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जालोर श्रमदान से सफल होते है मन वांछित कार्य- कमसा मेघवाल

जालोर 7 जून - जिले की प्रभारी मंत्राी श्रीमती कमसा मेघवाल ने कहा कि हमारी संस्कृति एवं परम्परा सदैव से श्रमदान पर आधारित रही हैं तथा श्रमदान करने से हम सब के मन वांछित कार्य सफल होते रहे हैं इसलिए हम सब को गांव के तालाब को सदैव स्वच्छ व सुन्दर रखने की दृष्टि से कार्य कर मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।

जालोर जिले की प्रभारी मंत्राी श्रीमती कमसा मेघवाल बुधवार को जालोर पंचायत समिति के रेवत ग्राम में मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत मुख्य तालाब के श्रमदान अवसर पर उपस्थित ग्रामीणजनों को सम्बोधित कर रही थी। समारोह में जालोर जिले के प्रभारी सचिव कंुजीलाल मीना, जिला कलक्टर एल.एन. सोनी, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा एवं जालोर प्रधान संतोष राणा भी उपस्थित थी। समारोह में प्रभारी मंत्राी कमसा मेघवाल ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जल के संरक्षण को इंगित करते हुए मुख्य मंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान प्रारभ्भ किया है क्यांेकि महिलाओं की प्रमुख चिन्ता सदैव से पानी की ही रही है तथा इसी चिन्ता को ध्यान में रखते हुए यह अभिनव कार्य चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति व परम्परा श्रमदान की रही है। प्रमुख तीज त्यौहारों पर गांव के तालाब की खुदाई गांव की महिलाएं व लोग करते आयें है क्योंकि गांव का तालाब व घर की मटकी का खाली रहना अशुभ माना गया है वही श्रमदान करने ने हमारी सभी मन वांछित मनोकामनाएॅ पूर्ण होती रही है इसलिए श्रमदान की भावना को बनाये रखना होगा।

प्रभारी मंत्राी ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाये जाने एवं खुले में शौच से मुक्ति के लिए अभिनव कार्य प्रारभ्भ किया है तथा इसी अभियान के तहत रेवत ग्राम भी ओडीएफ हुआ है लेकिन ग्रामवासियों का भी कर्तव्य है कि अपनी बेटी व बहु की लाज शर्म की रक्षा करने के लिए अपने घर पर बने शौचालयों का ही उपयोग कर इसे ओडीएफ बनाये रखना होगा। उन्होनें मुख्य मंत्राी राजश्री योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्राी ने बेटी के जन्म से लेकर उसके पढने लिखने एवं शादी के योग्य होने तक 50 हजार रूपयों तक आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का अभिनव कार्य प्रारभ्भ किया है इसलिए हम सब को बेटी बचाओं-बेटी पढाओं को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की पात्रा लोगों को जानकारी देनी होगी तभी योजनाएँ अधिक सार्थक सिद्ध हो सकेगी।

समारोह में जिले के प्रभारी सचिव कंुजीलाल मीना ने देहाती भाषा में उपस्थित ग्रामीणजनों से सीधे रूबरू होते हुए कहा कि आज के श्रमदान में बच्चों, महिलाओं एवं बुर्जग लोगो ने बढ़-चढ़ कर श्रमदान किया है वही प्रभारी मंत्राी से लेकर जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों तथा ग्रामीणजनों ने भी तालाब की खुदाई के लिए अपना-अपना पसीना बहाया है तथा यह पसीना कभी व्यर्थ नहीं जायेगा लेकिन गांव के लोगों को अपने घर में बेटी होने पर 2 पेड़ एवं बेटा होने पर कम से कम 1 पेड इस तालाब के किनारे लगाना होगा तथा वन विभाग ग्राम को निःशुल्क पौधें उपलब्ध करवायेगा। उन्होनें कहा कि गांव का प्रमुख तालाब एक आदर्श तालाब बनेगा तब मुख्यमंत्राी के संभावित दौरे के दौरान इस ग्राम का अवलोकन करवाया जायेगा। उन्होंने अपने सेवाकाल के अनेक प्रंसग सुनाते हुए कहा कि पूर्व में हमारे बुर्जग घर से दूर शौच के लिए जाते थे लेकिन आज समय बदल गया है इसलिए होनी अनहोनी को ध्यान में रखते हुए घर में बने शौचालयों का ही उपयोग करना होगा।

इस अवसर पर जिला कलक्टर एल.एन. सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्राम के इस तालाब के कार्य को स्वीकृत किया गया है जिस पर 2 लाख 60 हजार रूपयों की राशि व्यय की जानी थी लेकिन सभी के सहयोग से श्रमदान कर इस राशि को बचाया गया है तथा अब 37 लाख लीटर जल का अतिरिक्त सृजन होगा। उन्होंने कहा कि तालाब का पानी ग्रामीणजनों के पीने के उपयोग में आये इसलिए इस दिशा में ग्रामीणजनों को ही सकारात्मक सोच के साथ इसकी स्वच्छता को बनाये रखना होगा तथा पशुओं के लिए इसके पास ही अलग से व्यवस्था की जायेगी। उन्होने रेवत ग्राम के ओडीएफ घोषित होने पर उपस्थित ग्रामीणजनों को बधाई देते हुए कहा कि बहु बेटियों की इज्जत को ध्यान में रखते हुए घर पर बने शौचालयों का ही उपयोग करें।

समारोह में जिला परिषद के अधिशाषी अभियन्ता रितेश सिंघवी ने जल स्वावलम्बन अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि द्वितीयचरण में जिले की 34 ग्राम पंचायतों के 76 ग्रामों में यह कार्य संचालित किया जा रहा है जहा पर 6 हजार 710 कार्यो पर 48 करोड की राशि व्यय की जायेगी। समारोह के अन्त में ग्राम के सरपंच भंवरसिंह ने आभार ज्ञापित किया।

इस अवसर पर उपवन संरक्षक सुश्री अनिता, अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिराम मीना, जालोर उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक दुर्गसिंह राजपुरोहित, जालोर तहसीलदार सुश्री ममता लहुआ, विकास अधिकारी सुरेश कविया, जिला परिषद के सदस्य आम्बाराम एवं मंगलसिंह सिराणा तथा पंचायत समिति सदस्य राणसिंह व श्रीमती मंजू देवासी सहित बडी संख्या में जिला स्तरीय अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थें।

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प्रभारी मंत्राी व सचिव ने तगारी भरकर तालाब की पाल पर डाली मिट्टी
जालोर 7 जून - जालोर जिले की प्रभारी मंत्राी श्रीमती कमसा मेघवाल एवं प्रभारी सचिव कंुजीलाल मीना ने रेवत ग्राम में बुधवार को प्रातः आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में भाग लिया तथा तालाब परिसर में विभिन्न समूहों में श्रमदान कर रहे लोगों का होसला अफजाई करते हुए तगारों में मिट्ी भरी तथा अपने सिर पर उठाकर उसे किनारे पर डाली।

मुख्य मंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के तहत जालोर पंचायत समिति क्षेत्रा के रेवत ग्राम में बुधवार को प्रातः विशाल श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहाँ पर प्रातः 6 बजे से ही ग्रामीण स्त्राी पुरूषों, बच्चों, अधिकारियों व पुलिस कर्मियों ने अलग-अलग समूह में कार्य बांटकर श्रमदान किया। जिले की प्रभारी मंत्राी श्रीमती कमसा मेघवाल बुधवार को प्रातः 9.00 बजे रेवत ग्राम के मुख्य तालाब पर पहुची तथा उन्होनें सर्वप्रथम ग्राम की महिलाओं द्वारा किये जा रहे श्रमदान स्थल पर पहुचकर श्रमदान किया तथा श्रमदान कर रही महिलाओं से उनकी कुशलता एवं ग्राम के सम्बन्ध में जानकारी ली तत्पश्चात् उन्होनें तालाब के दूसरे किनारे पर महिला व पुलिस कर्मियों द्वारा किये जा रहे श्रमदान का अवलोकन कर श्रमदान भी किया। प्रभारी मंत्राी एवं सचिव ने जिला स्तरीय अधिकारियों के समूह, ग्राम के बुर्जग व युवाओं के समूह तथा बच्चों के समूह का भी अवलोकन करते हुए उनकी हौसला अफजाई की। श्रमदान के दौरान जिला कलक्टर एल.एन. सोनी एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा सहित सभी अधिकारियों ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत श्रमदान किया।

इस अवसर पर जालोर प्रधान सुश्री संतोष राणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेश बुनकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिराम मीना, जालोर उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक दुर्गसिंह राजपुरोहित, रेवत सरपंच भंवरसिंह, वाटर शेड के अधीक्षण अभियन्ता दिलीप वर्मा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एन.के. माथुर, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता कमलजीत एवं डिस्काॅम के अधीक्षण अभियन्ता बी.एल. दहिया सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं रेवत ग्राम के बडी संख्या में स्त्राी पुरूष उपस्थित थें।

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जिला कलक्टर के निर्देशन में जालोर से बसों में बैठकर रेवत गये अधिकारी
जालोर 7 जून -मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत रेवत में आयोजित हुए विशाल श्रमदान कार्यक्रम में अभिनव तरीका अपनाया गया तथा कलेक्ट्रेट परिसर से जिला कलेक्टर एल.एन. सोनी एवं पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने सरकारी वाहनों को छोड़कर बकायदा बसों में बैठे तथा रेवत ग्राम पहुँचें।

मुख्य मंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत बुधवार को आयोजित श्रमदान कार्यक्रम को इस बार अभिनव तरीके से आयोजित किया गया तथा जिला कलेक्टर एल.एन. सोनी के दिशा निर्देशन में पूर्व कार्यक्रम के अनुसार सभी जिला स्तरीय अधिकारी प्रातः 6.00 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुचें जहाॅ से उनके नेतृत्व में सभी अधिकारी बस में बैठकर रेवत पहुचें तथा श्रमदान के उपरान्त पुनः बसों में बैठकर जालोर लौटे।

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500 से अधिक लोगों ने श्रमदान में लिया हिस्सा, बच्चों से लेकर वृद्ध लोगों में उत्साह
जालोर 7 जून- मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत रेवत ग्राम में आयोजित विशाल श्रमदान कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगो ने श्रमदान कर 2 लाख 60 हजार रूपयों की राशि की बचत की।

मुख्य मंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान के तहत बुधवार को रेवत ग्राम में आयोजित विशाल श्रमदान कार्यक्रम में 500 से अधिक अधिकारियों एवं ग्रामीणजनों ने श्रमदान किया वही ग्राम में स्थित बच्चों से लेकर बूढे लोगों ने उत्साह व उंमग से श्रमदान कार्यक्रम को ऊँचाईया दी। श्रमदान में 150 जिला स्तरीय व ब्लांक स्तरीय अधिकारी, 150 पुलिस के अधिकारी व जवान तथा 200 से अधिक रेवत ग्राम के महिलाओं, पुरूषों एवं बच्चों ने श्रमदान किया जिससे उक्त कार्यक्रम पर स्वीकृत की गई 2 लाख 60 हजार रूपयों की राशि की बचत हुई जिसे नियमानुसार पुनः राज्य कोष में जमा करवाया जायेगा।

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रेवत के तालाब में अब 37 लाख लीटर अतिरिक्त पानी की भराव क्षमता बढ़ी
जालोर 7 जून - जालोर पंचायत समिति क्षेत्रा के रेवत ग्राम में सम्पन्न हुए श्रमदान व नवीनीकरण कार्य के बाद मुख्य तालाब में 37 लाख लीटर जल की भराव क्षमता का अतिरिक्त सृजन हो सकेगा जोकि ग्रामीणजनों के लिए बहुउपयोगी साबित होगा।

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