर्मा ने इनके प्रकरण को अत्यंत गंभीरता एवं बारीकी से अवलोकन करते हुए भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 136 में प्रकरण पंजीबद्ध कराते हुए तहसीलदार जैसलमेर वीरेन्द्रसिंह भाटी से जांच रिपोर्ट मंगाई गई। जैसलमेर तहसीलदार ने प्रार्थीगण को न्याय की अवधारणा की भावना से हल्का पटवारी तथा आर.आई से षिविर के मौके पर हाथो-हाथ जांच करवा कर नाम शुद्धिकरण का प्रकरण तत्काल उपखण्ड अधिकारी जी के समक्ष पेष किया गया।

कैम्प में मौजूद सरपंच ग्रामपंचायत भू और गांव के मौजीज लोगों की मौजूदगी में अलीणा को अलीखां और साकीरखां के स्थान पर साकिरअली सही नाम दर्ज किए जाने का आदेष जारी किया गया तो दोनों भाई के खुषी का ठिकाना नहीं रहा। उल्लेखनीय है कि उपखण्ड अधिकारी द्वारा जारी आदेषनुसार कैम्प में ही नामान्तरकरण खोजा जाकर स्वीकृत किया गया।

आपसी सहमति से करवाया गया खातेदारी भूमि का बंटवारा

राजस्व रिकार्ड में नाम शुद्ध हो जाने पर दोनों भाईयों को तहसीलदार वीरेन्द्रसिंह भाटी ने गंभीरतापूर्वक आपसी समझाईष कर अपनी-अपनी जो का सहमति से बंटवारे के संबंध में षिविर के मौके पर ही आवष्यक कागजात तैयार करवाए जाकर धारा 53 (2) के अन्तर्गत आदेष जारी कराते हुए उसी खाते का एक नामान्तरकरण और भर कर स्वीकृत किया गया तथा तत्काल कृषि जोत पास-बुक तैयार कर उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर ,तहसीलदार जैसलमेर व सरपंच ग्रामपंचायत भू श्रीमती हनीफों के हाथों से पास-बुके प्राप्त कर दोनों भाईयों की खुषियाॅं दुुगनी हो गई। इन दोनों भाईयों ने षिविर में राज्य सरकार और राजस्व अधिकारीगण एवं उनकी संपूर्ण टीम का तहेदिल से आभार प्रदर्षित किया। इस प्रकार यह षिविर इन लोगों के लिए बहुत उपयोग सिद्ध हुआ।

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